राजनांदगांव। कॉन्फ्लुएंस कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, पर्रीकला, राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा माई भारत एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से “विकसित भारत युवा संसद 2026 (जिला स्तरीय राजनांदगांव)” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। यह आयोजन माननीय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के विजन से प्रेरित था।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रचना पांडे के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को समझने तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच प्रदान करती है। डॉ. मनीष जैन (डायरेक्टर) ने माय भारत विकसित भारत अभियान के अंतर्गंत आयोजित युवा संसद को एक महत्वपूर्ण मंच कहा I जिसमे आज के युवाओ को अपनी सोच, संघर्ष एवं योजना को देश के विकास में कैसे उपयोग करे तथा देश को विकसित भारत बनाने में अपनी भूमिका कैसे निभाए इस पर विचार मंथन का अवसर आज कि यह प्रतियोगिता प्रदान करती है जो हमरे लिए गौरव का क्षण है I
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और “आपातकाल के 50 वर्षः भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने तीन मिनट की निर्धारित समय-सीमा में तार्किक, ओजस्वी एवं लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से अपने विचार रखे I कार्यक्रम अधिकारी (एनएसएस) श्री विजय मानिकपुरी ने अपने उद्बोधन में कहा, “युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रहित, संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित होती है जिसमे राजनंदगांव जिले से विभिन्न महाविद्यालय शासकीय दिग्विजय,शासकीय कमला देवी, सी आई टी, रॉयल कॉलेज, विधि महाविद्यालय जैसे अनेक महाविद्यालयों से छात्रों ने सहभागिता निभाया।”
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में खूबचंद पारख, अतिविशिष्ट अतिथि मधुसूदन यादव (महापौर), श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर (जनपद अध्यक्ष), श्रीमती कामिनी अंबेलकर (सरपंच), श्री रमेश चंद्राकर, श्री राजेश अग्रहरी तथा संस्था के संचालक डॉ. मनीष जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि खूबचंद पारख ने युवा संसद को संबोधित करते हुए विकसित भारत अभियान में युवाओ कि प्रमुख भागीदारी एवं सहभागिता पर जोर दिया साथ ही इतिहास से सबक लेकर उन्नति और उत्थान पर आज कि संसद विचार और मंथन करते हुए समृद्ध भारत के निर्माण में अपने मत प्रस्तुत करेंगे, अतिविशिष्ट अतिथि मधुसूदन यादव (महापौर) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी यहाँ केवल प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि युवा संसद की प्रक्रिया को सीखने और लोकतांत्रिक परंपराओं को समझने आए हैं। यह अनुभव आपके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”युवा संसद के निर्णायक मंडल में श्री दीपक सिंह ठाकुर (प्राचार्य), डॉ. अजय शर्मा (सहायक प्राध्यापक), श्री कुबेर सिंह साहू, श्री शरद श्रीवास्तव एवं श्री राजेश खांडेकर शामिल रहे।
निर्णायकों के मूल्यांकन के आधार पर दस उत्कृष्ट संभाविक प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता के लिए किया गया। जिसमे पाँच प्रतिभागियों (विधि बक्शी, प्रज्ञा बम्बेश्वर, वर्षा मलंग, डेयमंड कोठले तथा जिज्ञासा साहू) को विधानसभा में आयोजित राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में राजनांदगांव जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा । विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया । शुभजीत डे युवा समन्वयक माय भारत ने राज्य के लिए चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाये दिया।
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