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Raipur

  • डायन के सन्देह में 5 महिलाओं को प्रताड़ना

    04-Oct-2020
    मारपीट,मल मूत्र खिलाया गया
    कोई नारी डायन नही .डॉ दिनेश मिश्र
    रायपुर : अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने बिहार के कटिहार जिले के खैरा गांव में 5 निर्दोष महिलाओं को डायन के सन्देह में दी गयी प्रताड़ना की कड़ी निंदा की है. इस घटना में महिलाओं के साथ घर में घुस कर न केवल मारपीट की गई बल्कि उन्हें जबरस्ती मल मूत्र खिलाया गया.डॉ मिश्र ने इस घटना में शामिल सभी बैगाओं और सौ से अधिक लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है.
    डॉ दिनेश मिश्र ने बताया उन्हें जानकारी मिली है कि बिहार के कटिहार जिले के  मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खैरा गांव में अंधविश्वास के पड़कर  ग्रामीणों  ने 5 महिलाओं को डायन बताकर जमकर मारपीट कर जख्मी कर दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो उन्हें पकड़ कर जबरदस्ती मल और मूत्र  पिलाकर प्रताड़ित किया.प्रताड़ना के समय  बेबस महिलाएं ग्रामीणों से न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। बाद में जख्मी महिलाओं को   सदर अस्पताल में भर्ती किया गया जहॉं उनका इलाज चल रहा है। 
    डॉ दिनेश मिश्र  ने बताया  मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खैरा गांव के इस मामले में जानकारी मिली है  कि गांव की ही संगीता देवी और दिलीप उरांव की बेटी बार बार बीमार पड़ने लगी थी,  जिस पर  गांव के ही एक झाड़-फूक करने वाले ओझा द्वारा बताया गया कि उनके बेटी को  कुछ महिलाओं ने जादू-टोना किया है ।जिसकी पहिचान करने के लिए   गांव में ओझाओं (भगत )के लिये  धाम लगाया गया था जिसमें चार  ओझा अनुष्ठान कर  रहे थे।  उसी दौरान ओझाओं  के शरीर पर  तथाकथित रूप से देवता आए और वे झूमने लगे,तथा गांव की महिलाओं ही को डायन बताने लगे। इसके बाद ग्रामीण बैगाओं के बताये अनुसार खोजबीन करने में जुट गए, इसकी जानकारी उन महिलाओं को नहीं थी ,वे लोग घर पर थी, बैगाओं (भगत ) द्वारा उन महिलाओं को डायन बताने के बाद  गांव के कई लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और  उन पर लड़की को जादू टोने से बीमार करने का जिम्मेदार ठहरा कर  
    डायन   होने का आरोप लगाया ,और  मारपीट करने लगे। इस क्रम में  घर की पांच महिलाओं को मारपीट करने  के साथ  ही पकड़ कर जबरदस्ती मूत्र व मल भी पिलाया। जब उक्त महिलाओं की  मारपीट व प्रताड़ित करने से तबियत खराब   होने लगी ,तब ग्रामीण व आरोपी वहां से चले गये।  इस प्रकार प्रताड़ना से उन महिलाओं की तबियत खराब हो गयी और वे बेहोश हो गयी  तथा बाद में  उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती किया गया ।
     डायन के सन्देह में हुई इस प्रताड़ना की सूचना  जब पुलिस को दी गयी तब पुलिस गांव में पहुंची, जिसमें उन् महिलाओं ने   बैगाओं सहित 11 ग्रामीणों के नाम तथा घटना में एक सौ से अधिक ग्रामीणों के शामिल होने की जानकारी पुलिस को दी .जिसे  लेकर 11 नामजद और एक सौ से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दो नामजद आरोपी रंजीत उरांव और प्रदीप उरांव को गिरफ्तार कर लिया गया। जख्मी महिलाओं का इलाज अब भी  सदर अस्पताल में चल रहा है। अनेक आरोपी गांव से फरार  हो गए हैं।
    डॉ . दिनेश मिश्र ने कहा कोई नारी डायन /टोनही नही होती. जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं होता .यह सिर्फ अंधविश्वास  है, इस प्रकार किसी भी निर्दोष महिला को प्रताड़ित करना  शर्मनाक  तथा अपराध है ।
     हमारी बिहार सरकार से मांग है कि इस मामले में शामिल अन्य सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए उन्हें कड़ी  सजा मिले ,तथा निर्दोष प्रताड़ित महिला को न्याय,मुआवजामिले। 
     

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