रायपुर। नियमितीकरण के लिए संविदा-कर्मी अब 17 जुलाई से जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। शासन के खिलाफ जारी नारेबाजी के बीच मंगलवार को तूता धरना स्थल पर कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने यह साफ कर दिया है कि हड़ताल खत्म कराने के लिए शासन को नियमितीकरण की घोषणा करनी होगी। संविदा-कर्मी 3 जुलाई से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे ग्रामीण व पंचायत विकास मंत्रालय, ऊर्जा, स्कूल शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, चिकित्सा शिक्षा कौशल विकास और महिला व बाल विकास विभाग समेत विभिन्न विभागों में काम बाधित है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि सरकार अगली कैबिनेट में 45 हजार संविदाकर्मियों को नियमित करने की घोषणा करे। कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुर्रे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने 3 जुलाई 2018 को सत्ता में आने पर 10 दिनों के भीतर नियमितीकरण की घोषणा की थी। कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने कहा कि हमें आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर शासन ने अनदेखी जारी रखी तो 17 जुलाई से जेल भरो आंदोलन शुरू हो जाएगा।
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर लगा एस्मा
सरकार ने संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर एस्मा एक्ट लगा दिया है। मंगलवार को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से एस्मा लगाने का आदेश जारी कर दिया। इससे डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी व एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों ड्यूटी से इंकार नहीं कर सकेंगे। इससे नया रायपुर में आंदोलन पर बैठे संविदा कर्मचारियों का गुस्सा फूटा। कर्मचारी संगठन ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के हड़ताल को तोडऩे के लिए सरकार ने एस्मा लागू किया है। इस आदेश के खिलाफ अब संविदाकर्मियों के संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने आज जल सत्याग्रह करने का ऐलान किया है। ये सभी कर्मचारी नवा रायपुर के तूता में अन्य जिलों से भारी संख्या में पहुंचे संविदा कर्मचारियों के साथ जल सत्याग्रह करेंगे।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा का 18 को प्रदर्शन
शिक्षक एलबी संवर्ग के 2 लाख कर्मी 18 जुलाई को अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन करेंगे। संघ ने वेतन विसंगति, पूर्ण पेंशन, 7वें वेतनमान में गृहभाड़ा व देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की मांग की है। सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष मिश्र ने कि एकदिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के बाद 31 जुलाई से सभी जिलों व विकासखंड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन शुरू होगा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने 1 अगस्त से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पहले अपनी सूची में नई मांगें शामिल कर दी हैं। मोर्चा ने पूर्ण पेंशन की पात्रता के लिए 25 वर्ष की जगह 20 वर्ष की सेवा अवधि और कोरोना काल में नई नौकरियों में स्टाइपेंड पर तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि को घटाकर पहले की तरह पूर्ण वेतन पर दो वर्ष करने की मांग की है। कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संयोजक अनिल शुक्ला और कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि मकान किराया भत्ता, महंगाई भत्ता, पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट और जनघोषणा पत्र की घोषणाओं को लागू करने की मांग पूर्ववत रहेगी।
Adv