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छत्तीसगढ़

  • कृषि हितैषी योजनाओं ने लौटाया हरेली का उत्साह: मुख्यमंत्री बघेल

    17-Jul-2023
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लौटीं किसान के घर खुशियां 
    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हरेली त्योहार केवल गेड़ी चढऩे का त्योहार नहीं है। यह जीवन के उल्लास का त्योहार है। जीवन में उल्लास ऐसे ही नहीं आता। इसके लिए वातावरण बनाना होता है। हमारे प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पिछले पौने पांच सालों में हमारी सरकार ने कृषि हितैषी नीतियां बनाईं जिससे किसान के घर खुशियां लौटीं हैं। आज हरेली के त्योहार पर जो अपूर्व उल्लास किसानों के बीच छलक रहा है उससे बहुत खुशी हो रही है। हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने निवास में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने किसान-मजदूर को लक्षित कर योजनाएं बनाईं। इससे कृषि का रकबा बढ़ा और अब तो प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने के निर्णय से यह उल्लास अपने चरम पर है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति बेहतर होने से त्योहार का उल्लास अपने चरम पर है।
    उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की शुभकामनाएं देते हुए अच्छी फसल और किसानों की समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हरेली में किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं और पशुधन को लोंदी खिलाया जाता है। इस तरह से हम अपने पशुधन को सहेजते हैं और उनके माध्यम से हमारी तरक्की का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी क्षेत्रों में भी खुशी का माहौल है। हमारे पूर्वजों द्वारा बरसों से तैयार की गई संस्कृति नष्ट हो रही थी। इसे सहेजने-संरक्षित करने का प्रयास हमने किया है और बहुत बढिय़ा काम हो रहा है। आदिवासी अंचल में आस्था केन्द्रों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। नारायणपुर में घोटुल का संरक्षण किया गया है। बस्तर के आसना में बादल के माध्यम से आदिम संस्कृति को सहेजने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारे आदिवासी जीवन की परंपरा बहुत समृद्ध है। इन परंपराओं के बारे में हम सोचे तो चकित हो जाते हैं। यह ऐसी संस्कृति है जो अपने देवी-देवताओं के साथ रहती है। उनसे गहन लगाव रखती है। हमने इसे संरक्षित करने का काम किया है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने स्वामी आत्मानंद स्कूल आरम्भ किये। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा मिल रही है। रामायण मण्डलियों के माध्यम से हम लोगों के जीवन में भगवान राम का आदर्श उतारने की कोशिश कर रहे हैं। रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव को बहुत लोकप्रियता मिली। चंदखुरी, शिवरीनारायण और राजिम जैसे धार्मिक केन्द्रों के साथ ही राम वनगमन पथ को विकसित करने का कार्य किया है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढिय़ा संस्कृति को पुनस्र्थापित करने के लिए हम शुरू से ही कार्य कर रहे है। मजदूरों, किसानों का परंपरागत भोजन बारे-बासी अब फाइव स्टार होटल तक पहुंच गया है। अपनी संस्कृति को सम्मान और पहचान मिलने से गौरव महसूस कर रहे हैं और छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा वाक्य चरितार्थ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने हरेली त्योहार के साथ प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। 
  • दर्दनाक हादसा: बाइक में करा रहे थे फोटोशूट, अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, युवक की मौत

    17-Jul-2023

    कोरबा। जंगल के बीच रेस लगाना दो दोस्तों को काफी महंगा पड़ गया। तेज रफ्तार बाइक के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के कारण एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह घटना बालको थाना के अंतर्गत आने वाली कॉफी पॉइंट के जंगल से लगी सडक़ पर घटित हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक का नाम दीपक भास्कर बताया जा रहा है जो की बालको के सेक्टर 4 का निवासी था।

    दरअसल मृतक युवक दीपक भास्कर अपने अन्य साथी के साथ मिलकर जंगल में बाइक कि रेस लगा रहा था।वहीँ दोनों दोस्त अलग-अलग बाइक में सवार होकर जा रहे थे फोटो शूट करने के लिए उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। बाइक के तेज रफ़्तार होने से वह अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। जिस दौरान उन सभी को गंभीर रूप से चोट आयी साथ ही बाइक के भी परखच्चे उड़ गए।दुर्घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल दीपक को बालकों के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल में रिफर कर दिया गया बावजूद इसके उसकी जान नहीं बच सकी।हेलमेट लगाते तो बच सकती थी जानबताया जा रहा है कि मृतक युवक के सर में लगी गंभीर चोट की वजह से हुई मौत।
     
  • नाली नहीं बनने से घरों में घुसा बारिश का पानी, ग्रामीणों में आक्रोश

    17-Jul-2023

    सरगुजा। सीतापुर में सडक़ किनारे नाली का अभाव होने के कारण बारिश का पानी गांव में घुसकर तबाही मचा रहा है। निकासी के अभाव मे पानी ने कई घरों के अलावा खेत मे लगी धान की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया है। घरों में पानी भर जाने के कारण लोग बेघर हो गए हैं। वहीं खेतों मे पानी भर जाने के कारण धान की फसलों का नुकसान होने लगा है। पानी की निकासी न होने की वजह ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा जब सडक़ निर्माण हो रहा था, तब यदि नाली बना दी गयी होती तो हमारा इतना नुकसान ना होता।

