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Rajnandgaon

  • खनिज माफियाओं के खिलाफ अभियान ठंडा पड़ा

    05-Jun-2025

    सड़क चिरचारी जंगल से फिर हो रही रेत की चोरी
    राजनांदगांव  -  राज्य शासन के आदेश पर जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा शहरी एवं मैदानी क्षेत्रों में रेत , मुरूम चोरों पर कार्यवाही हेतु शुरू किया अभियान अब लगता है ठंडे बस्ते में चला गया है । शुरुआती दौर में कुछ रेत , मुरूम सहित खनिज माफियाओं पर कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर अब लगता है   कि प्रशासन ने अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है । क्योंकि जिले के दूरस्थ वनांचल और मेन रोड से दूरस्थ क्षेत्रों में खुलेआम दिनरात मुरूम की चोरी का खेल बेखौफ चल रहा है , लेकिन कार्यवाही शून्य है । हैरत की बात यह है कि इसकी सूचना देने के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।इन दिनों मानो अवैध मुरूम , रेत माफियाओं के हौसले  इतने बुलंद हैं कि शासन प्रशासन का कोई भय नजर नहीं आ रहा जिसके चलते ही कहा जा सकता है बैखौफ होकर मुरूम , रेत माफिया रात दिन गांव क्षेत्रों में खुलेआम अवैध कारोबार चोरी कर रहे हैं। जहां बीच बीच में विभागों द्वारा क्षेत्र में कार्यवाही भी की जाती रही है । वहीं मानो जिम्मेदार वन विभाग और राजस्व विभाग के आंखों के नीचे  अवैध उत्खनन कारोबार बेधड़क चल रहा है? जबकि विभाग को क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए रखे होते हैं तो फिर इस तरह के अवैध उत्खनन कारोबार पर अंकुश न लग पाना बहुत कुछ दर्शाता है ?
          सूत्रों के अनुसार छुरिया ब्लॉक अंतर्गत नेशनल हाइवे स्थित ग्राम सड़क चिरचारी और सड़क बंजारी आसपास गांव क्षेत्रों से शासकीय जमीन , भर्री , तालाब , खेत से अवैध  मुरूम उत्खनन कर रातदिन चोरी की जा रही है । जिले से गांव क्षेत्रों तक फैला हुआ है , मुरूम माफियाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। ग्राम सड़क चिरचारी और अन्य आसपास गांव क्षेत्रों में लगातार जगह - जगह शासकीय जमीन , भर्री , तालाब , खेत से मुरूम और मिट्टी खनन और परिवहन कर अन्य जगह लेजाया जा रहा है । यह काम करीब माह भर से चल रहा है । बताया जाता है कि राजनांदगांव निवासी एक चौधरी द्वारा क्षेत्र में लंबे समय से क्षेत्र से मुरूम , मिट्टी का अवैध उत्खनन और परिवहन खुलेआम किया जा रहा है । उसी चौधरी के वाहनों को सड़क चिरचारी और तेलीनबांधा क्षेत्र के आखिरी छोर पर , तेलीनबांधा निवासी एक किसान के भर्री से छुरिया के राजस्व अधिकारियों द्वारा करीब सप्ताह भर पहले भारी पैमाने में अवैध रूप से मुरूम मिट्टी खनन व परिवहन कर रहे वाहनों की जप्ती की कार्यवाही की गई थी ।जानकारी के अनुसार राजनांदगांव निवासी मुरूम माफिया चौधरी के एक वाहन  पर राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही की गई थी। बाकी वाहनों पर जप्ती की कार्यवाही अब तक नहीं हुई है। इस मामले में आगे क्या कार्यवाही की गई , इसका खुलासा तो नहीं हुआ है , लेकिन माना जा रहा है कि आरोपियों को अभयदान दिए जाने के कारण उनके हौसले पुनः बुलंद हो गए हैं । और सप्ताह भर से आसपास के भर्री , खेतों और सरकारी जमीन की खुदाई कर मुरूम और मिट्टी का कारोबार खुलेआम धड़ल्ले से किया जा रहा है । लगातार गांव क्षेत्र के मुरूम , रेत माफिया भी अवैध कारोबार में सक्रिय है ।  ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर छुरिया तहसीलदार को दो तीन दिन पहले ही सूचना दी गई थी , किंतु उन्होंने ठीक है , टीम भेजता हूं , देखता हूं कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।

