महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में नकली आरटीओ ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं।आम नागरिकों को ट्रैफिक नियम तोड़ने का डर दिखाकर मोबाइल पर संदिग्ध मैसेज भेज रहे हैं, जिनमें लिंक या apk फाइल दी जाती है। इन लिंक पर क्लिक करते ही लोगों की निजी जानकारी व बैंक खाते से पैसे चुराए जा रहे हैं।परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। असली चालान की जानकारी केवल विभाग की अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in पर ही उपलब्ध होती है। इसके लिए वेबसाइट पर पे ऑनलाइन विकल्प पर क्लिक कर चालान नंबर और कैप्चा डालना होगा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी डालकर चालान विवरण देखा जा सकता है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब भी कोई वास्तविक ई-चालान किया जाता है, तो उसके संबंध में टेक्स्ट मैसेज केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही भेजा जाता है। उन्होंने लोगों की जागरूकता के लिए अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें, अनजान व्यक्ति को कभी भी ऑनलाइन भुगतान न करें तथा किसी भी धोखाधड़ी वाले कॉल, संदेश या ऐप की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाने में दर्ज कराएं।
मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ शहर में चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल बना दिया था। घटना में 27 वर्षीय करण राठौर नामक युवक की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। पकड़े गए आरोपियों में दो अपचारी बालक भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों का शहर में जुलूस निकाला, जिससे बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना।
घटना का विवरण यह घटना 5 सितंबर की रात मनेन्द्रगढ़ शहर में राजस्थान भवन के बगल वाली गली में हुई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला चाकूबाजी तक पहुँच गया। इस दौरान करण राठौर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह खुद घटनास्थल पर पहुँचे। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि चार अलग-अलग टीमों को गठित कर तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने छानबीन कर कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी रितिक मिश्रा के अलावा उसका भाई रौनील मिश्रा, जीजा भावेश पाटील, रशीद खान, अमन केवट, सचिन जैन और प्रभात सौंधिया शामिल हैं। दो आरोपी अपचारी बालक पाए गए। वहीं अक्कू उर्फ अकरम नामक आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू को भी बरामद कर लिया है।
जुलूस निकालकर दी गई चेतावनी आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें कोतवाली से पूरे शहर में घुमाया। यह कार्रवाई लोगों में विश्वास कायम करने और अपराधियों को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और आरोपियों को देखने के लिए उमड़ पड़े। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि कानून का पालन हर नागरिक का दायित्व है और ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हत्या का कारण: पुरानी रंजिश प्रेस वार्ता में एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी रितिक मिश्रा की अपनी गर्लफ्रेंड से मृतक करण राठौर की बातचीत हुई थी। इस बातचीत से रितिक मिश्रा नाराज था और इसी वजह से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाकर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि रंजिश का यह मामला काफी समय से चल रहा था, लेकिन मामला तब सामने आया जब घटना घटित हुई। घटना के बाद आरोपी बिलासपुर की ओर बाइक से फरार हो रहे थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। हालांकि अक्कू उर्फ अकरम अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस ने अलग-अलग टीमों को लगाया है। एसपी ने कहा कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। समाज में दहशत और पुलिस की सतर्कता इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। वहीं पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया और व्यक्तिगत विवादों से दूर रहकर कानून का सम्मान करना चाहिए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है। साथ ही जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष गश्ती दल को सक्रिय किया गया है। पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की रंजिश और विवाद को सुलझाने के लिए कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि हिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए।
