छुरिया , गोपालपुर जंगल से अधिक मात्रा में हो रही रेत चोरी
राजनांदगांव - छुरिया , गोपालपुर , आस पास क्षेत्र में रेत माफिया सक्रिय है। जगह जगह अधिक मात्रा में रेत माफिया द्वारा रेत डंप कर रखा गया है। रेत माफियाओं को कानून , कार्यवाही का डर नही खुले आम जंगलों से रेत की चोरी हो रही है। प्रशासन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहें है।
जानकारी के अनुसार छुरिया , गोपालपुर क्षेत्र में अधिक से अधिक मात्रा में जंगल से रेत का अवैध चोरी , जगह जगह रेत डंप कर रेत माफिया द्वारा रखा गया है ।गांव के करीब झाड़ियों के पीछे तो कहीं कोठार , भर्री , खेत जंगल किनारे और अन्य के निजी जमीन पर रेत माफिया द्वारा रेत डंप कर रखा जा रहा है । निजी जमीन मालिक से भी सांठ गांठ कर रेत माफिया रेत छुपा कर डंप रखे है । रेत माफियाओं द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों ट्राली खुलेआम अपने माजदा , डंफर जैसे वाहन , ट्रैक्टर में भर कर रेत आस पास क्षेत्र में परिवहन करते है। नदियों से प्रतिदिन दर्जनों ट्रालियों को भरा जा रहा है। शासन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहे है । इसके अलावा नदी नालों से रेत निकालने और डंप कर ऊंचे दामों में बेचने का अवैध कारोबार जारी है। रेत माफियाओं के अवैध कारोबार बहुत अच्छे से फल फूल रहे है । इन दिनों गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सैकड़ों मकानों का निर्माण का कार्य जारी है , जिस कारण से रेत की मांग अधिक बढ़ गई है , जिससे रेत के कारोबारियों की बल्ले बल्ले हो रही है। बिना रॉयल्टी पास के धड़ल्ले से रेत का अवैध कारोबार कर रहे है।
रेत माफिया सरकारी आदेश का किस तरह माखौल उड़ा रहे है । इसकी बानगी छुरिया , गोपालपुर में आसानी से देखी जा सकती है। जगह जगह जंगल नालों के ऊंचे स्थान पर , रोड़ किनारे स्थित झाड़ियों के पीछे तो कहीं कोठार , खेत , भर्री निजी जमीन बाउंड्रीवॉल के अंदर और तो और अन्य जमीन मालिक के ग्राउंड पर रेत माफिया द्वारा सांठ गांठ कर रेत डंप कर रखा गया है। रेत माफिया इतने होशियार है की उन्होंने रेत निकालकर गांव के
आस पास और कुछ घरों में भी रेत डंप कर रखा गया है । ताकि प्रशासन की आंखों में धूल झोंखी जा सके ।रेत माफिया अधिक से अधिक रेत निकाल कर गाढ़ी कमाई कर रहे है। वन विभाग के अफसर रेत माफियाओं को पकड़ने गांव ,जंगल तक पहुंच रहे परंतु नाकाम है , बिट गार्ड जंगल चपरासी रेत माफियाओं से मिल सांठ गांठ कर वापस विभागी कार्यालय आ जाते है और कार्यवाही होती नही है।
खनिज विभाग, वन विभाग के संरक्षण में रेत माफियाओं के हौंसले काफ़ी बुलंद है। इस तरह क्षेत्र में जंगलों से रेत की बड़े पैमाने पर दिनरात चोरी की जा रही है , और प्रशासन चुप्पी साध बैठी है । प्रशासन अपने अधिकारियों को बचाने और रेत चोरों से सांठ गांठ पर कार्यवाही करने में बार बार नाकाम साबित हो रही है।
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