           सूत्रों के अनुसार हाइवे नेशनल स्थित ग्राम सड़क चिरचारी शांति नगर के पीछे वन विभाग कंपार्टमेंट 507 जंगल स्थित है। जहां से रोजाना रात को रेत बड़े पैमाने पर रेत माफिया जंगल से खुलेआम रेत चोरी कर रहे हैं। जगह - जगह रेत डंप कर रखे हैं। सड़क चिरचारी में लगातार वन रक्षकों के संरक्षण में रात को भारी मात्रा में रेत चोरी हो रही है।
    वन क्षेत्र के अफसर व डिप्टी रेंजर को रेत चोरी के संबंध में बार - बार सूचना दी गई , और कार्यवाही करने की बात बड़े अफसर व डिप्टी रेंजर द्वारा कही गई , परन्तु वन विभाग डिप्टी रेंजर द्वारा कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। वन रक्षकों द्वारा रेत माफियाओं को पकड़ने जंगल के अंदर जाते जरूर हैं, परन्तु साठगांठ मिलीभगत के चलते बगैर कार्यवाही , धरपकड़ के नाम पर खानापूर्ति कर बगैर ट्रैक्टर जप्ती के वन रक्षक जंगल से बाहर खाली लौटते है , और रेत माफिया वन विभाग के संरक्षण में खुलेआम रोज रात भर जंगल से रेत चोरी कर रहे हैं।वन विभाग जंगल के अंदर बेधड़क सागौन और अन्य लकड़ी की कटाई की जा रही है। वन विभाग और रेत माफिया के बीच जोरदार कारोबार धड़ल्ले से जारी है। रोज रात में जंगल से सैकड़ों ट्रिप रेती की निकासी की जा रही है । जगह - जगह रेत माफिया रेत डंप कर रखे हैं, और बाहरी गांव क्षेत्रों तक रेत परिवहन खुलेआम कर रहे हैं। रेत की कीमत आसमान छू रही  है। आम जनता रेत लेने मजबूर हैं। रेत माफिया रेत अधिक दाम पर बेच जनता को लूट रहे हैं। आमजन अधिक दाम पर रेत , मुरूम लेने परेशान हैं। सड़क बंजारी , गोपालपुर , छुरिया चारभांठा , फत्तेगंज , मोहनपुर , कोहलाकसा से भी अधिक मात्रा में जंगल से रेत निकासी कर जगह - जगह रेत माफियाओं द्वारा रेत डंप कर रखा गया है। रेत माफिया सीधे जंगल के अंदर से रेत निकाल कर बाहर भर्री में लगे झाड़ की आड़ में आसपास छुपाकर अन्य किसान के खेत , भर्री में रेत डंप कर आए दिन रखते आ रहे हैं। इस ओर राजस्व विभाग का भी कोई ध्यान नहीं है। रेत का आर्डर मिलने पर संबंधित जगहों पर सप्लाई की जाती है।रेत की कीमत आसमान छू रही है। जिसका लाभ रेत माफिया ऊंचे दामों पर बेचकर उठा रहे हैं। रेत माफिया और वन रक्षक रेत की कमाई से मोटी रकम जुटा रहे हैं। जबकि हकीकत कुछ और है व मिलीजुली सरकार चल रही है।सभी अपनी अपनी नाकामियों को छुपाने में लगे हैं। रेत माफिया और वन अफसरों की गाड़ी कमाई अधिक है। इस वजह से रेत माफियाओं को रोक पाने में वन अमला नाकाम साबित हो रहा है। रेत, मुरूम की चोरी के मामले को लेकर लोक जगत गत वर्ष में लगातार समाचार का प्रकाशन कर चुका है, तब अधिकारियों द्वारा रेत , मुरूम की चोरी पर रोक लगा दी गई थी , किंतु अब ग्राम पंचायत सड़क चिरचारी के एक व्यक्ति और सड़क बंजारी पंचायत के एक व्यक्ति द्वारा रात के अंधेरे में अवैध रूप से रेत, मुरूम का उत्खनन कर आसपास के क्षेत्रों में खपाया जा रहा है। बता दें कि  सड़क चिरचारी काष्ठागार डिपो में वन विभाग कार्यालय स्थित है, जहां सभी वन विभाग के स्टॉफ अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है , किंतु अधिकारियों को इस ओर झांकने की फुर्सत नहीं है।
         उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा रेत , मुरूम सहित गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश के बाद जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कुछ खनिज माफियाओं पर कार्यवाही कर उनके वाहनों को जप्त किया गया था, किंतु उसके बाद से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण माफियाओं के हौसले फिर बुलंद हो गए हैं।

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