रायपुर। बिजली बिल के समाधान योजना 2026 को सरकार का प्रोपोगेंडा बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार ईमानदारी से अपने बकाया का भुगतान करने वाले बिजली उपभोक्ताओं को हतोत्साहित करना चाहती है, यदि सरकार वास्तविक राहत और रियायत देना चाहती है तो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरह बिना किसी भेदभाव के 400 यूनिट तक घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में आधी छूट का लाभ दे और दो सालों में 5-5 बार की गई भारी भरकम मूल्य वृद्धि वापस ले। स्मार्ट मीटर की बाध्यता खत्म करे, अनियंत्रित मुनाफाखोरी, लूट और अधिक वसूली तत्काल बंद करें।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ यह सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज लगा दी है, दूसरी तरफ समाधान योजना का ढोल पीटकर केवल पुराने बकायादारों के बिलों पर सरचार्ज में शत प्रतिशत और मूल राशि में 75 प्रतिशत की मामूली राहत को मास्टर स्ट्रोक बताने केवल विज्ञापनबाजी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बिजली बिल हॉफ योजना में दुर्भावना पूर्वक किए गए संशोधन और बार-बार बिजली के दाम बढ़ाने से आम लोगों के घरों का बिजली बिल 4 गुना अधिक आ रहा है। महंगी बिजली के बाद भी यह सरकार जनता को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 9 घंटे तक बिजली कटौती से जनता परेशान है। ज़मीन हमारी, कारखाने हमारे, कोयला हमारा, पानी हमारा, हमारे ही राज्य में बिजली का सरप्लस उत्पादन फिर भी हमें ही महंगी दरों पर बिजली बेची जा रही है। सारे राहत और रियायत, छत्तीसगढ़ के संसाधनों को केवल भाजपा के चहेतों पर ही लुटाए जा रहे हैं। अब तो कोयले पर लगने वाला सेस भी हट गया है जिसके कारण कोयले के दाम पर न्यूनतम 400 रुपए प्रति टन कम हुआ है लेकिन बिजली के उत्पादन लागत में कमी का लाभ भी यह सरकार आम जनता से छिन रही है।
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