रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मीटिंग लेकर विभागों के काम-काज की समीक्षा की। कलेक्टर चतुर्वेदी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि जिले में चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं और एनीमिक महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने चिन्हांकित गर्भवती महिलाओं से रोजाना फोन एवं फील्ड लेवल स्टाफ के माध्यम से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए। उनकी नियमित जांच, दवाओं और खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाते हुए तुरंत उसे अमल में लाने के निर्देश कलेक्टर चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य विभाग को दिए। कलेक्टर चतुर्वेदी ने सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि जब भी फील्ड पर निरीक्षण के लिए निकलें तो आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण जरूर करें। शासन को योजनाओं के क्रियान्वयन की सब डिवीजन लेवल पर मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एसडीएम की है। पंचायतों में गबन के मामलों में जिम्मेदार लोगों से वसूली के मामले में सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि बकाया राशि की वसूली शीघ्र की जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर हफ्ते इसकी समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टर चतुर्वेदी ने बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर समीक्षा की। उन्होंने तहसीलवार जानकारी ली और सभी एसडीएम और तहसीलदारों से कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री में वेरिफिकेशन और अप्रुवल का काम तेजी से निपटाएं। इसकी अब रोजाना जानकारी ली जाएगी। उन्होंने जिले से नोडल डिप्टी कलेक्टर को नियमित प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के लिए कहा। उन्होंने जनदर्शन में आने वाले आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि अब इसकी रैंडमली जांच की जाएगी। उन्होंने विभाग प्रमुखों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आपके विभाग से सेवा निवृत्त अधिकारी कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य भुगतान सम्बन्धी प्रकरणों का निराकरण आपके कार्यालय स्तर से हो जाना चाहिए। इसके लिए उन्हें कहीं और भटकने की जरूरत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कार्यालय में बिना वजह किसी भुगतान को लंबित रखा जाता है तो इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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