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Raipur

  • प्रदेश में बारिश ने मचाई तबाही, बाढ़ के साथ कई शहरों का संपर्क टूटा

    29-Aug-2020

     रायपुर : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से नदी- नाले उफान पर हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी नदी महानदी ने विकराल रूप ले लिया है। महानदी में बाढ़ की वजह से जांजगीर जिले में स्थित शिवरीनारायण शहर पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गया है। यहां चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग बाढ़ से खुद को बचाने के लिए अपने जरूरी सामानों और मवेशियों के साथ अन्य इलाकों की ओर कूच कर रहे हैं। शहर के ऊपरी इलाके में भी पूरी तरह से पानी भरा हुआ है। यहां राहत और बचाव का कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है । बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हीराकुंड बांध का गेट खोल दिया गया है। बारिश से 4 हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 2091 लोगों को 45 राहत शिविरों में भेजा गया है। वहीं, रायगढ़ में बरमकेला के 18 और पुसौर क्षेत्र के 9 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। जिले में 21 राहत कैंप में 2389 लोगों को रखा गया है।

    पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और रायगढ़ में रिकॉर्ड की गई है। जानकारी के मुताबिक बारिश से करीब 12 हजार मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 6 हजार लोग बेघर हुए हैं। बलौदाबाजार में बारिश के कारण 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए है। यहां 24 कैंपों में 1393 लोगों को पहुंचाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ में फंसे 35 लोगों को सुरक्षित निकाल कर राहत शिविर में भेजा गया है। राजनांदगांव-कवर्धा मार्ग बंद है। खैरागढ़ स्थित आमनेर नदी के पुल के ऊपर पानी बह रहा है। शिवनाथ नदी के किनारे की बस्तियों में पानी भर गया है। जिले के मोंगरा बैराज, सूखा नाला और घुमरिया बैराज से 38 हजार क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 219 राहत कैंप संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, 11942 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
     
     

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