    मैनपाट विकासखंड के तराई गांव पेट के ब्लॉक मुख्यालय मैनपाट से जोडऩे वाली सडक़ निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। जिसके पूरा होने के बाद तराई क्षेत्र के सभी गावों का ब्लॉक मुख्यालय से सीधा संपर्क हो जायेगा। फिलहाल सडक़ का निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में है। जिसकी वजह से लोगो को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिनों पूर्व बारिश की चपेट में आने से पेट घाट में इस सडक़ का काफी बड़ा हिस्सा बह गया था। ग्रामीणों ने कहा कि, बरसात का पानी हमारे घरों में घुस जाता है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने सडक़ के दोनों ओर नाली निर्माण कराने की मांग की थी। ताकि बारिश के दिनों में बरसात का पानी गांव के घरों में न घुस पाए। ग्रामीणों द्वारा पानी निकासी हेतु नाली निर्माण की मांग के बाद भी विभाग द्वारा कोई पहल नही की गई।जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के बरसात के पानी ने ग्राम पेंट में जमकर तबाही मचाई थी। पेंट घाट का पानी ढलान के कारण काफी रफ्तार से गांव में जा घुसा।जिसकी वजह से घाट के नीचे बसा पेंट गांव के कई घर पूरी तरह डूब गया था।मुसीबत में ग्रामीणवहीं पानी की चपेट में आने से पेंट निवासी किसान अबुल खान के खेत मे लगी धान की फसल तबाह हो गई। उनके खेत का बड़ा हिस्सा बालु से पूरी तरह पट गया है। बारिश से ग्रामीणों का घर डूब जाने के कारण वे दूसरी जगह शरण लेने को मौजूद हैं। अब उनके लिए अपने जान - माल को बचाना एक बड़ी चुनौती बन गयी है. ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगायी है, लेकिन कोई बड़ी कार्यवाही होती नहीं दिखाई दे रही है. जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। 
     
  • जिला स्तरीय हरेली तिहार में शामिल हुए कृषि मंत्री साहू

    17-Jul-2023

    दुर्ग। जिले के भिलाई सेक्टर 2 विद्यालय में आज जिला स्तरीय हरेली तिहार का आयोजन किया गया। प्रदेश के गृह, लोक निर्माण एवं कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री श्री साहू ने जिले में छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर खेती किसानी से जुड़े हल एवं कृषि यंत्रों का पूजा अर्चना व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यापर्ण एवं दिप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किये ।

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हरेली तिहार को किसानों का तिहार माना जाता है। छत्तीसगढ़ में आज से तिहार मनाने की शुरुवात होती है। विकास के साथ मानवता की विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को पहचान दिलाने सरकार पहल कर रही है। छत्तीसगढ़ी बोली भाखा तीज तिहार में बड़ी मिठास है। आज छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक का भी शुभारम्भ होने जा रहा है। यहां के खेलों में भी अपनत्व की भावना है। आप सभी गर्व के साथ छत्तीसगढिय़ा संस्कृति को अपनाएं। मंत्री जी ने सभी को हरेली तिहार की बधाई व शुभकामनाए दी।
    कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक अरुण वोरा ने कहा कि भूपेश है तो भरोसा है और भरोसा है तो प्रदेश का विकास है। हरेली छत्तीसगढ़ के पारंपरिक औऱ प्रथम त्यौहार है। आज इस शुभ अवसर पर पारम्परिक खेलो का जिसे छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक का नाम दिया गया है, शुभारम्भ हो रहा है। उन्होंने शासन की योजनाओं से लाभान्वित होने आह्वान किया। विधायक देवेंद्र यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के संस्कृति को पुनर्जीवित करने सरकार का अभिनव पहल है। सही मायने में अब भिलाई की पहचान मिनी भारत के रूप में झलक रही है। उन्होंने सभी को हरेली तिहार की बधाई दी। महापौर नगर निगम भिलाई नीरज पाल ने स्वागत भाषण में हरेली तिहार मनाने व छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को हरेली तिहार की सभी को बधाई एवं शुभकामनाए दी। कार्यकम के अंत मे नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री रोहित व्यास ने आभर प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि मंत्री साहू सहित अन्य अतिथियों ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किए।
  • सेंदरी गांव की तीन लड़कियों ने अरपा नदी में नहाते समय पानी में डूबने से मौत

    17-Jul-2023

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अरपा नदी में नहाते समय सेंदरी गांव की तीन लड़कियों की पानी में डूबने से हुई मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है। आज सवेरे नहाने गई 18 वर्षीय पूजा पटेल, 14 वर्षीय रितु पटेल और 11 वर्षीय धनेश्वरी पटेल नदी के ही किसी गड्ढे में डूब गई।

    धनेश्वरी पटेल के पिता मंदू पटेल हैं व पूजा पटेल, रितु पटेल दोनो सगी बहने सुशील पटेल की बेटी है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने पीडि़त परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।
    बता दें कि सेंदरी की रहने वाली पूजा पटेल (18) अपनी छोटी बहन रितू पटेल (14) व चचेरी बहन धनेश्वरी पटेल (11) सोमवार की सुबह घर से अरपा नदी नहाने जाने के लिए निकली थीं। तीनों बहनें सेंदरी रेत घाट के पास नहा रही थीं। तभी अचानक धनेश्वरी गहरे पानी में चली गई। जिसे बचाने के चक्कर में रितु और पूजा भी गहराई में समा गईं।
     
  • कचरा फेंकने गए व्यापारी करंट की चपेट में आने से मौत

    17-Jul-2023

    मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले में एक फल व्यापारी की करंट के चपेट में आने से मौत हो गई. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. बताया जा रहा है कि जनकपुर ग्राम पंचायत के सामने फल जूस विक्रेता कचरा फेंकने गया था. तभी वह ट्रांसफार्मर के करंट में चिपक गया और घटनास्थल पर ही मौत हो हुई. जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जनकपुर स्थित जय स्तंभ चौक के पास फल और जूस की दुकान लगाने वाला प्रकाश गुप्ता आज सुबह 6 बजे खोला. दुकान खोलने के बाद वह झाड़ू लगाकर साफ सफाई करने के बाद कचरा बिजली के ट्रांसफॉर्मर के पास फेंकने गया था तभी अचानक करेंट में चिपक गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटनास्थल के पास मौजूद लोगों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी. वहीं 108 एम्बुलेंस की मदद से उसके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया. फिलहाल इस मामले में जनकपुर पुलिस जांच कर रही है.

