सीएम भूपेश बघेल का है ड्रीम प्रोजेक्ट, अधिकारी नहीं बता पा रहे कब तक होगा पूरा
बिलासपुर। बिलासपुर में गर्मियों में सूख जाने वाली अरपा में बारहों महीने पानी रखने के लिए बैराज निर्माण और नदी के दोनों किनारे 2 किलोमीटर लंबी सर्वसुविधायुक्त सडक़ निर्माण के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अब बारिश की बाधा आ गई है। करीब डेढ़ साल से अधिक विलंब के बावजूद दोनों प्रोजेक्ट के ठेकेदार कुल जमा 70 फीसदी ही कार्य पूरा कर पाए हैं। काम की मौजूदा गति से लगता नहीं है कि दोनों प्रोजेक्ट 2023 में पूर्ण हो पाएंगे। अरपा में शिव घाट और पचरी घाट के पास करीब 110 करोड़ की लागत से बैराज का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ठेका सुनील अग्रवाल को दिया गया है। 23 जून की तारीख में शिव घाट बैराज का 68 फीसदी तथा पचरीघाट बैराज का काम 70 फीसदी के करीब हो चुका था। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। इसी प्रकार 20 में से 16 स्लैब की ढलाई का कार्य शेष है। जिस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य दिसंबर 2022 में पूर्ण हो जाना था, डेढ़ साल लेट होने के बावजूद उसका 30 फीसदी का काम बाकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रोजेक्ट को पूरा करने में बारिश के 4 महीने को छोडक़र कम से कम 3-4 महीने और लग सकते हैं।
पानी रोकने की कवायद 30 जून तक पूरी होनी थी
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता सतीश सराफ ने दैनिक भास्कर को बताया कि ठेकेदार को कार्य पूर्ण करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया था। इसके बावजूद प्रोजेक्ट अधूरा है। बैराज का निर्माण कब तक पूर्ण होगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने चुप्पी साध ली। सराफ के मुताबिक स्लैब ढलाई, गेट लगाने के बाद कंट्रोल रूम और स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शेष है।
टोवाल ही नहीं बनी तो रोड कैसे बनेगी ?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 मई 2021 को इंदिरा सेतु से पचरीघाट तक अरपा के दोनों किनारे सर्वसुविधायुक्त रोड निर्माण के लिए 93.70 करोड़ की लागत से अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन योजना का वर्चुअल शिलान्यास किया था। ठेका गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया। अनुबंध के मुताबिक ठेकेदार को फरवरी 2023 तक निर्माण कार्य पूर्ण करना था। ठेकेदार को 30 जून तक का एक्सटेंशन और दिया गया, जिसकी अवधि शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी। नदी के दोनों किनारे रोड निर्माण के लिए नदी के अंदर टोवाल तथा दूसरी ओर रिटेनिंग वाल का निर्माण किया जाना है।
दोनों के बीच रेत, डब्ल्यूबीएम की फिलिंग कर रोड बनाई जाएगी। सबसे ज्यादा अहम नदी के अंदर टोवाल के निर्माण का कार्य है, जो बारिश होते ही बंद हो चुका है। टोवाल के निर्माण के लिए सतह को पूरी तरह सुखाने के बाद कांक्रीट बेस खड़ा करना पड़ता है। नदी के बाईं ओर 1780 मीटर टोवाल का निर्माण कराया जाना है, जिसमें से 580 मीटर का काम बाकी है। इसी प्रकार दाईं ओर 1984 मीटर टोवाल की जगह 900 मीटर का ही कार्य पूर्ण हो पाया है। अरपा को स्वच्छ रखने के लिए नदी के दोनों किनारे नाला निर्माण, पिचिंग, डिवाइडर सहित कई और अहम कार्य बाकी हैं।
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