राजनांदगांव : भारतीय ज्ञान परिषद नईदिल्ली द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर आयोजित ऑनलाईन विचार संगोष्ठी में सक्रिय एवं महत्तम सहभागिता करते हुये नगर के विचार विज्ञ प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशेष वक्ता के रूप में बोलते हुए कहा कि - अखिल विश्व में लोकतंत्रीय राज व्यवस्था के सर्वाधिक बड़े गणतंत्र के प्रमुख रहे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी मूलत: भारतीय आदर्श शिक्षक परम्परा के अग्रदूत एवं मानक प्रतिबिम्ब थे. डॉ. राधाकृष्णन का समग्र व्यक्ति तथा कृतित्व शिक्षकीय आदर्श से भरा है साथ ही वर्तमान शिक्षक वर्ग को उनको राष्ट्र निर्माता के अतीव महत्वकारी कर्तव्य दायित्व निर्वहन की श्रेयस्कर अभिप्रेरणा सहज व सरल रूप से प्रदत्त करता है. डॉ. राधाकृष्णन् अपने संपूर्ण जीवन में चालीस वर्षो तक महाविद्यालय व्याख्याता थे विश्वविद्यालय प्राध्यापक, अधिष्ठाता एवं कुलपति रहकर वस्तुत: आदर्शतम् शिक्षक की महत्तम भूमिका को बड़ी उत्कृष्टता से निर्वहन किया और हमारी सनातन संस्कृति के परम पावन जीवन मूल्यों को अभिप्रमाणित किया. राजदूत, उपराष्ट्रपति एवं राष्ट्रपति जैसे बड़े पदों पर प्रतिष्ठापित रहे. डॉ.राधाकृष्णन जी हमेशा श्रेष्ठतम लेखन, प्रबोधन व चिन्तन से जुड़े रहे यही महत्तम तथ्य हमारे शिक्षक वर्ग के लिये अभिप्रेरणा का मुख्य आधार है. आगे प्राध्यापक द्विवेदी ने वर्तमान शिक्षक वर्ग को आह्वान्वित किया कि समसामयिक परिप्रेक्ष्य में आवश्यक हो गया है कि प्रत्येक शिक्षक विषयगत प्रवीणता दक्षता के साथ-साथ हमारे गौरवशाली सनातन सांस्कृतिक ग्रन्थों से, परम्पराओं से जुड़े रहकर हमेशा श्रेष्ठ आदर्श नवसृजन लेखन चिन्तन भी करें और देश-धरती समाज का सर्वउपयुक्त दिशादर्शन भी करें यही महान शिक्षा दर्शनिक डॉ. राधाकृष्णन् के प्रति श्रेष्ठ श्रद्धादर्पण होगा. संगोष्ठी संचालक डॉ. आवरण अग्रवाल, डॉ. शर्मा, डॉ. अजय सिंह ने अच्छे विचार सम्बोधन के लिये धन्यवाद किया.
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