  • बछरूओं के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ली सेल्फी

    17-Jul-2023

    रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने बछरूओं के साथ सेल्फी ली है. मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली_तिहार कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के शुंभकर 'बछरू' लोगों के बीच लगातार आकर्षण का केंद्र बना रहा। बछरूओं के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने उनके साथ सेल्फ़ी ली है। हरेली के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम हाउस पहुंचे लोगों को संबोधित किया। सबसे पहले सीएम ने हरेली तिहार की गाड़ा गाड़ा बधाई। बहुत सुंदर आप सभी ने यहां मंच सजाया है। हरेली त्योहार हम सब उल्लास से मनाते हैं। हरेली त्योहार केवल गेड़ी चढ़ने का त्योहार नहीं है। यह उत्साह का त्योहार है और इसके लिए वातावरण बनाना होता है और यह तब होता है , जब खुशहाली हो। किसान खुशहाल हो। हम यह सब कर रहे हैं। किसानों के दुख दर्द को हमने समझा। किसानों का रकबा बढ़ गया। अब 20 क्विंटल धान खरीदेंगे। यह उल्लास का वातावरण सभी जगह है। आदिवासी क्षेत्रों में भी उल्लास का माहौल है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से अर्थव्यवस्था सुधर रही है। दूध उत्पादन बढ़ गया है। हरेली में जो नीम की डाली का उपयोग होता है। वह कीटनाशक है। यह वर्षाजनित बीमारियों से बचाता है। किसान अपने उपकरणों की पूजा करते हैं। आज जिनके घर भी गाय है उनकी पूजा हो रही है। यही समृद्धि का रास्ता है।

  • आगामी खरीफ वर्ष में धान खरीदी के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक कल

    17-Jul-2023

    रायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-2024 में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर सुझाव देने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 18 जुलाई को होगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में दोपहर 1.30 बजे से आहूत की गई है। मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में मंत्रीगणों के अलावा कृषि, वित्त, राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन, चिप्स, अपैक्स बैंक और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

  • बड़ा हादसा, राजनांदगांव में 4 युवकों की मौत,

    17-Jul-2023

    राजनांदगांव। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा घटनाक्रम में राजनांदगांव जिले के छुरिया ब्लॉक में दो बाइक के बीच हुई भिड़ंत में चार युवकों की मौके पर मौत हो गई. मामला छुरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेटोला और बोइरडीह के बीच घटित हुई है. खबर अभी अभी ब्रेक की गई है.

  • छत्‍तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कल से

    17-Jul-2023

    रायपुर। छग विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवर (18 जुलाई) से शुरू हो रहा है। इस सत्र के दौरान सदन की चार बैठके प्रस्‍तावित है। इसमें सरकार अनुपूरक बजट सहित कुछ संशोधन विधेयक पेश करेगी। वहीं, विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया जाएगा। यह मौजूद विधानसभा का अंतिम सत्र होगा। ऐसे में इसके बेहद हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है। मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगतों को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस बार दिवंगतों की सूची में पहला नाम विद्यारतन भसीन का है। दुर्ग जिला की वैशालीनगर सीट से विधायक रहे भसीन का 23 जून को निधन हो गया था। विधानसभा सूत्र के अनुसार भसीन मौजूदा विधानसभा के सदस्‍य थे इस वजह से परंपरानुसार सदन में उन्‍हें श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्‍थगित कर दी जाएग

  • मंत्री बनने पर मरकाम बोले- दीपक बैज 90 विधानसभा में समय देंगे, शायद मैं नहीं दे पाता

    16-Jul-2023

    रायपुर 16 जुलाई 2023। छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री बनने के बाद पहली बार पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम रविवार को कांकेर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया, वहीं मरकाम ने मीडिया के तमाम सवालों का भी जवाब दिया। मरकाम ने कहा कि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन उनके चार साल पूरे हो गए थे। कहा कि, दीपक बैज को इसलिए प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि विधानसभा की 90 सीटों पर समय दे सकें। अगर वे चुनाव के समय प्रदेश अध्यक्ष होते, तो शायद उतना  समय नहीं दे पाते या नहीं।   

     
    इस बार भी बस्तर की सभी सीटें जीतेंगे
    मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि, पार्टी समय-समय पर फैसले लेती है, और जहां जिसकी जैसी उपयोगिता होती है, वहां लगाया जाता है। हमारे ऊर्जावन सांसद दीपक बैज बस्तर से आते हैं, इसीलिए उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हम लोग जमीन से उठकर इन पदों तक पहुंचे हैं। हम संगठन को जमीन से बारीकी से समझते हैं। हमें लगता है कि मुख्यमंत्री साहब के मार्गदर्शन और शैलजा कुमारी व केंद्रीय नेतृत्व में दीपक बैज व सभी कार्यकर्ता मिल-जुल कर काम करेंगे। पिछले चुनाव में बस्तर से सभी 12 विधानसभा सीट जीती है। इस बार भी बस्तर की जनता आशीर्वाद देगी। 
     
    दूसरी बार के विधायक को सरकार में मंत्री बनाया
    मोहन मरकाम ने कहा कि, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस की बागडोर सौंपी थी। चार सालों में पांच उप चुनाव नगर निगम, नगरीय निकाय चुनाव हुए और सभी जीतने में सफल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल साहब के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार की उपलब्धि, नीति, योजनाओं लेकर आम जनता के बीच में गए और लगातार हमें जनता का आशीर्वाद मिला। अब हाईकमान ने मुझे सरकार में मौका दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी, केंद्रीय नेतृत्व का दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल से दूसरी बार के विधायक को प्रदेश सरकार में मंत्री मंडल में जगह दी। 
     
