रायपुर। कभी लाल आतंक से जूझने वाला छत्तीसगढ़ अब नवाचार और उद्यमिता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। नवा रायपुर में आज प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित i-Hub छत्तीसगढ़ का शुभारंभ किया गया। यह केंद्र राज्य में स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत मंच बनकर उभर रहा है। i-Hub का उद्देश्य राज्य के युवाओं को तकनीकी नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना है। यहां स्टार्टअप्स को को-वर्किंग स्पेस, प्रोटोटाइप विकास, स्टार्ट-अप पंजीकरण, कानूनी मार्गदर्शन, और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्य विशेषताएं: आधुनिक को-वर्किंग स्पेस स्टार्ट-अप के लिए मेंटरशिप और ट्रेनिंग प्रोटोटाइप निर्माण में सहयोग मार्केट एक्सेस और नेटवर्किंग आर्थिक सहायता और स्कीम्स की सुविधा यह i-Hub एक मिसाल है कि कैसे एक राज्य जो कभी विकास की मुख्यधारा से कट गया था, आज नवाचार और डिजिटल इंडिया की दिशा में अग्रसर हो रहा है। सरकार की मंशा साफ है – छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप और नवाचार का नया केंद्र बनाना, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा “छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद नहीं, नवाचार के लिए जाना जाएगा। i-Hub युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देगा, जहाँ वे अपने विचारों को साकार कर सकेंगे।” यह पहल "आत्मनिर्भर भारत" और "डिजिटल इंडिया" मिशन को गति देते हुए प्रदेश को स्टार्टअप क्रांति का नया गढ़ बना रही है।
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