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Rajnandgaon

  • डोला ग्यारस को सभी मंदिरों के भगवान निकलेंगे जल क्रीड़ा करने

    27-Aug-2020

     राजनांदगांव : संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव में रियासत काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार नगर के प्रतिष्ठित मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित भगवान राधा - कृष्ण एवं बाल गोपाल प्रतिवर्ष भादवा शुक्ल पक्ष एकादशी को जो डोल ग्यारस एवम् जल झूलनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है , इस दिन अपने-अपने मंदिरों से डोले में विराजकर नगर भ्रमण करते हुए रानीसागर पहुंचा करते थे । वहां भगवान जल क्रीड़ा हेतु नाव में सवार होकर रानी सागर मैं सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में जल क्रीड़ा किया करते थे । यह एकादशी जल झूलनी एकादशी के नाम पर विख्यात है । आषाढ़ शुक्ल ग्यारस को क्षीरसागर में विराजित भगवान विष्णु चार माह के लिए विश्राम करते है , भादवा शुक्ल ग्यारस को भगवान करवट लेते है , जिससे क्षीरसागर का जल हिलता है , अतः इस ग्यारस को जल झूलनी एकादशी के नाम से जाना जाता है । कार्तिक शुक्ल ग्यारस को देव उठते है । 

     जलक्रीड़ा के  इस आयोजन में रियासत काल के प्रमुख मंदिर श्री बलभद्र राधाकृष्ण मंदिर ,  श्री बाला बाबा मंदिर , श्री नोनी बाई कामता  बाड़ी मंदिर , श्री दुर्गा मंदिर , श्री बलभद्र जमात मंदिर ,श्री युगल किशोर मंदिर , शहर के श्री सत्यनारायण मंदिर , श्री मोतीनाथ मंदिर , श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर , श्री जलाराम राम मंदिर के डोले निकला करते हैं । इस वर्ष कोरेना महामारी को देखते हुए संस्कारधानी नगरी जल क्रीड़ा महोत्सव समिति की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भगवान के डोले रानी सागर के स्थान पर श्री सत्यनारायण धर्मशाला पहुंचेंगे ।  श्री सत्यनारायण मंदिर समिति की ओर से धर्मशाला में कृत्रिम जलाशय का निर्माण किया जाएगा , लाइट की रोशनी में फव्वारे से निकलती बूंदों के बीच जलाशय में फूलों से सुसज्जित नाव में भगवान बैठकर जल क्रीड़ा का आनंद प्राप्त करेंगे । जलक्रीड़ा महोत्सव 29 अगस्त , शनिवार को आयोजित है । 
                   श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया के अनुसार संस्कारधानी नगरी जल क्रीड़ा महोत्सव समिति की आयोजित बैठक में श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष विष्णु प्रसाद लोहिया , मंदिर के पुजारी पंडित कालू महाराज , मंदिर समिति के उत्सव प्रभारी राजेश शर्मा , पवन लोहिया ,  श्री मोतीनाथ मंदिर के अरुण खंडेलवाल , श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के आशीष गांधी , पंडित वीरेंद्र मिश्र , श्री बलदेव राधा कृष्ण मंदिर दिग्विजय कॉलेज के दिलीप उपाध्याय ,श्री जलाराम राम मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला उपस्थित हुए । सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया की सभी मंदिरों के डोले अपने-अपने मंदिरों से निकलकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कामठी लाइन स्थित श्री सत्यनारायण धर्मशाला पहुंचेंगे ।  मंदिर समिति द्वारा यहां दोपहर 3:00 बजे से 6:00 बजे तक नौका विहार जलक्रीड़ा का कार्यक्रम आयोजित किया जावेगा ।  शहर में इस प्रकार का यह प्रथम आयोजन होने जा रहा है , जो अपने आप में नवीनता लिए हुए होगा । श्री सत्यनारायण मंदिर समिति वर्ष भर में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों को सार्वजनिक रूप से उत्साह पूर्वक संपन्न करती आ रही है । जल क्रीड़ा महोत्सव को भी भव्यता प्रदान करने की दृष्टि से व्यापक तैयारियां की जा रही है । इस हेतु संतोष हुंका के मार्गदर्शन में कृत्रिम जलाशय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है । श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के सचिव सुरेश अग्रवाल , कोषाध्यक्ष हरीश अग्रवाल , धर्मशाला प्रभारी राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्त माता - बहनों एवम् बंधुओं से आग्रह किया है कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे , मास्क लगाकर ही धर्मशाला में प्रवेश दिया जाएगा ,  तथा धर्मशाला के द्वार पर सैनिटाइजर रखा जाएगा जिसका उपयोग प्रत्येक श्रद्धालु भक्तों को करना होगा । अनावश्यक भीड़ ना हो इस हेतु धर्मशाला में एकबार में केवल दो मंदिरों के भगवान ही जलक्रीड़ा करने अंदर प्रवेश करेंगे । सभी मंदिरों के डोले धर्मशाला पहुंचने के लिए अलग - अलग समय निर्धारित किया जाएगा । 

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