खेमराज दवांगन - नगरी : 05 सितंबर को पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सभी छात्र व शिक्षक के लिए बेहद ही खास होता है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवाकेंद्र नगरी के तत्वाधान में शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर शिक्षाविदों के सम्मान में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में संस्था की राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन, ब्रह्माकुमारी कमलेश्वरी बहन एवं मुख्य अतिथि के रूप में ए.एल.बनपेला सेवानिवृत प्राचार्य, श्रीमती दीपा देवांगन प्रोफेसर सुखराम नागे महाविद्यालय नगरी सिहावा एवं नव नियुक्त प्राचार्य के रूप में जे.पी. यादव प्राचार्य हाई स्कूल गुहाननाला, महेश्वर जयसिंधु प्राचार्य हायर सेकेंडरी स्कूल डोंगरडुला, राजेश तिवारी जी प्राचार्य हाई स्कूल भैंसामुड़ा, राजेश तिवारी योगाचार्य व उच्च श्रेणी शिक्षक माध्यमिक शाला भैसामुड़ा सहित अंचल के 60 शिक्षक शिक्षिकाओं ने शिरकत की।
दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में खरीफ 2025 में जिले के कृषकों के मांग अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री यथा- उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये कृषि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाते हुये जिले के निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों का निरंतर सतत् निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में पीओएस स्कंध एवं भौतिक स्कंध में अंतर, बगैर स्त्रोत प्रमाण पत्र के उर्वरक भण्डारण/विक्रय, प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित न होना, केश मेमो जारी नहीं करना, बिल बुक निर्धारित प्रारूप में न होना, स्कंध पंजी संधारण अधूरा होने इत्यादि कारणों से 11 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाये जाने पर स्थानीय उर्वरक निरीक्षकों द्वारा कुल 3277 बोरी (145.85 मि.टन) उर्वरकों को जब्त कर संबंधित विक्रेताओं से कारण बताओ सूचना जारी कर जवाब मांगा गया था। संबंधित उर्वरक विक्रेताओं का जवाब समाधानकारक न होने के कारण कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का उल्लंघन पाये जाने पर धारा 7 के तहत जब्तशुदा उर्वरकों को राजसात करने हेतु आदेशित किया गया है। राजसात किये गये उर्वरकों को स्थानीय किसानों को सूचित करते हुए निर्धारित दर पर विक्रय पश्चात् राशि शासन के खजाने में जमा करने हेतु कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है।
जशपुरनगर। नव संकल्प संस्थान में आज एक विशेष शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भारत के पहले अंतरिक्ष स्टेशन यात्री शुभांशु शुक्ला एवं स्कूली बच्चों के बीच संवाद कार्यक्रम के वर्चुअल आयोजन का शिक्षकों एवं संस्थान के बच्चों ने मिलकर आनंद लिया। इस अवसर पर छात्रों के साथ अंतरिक्ष हीरो के बीच प्रेरणादायी संवाद एवं अनुभव को सभी बच्चों ने सुना।
रायगढ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
कवर्धा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को कबीरधाम जिले में प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। यह प्रयोगशाला न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश की अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
बलौदाबाजार। मगरचबा के पास खोरसी नाला पुल के नीचे किए गए अवैध अतिक्रमण पर आखिरकार आज बुलडोजर चल ही गया. तहसीलदार राजू पटेल के नेतृत्व में नगरपालिका की टीम के अतिक्रमण हटाने का काम किया. जानकारी के अनुसार, कलेक्टर दीपक सोनी व एसपी भावना गुप्ता को शिकायत मिली थी कि ग्राम मगरचबा में खोरसी नाला पुल के नीचे कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर नशे की सामग्रियों की बिक्री करते हैं. इसकी वजह से वहां दिनभर आसामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. नशे में धुत्त लोगों अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं. शिकायत पर कलेक्टर दीपक सोनी ने सख्त रूख दिखाया और तत्काल एसडीएम को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद आज नगरपालिका की टीम ने अवैध अतिक्रमण हटा दिया है. अतिक्रमण करने वाले लोगों को सख्त चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण न कर और नहीं अनैतिक काम करें वरना कठोर कार्रवाई की जाएगी.
