रायपुर : अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दिन प्रतिदिन कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है ,तथा सभी स्थानों से प्रतिदिन सैकडों लोगों के संक्रमित होने के समाचार आ रहे हैं ,जो कोरोना पॉजिटिव निकले है, इन सब में अधिक संख्या में लोग पॉजिटिव तो है, पर असिम्प्टोमैटिक अर्थात लक्षण रहित हैं, पर संक्रमित होने के कारण दूसरे व्यक्ति में संक्रमण पहुंचाने की क्षमता रखते है ,इसलिए उन्हें भी आइसोलेशन में रखने की सलाह दी जाती है ,वर्तमान में रायपुर सहित सभी शहरों में अस्पतालों के बिस्तर मरीजों से भरते जा रहें ,चाहे वे सरकारी हो या निजी अस्पताल .औरजिन स्थानों को कोविड सेंटर बनाया गया है वे भी खाली नहीं है ,और मरीजों के लिए बिस्तर नहीं मिलने के समाचार भी अब मिलने लगे हैं,यदि मामले नही कम हुए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है.इस हेतु अभी से प्रयास होने आवश्यक हैं सिर्फ रायपुर में ही विभिन्न सामाजिक संगठनों के भवन है ,तथा कुछ कर्मशियल भवन भी है ,जहाँ 50 से 100 कमरे हैं जिनमें नियमित रूप से सामाजिक,राजनैतिक व शादी विवाह होते रहते हैं. फिलहाल सभी सार्वजनिक कार्यक्रम ,लोकडाउन के नियमों के तहत नहीं हो रहे ,शादियाँ भी नहीं हो रही,इसलिए इन भवनों ,गार्डन्स,शादी घरों, जहाँ व्यवस्थाएं कमरे,बिस्तर, अलग से बाथरूम ,किचन जैसी सुविधाएं पहले से ही मौजूद है ,उन्हें कोविड सेंटर बनाकर उनमे उन असिम्प्टोमैटिक मरीजों को रखा जा सकता है जो होम आइसोलेशन में घर में जगह /कमरों की कमी से अलग नहीं रह पा रहे हों .प्रशासन एवं नगरनिगम के पास ऐसे सभी भवनों की लिस्ट भी होगी. ऐसे सभी सामाजिक संगठन तथा शादी ब्याह में किराए से दिए जाने वाले परिसर,धर्मशालाओं के मैनेजमेंट को स्वतः सामने आकर अपने परिसरों/भवनों को प्रशासन को कोविड सेंटर के लिए न्यूनतम किराए में देने की पहल करना चाहिए ताकि यदि आगे मरीज बढ़ने हैं ,उन भवनों का समाजहित में व्यापक उपयोग हो सके. देश के कुछ स्थानों में ऐसी फल हुई है और विभिन्न संगठनों के आगे आने से मरीजों को डेढ़ दो हजार रुपये में भी सुविधाओं की व्यवस्था हुई है. साथ ही रिम्स मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध 600 से अधिक बिस्तरों ,अन्य प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों,डेंटल कॉलेजों को भी कोविड के उपयोग में अविलम्ब उपयोग करने के लिये आवश्यक कार्यवाही की जाए. जिसमें पलँग,बिस्तर, जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग से राशि नहीं व्यय करनी पड़ेगी.
Adv