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Raipur

  • भूपेश बघेल के घर से रवाना हुई CBI की टीम

    26-Mar-2025

    रायपुर। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने आज महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच में छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापा मारा. सीबीआई ने लंबे रेड़ के बाद भूपेश बघेल के बंगले से रवाना हो गई है। इसमें संदेह के दायरे में आए राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं. सीबीआई की टीम पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल, भूपेश बघेल के ओएसडी रहे मनीष बंछोर, आशीष वर्मा के निवास से जांच पूरी कर रवाना हो गई है. सीबीआई ने कल कई अफसरों को पूछताछ के लिए तलब किया है. पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है.   छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े मामलों की जांच अब उनके पुराने गनमैन कचरू तक पहुंच सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई (CBI) इस मामले में आगे की तहकीकात कर सकती है और कचरू से भी पूछताछ संभव है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संपत्तियों की जांच के दायरे को सीबीआई (CBI) ने और विस्तारित कर दिया है। अब पुणे के वाकड इलाके में स्थित एक होटल जांच के रडार पर आ गया है, जिसे भूपेश बघेल से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को इस होटल से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन और निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। अब एक चर्चित मठ और आश्रम भी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जल्द ही इस मामले में जांच शुरू कर सकती है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की संभावना है। जानकारी के अनुसार, इन मठों और आश्रमों में हुए वित्तीय लेन-देन, भूमि सौदे और कथित राजनीतिक संबंधों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल किसी आर्थिक अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है।  भूपेश बघेल के पूर्व गनमैन कचरू तक पहुंच सकती है सीबीआई जांच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े मामलों की जांच अब उनके पुराने गनमैन कचरू तक पहुंच सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई (CBI) इस मामले में आगे की तहकीकात कर सकती है और कचरू से भी पूछताछ संभव है। जानकारी के अनुसार, सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में कुछ ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो भूपेश बघेल के सुरक्षा दल से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर सकते हैं। ऐसे में कचरू को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। हालांकि, अभी इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां लगातार नए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीबीआई को कचरू से जुड़े किसी वित्तीय लेन-देन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों के सुराग मिलते हैं, तो उससे पूछताछ की जा सकती है। आने वाले दिनों में इस पर बड़ा खुलासा संभव है।  भूपेश बघेल के पुणे के वाकड स्थित होटल पर सीबीआई की नजर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संपत्तियों की जांच के दायरे को सीबीआई (CBI) ने और विस्तारित कर दिया है। अब पुणे के वाकड इलाके में स्थित एक होटल जांच के रडार पर आ गया है, जिसे छत्तीसगढ़ के किसी एक अधिकारी से जुड़ा बताया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को इस होटल से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन और निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस होटल के स्वामित्व और संचालन को लेकर सीबीआई जल्द ही संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर सकती है। इससे पहले भी कई मामलों में भूपेश बघेल से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच हो चुकी है और अब पुणे में उनकी कथित संपत्ति को लेकर भी एजेंसियों ने नजर गड़ा दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह होटल किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।  चर्चित मठ और आश्रम भी सीबीआई के रडार पर, जल्द हो सकती है जांच छत्तीसगढ़ में सीबीआई (CBI) की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक चर्चित मठ और आश्रम भी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जल्द ही इस मामले में जांच शुरू कर सकती है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की संभावना है। जानकारी के अनुसार, इन मठों और आश्रमों में हुए वित्तीय लेन-देन, भूमि सौदे और कथित राजनीतिक संबंधों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल किसी आर्थिक अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई पहले से ही इन मठों से जुड़े बैंक खातों, संपत्ति दस्तावेजों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की निगरानी कर रही है। अगर प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो जल्द ही इन मठों और आश्रमों में छापेमारी भी हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सीबीआई कब तक इन मठों और आश्रमों तक पहुंचती है।

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