जांजगीर : जिले में 2 दिनों पूर्व हुई नगर सैनिक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है । हत्या का मुख्य सूत्रधार साथी नगर सैनिक ही निकला। ब्याज के पैसों को लेकर दोनों नगर सैनिक में विवाद था। इसी के चलते घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी नगर सैनिक के अलावा उसके पुत्र और 2 नाबालिग समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हत्या कांड में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। पुलिस को संतोष मधुकर नामक नगर सैनिक पर शक था। इसने करीब 3 लाख रुपए रज्जू से ले रखे थे। जब पुलिस ने इसे पकड़ा तो उसने बताया कि ब्याज के पैसों को लेकर विवाद हो गया था। संतोष की पत्नी बीमार थी तो वह पैसे नहीं दे पाया, रज्जू तिवारी इससे बदसलूकी किया करता था। इसी से तंग आकर इसने अपने बेटे जयप्रकाश और उसके दोस्त मनीष शास्त्री, सुनील पंकज और नाबालिगों के साथ हत्या की योजना बना डाली। घटना के दिन आरोपियों ने रज्जू का पीछा किया और एक सुनसान मोड़ पर उसे रोककर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बता दे कि दो दिन पहले 54 साल के अमोरा निवासी रज्जू तिवारी (होमगार्ड) घर जाने के लिए नवागढ़ थाने से निकले थे। होमगार्ड जांजगीर से लॉकडाउन के कारण ड्यूटी के लिए उन्हें तीन-चार दिन पहले ही नवागढ़ थाना भेजा गया था। गुरुवार को उनकी ड्यूटी चेक पाॅइंट पर लगाई गई थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्होंने थाना के बैरक में अपनी वर्दी उतारी और अपने कपड़े पहनकर, बाइक से अमोरा जाने के लिए रात 8 बजे के बाद निकले। रात लगभग 10 बजे के आस-पास आरोपियों ने चाकू से गला रेत कर रज्जू की हत्या कर दी और भाग गए थे।
Adv