    एक दिन मिले या दो दिन, जो लक्ष्य है, उसे पूरा करेंगे
    मोहन मरकमा ने कहा कि, जो भी समय मिले एक दिन, दो या फिर तीन दिन। आप सबको पता है ना कि 20-20 मैच 20 ओवर का होता है और उसमें जो भी लक्ष्य रहता है उसे पूरा किया जाता है। हमारी सरकार का जो कार्यक्रम है। उसे आगे बढ़ाने की वह जिम्मेदारी मुझे मिली है। उसे हम पूरा करेंगे। मिशन 2023 जो भी सपने और लक्ष्य रखा है कांग्रेस सरकार की उपलब्धि नीतियों योजनाओं के दम पर हम फिर से सरकार बनाएंगे। हमारे जांबाज छत्तीसगढ़ में 19 लाख जो मेंबरशिप है, हमारे कार्यकर्ता हैं, हमारी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जाएंगे। हमें उम्मीद है जिस तरीके से 2018 में 68 सीटों से सरकार बनाई थी फिर से 75 प्लस का जो टारगेट है वह पूरा किया जाएगा।
     
    जल्द भरे जाएंगे सहायक आयुक्तों के पद
    आदिम जाति अनुसूचित जनजाति विकास विभाग मंत्री पद मिलने पर मरकाम ने कहा कि,  एसटी, एससी, ओबीसी और माइनॉरिटी, जो छत्तीसगढ़ की जनसंख्या से लगभग 85त्न निवासरत हैं। उनके विकास के लिए, उनकी प्रगति के लिए, उनके कार्य योजनाओं को संचालन करना हमारे विभाग की जिम्मेदारी है। हमारी जवाबदारी होगी कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक मिले। कहा कि, आदिम जाति विभाग में सहायक आयुक्तों के आधा दर्जन से ज्यादा पद खाली हैं। हॉस्टल से लेकर क्रीड़ा परिसरों तक सहायक आयुक्त के जो पद खाली है उन्हें जल्द भरा जाएगा। 
  • औलिया मस्जिद के मुतवल्ली चुनाव में इस्माइल गफूर साहब जीते, मतदान में दिखा भारी उत्साह

    16-Jul-2023

    रयपुर। अशरफुल औलिया मस्जिद मौदहापारा के मुतवल्ली चुनाव आज सामुदायकि भवन मौदहापारा में हुआ। इस चुनाव में चार दावेदार मैदान में थे, इस्माईल गफूर (बापू) चुनाव चिन्ह चांद तारा हाजी अय्यूब खान, खजूर का पेड़े व  हाजी सफीकुद्दीन भैय्यू भाई टायर छाप व हाजी यूनुस अली बुद्धु भाई उगता सूरज चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में थे, इस चुनाव को लेकर मौदहापारा, मतदान में गहमागहमी का माहौल रहा। सुभाष नगर व जमातियों के साथ-साथ मतदान करने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। टोटल मतदाता 1473 जिसमें 1298 मद पढ़े 22 मत निरस्त घोषिक किये गए इस्माइल गफूर (बापू) को 480 मत हाजी अय्यूब खान को 480 मत शफीकुद्दीन भैय्यू भाई को 29 मत, हाजी युनुस अली बुद्धु भाई को 288 मत प्राप्त हुए इस्माइल गफूर (बापू) व हाजी अय्यूब खान के बीच 480-480 मत बराबर हुए दोनों प्रत्याशियों के बीच आपसी सहमति से लाट्री पर्ची निकाली गई, जिसमें इस्माइल गफूर (बापू) अशरफुल औलिया मस्जिद मौदहापारा के मुतवल्ली चुने गए। चुनाव संयोजक शेएब अहमद खान, फरहान कुरैशी, सय्यद नसीम अख्तर जी ने नवनिर्वाचित मुतवल्ली को जीत का निर्वाचन प्रमाणपत्र दिया। 

  • छत्तीसगढ़ के राज्यपाल हरिचंदन की आत्मकथा का नई दिल्ली में विमोचन किया

    16-Jul-2023

    रायपुर, 16 जुलाई 2023। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन द्वारा लिखित आत्मकथा बैटल नॉट यटओवर  का विमोचन आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी और ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश वी गोपाल गौडे ने किया। मूल रूप से उडिय़ा भाषा में लिखी गई इस आत्मकथा का अंग्रेजी में अनुवाद प्रसिद्ध लेखक और अकादमी पुरस्कार विजेता प्रोफेसर भगवान जय सिंह ने किया है। केन्द्रीय साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव, प्रख्यात लेखक प्रो.डॉ. विजयानंद सिंह समेत कई गणमान्य हस्तियां, मीडियाकर्मी और दिल्ली के गणमान्य नागरिक मौजूद थे. इंडियन कॉन्फ्रेंस आफ इंटेलेक्चुअल द्वारा इस सेमिनार का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर हरिचंदन ने कहा कि इस आत्मकथा में उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और उनसे मिली सीख को साझा किया है। उन्होंने कहा कि मेरे रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की प्रेरणा से यह पुस्तक इस रूप में सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता स्वर्गीय परशुराम हरिचंदन की देशभक्ति से प्रेरित थे • उन्होंने अन्याय के खिलाफ लडऩा सिखाया। राज्यपाल ने कहा कि वह जिस भी पद पर रहे, उन्होंने हमेशा न्याय के लिए काम किया और अन्याय के खिलाफ मुखर रहे। पुस्तक में उनके राजनीतिक संघर्षों, आपातकाल के दौरान संघर्ष, उस समय ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य, लोगों के कल्याण के लिए मंत्री के रूप में उनके द्वारा की गई पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इस सेमिनार को डॉ विजयानंद सिंह ने संबोधित किया और  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी  द्वारा राज्यपाल हरिचंदन की पुस्तक के बारे में दिए गए संदेश को पढ़ा।

