खेल जीवन का एक प्रतिबिंब है। खेल में जो कुछ भी होता है, वह जीवन में भी होता है" - डॉक्टर दिनेश कुमार नामदेव
दुर्ग- कॉन्फ्लूएंस महाविद्यालय में दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद का आयोजन किया गया जिसमें बीएड, बीबीए, पीजीडीसीए, बीसीए, और बीकॉम के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर दिनेश कुमार नामदेव, संचालक खेल एवं शारीरिक शिक्षा विभाग हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग उपस्थित थे। खेल का शुभारंभ सरस्वती पूजन के बाद रिबन काट कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉक्टर दिनेश कुमार नामदेव ने कहा की खेल का उद्देश्य सिर्फ जीतना या हारना नहीं, बल्कि आपसी संबंधों को मजबूत करना होता है। उन्होंने कहा कि खेल, जीवन का एक अहम हिस्सा है जो प्रतिभा की पहचान और खेल भावना को विकसित करता है। खेलकूद शारीरिक विकास के लिए अत्यंत जरूरी है क्योंकि यह मानसिक और आत्मिक शक्तियों को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करता है।महाविद्यालय की प्राचार्य ने कहा कि खेलकूद से हमें अपने मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी सर्वश्रेष्ठ रहने के लिए प्रेरित किया। प्रथम दिवस के खेलकूद में टेबल टेनिस, शतरंज, गोला फेंक, बैडमिंटन और कैरम तथा द्वितीय दिवस में कबड्डी, क्रिकेट, रसा-कसी और 100 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया जिसमें छात्र व छात्राओं ने खेल भावना दिखाते हुए खेलकूद का समापन शानदार तरीके से किया। इस दौरान उपस्थित महाविद्यालय के संचालक डॉ मनीष जैन, संजय अग्रवाल और आशीष अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि खेल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कौशलों को विकसित करने में मदद करता है, यह लोगों को एक साथ लाता है और सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है। इस आयोजन के दौरान महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
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