सारंगढ़ बिलाईगढ़। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग और सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की प्रभारी सचिव आर शंगीता की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सारंगढ़ में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। सचिव को कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने जिले की सामान्य जानकारी दी। इसी प्रकार सभी अधिकारियों ने अपने विभागीय योजनाओं, प्रगतिरत कार्यों एवं आगामी दिनों में कार्य पूर्णता, लक्ष्य आदि का विस्तृत जानकारी दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आञ्जनेय वार्ष्णेय, अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, एस के टंडन सहित जिले के अधिकारीगण उपस्थित थे। सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने पंचायत विभाग के पीएम आवास ग्रामीण, अमृत सरोवर योजना, बेकरी, संबलपुरी साड़ी, ड्रोन, गेंदा फूल, सब्जी, किराना आदि व्यवसाय से लखपति दीदी और मनरेगा की जानकारी दिया। विभागीय अधिकारियों द्वारा बैठक में कृषि, जल जीवन मिशन, मल्टीविलेज जल आवर्धन योजना, हर घर जल अभियान, पीएम किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक, धान के बदले अन्य फसल उत्पादन, श्रम, उद्यानिकी, एनीमिया, सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, पीएमश्री स्कूल, गणवेश वितरण, पीएम मातृ वंदना, महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी और आश्रम छात्रावास में बच्चों का दाखिला आदि के बारे में जानकारी दी गई।
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव आर शंगीता ने कहा कि राज्य सरकार के सभी विभागों में जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। अपने विभाग से संबंधित हितग्राहियों का चयन कर लाभ आदि प्रदान करें। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के मांग के अनुरूप तालाब गहरीकरण जैसे रोजगार कार्य उपलब्ध कराएं। उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, अंत्यावसायी के योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाएं, पढ़ाई लिखाई के साथ साथ शिक्षक, खानपान की इतनी सुविधा होनी चाहिए कि पालक और बच्चे आंगनबाड़ी, आश्रम छात्रावास में आने के लिए हमेशा तैयार और इच्छुक रहें।आंगनबाड़ी केंद्रों के रजिस्टर में बच्चों का वर्गीकृत चार्ट सामान्य, कुपोषित, सुपोषित आदि का प्रति माह रिकॉर्ड रखें। साथ ही जर्जर और संभावित दुर्घटना वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को नहीं बैठाया जाए। सभी एसडीएम और सीईओ जनपद पंचायत जब दौरा करें तो उस दौरा में स्कूल आंगनबाड़ी आश्रम का निरीक्षण करें।
किसी भी वर्ग के बच्चे को सरकार की ओर से हरसंभव अच्छी शिक्षा देने की कोशिश होनी चाहिए। इसके लिए नवाचार कर सकते हैं। जिस स्कूल में शिक्षकों की कमी है वहां स्थानीय स्तर पर विद्वजनों से विद्यादान करने का अपील किया जाए और उनके इच्छा अनुरूप स्कूल और विषय पढ़ाने के लिए दिया जाए। प्रभारी सचिव ने कहा कि किसी एक गांव या आसपास के गांव के ग्रामीण किसी जिला में एक उद्योग या अन्य संस्था में पलायन किए तब उन श्रमिकों के बच्चों के पढ़ाई के लिए उस स्थान, जिला के कलेक्टर को ब्रिज कोर्स कराने के लिए श्रम विभाग द्वारा पत्र लिखा जाए। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने क्षेत्र के गांव में जाएं और किसानों को कृषि की नई तकनीक वाले मशीनों और उसके उपयोग से फसल उत्पादन में कितनी गुना वृद्धि होती है उसके बारे में समझाएं। सूअर पालन करने वाले परिवारों को पशु चिकित्सा विभाग आवश्यक जानकारी देते हुए समझाएं कि उनका रहन-सहन अपने घर परिवार से दूर रखें तथा नियमित रूप से अपने परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य जांच कराते रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार से सूअर की बीमारी पालक परिवार के सदस्यों में (मानव संक्रमण) न हो। राजस्व और भू अर्जन के मामले में सचिव आर संगीता ने कहा कि सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में अच्छा काम हुआ है। एक वर्ष से अधिक समय का कोई प्रकरण लंबित नहीं है और भू अर्जन का हाल ही में मुआवजा दिया गया। भूअर्जन के हितग्राहियों को और प्राकृतिक आपदा के मामले में पीड़ित परिवार को शीघ्रता के साथ मुआवजा और आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान करें।