    सेमिनार को ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश गोपाल गावड़े, राष्ट्रीय कानून आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी, ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशश्री विश्वनाथ रथ, भगवान जय सिंह, और श्रीनिवास राव ने भी संबोधित किया।
  • खेती किसानी से जुड़ा प्रदेश का परम्परागत पर्व हरेली

    16-Jul-2023

    छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर लोक महत्व के इस पर्व पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। लोक संस्कृति इस पर्व में अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे के लिए छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक की भी शुरूआत की जा रही है।

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के परंपरागत तीज-त्यौहार, बोली-भाखा, खान-पान, ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने लोगों तक गेड़ी की उपलब्धता के लिए जिला मुख्यालयों में स्थित सी-मार्ट में किफायती दर में गेड़ी बिक्री के लिए व्यवस्था की है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। वन विभाग के सहयोग से सी-मार्ट में गेड़ी किफायती दर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि बच्चे, युवा गेड़ी चढऩे का अधिक से अधिक आनंद ले सके।
     
    मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष शुरू की गई छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक को काफी लोकप्रियता मिली। इसको देखते हुए इस बार हरेली तिहार के दिन शुरू होने वाली छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक 2023-24 को और भी रोमांचक बनाने के लिए एकल श्रेणी में दो नए खेल रस्सीकूद एवं कुश्ती को भी शामिल किया गया है। हरेली पर्व के दिन से ही प्रदेश में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक खेल की शुरूआत भी होने जा रही है, जो सितंबर के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।
     
    सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।
     
    हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढऩे की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाडक़र उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांधक़र दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को विभिन्न रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।
    हरेली के दिन बच्चे बांस से बनी गेड़ी का आनंद लेते हैं। पहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद होता है। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।
  • कार्यस्थलों पर होनेवाली यौन हिंसा पर त्वरित कार्यवाही करने हेतु कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम करने का निर्देश

    16-Jul-2023

    रायपुर। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 2482/2014 ऑरलियानों फर्नाडीज वि0 गोवा राज्य व अन्य में पारित निर्णय दिनांक 12.05.2023 में दिये निर्देशों के परिपालन में  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र में कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ (रोकथाम निषेध और निवारण) अधिनिमय 2013 पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता माननीय श्री संतोष शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपर द्वारा की गई।

