पुरुषोत्तम मास में कोराना महामारी से मुक्ति मिलने की आशा
राजनांदगांव : संस्कारधानी नगरी की सामाजिक , धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से संचालित करने वाली श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के द्वारा वर्ष भर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को सार्वजनिक रूप से आयोजित करके हिंदू संस्कृति को जीवंतता प्रदान की जा रही है । वर्ष 2014 ( संवत 2071 ) के समय पावन पुरुषोत्तम मास जो हिंदू तिथि के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष में आता है , इस पुरुषोत्तम मास का हिंदू संस्कृति में विशेष महत्व बताया गया है । इस मास में किए गए धर्म कार्य , दान - पुण्य , भजन - सत्संग इत्यादि का फल 100 गुणा प्राप्त होने का विधान पुराणों में बताया गया है , श्री सत्यनारायण मंदिर समिति द्वारा वर्ष 2014 से पावन पुरुषोत्तम मास के प्रथम 15 दिवस तक तिथि के अनुसार उसके देव का या देवी का विशेष पाठ , भजन - सत्संग एवम् उत्सव का कार्यक्रम श्री सत्यनारायण धर्मशाला में आयोजित किया जा रहा था । जिसमें संस्कारधानी नगरी की मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था । वर्ष 2014 एवं वर्ष 2017 के पावन पुरुषोत्तम मास के महोत्सव बड़ी धूमधाम से बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुए थे । इस वर्ष सन 2020 में पावन पुरुषोत्तम मास आगामी 18 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है , किंतु वर्तमान परिस्थिति में सार्वजनिक कार्यक्रम किया जाना संभव नहीं है । कोराना महामारी की वजह से समिति ने यह निर्णय लिया है कि इस वर्ष पावन पुरुषोत्तम मास महोत्सव कार्यक्रम स्थगित किया जाए ।
श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया , सचिव सुरेश अग्रवाल , मंदिर व्यवस्था एवं उत्सव प्रभारी राजेश शर्मा , श्यामसुंदर खंडेलवाल , पवन लोहिया के अनुसार इस वर्ष का महोत्सव कोराना महामारी की वजह से आयोजित नहीं हो पा रहा है । अतः सभी भक्तगण अपने - अपने घरों में ही पावन पुरुषोत्तम मास के दौरान दान - धर्म एवं भजन - सत्संग के कार्यक्रम आयोजित करें , जिससे विश्व में आइ कोरेना महामारी से विश्व के जनमानस को शीघ्र ही मुक्ति प्राप्त हो सके । भगवान श्री सत्यनारायण जो पावन पुरुषोत्तम मास के अधिष्ठाता देवता है , उनसे भी विनती की जाती है कि इस कोराना महामारी से अब शीघ्र मुक्ति दिलाए , जिससे आम जनमानस को हो रही आर्थिक एवं जीवन की हानि से मुक्ति प्राप्त हो सके ।
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