बिलासपुर : मानसिक हालत खराब होने से 15 साल तक घर परिवार से दूर रही युवती आखिरकार अपने परिवार से जा मिली। बेटी को पाकर बुढी माँ से रहा नहीं गया। लपक कर बेटी को गले लगाकर फफक - फफक कर रो पड़ी। लंबे अंतराल के बाद युवती सोमवार को अपने परिजनों से मिली। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने युवती को उनके परिजनों से मिलाया। युवती को लेकर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी रवाना हुए थे। इससे पहले युवती के परिजन की खोजबीन करने में प्राधिकरण के अधिकारियों को दो महीने कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 33 वर्षीय युवती जब परिजन से बिछड़ी थी, तब उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अपने माता-पिता व भाई-बहनों से फिर कभी मिल पाएंगी। सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो गई थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती पश्चिम बंगाल से भटकते छत्तीसगढ़ के कोरबा पहुंच गईं। वर्ष 2017 में जब वे कोरबा आई तब मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गई थीं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन उसे इलाज के लिए बिलासपुर के सेंवरी स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया था। तीन साल बाद 26 जून 2020 को उसके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई और वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
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