    कार्यक्रम में व्याख्यान लवकेश प्रताप सिंह बघेल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( प्रथम एफ.टी.एस.सी. पॉक्सो) रायपुर द्वारा दिया गया। जिनके द्वारा अपने वक्तव्य में बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 15 में समानता और अनुच्छेद 21 में प्राण एवं गरिमा से जीवन व्यती करने के मूलभूत अधिकारों एवं मुक्त सुरक्षित वातावरण के अधिकार की बात कही गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिये समय समय पर विभिन्न कानून बनाये गये। इसके बावजूद भी महिलाओं की सुरक्षा की कमी को दृष्टिगत रखते हुये घरेलु हिंसा अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 बनाये गये, जिसमें अपराधी को दंडित किये जाने की व्यवस्था की गई किंतु समय की गतिशीलता के साथ यह महसूस किया जाने लगा कि महिलाएं घर से निकलकर अपने कार्यक्षेत्र पर जाने लगी है और कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ उत्पीडऩ की अनेक घटनाएं होती रही है, जिसके संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं बना था और इस कमी को माननीय उच्चतम न्यायालय ने विशाखा वि0 स्टेट ऑफ राजस्थान वर्ष 1997 में महसूस किया और कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीडन की रोकथाम के लिये विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किये और उसी दिशा निर्देश के परिप्रेक्ष्य में कानून की दृष्टिगत रखते हुये वर्ष 2013 में केन्द्र सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ (रोकथाम निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 पारित किया जो 9 दिसंबर 2013 को प्रभाव में आया। जिसके अंतर्गत 1- किसी स्त्री को उसकी इच्छा के खिलाफ छूना या छूने की कोशिश करना 2- अनुचित लाभ देकर यौन संबंध बनाने की मांग करना 3 अश्लील बातें करना 4 अश्लील तस्वीरें वीडियो दिखाना या भेजना 5-अन्य यौन कार्य जो बातचीत लिखकर या छूकर किये गये हो 6-लैंगिक उत्पीडऩ में वचन देना, धमकी देना, आपराधिक एवं शत्रुतापूर्ण कार्य वातावरण सृजि करना, अपमानजनक आचरण करना को लैंगिक उत्पीडऩ माना गया है।
    इस अधिनियम में यह व्यवस्था दी गई है कि जिन संस्थाओं में 10 या 10 से अधिक लोग काम करते हैं, वहां आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जावेगा और जहां 10 से कम लोग काम करते हैं और परिवार किसी नियोजक के विरुद्ध है, वहां कलेक्टर स्थानीय परिवार समिति का गठन करेगा और यदि संस्था की कई यूनिटे है तो सभी कार्यालयों में समिति गठित की जायेगी। कमेटी में वरिष्ठ स्तर की महिला पीठासीन अधिकारी होगी, दो सदस्य कर्मचारियों में से होंगे और एक सदस्य गैर सरकारी संगठन का होगा, जो महिलाओं की समस्याओं से परिचित हो। उस संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जायेगा और किसी महिला पीडि़ता द्वारा शिकायत करने पर शिकायत घटना के तीन माह के भीतर दर्ज करानी हो और समिति को लगता है उक्त समय सीमा में पीडि़ता शिकायत करने में असमर्थ है तो तीन माह का समय सीमा और चढ़ाई जा सकती है। यदि नियोक्ता अधिनिमय के प्रावधानों को पूरा करने में असफल रहता है. तो उसे 50,000/- रूपये से अधिक का अर्थदंड भरना पड़ेगा। समिति को शिकायत प्राप्त होने पर तीन महिने के अंदर शिकायत का निपटारा करना होगा। पीडित महिला के चाहने पर काउंसलेशन के माध्यम से उक्त शिकायत को सुलझाया जा सकता है और समाधान नहीं। चाहने पर उसकी जांच प्रक्रिया अनुसार की जायेगी और जांच होने पर आरोपी के दोषी पाने पर उसके विरूद्ध लिखित मामले, चेतावनी, पदोन्नति प्रमोशन या वेतन वृद्धि रोकना या नौकरी। से निकाल देने का प्रावधान है। उक्त कानून में यह भी व्यवस्था दी गई है कि यदि शिकायत झूठी पाई तो महिला के विरूद्ध भी वहीं कार्यवाही होगी जो आरोपी के विरूद्ध की जा सकती है। आंतरिक जांच समिति जांच पूरा होने की तारीख से 10 दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट नियोजक को प्रेषित करेगी और उसकी प्रति पक्षकारों को उपलब्ध करायेगी। प्रत्यर्थी के विरूद्ध अभिकथन साबित हो गया है तो उस पर कार्यवाही की सिफारिश कर सकती है और नियोजक सिफारिश की प्राप्ति के 60 दिवस के भीतर उस पर कार्यवाही करेगा तथा व्यथित व्यक्ति उक्त आदेश के विरूद्ध 90 दिवस के अंदर सेवा नियमों के अनुसार न्यायालय या अधिकरण में अपील कर सकेगा। उक्त अधिनियम में यह व्यवस्था दी गई है कि सूचना के अधिकार में किसी बात के होते हुये भी परिवाद की अंतर्वस्तुओं, व्यथित महिला, प्रत्यर्थी और साक्षियों की पहचान और पते से संबंधित जानकारी तथा सिफारिशें एवं नियोजक द्वारा की गई कार्यवाह के किसी भी प्रकार से प्रेस और मीडिया को या सार्वजनिक नहीं की जायेगी और यदि जानकारी सार्वजनिक की जाती है और नियम का उल्लंघन किया जाता है तो वह व्यक्ति सेवा नियमों के उपबंधों के अनुसार शास्ति के लिये दायी होगा। इस अधिनियम को बनाये जाने के बावजूद भी उक्त अधिनियम का पूर्णरूप से पालन नहीं हुआ और संस्थाओं में समितियों का गठन नहीं किया गया तब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने ऑरलियानो फर्नाडीज वि0 गोवा राज्य व अन्य में पारित निर्णय दिनांक 12.05.2023 में यह दिशा निर्देश जारी किया कि नियमत जो समिति गठित करेगा, उनके सदस्यों का ई-मेल आई. डी. एवं कान्टेक्ट नंबर वेबसाईट पर प्रदर्शित किया जावेगा तथा संस्थान में भी उक्त जानकारी। उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि संबंधित कर्मचारी को इस बात की जानकारी हो सके कि उसे किसके पास अपनी शिकायत लेकर जाना और वह ऑनलाईन भी शिकायत कर सकता है। माननीय श्री संतोष शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा श्री प्रवीण मिश्रा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि संपूर्ण रायपुर जिले एवं गरियाबंद जिले में उक्त विषय पर लगातार जागरूकता शिविर एवं कार्यशाला करें। हर शासकीय एवं अद्र्धशासकीय और निजी संस्थानों में प्राधिकरण के माध्यम से उक्त कानून का किस प्रकार क्रियान्व्यन किया जाना है, महिलाएं कैसे इस कानून का लाभ उठा सकती है, किस प्रकार कमेटी का गठन किया जाना है, हर वर्ग तक जानकारी पहुंचाएंगे।
    इसके अतिरिक्त हर विभाग से यह जानकारी भी संकलित करेंगे कि उक्त अधिनियम के तहत संबंधित विभागों में उक्त कानून के तहत कमेटियों का गठन है या नहीं। यदि नहीं है तो शीघ्रतिशीघ्र कमेटियों का गठन करें और हर विभाग उक्त विषय पर कार्यशाला, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर प्राधिकरण को जानकारी भेजे, जिससे उक्त कानून पर विधि विशेषज्ञों को जानकारी प्रदान करने हेतु वहां भेजा जा सके। क्योंकि कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा पर रोकथाम किया जाना ही हमारा इस कानून के माध्यम से लक्ष्य है।
  • छत्तीसगढिय़ा संस्कृति को संवारने में कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री श्री बघेल

