रायपुर : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पालकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कलेक्टर दफ्तर के अलावा डंगनिया और पेंशन बाड़ा इलाके के स्कूल में परिजन अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। पूरा विवाद निजी कुछ स्कूलों द्वारा वसूली जा रही फीस को लेकर है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि कोरोना संकट के इस दौर में स्कूल ट्यूशन फीस ले सकते हैं। पालकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन इसी फीस में अन्य शुल्क जोड़कर वसूली का दबाव बना रहा है। सोमवार को पेंशन बाड़ा स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पहुंचे परिजनों का आरोप है कि स्कूल ट्यूशन फीस में स्पोर्ट्स और लायब्रेरी के पैसे मांगे जा रहे है। मार्च से ही स्कूल बंद हैं, किसी बच्चे ने जब स्कूल में इस सुविधा को लिया ही नहीं तो फिर पैसे किस बात के। स्कूल में हंगामे के आसार देखते हुए गोलबाजार थाने से पुलिस भी पहुंची। काफी देर तक स्कूल में परिजन डटे रहे। लेक्टोरेट परिसर में भी दर्जन भर परिजन पहुंचे। डंगनिया इलाके के एक स्कूल के खिलाफ परिजनों ने शिकायत की। परिजनों ने कहा कि ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई में बच्चों के डाउट या कोर्स कंपलीट करने का काम उतने प्रभावी तरीके से नहीं हो रहा। स्कूल प्रबंधन फीस को लेकर भी दबाव बना रहा है, जो कि उचित नहीं हैं। लोगों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद परिजन घर लौट गए।
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