रायपुर। ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाए। यह अवसर करुणा, एकजुटता और शांति की भावना को और फैलाए। सभी लोग खुश और स्वस्थ रहें। ईद मुबारक! राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई अन्य शहरों में शव्वाल महीने का चांद नजर आ गया है. बुधवार शाम करीब सवा सात बजे ईद के चांद का दीदार हुआ. गुरुवार 11 अप्रैल को धूमधाम के साथ प्रदेश भर में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा. मौदहापारा की अशरफुल औलिया मस्जिद में आज सुबह ६.३० बजे ईद की नमाज होगी. कांग्रेस सचिव ताजुल अहमद (ताजुल) ने ईद का चांद दिखने के बाद सभी प्रदेशवासियों को ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी है. मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शव्वाल का चांद एक दिन पहले ही नजर आ गया जिसकी वजह से वहां ईद का त्योहार बुधवार 10 अप्रैल को मनाया गया है. दुनिया में इस्लाम का सेंटर कहे जाने वाले सऊदी अरब में भी बुधवार को ईद का त्योहार मनाया गया है. ईद-उल-फितर की सबसे खास बात है कि इस त्योहार की तारीख हिजरी कैलेंडर की वजह से साल-दर-साल बदलती रहती है. यह कैलेंडर चांद पर आधारित होता है. इसमें दिनों की गिनती चांद की घटती-बढ़ती चाल के अनुसार की जाती है. ईद का त्योहार खुशियों और भाईचारे का त्योहार है. इस दिन मुस्लिम लोग सुबह ईद की नमाज पढ़ते हैं. इसके बाद एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी जाती है. इसके साथ ही एक दूसरों के घर जाकर मुंह मीठा भी किया जाता है. मीठे में ईद के दिन के लिए खास सेवइयां, खीर और तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं. ईद -उल-फितर का खास त्योहार रमजान का पाक महीने पूरा होने के बाद मनाया जाता है. रमजान के पाक महीने में मुस्लिम लोग रोजा रखकर सच्चे दिल से खुदा की इबादत करते हैं. रमजान के आखिरी रोजे के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद का त्योहार मनाया जाता है।
Adv