    16-Jul-2023

    छत्तीसगढ़ के कलाकारों से की भेंट-मुलाकात

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के कलाकारों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कार्यक्रम में पद्मश्री पुरुस्कार विजेता, राज्य पुरुस्कार विजेता, लोक कलाकार, फि़ल्म आर्टिस्ट, तकनीशियन और निर्माता - निर्देशकों से मुलाकात कर विभिन्न मुददों पर चर्चा की।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ख्यातिलब्ध कलाकार यहां उपस्थित हैं, आप सबका मैं स्वागत अभिनंदन करता हूँ। आया हूँ तो आप सबके साथ सेल्फी खिचवाऊंगा। छत्तीसगढ़ राज्य के सांस्कृतिक एवं पारंपरिक धरोहरों को बचाने और संवारने में कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। 
    मुख्यमंत्री ने नाचा के पुरोधा स्वर्गीय हबीब तनवीर, चन्दैनी गोंदा के संस्थापक स्व. खुमान साव का स्मरण करते हुए उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा लोक कला के जरिए छत्तीसगढ़ को विशेष पहचान दिलाई। इस मौके पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, पद्मश्री श्री भारती बंधु, पद्मश्री श्री मदन चौहान, पद्मश्री श्री उषा बारले, निर्माता निर्देशक श्री मनोज वर्मा, श्री सतीश जैन, श्रीमती रजनी रजक समेत प्रदेशभर के कलाकार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि कलाकार जब अपनी प्रस्तुति देते हैं तो वह समाज की जनभावना को रेखांकित और प्रस्तुति के माध्यम से अभिव्यक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि लोक विधा कर्मा के अनेकों शैलियां प्रचलित हैं, अनेक विधाओं में नई शैलियां कलाकारों ने निकाली हैं। छत्तीसगढ़ में गायी जाने वाली पंडवानी पूरे देश में नहीं गायी जाती। भरथरी, पंथी जैसी विधाओं को अंतर्राष्ट्रीय पहचान देने का काम हमारे छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खानपान, हमारी बोली भाखा, संगीत, गीत, नृत्यशैली सबको उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक जोडऩे का काम कलाकारों ने किया है। जब एक दौर था जिसमें नाचा मशाल जलाकर किया जाता था। फिर माईक सेट का दौर आया। उन्होंनेे कहा कि रायगढ़ में राष्ट्रीय रामायण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राम वन गमन परिपथ को विकसित करने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के हर विकासखण्ड मुख्यालय में मॉडल जैतखाम बनाने की बात दोहराई।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अपने बचपन से जुड़े अपने अनुभव भी सुनाए। उन्होंने कहा कि मेरा बचपन कलाकारों से जुड़ा रहा, लोक कला के ज्यादातर विधाओं का प्रभाव मेरे जीवन में पड़ा। छत्तीसगढ़ की पहले जब चर्चा होती थी तो नक्सल घटना, जवानों की शहादत की खबरें आती थी। अब यहां की संस्कृति और परंपरा की चर्चा होती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई, कलाकारों को भी इसका लाभ मिल रहा है, मुझे इसकी खुशी है। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में हर वर्ग के लोग बढ़-चढक़र हिस्सा ले रहे हैं, हमने अरपा पैरी के धार को राजगीत बनाया। तीज-तिहार की छुट्टियां घोषित की, अब सब तीज-तिहार मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जेब में पैसा रहता है तो तीज-तिहार का आनंद ही अलग होता है, इसलिए हमने किसानों को उऋण किया और अब समय-समय पर विभिन्न योजनाओं का पैसा भी दे रहे हैं। पहले लोग बोरे बासी खाने में संकोच करते थे, लेकिन अब श्रमिक दिवस 1 मई को बोरे-बासी दिवस घोषित करने के बाद से सब लोग न केवल बोरे-बासी खाते हैं बल्कि सोशल मीडिया में फ़ोटो भी अपलोड करते हैं।
  • घोषणा पत्र समिति की बैठक: गांव-गरीब, मजदूर, किसान को साधने बीजेपी बनाएगी ‘छत्तीसगढ़ की खुशहाली का मेनिफेस्टो’

    16-Jul-2023

    रायपुर 16 जुलाई 2023। बीजेपी कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बीजेपी घोषणा पत्र समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदेश प्रभारी और चुनाव प्रभारी ओम माथुर,भाजपा प्रदेश सहप्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह,घोषणा पत्र समिति के संयोजक विजय बघेल आदि उपस्थित रहे। बैठक में ओम माथुर ने कहा कि कार्यकर्ताओं से कहा कि आम जनता के हृदय को छूने जैसे विषयों पर कार्य करें। कांग्रेस शासन में जनता ने जो कष्ट भोगा है, घोषणा पत्र बनाते समय ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि मोदी ने भाजपा को गरीबों की पार्टी बनाया है। हमारा दायित्व है कि इसे हम अंतिम व्यक्ति तक ले कर जाए। हमारा घोषणा पत्र हर वर्ग के उत्थान के विषय को ध्यान में रखते हुए बनाया जाना चाहिये।

    पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि घोषणापत्र से प्रदेश का कोई भी वर्ग अछूता न रहे। अलग-अलग क्षेत्र के सामाजिक और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी वर्ग के हित की योजनाओं का समावेश हो।बैठक में भाजपाध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि भाजपा छत्तीसगढ़ की खुशहाली का घोषणा पत्र देगी। उन्होंने कहा कि आरंभिक रूप से हमने तय किया है कि समिति के सदस्य विधानसभा स्तर तक जाएंगे। लोगों के सुझाव लेंगे।  जो छत्तीसगढ़ की क्षमता है, जो छत्तीसगढ़ की ताकत है, छत्तीसगढ़ की अपेक्षा है, जो जनआकांक्षा है, उसके अनुरूप एक अच्छा घोषणा पत्र लेकर आएंगे। ताकि हम छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ा सकें। छत्तीसगढ़ को अटल जी के सपनों के अनुरूप खुशहाल बना सकें।
    भाजपा घोषणा पत्र समिति के संयोजक सांसद विजय बघेल ने कहा कि राज्य की जनता कांग्रेस के झूठ से तंग आ चुकी है। भाजपा सत्य आधारित विकास मूलक घोषणा पत्र तैयार करेगी।  उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर जनता आशा भरी नजरों से देख रही है। हम लोग समिति बनाकर सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। उस के माध्यम से हम लोगों के सुझाव लेंगे। लोगों की अपेक्षाओं को देखेंगे। हर वर्ग के लोग, हर प्रकार के लोग, उनके जीवन स्तर और उनकी जरूरतें, सभी पर हमारा ध्यान केंद्रित है। साथ ही साथ चाहे वह किसान हों, मजदूर हों, युवा हों, महिलाएं हों, बुजुर्ग हो, दिव्यांग हो,पत्रकार हो,खिलाड़ी हो, विद्यार्थी हों, कर्मचारी या अधिकारी हों, बेरोजगार हों, लघुउद्यमी हों,  बिल्डर हों, उद्योगपति हों, अधिवक्ता संघ, सामाजिक संगठन, आर्थिक विशेषज्ञ, बुद्धिजीवी,लोक कलाकार, छत्तीसगढ़ फिल्म जगत प्रत्येक वर्ग हम से क्या अपेक्षा करता है, इन बातों का समावेश घोषणा पत्र में करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भ्रष्टाचार के कारण जो हानि हो रही है वह पैसा जनता के गाढ़ी खून पसीने की कमाई है, इसे भ्रष्टाचार से मुक्त करते हुए उसका लाभ लोगों को मिले यह सुनिश्चित करेंगे। 
    संयोजक बघेल ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी का मूल मंत्र है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास, उन सभी का समावेश हमारे घोषणापत्र में रहेगा। भाजपा के घोषणा पत्र में लोगों का जीवन स्तर कैसे ऊपर हो, उनकी मूलभूत जरूरत पूरी हो इस पर हमारा ध्यान केंद्रित रहेगा। बैठक में सह संयोजक रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा समेत महामंत्री विजय शर्मा, ओपी चौधरी, केदार कश्यप, विधायक रंजना साहू, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, लता उसेंडी, चंद्रशेखर साहू, प्रदेश प्रवक्ता और सदस्य संदीप शर्मा, केदार गुप्ता समेत समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे। 
     
