रायपुर - विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर, शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय बीरगांव, रायपुर छ.ग. में छात्रों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में, रेड क्रॉस यूथ सोसायटी और एन.एस.एस. के संयुक्त तत्वावधान में 8 अक्टूबर, 2025 को एक दिवसीय नेत्र प्रशिक्षण एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दृष्टि के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना, छात्रों की नेत्र समस्याओं का प्रारंभिक चरण में पता लगाना तथा उन्हें उचित परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस महत्वपूर्ण आयोजन में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के रेटिना विशेषज्ञ और अन्य प्रतिष्ठित नेत्र विशेषज्ञों का दल उपस्थित रहा। नेत्र जांच शिविर से पहले, विशेषज्ञ दल द्वारा एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने छात्रों को स्वस्थ जीवन शैली और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले जोखिमों के बारे में विस्तार से समझाया, जिससे नेत्र स्वास्थ्य को लेकर छात्रों में महत्वपूर्ण जागरूकता का संचार हुआ। शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को नेत्र स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।डॉ. विनीत शाह,एमएस, आप्थाल्मालॉजी,रेटीना स्पेशलिस्ट,असिस्टेंट प्रोफेसर ने संबंधित सामान्य बीमारियों, उनके कारणों और विशेष रूप से चश्मे की आवश्यकता पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। डॉ. ललित कुमार पाटकर,नेत्र सहायक अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरगांव ने छात्रों को संबोधित करते हुए आँख से संबंधित विभिन्न समस्याओं से सचेत रहने की बात कही। उन्होंने नेत्र की बीमारियों, उनके लक्षणों और निदान के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. संजय शर्मा आप्थाल्मिक असिस्टेंट,रेटीना स्पेशलिस्ट्स ने छत्तीसगढ़ी भाषा में छात्रों के साथ जीवंत संवाद स्थापित किया। उन्होंने नेत्र से संबंधित सभी छोटी व बड़ी समस्याओं के लक्षण और उनसे बचने के उपाय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित की और सही जवाब देने वाले छात्रों को इनाम स्वरूप पेन प्रदान किए, जिससे कार्यक्रम की रोचकता बनी रही। विशेषज्ञों के व्याख्यान के पश्चात् महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा ने अपना प्रेरक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि "स्वस्थ तन में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है," और इसलिए स्वास्थ्य, विशेषकर नेत्रों की देखभाल सर्वोपरि है। उन्होंने बीमारी, उसके लक्षण, दिक्कतों और रोकथाम के लिए जागरूक रहने पर बल दिया और सभी से नेत्र शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। नेत्र यंत्र का विमोचन किया गया। जिसे छात्रों में वितरित किया गया। व्याख्यान की समाप्ति के तुरंत बाद नेत्र जांच शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। शिविर में महाविद्यालय के सभी अधिकारी, कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं की नेत्र जांच की गई। नेत्र विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक व्यक्ति का नेत्र परीक्षण किया गया। जांच के दौरान छात्रों में पाई जाने वाली आम तकलीफें जैसे कि दृष्टि दोष (पावर से संबंधित समस्याएं), कलर ब्लाइंडनेस (रंगों को न पहचान पाने की समस्या), तथा मोतियाबिंद (Cataract) जैसी समस्याओं का पता लगाया गया। जांच के उपरांत, जिन छात्रों को किसी भी प्रकार की नेत्र संबंधी परेशानी या तकलीफ थी, उन्हें व्यक्तिगत परामर्श दिया गया। पावर से संबंधित समस्या वाले छात्रों को आवश्यक चश्मे के नंबर और उसके उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। गंभीर मामलों वाले कुछ बच्चों को मेडिकल कॉलेज में आगे के उपचार के लिए रेफर (संदर्भित) किया गया, जिससे उन्हें समय पर उचित इलाज मिल सके। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रोसमीना कुजूर द्वारा किया। विशेषज्ञ दल के सहयोग से, महाविद्यालय के सदस्यों और छात्रों को न केवल उनकी आँखों की स्थिति के बारे में जानकारी मिली, बल्कि उन्हें नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी सफल रहा। इस आयोजन ने सभी को अपनी दृष्टि के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञ दल में डॉ. विनीत शाह,डॉ. संजय शर्मा, डॉ. मनोरंजन चारा,डॉ. वैष्णवी हटवार,डॉ. ललित कुमार पाटकर,डॉ. कालीचरण गोरे,सहायक गणों में श्रीमती गरिमा साहू, श्री हेमंत देवांगन, गोस्वामी सर, महाविद्यालय परिवार से प्राचार्य डॉ प्रीति शर्मा, रेड क्रॉस प्रभारी डॉ.युगबोध पटले, एनएसएस अधिकारी डॉ कविता कोसरिया, समस्त प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दी।
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