उत्तर बस्तर कांकेर। भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव कैरेलिन खोंगवार देशमुख (भा.प्र.से. 1996) ने आज आकांक्षी जिला कांकेर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की विशेष पहल पर स्थापित किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी कांकेर का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय में जाकर निःशक्त बच्चों से रूबरू हुईं और उनसे चर्चा की।
नीति आयोग के निर्देशानुसार भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव देशमुख आज सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय कांकेर पहुंचीं, जहां से उन्होंने सेंट्रल लाइब्रेरी का कार्य देखा। इस दौरान कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्हें बताया कि स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जहां प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। इस पर अतिरिक्त सचिव ने जिला प्रशासन की उक्त पहल की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। इसके बाद मावा मोदोल कोचिंग संस्थान के अध्ययन कक्ष में जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। कलेक्टर ने उन्हें बताया कि सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इसकी स्थापना की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य तैयार करने जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त सचिव देशमुख ने उक्त कार्य की सराहना करते हुए मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जिला प्रशासन की बहुत ही उत्कृष्ट और सराहनीय पहल है, जहां युवाओं को समुचित ढंग से गढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। यहां के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि अपनी मेहनत और संस्थान के उच्च मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।
मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समय :
कांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव देशमुख मावा मोदोल कोचिंग संस्थान के भ्रमण पश्चात ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंचीं, जहां पर विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज के साथ स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा द्वारा विद्यालय से संबंधित जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 50 सीटर उक्त विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। यह भी बताया गया कि विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है तथा निकट भविष्य में जिला प्रशासन के सहयोग से स्मार्ट क्लासेस संचालित करने की योजना है।
इस दौरान अतिरिक्त सचिव ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात कही, ताकि यहां के बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, संयुक्त सचिव आदिवासी विकास अनुपम त्रिवेदी, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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