हम किसी व्यक्ति के निधन हो जाने पर उसकी भरपाई नहीं कर सकते, लेकिन सिर्फ आर्थिक सहायता राशि के लिए उन्हें अनावश्यक कार्यालय के चक्कर काटने ना पड़े। प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ ऐसे प्रकरणों का निराकरण समय पर करें। राजस्व मामले में कोई भी व्यक्ति जिसका वास्तविक प्रकरण है तो उसे हक मिलना चाहिए। एक फर्जी व्यक्ति के कारण अन्य 99 व्यक्तियों को दोषी नहीं मानना चाहिए। राजस्व नियम का पालन करते हुए राजस्व प्रकरणों का निराकरण करें। स्वामित्व स्वामित्व योजना और नक्शा बटानकन के मामले में सर्वे आफ इंडिया की रिपोर्ट और वास्तविक स्थान में विभिन्न प्रकार के असमानताएं होती हैं जिसका मौके पर जाकर सभी पक्षकारों के सामने नक्शा बटानकन, सीमांकन आदि प्रक्रिया को शीघ्रता और पारदर्शिता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी रोड निर्माण या मरम्मत के दौरान यातायात, पुलिस, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग आदि विभाग मिलकर सर्व करें कि किसी भी रोड में कितना भार क्षमता के ट्रक और अन्य भारी मालवाहक चल रहे हैं। उसके अनुरूप उच्च क्षमता के रोड निर्माण करने का प्रस्ताव सरकार को भेजें। किसी भी मरीज के इलाज में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर नर्स, इंसानियत और जनसेवा को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। समाज कल्याण और चिकित्सा विभाग मानसिक रोगियों को स्वस्थ करने में आवश्यक कदम उठाएं।
रायपुर। राजधानी पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर एक और बड़ी कार्यवाही करते हुए थाना खमतराई क्षेत्र के कुख्यात बदमाश दयानंद उर्फ बोदु साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से 18.360 बल्क लीटर देशी मसाला शराब जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत करीब 10,200 रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस की उस विशेष मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत शहर में लगातार नशा कारोबारियों और अवैध शराब विक्रेताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। अवैध शराब बिकी हेतु रखा गया था स्टॉक थाना खमतराई पुलिस को 05 सितंबर की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि सूखा मैदान, रावांभाठा स्थित खंडहर के पास एक व्यक्ति भारी मात्रा में देशी शराब बेचने के लिए रखे हुए है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों ओर से घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम दयानंद उर्फ बोदु साहू (36 वर्ष), निवासी फुलवारी चौक, रावांभाठा रायपुर बताया। 102 पौवा देशी मसाला शराब बरामद आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास रखे सफेद रंग के बोरे और प्लास्टिक झोले से कुल 102 पौवा देशी मसाला शराब बरामद हुई। इसे मापने पर 18.360 बल्क लीटर शराब पाई गई, जिसकी कुल कीमत 10,200 रुपये बताई गई है। आरोपी शराब को छोटे पैमाने पर बेचकर अधिक मुनाफा कमाने की फिराक में था। पुलिस ने मौके से शराब को जब्त कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया। हत्या, चाकूबाजी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका है आरोपी पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि दयानंद उर्फ बोदु साहू कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि क्षेत्र का कुख्यात बदमाश है। वह पूर्व में हत्या, मारपीट, चाकूबाजी और अवैध शराब बिक्री जैसे गंभीर अपराधों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद आरोपी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा और लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल हो रहा था। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 1012/2025 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अधिकारियों ने साफ किया कि अवैध शराब बेचने वालों पर किसी भी कीमत पर नरमी नहीं बरती जाएगी। अभियान के तहत हो रही लगातार कार्रवाई रायपुर पुलिस ने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, नगर पुलिस अधीक्षक उरला और थाना खमतराई की टीम लगातार इस तरह की कार्रवाइयों में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि अवैध शराब का कारोबार न केवल सामाजिक बुराई को जन्म देता है बल्कि क्षेत्र में अपराध भी बढ़ाता है। पुलिस टीम की अहम भूमिका इस पूरी कार्यवाही में निरीक्षक सचिन सिंह (थाना प्रभारी खमतराई), उप निरीक्षक प्रकाश चंद नागरची, आरक्षक सुमीत वर्मा, प्रदीप यादव और पोषण ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्यवाही कर अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
