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19-Feb-2025 10:43:24 am

नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यभार संभाला, जानें IAS के बारे में सब कुछ

नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यभार संभाला, जानें IAS के बारे में सब कुछ

नई दिल्ली: 1988 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को देश के 26वें चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) का पद संभाला। नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले वे पहले CEC हैं। उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक रहेगा। इससे पहले CEC पद पर रहे राजीव कुमार 18 फरवरी को रिटायर हुए थे। ज्ञानेश कुमार के 4 साल के कार्यकाल के दौरान 20 राज्य और 1 एक केंद्रशासित प्रदेश (पुडुचेरी) में चुनाव होंगे। शुरुआत बिहार से होगी और अंतिम चुनाव मिजोरम में होगा। ज्ञानेश कुमार के अलावा विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे हरियाणा के मुख्य सचिव और 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं। वहीं, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में 17 फरवरी को हुई बैठक में इन नियुक्तियों पर मुहर लगी थी। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। पदभार संभालने के बाद CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रसेवा के लिए पहला कदम है मतदान। भारत का हर नागरिक, जो 18 साल की आयु पूरी कर चुका हो, को मतदान जरूर करना चाहिए। भारत के संविधान, लोकप्रतिनिधित्व कानूनों और उनके नियमों के अनुरूप चुनाव आयोग हमेशा मतदाताओं के साथ हमेशा था, है और रहेगा।   राहुल ने नामों पर विचार करने से इनकार किया था मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए CEC के लिए 5 नामों की सूची दी गई थी, लेकिन राहुल ने नामों पर विचार करने से इनकार कर दिया था। बैठक के बाद राहुल गांधी ने डिसेंट नोट जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है इसलिए यह बैठक नहीं होनी चाहिए थी। वहीं, कांग्रेस ने कहा था- हम अहंकार में काम नहीं कर सकते। बैठक स्थगित करनी थी, ताकि सुप्रीम कोर्ट जल्द फैसला कर सके। राहुल ने लिखा- आधी रात को नियुक्ति का फैसला असम्मानजनक राहुल गांधी ने X पर लिखा था- अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति को लेकर बैठक थी। इसमें मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को डिसेंट (असहमति) नोट दिया था। इसमें लिखा था- मूलभूत बात यह है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र होता है। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यपालिका का कोई दखल नहीं होता। लोकसभा में विपक्ष का नेता होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि बाबा साहेब अंबेडकर और देश का निर्माण करने वाले नेताओं के आदर्श कायम रहें। आधी रात में PM और गृह मंत्री का CEC की नियुक्ति का फैसला असम्मानजनक है। CEC की नियुक्ति का फैसला तब लिया गया, जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इस पर 48 घंटे के अंदर सुनवाई होनी है। कौन हैं ज्ञानेश कुमार? 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अफसर ज्ञानेश कुमार का जन्म 27, जनवरी 1964 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था। उन्होंने वाराणसी के क्वींस कॉलेज और लखनऊ के काल्विन तालुकेदार कॉलेज से अपनी शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक, आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस में पोस्ट ग्रेजुएशन और और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एनवायरमेंटल इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। वह केरल में एर्नाकुलम के असिस्टेंट कलेक्टर, अडूर के डिप्टी-कलेक्टर, केरल राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंध निदेशक, कोचीन नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर रहे। साथ ही अन्स कई पदों पर अपनी सेवाएं दी। 


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