जहां शिक्षकों की जरूरत वहां के टीचरों को अतिशेष बताकर दूसरे जगह भेजा
विषय बदलकर कई शिक्षकों का किया ट्रांसफर
रायपुर। शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में अधिकारियों की मनमानी सामने आई है. रायपुर में किसी शिक्षक के साथ निकाले गए दुश्मनी तो किसी के साथ रिश्तेदारी निभाई गई है. पैसों की खनक में नियम कानून को ताक में रखकर शिक्षकों की पोस्टिंग की गई है. इसका खुलासा लल्लूराम डॉट कॉम की पड़ताल में हुआ है. वहीं युक्तियुक्तकरण में नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए लगभग 700 शिक्षकों में महज एक तिहाई शिक्षकों ने ही ज्वाइनिंग दी है. पड़ताल में यह बात सामने आई है कि रायपुर के चारों ब्लॉक में विषय बदल कर खेल किया गया है. जहां शिक्षकों की जरूरत वहां भी अतिशेष शिक्षक दिखा दिया गया है. इसे लेकर इएड, ऊएड, कलेक्टर कार्यालय से लेकर ऊढक तक शिकायतों का अंबार लगा हुआ है. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीडीह में शिक्षकों की कमी है. दुश्मनी निकालते हुए यहां के तीन शिक्षकों को अतिशेष बताकर टांसफर कर दिया गया है. स्कूल में 547 विद्यार्थी हैं और महज 11 शिक्षक पदस्थ हैं. यहां सात शिक्षकों की आवश्यकता है. 30 बच्चों में 1 शिक्षक के अनुपात अनुसार 18 शिक्षकों की जरूरत है. बावजूद 11 शिक्षकों में से तीन शिक्षकों को अतिशेष बताकर दूसरे जगह भेज दिया गया है. इस पूरे मामले पर स्कूल प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को लेटर लिखा है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. शासकीय पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला शंकरनगर में लगभग 6 शिक्षकों का विषय बदला गया है. जब इन शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ तो दूसरे विषय में हुआ. वर्तमान में अंक सूची के आधार पर विषय बदला गया है. लेन-देन कर दूसरे विषय के शिक्षक और दूसरे विषय का बताकर रिश्तेदारी निभाई गई है. आमासिवनी स्कूल रायपुर में एक विषय के दो शिक्षक हैं. बलदाऊ सिंह ठाकुर का पदस्थापना से प्रमोशन किया गया है. पिछले आठ सालों से पदस्थ हैं. शिक्षिका कामिनी अटैचमेंट कराकर सेवा दे रही. अटैच वाले को छोड़ पदस्थापना वाले शिक्षक को अतिशेष बताकर रायपुर से 100 किलोमीटर दूर भेज दिया गया. इस स्कूल के प्राचार्य ने इसका विरोध करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को लेटर लिखा है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. शिक्षिका कामिनी बावनकर स्कूल में अटैच, लेकिन जिला साक्षरता मिशन में है.
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