कोरबा। जिले में रविवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय को गहरे शोक में डूबा दिया। रिसदी तालाब में घूमने गए तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवारजन और आसपास मौजूद लोग संभल भी नहीं पाए। मृत बच्चों की पहचान युवराज सिंह ठाकुर (9), आकाश लकड़ा (13) और प्रिंस जगत (12) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे पुलिसकर्मियों के बेटे थे और आपस में घनिष्ठ मित्र थे।
ऐसे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चे शुक्रवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित रिसदी तालाब में घूमने गए थे। इस दौरान खेल-खेल में वे तालाब के गहरे हिस्से में चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण तीनों बच्चे डूबने लगे और देखते ही देखते उनकी जान चली गई। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मृत बच्चों का पारिवारिक संबंध युवराज सिंह ठाकुर (9 वर्ष): इनके पिता राजेश्वर ठाकुर सिविल लाइन थाने में पदस्थ हैं।
आकाश लकड़ा (13 वर्ष): इनके पिता जोलसा लकड़ा भी पुलिस विभाग में सेवारत हैं। प्रिंस जगत (12 वर्ष): इनके पिता दिवंगत अयोध्या जगत पुलिस लाइन से जुड़े रहे थे। तीनों परिवार पुलिस लाइन परिसर में ही रहते हैं। एक ही परिसर में रहने और बचपन से दोस्ती होने के कारण बच्चों के बीच गहरा लगाव था। इसी वजह से वे अक्सर साथ में खेलते और घूमने जाते थे। पुलिस विभाग में शोक की लहर जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, कोरबा के एसपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पूरे पुलिस विभाग में इस हादसे को लेकर शोक की लहर फैल गई है। सहकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने भी घटना को बेहद हृदयविदारक बताया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया स्थानीय निवासियों ने बताया कि रिसदी तालाब में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं पहले भी घट चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तालाब के किनारों पर बैरिकेडिंग की जाए और सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल तीनों मासूमों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस लाइन परिसर का माहौल बेहद गमगीन हो गया है। हर कोई इस बात से आहत है कि एक ही दिन में तीन परिवारों की खुशियां उजड़ गईं।
बलौदाबाजार। जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। कसडोल थाना क्षेत्र के पिसीद गांव में भतीजे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शराब पिलाने के बहाने बुलाया जानकारी के अनुसार, आरोपी भतीजे ने अपने चाचा को शराब पिलाने के बहाने नदी किनारे बुलाया। वहां पहले दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद आरोपी और उसके दोस्त ने मिलकर चाचा पर हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उसकी पिटाई की गई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद लाश को दफनाया हत्या करने के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने की कोशिश की। दोनों ने मिलकर चाचा की लाश को नदी किनारे ही रेत में गड्ढा खोदकर दफनाया। उन्हें लगा कि किसी को इस वारदात की भनक नहीं लगेगी और मामला वहीं दब जाएगा। लेकिन प्रकृति ने उनकी चाल पर पानी फेर दिया। हाल ही में नदी में पानी का स्तर बढ़ा, जिसके चलते लाश गड्ढे से बाहर निकलकर बहते हुए मोतीपुर गांव तक पहुंच गई। पुलिस ने किया खुलासा मोतीपुर में लोगों ने नदी में शव को बहते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। शव की शिनाख्त होते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। कसडोल पुलिस ने जांच शुरू की और शक के आधार पर चाचा के भतीजे से पूछताछ की। पूछताछ में भतीजे ने वारदात कबूल कर ली। उसने बताया कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर चाचा की हत्या की और फिर लाश को छिपाने की कोशिश की। आरोपी गिरफ्तार कसडोल पुलिस ने भतीजे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की तहकीकात कर रही है कि हत्या की असली वजह क्या थी। पारिवारिक विवाद, संपत्ति का झगड़ा या कोई और कारण। इलाके में सनसनी इस घटना से पिसीद गांव और आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चाचा-भतीजे के बीच पहले भी अनबन की बातें सामने आती रही थीं। लेकिन इस तरह की खौफनाक वारदात की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