  • गडरिया देसहा पाल समाज से वृहद वृक्षारोपण की शुरुआत: विकास उपाध्याय

    16-Jul-2023

    रायपुर। संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय पश्चिम विधानसभा में प्रतिदिन नये नये एवं सीजन के अनुरूप कार्य को कर रहे हैं साथ ही उनके द्वारा आमजनों के हित में सभी सामाजिक संगठनों, स्कूल, कॉलेज के माध्यम से लोगों को पर्यावरण व जीवन के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

    विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि अभी पवित्र सावन के अवसर पर वर्षा ऋतु भी प्रारंभ हो चुकी है और विगत् वर्ष उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रम कर लाखों की संख्या में वृक्ष लगाकर पश्चिम विधानसभा में एक मिसाल कायम की थी उसी कड़ी में इस वर्ष भी पश्चिम विधानसभा के सामाजिक संगठनों, विद्यालय, महाविद्यालय सामाजिक संस्था, प्राइवेट सोसायटी, एन जी ओ, के साथ मिलकर वृहद् स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम अभियान चला रहे रहे हैं। जिसमें आज जिला गड़रिया, बेसहा, पाल समाज के सामाजिक लोगों के साथ मिलकर महादेवघाट स्थित गड़रिया समाज के पाल भवन से इसकी शुरूआत की गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह कार्यक्रम करने की जो प्रेरणा मिली वह पाल समाज, गड़रिया समाज से मिली है और इस कार्यक्रम को पश्चिम विधानसभा में सभी सामाजिक संस्थानों के साथ मिलकर अवश्य सफल बनायेंगे। विधायक विकास उपाध्याय एवं संगठनों के लोगों द्वारा सभी समाज के एक-एक व्यक्ति के हाथो में पौधा दान कर उनसे अपील की गई कि पौधे को घर में एवं घर के बाहर लगाकर वृक्षारोपण करें, अपने आस-पास तालाब, बगीचा, मैदान, सडक़ के दोनों किनारो पर जहाँ जगह मिले जहाँ पेड़ सुरक्षित रहे वहाँ वृक्षारोपण आवश्यक रूप से करें। कार्यक्रम के दौरान विधायक विकास उपाध्याय के साथ जिला गड़रिया बेसहा पाल समाज के अध्यक्ष यशवंत पाल, उपाध्यक्ष साहिल पाल, दानीपाल, हेमंत पाल, तेजराम पाल, मिलन पाल, शंकर पाल, रामाधीन पाल, लाला पाल, अमर सिंग, पुणेन्द्र पाल, ललित पाल, कुंज बिहारी पाल, अरविंद पाल, चंद्रकांत पाल, रमन पाल, दिनेश पाल, देवेन्द्र पाल, बलदेव पाल, राजेश पाल, जितेन्द्र पाल, शांति पाल, मनटोरा पाल, रूद्राक्ष पाल, भारती पाल, कुमारी पाल, गीता पाल, माखन पाल, देवी पाल, प्रभुराम पाल, दिनेश पाल सहित काफी संख्या में आमजन भी उपस्थित रहे।
     
  • यात्री से भरी बस और डीजल टैंकर में भिड़त, कई यात्री घायल

    16-Jul-2023

    रायगढ़। जिले के लैलूंगा इलाके में यात्री बस और डीजल टैंकर में टक्कर हो गई। बस में सवार कई यात्री घायल हुए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर हादसे के बाद डीजल लूटने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र के रुडुकेला गांव का है।

    जानकारी के मुताबिक, रुडुकेला गांव में वेलकम पुलिया लैलूंगा-कोतबा मुख्य मार्ग के पास रविवार की सुबह करीब 8 बजे के आसपास की घटना है। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने लोगों को बस से बार निकलने में मदद की, साथ ही पुलिस को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को 108 संजीवनी एक्सप्रेस से लैलूंगा अस्पताल भेजा। पुलिस ने बताया कि हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं, हालांकि अभी तक जनहानि की खबर नहीं है। इधर दुर्घटना के बाद डीजल टैंकर फटने से आसपास के सैकड़ों लोग डीजल लूटने के लिए पहुंच गए। उनके बीच झड़प भी हुई। बीच सडक़ पर हुए हादसे और डीजल लूटने के लिए जुटी भीड़ के कारण यातायात बाधित हो गया। फिलहाल पुलिस ने भीड़ को मौके से हटा लिया है और दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को भी सडक़ से हटाया गया है।
     
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