राजनांदगांव : सर्वप्रमुख राष्ट्रीय पर्व एवं स्वाधीनता की गौरव वर्षगांठ दिवस पन्द्रह अगस्त के परम् पुनीत परिप्रेक्ष्य में नगर के विचार विज्ञ प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशिष्ट चिन्तन टीप में कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती के असंख्य वीर सूपतों के अनुपम त्याग तपस्या और अमर बलिदानों की पुण्य गाथा का स्मरण कराने के साथ-साथ प्रत्येक भारतीय जन जन को राष्ट्र रक्षा, सेवा के सुदृढ़ संकल्प के लिए भी अभिप्रेरित करता है। हमारी स्वाधीनता के नब्बे वर्षीय (1857 से 1947) संघर्ष, आन्दोलन में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति विनम्र श्रद्धा सुमन अर्पण, पावन स्मरण का यह राष्ट्रीय पर्व समस्त देशवासियों को हमारी एकता अखण्डता को अक्षुण्य बनाये रखने के महत्तम कर्तव्य दायित्व निर्वहन की भी प्रेरणा देता है। आगे प्राध्यापक द्विवेदी ने देश-धरती की युवा, किशोर, प्रबुद्ध पीढ़ी को आह्वान्वित किया कि महान् गौरवशाली अद्भूत प्रेरणादायी पंक्तियों - ''हम करें राष्ट्र आराधन, हम करें राष्ट्र अभिवादनÓÓ करे मन-प्राण से आत्मसात कर समग्र राष्ट्रबोध के साथ राष्ट्र की सेवा, विकास व सर्वकल्याण के साथ राष्ट्र की सेवा, विकास व सर्वकल्याण के लिये सतत् तत्पर हो। देश की स्वाधीनता के लिये शहीद हुये अमर सपूतों के स्वर्णिम सपनों का पूर्ण रूपेण साकार करने के लिये रचनात्मक पहल करें। यही सर्व देशवासियों का हमारी आजादी पर्व का सद्संकल्प होगा और शहीदों के प्रति सत्य सार्थक श्रद्धांजलि होगी।
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