प्रदेश सचिव ताजुल अहमद ने प्रदेशवासियों को ईद मिलाद उन नबी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है/
महासमुंद। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा 14वीं जूनियर एवं सब-जूनियर नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का आयोजन 29 से 31 अगस्त तक अटल बिहारी वाजपेई दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र, ग्वालियर में किया गया। इसमें महासमुंद जिले की समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त संस्था फॉर्च्यून फाउंडेशन कर्मापटपर बागबाहरा के 05 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर 05 पदक जीते। संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षक और मैनेजर निरंजन साहू ने बताया कि दल में 3 बालक एवं 2 बालिका खिलाड़ी शामिल थे। इनके साथ कोच मैनेजर व गाइड रनर देवेंद्र ठाकुर और मेघराज यादव, सहायक स्टाफ दिव्य लोचन और रश्मि साहू भी मौजूद रहे। जिसमें टी-11 कैटेगरी, जूनियर पुरुष वर्ग में सुखदेव ने 400 मीटर व 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए। टी-12 कैटेगरी में निखिल कुमार यादव ने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रकार टी-2 कैटेगरी में नोशन लाल पटेल ने 1500 मीटर दौड़ में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया तथा सब-जूनियर महिला वर्ग टी-12 कैटेगरी में नीलम टंडन ने 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। टी-11 कैटेगरी में देवमोती ने लॉन्ग जम्प में कांस्य पदक हासिल किया। बतादें कि सुखदेव ने इससे पहले 7वीं ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 11-12 जुलाई 2025, बेंगलूरु में भी 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं द।
रायगढ़। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा रायगढ़ जनकल्याणकारी कार्यों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है। समाज के जरूरतमंद एवं असहाय वर्गों की सेवा में समर्पित यह संस्था व्हीलचेयर ऑक्सीजन सिलेंडर, एयर बेड, कृत्रिम अंग, नि:शुल्क दवाएं, एंबुलेंस सुविधा, फिजियोथेरेपी सेवाएं, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण और प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण जैसी अनेकों सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध करवा रही है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा रायपुर से प्राप्त निर्देशानुसार, कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी तथा सचिव/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले के फैक्ट्री वर्कर, वाहन चालक, नगर सैनिक, अस्पताल स्टाफ, माइन्स एवं रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेजों के यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स और आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार एवं ब्च्त् का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अगस्त माह में रेडक्रॉस मास्टर ट्रेनर डॉ. अविनाश गुप्ता एवं डॉ.गुलशन सिदार द्वारा मां शाकंभरी स्टील्स प्रा.लि.सम्बलपुरी में 10 कर्मचारियों को, नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड तराईमाल में 60 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रायगढ़ से दो युवा वॉलंटियर्स ने बढ़ाया जिले का गौरव इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, राज्य शाखा हरियाणा द्वारा 22 से 28 अगस्त 2025 तक इंटर स्टेट यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैम्प फॉर ब्वायस का आयोजन पंजाबी धर्मशाला, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र हरियाणा में किया गया। इस शिविर में भाग लेने हेतु रायगढ़ जिले से बटमूल आश्रम महाविद्यालय के दो सक्रिय यूथ रेडक्रॉस वॉलंटियर्स नीजू दास और रितेश बेहरा को चयनित कर भेजा गया। इन विद्यार्थियों का चयन प्राचार्य डॉ.