भारतमाला मुआवजा घोटाला: फरार SDO निर्भय साहू गिरफ्तार
भारतमाला परियोजना में करोड़ों के फर्जी मुआवजे का मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
जलाशय की जमीन को दोबारा अधिग्रहित दिखाकर शासन को लगाया करोड़ों का चूना।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर।
रायपुर। बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने लंबे समय से फरार चल रहे तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) एवं सक्षम प्राधिकारी (भू-अर्जन) अभनपुर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के फर्जी मुआवजा वितरण का गंभीर आरोप है। ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 409, 467, 468, 471, 420, 120बी भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7सी व 12 के तहत मामला दर्ज है।
भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी और करोड़ों का षड्यंत्र
यह पूरा मामला रायपुर-विशाखापट्नम एवं दुर्ग बायपास भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि निर्भय कुमार साहू ने अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक और जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी सहित अन्य के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने तहसील अभनपुर के ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की भूमि को बैकडेट में छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया, जिससे प्रभावितों को वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि जारी की गई।
जलाशय की जमीन का दोबारा अधिग्रहण कर बांटा मुआवजा
इतना ही नहीं, नायकबांधा जलाशय के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि को भी दोबारा भारतमाला परियोजना के नाम पर अधिग्रहित दिखाकर मुआवजा बांट दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद विशेष न्यायालय से उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा भी जारी की गई थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।
न्यायालय ने दी पुलिस रिमांड, नेटवर्क का होगा खुलासा
लगातार तलाश के बाद आखिरकार जांच एजेंसी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से 17 मार्च से 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है। इस दौरान उससे घोटाले में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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