रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंह देव ने मंगलवार को न्यूज़ एजेंसी से बातचीत के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गरियाबंद में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के पूर्व मंत्री ने कहा कि गरियाबंद में हालात काफी गंभीर हो गए हैं। सोमवार को दो महिलाओं के मारे जाने की खबर आई थी और आज मीडिया में इस घटना की व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप हिंसा बढ़ रही है। हिंसक नक्सलवाद को समाप्त किया जाना चाहिए, लेकिन यह भी जरूरी है कि इसका असर आम नागरिकों पर न पड़े। समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने की घटना काफी अहम है, क्योंकि ऐसा बीते कई साल में नहीं हुआ था। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान पर टी.एस. सिंह देव ने कहा कि बतौर प्रदेश अध्यक्ष वह पूरी स्थिति को बहुत ही करीब से देख रहे हैं। जरूर कोई न कोई बात उनके ध्यान में आई होगी। इसके अलावा, मैं एक बात कहना चाहूंगा कि समय के साथ लोगों के योगदान के साथ परिवर्तन होते रहते हैं। उल्लेखनीय है कि जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस में कुछ लोग ऐसे हैं, जो "कैंसर की तरह" हैं। उनके इसी बयान पर टी.एस. सिंह देव ने यह प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले टीएस सिंह देव ने जाति जनगणना पर भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि अंग्रेजों के शासन में 1931 में आखिरी बार जाति जनगणना हुई थी। उसके बाद 2011-12 में जनगणना के साथ आर्थिक सामाजिक सर्वेक्षण भी किया गया, जिसके पीछे एक सोच थी कि आजादी के इतने साल बाद देश के नागरिकों की स्थिति जानकर सरकारी नीति बनाई जाए। देश के धन का उपयोग कैसे और किसके लिए करना है, अगर इसकी जानकारी नहीं होगी, तो अंधेरे में तीर चलाने जैसा होगा।
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