पी.एल.पटेल एवं यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. विक्रांत गुप्ता की अनुशंसा पर किया गया। सचिव एवं प्रभारी अधिकारी द्वारा उन्हें समस्त आवश्यक सामग्री और गणवेश उपलब्ध करवाकर शिविर के लिए रवाना किया गया। इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य की 26 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया। शिविर में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं खेल आयोजन भी हुए, जिसमें छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति अत्यंत सराहनीय रही। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने मंगलवार को रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। इस बैठक में कुल 259 प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन खामियों और लापरवाहियों पर चर्चा करना रहा, जिनकी वजह से कई मामलों में आरोपी बरी हो जाते हैं। अग्रिम जमानत निरस्तीकरण के बावजूद गिरफ्तारी नहीं, आईजी ने जताई नाराजगी बैठक में आईजी गर्ग ने विशेष रूप से उन मामलों पर नाराजगी जताई, जिनमें माननीय न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त करने के बाद भी पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं कर पाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अग्रिम जमानत खारिज कर दी जाती है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी की जवाबदेही होगी कि वह जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों का अलग से ब्योरा तैयार किया जाए और जहां गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, वहां ठोस कारणों का उल्लेख किया जाए। विवेचना और अभियोजन में सुधार की जरूरत आईजी गर्ग ने कहा कि कई मामलों में दोषमुक्ति का कारण पुलिस विवेचना और अभियोजन में लापरवाही होता है। ऐसे मामलों में सुधार लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों की वजह से विवेचना या अभियोजन में कमी रही है, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। झूठी शिकायत करने वालों पर भी होगी कार्रवाई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्तियों और निर्दोष लोगों को झूठा फंसाने वाले आरोपियों के खिलाफ अभियोजन अधिकारियों द्वारा न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। आईजी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि गलत तरीके से मुकदमे दर्ज कराने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। इससे भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी इस समीक्षा बैठक में दुर्ग रेंज के सभी वरिष्ठ अधिकारी और अभियोजन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप निदेशक अभियोजन दुर्ग श्रीमती अनुरेखा सिंह, सहायक जिला अभियोजन बालोद प्रमोद घृतलहरे, उप निदेशक अभियोजन बेमेतरा आशीष कुमार सिन्हा, सहायक जिला अभियोजन बेमेतरा विनय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्रीमती पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्रीमती ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद श्रीमती मोनिका ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती शिल्पा साहू, उप निरीक्षक राजकुमार प्रधान एवं पुलिस पीआरओ प्रशांत कुमार शुक्ला शामिल रहे। प्रकरणों की गहन पड़ताल बैठक में 259 प्रकरणों की अलग-अलग समीक्षा की गई। इसमें उन मामलों पर विशेष चर्चा की गई जहां सबूतों की कमी, गवाहों के मुकरने या विवेचना की त्रुटियों के कारण आरोपी दोषमुक्त हो गए। आईजी ने अधिकारियों को आदेशित किया कि भविष्य में विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और हर केस में ठोस सबूत व गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आईजी गर्ग ने साफ कहा कि पुलिस का काम सिर्फ प्रकरण दर्ज करना और कोर्ट में पेश करना भर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि अपराधी को सजा मिले। इसके लिए विवेचना से लेकर अभियोजन तक हर स्तर पर पारदर्शिता और गंभीरता बरती जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में लापरवाही साबित होती है तो उस अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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