रायपुर : विधानसभा में अंतिम दिन विपक्ष ने रेत के मुद्दे में सरकार को घेरने की कोशिश करते हुए प्रदेश में रेत माफिया के आतंक का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में किसी की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेत के अवैध उत्खनन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेत खनन को लेकर एनजीटी के नियम का पालन हो रहा है। अब तक 23 सौ से अधिक प्रकरण छह महीने में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में एक साल में सिर्फ 1800 प्रकरण दर्ज किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 107 रेत खदान की अनुज्ञा जारी की गई है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शराब माफिया की तर्ज़ पर रेत माफिया आ गया है। कहीं प्रतिनिधियों पर हमला हुआ तो कहीं प्रशासनिक अधिकारी पर हमले की खबरें हैं। पांच हज़ार की रेत 25 हजार में मिल रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गरीब घर कैसे बनाएगा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बरसात में रेत की खुदाई क्यों हो रही है ?
सौ ट्रेक्टर, 50 हाईवा खुदाई कर रहे हैं। क्या रोक नहीं है ? मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन में रोक है। यदि उत्खनन हुआ तो कार्रवाई होगी। नई नीति से राज्य को राजस्व मिल रहा था, उसमें वृद्धि भी होगी। नई व्यवस्था है, उसे और बेहतर करेंगे। पंचायतों को निर्माण के लिए रेत मुफ्त में देना तय किया गया है।
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