कांकेर 12 जुलाई 2023। स्कूलों में अकादमिक कौशल बढ़ाने तथा बच्चों में बुनियादी दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई सुघ्घर पढ़वईया योजना में कांकेर जिला को प्रदेश में सबसे ज्यादा 14 सर्टिफिकेट मिले हैं। जिसमें प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर सर्टिफिकेट मिला हैं। प्राइमरी स्कूल को 13 और एक मिडिल स्कूल को सर्टिफिकेट मिला है, इनको 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। यह कांकेर जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश स्तर पर बड़ी उपलब्धि है। बीते शिक्षा सत्र 2022-23 में प्रदेश के 39 हजार से ज्यादा प्राइमरी और मिडिल स्कूलों ने चुनौती दी थी। इसके बाद प्रदेश के 4282 स्कूल थर्ड पार्टी आंकलन के लिए तैयार हुए। परंतु प्रदेश स्तर पर केवल 721 स्कूलों का ही आंकलन हुआ। इसमें कांकेर जिला के प्राथमिक स्तर पर 31 और मिडिल स्तर पर आठ स्कूलों का थर्ड पार्टी आंकलन राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया गया। आंकलन की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। प्राईमरी के 31 स्कूलों का आंकलन किया गया जिसमें चार प्लेटिनम, पांच गोल्ड और चार स्कूल को सिल्वर सर्टिफिकेट और आठ मिडिल स्कूलों का आंकलन किया गया। जिसमें एक स्कूल को सिल्वर सर्टिफिकेट मिला है। पुरूकार पाने के मामले में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा पुरूस्कार कांकेर जिला को मिला है। प्रदेश के 16 जिलों बिलासपुर, गौरेला- पेंड्रा मरवाही, मुंगेली, कवर्धा, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, नारायणपुर, बीजापुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के किसी भी स्कूल को सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
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