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  • Transfer के बाद भी जमे हुए हैं SDM..? क्यों 27 फरवरी के आदेश पर आज तक नहीं हुआ कार्यान्वयन…

    07-Jul-2024

    घरघोड़ा :- दो गाड़ियों में एस डी एम की तख्ती की खबर से खूब प्रचारित हुए अधिकारी महोदय का ट्रांसफर 27 फरवरी 2024 को हो चुका है परंतु रिलीविंग लेने के बजाय साहब आराम से आने क्षेत्र में दो गाड़ियों के साथ दुगुनी शक्ति से कार्य मे लगे दिखे।

     
     
    छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनाँक 27 फरवरी 2024 को आदेश क्रमांक बी-1-1/2024/एक/4 के तहत घरघोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी का तबादला डिप्टी कलेक्टर के रूप में खैरागढ़ छुई खदान कर दिया गया है । परन्तु स्थानांतरित होने के बाद से आज 4माह 10 दिन बीत जाने के बाद भी साहब की रिलीविंग की कोई सुगबुगाहट नही नजर आ रही ऐसे में लोग दबी जबान से सवाल।करने में लगे है की आखिर किस विशेष आस में साहब रिलीविंग नही ले रहे या उन्हें रिलीव नही किया जा रहा ।
     
    ट्रांसफर के बाद रिलीविंग क्यों नही लेते अधिकारी :-
    घरघोड़ा में जो भी अधिकारी आते हैं यहां से जाना ही नही चाहते । ना जाने ऐसा क्या जादू है घरघोड़ा की मिट्टी में की अधिकारी ट्रांसफर के बाद भी रिलीविंग लेने में देर करते हैं कभी कभी ये देर महीनों से साल तक मे बदलती देखी गयी है इससे लोगो के मन मे भी संशय उतपन्न होता है कि आखिर घरघोड़ा की माटी कौन सा सोना उपजाती है जिसकी वजह से ट्रांसफर के बाद भी रिलीविंग लेने में किंतु परन्तु कर अधिकारी प्रभार से चिपके रहते हैं ।
     
    SDM लिखी दो गाड़ियों से किस कार्य को मिल रही थी गति :-
    ट्रांसफर के बाद रिलीविंग की कार्यवाही करने के बजाय साहब के पदनाम से सुसज्जित दो चार पहिया वाहनों में एक तो मीडिया में समाचार के बाद गायब हो गया पर इस पर भी लोग प्रश्न पूछ रहे कि आखिर दो दो पदनाम लिखी चार पहिया से किस तरह के कार्य को गति दी जा रही थी आखिर क्या जरूरत पड़ गयी जो एक के बकाया दो गाड़ियों का ऑफिशियल इस्तेमाल किया जाने लगा था ।

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  • उपभोक्ता आयोग ने निजी हॉस्पिटल पर लगाया 20 हजार रुपए का जुर्माना

    07-Jul-2024

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में उपभोक्ता आयोग ने एक निजी हॉस्पिटल पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना इलाज में गंभीर लारपवाही पर लगाया गया है।

     
    दरअसल मुरैना की रहने वाली बुजुर्ग महिला रजनी शर्मा की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने बिरला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज में चिकित्सकों ने गंभीर लापरवाही बरती थी। इलाज में बिरला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हुई थी। घटना 16 अप्रैल 2019 बताई जाती है। महिला के परिजनों ने मामले की शिकायत उपभोक्ता आयोग से की थी। बुजुर्ग महिला की इलाज में लापरवाही बरतने वाले बिरला हॉस्पिटल पर उपभोक्ता आयोग ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

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  • हिंदुओं को लेकर दिया गया राहुल गांधी का बयान किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है-नूपुर शर्मा

    07-Jul-2024

    नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना साधा है। नूपुर शर्मा का दावा है कि हिंदुओं को लेकर दिया गया राहुल गांधी का बयान किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है। नूपुर ने दो साल पहले खुद को मिली धमकियों को याद करते हुए कहा कि अगर हिंदू हिंसक होता तो हिंदुओं की बेटी को अपने ही देश में सुरक्षा में नहीं रहना पड़ता। बता दें कि राहुल गांधी ने सदन में भाषण देते वक्त भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था खुद को हिंदू कहने वाले लोग लगातार हिंसा में लगे रहते हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर काफी हंगामा मचा था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। बाद में राहुल गांधी का यह बयान सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया था।

     
    नूपुर शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है। इस वीडियो में पूर्व भाजपा नेता बिना नाम लिए राहुल गांधी पर हमलावर हैं। वह कह रही हैं कि जब उच्च पदों पर बैठे लोग कह रहे हैं हिंदू हिंसावादी हैं। जब कहा जा रहा है कि सनातनियों को देश से बाहर निकाल देना चाहिए। तब यह समझने की जरूरत है कि यह एक साजिश है। दावा किया जा रहा है कि पूर्व भाजपा प्रवक्ता ने यह बातें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
     
    इस दौरान नूपुर शर्मा ने दो साल पहले टीवी पर दिए अपने उस बयान पर भी बात की, जिसको लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में मैंने देखा है कि सनातनियों को मिटाने की बातें हो रही हैं। नूपुर ने कहा कि अगर हिंदू हिंसक होता तो हिंदुओं की बेटी को अपने ही देश में इतनी कड़ी सुरक्षा में नहीं रहना पड़ता।
     
    गौरतलब है कि जुलाई 2022 में एक टीवी डिबेट के दौरान प्रॉफेट मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के लिए नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी मिली थी। देश और विदेश में भी इस पर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। नूपुर शर्मा ने कहा कि जो कुछ भी उनके साथ हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। देश संविधान से चलेगा, शरिया कानून के हिसाब से नहीं।

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  • मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने के बाद भड़के आतंकवादियों ने राजौरी के एक आर्मी कैंप पर कर दिया हमला

    07-Jul-2024

    जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार को मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने के बाद भड़के आतंकवादियों ने राजौरी के एक आर्मी कैंप पर हमला कर दिया। आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की तो सेना के जवानों ने तुरंत मुंहतोड़ जनाब दिया। फायरिंग में एक जवान के घायल होने की खबर है। वहीं आतंकी जंगल में भाग गए। सेना और पुलिस ने आतंकियों की तलाश के लिए ऑपरेशन चलाया है।

     
    बता दें कि शनिवार को दो जगह हुई मुठभेड़ में चार आतंकी मारे गए थे वहीं दो सैनिक भी शहीद हो गए थे। बताया गया था कि मुठभेड़ के बाद ड्रोन कैमरे की मदद से देखा गया था कि आतंकियों के चार शव पड़े थे। हालांकि गोलीबारी जारी रहने की वजह से शव बरामद नहीं किए जा सके थे।
     
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक गोलीबारी करने के बाद आतंकी तुरंत वहां से फरार हो गए। सेना और पुलिस मिलकर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है। बता दें कि रियासी मे श्रद्धालुओं की बस पर आतंकी हमले के बाद सरकार ने आदेश दे दिया था कि आतंकियों का पूरी ताकत से सफाया किया जाए। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से बताया गया था कि कम से कम 70 विदेशी आतंकी ऐक्टिव हैं।
     
    खुफिया इनपुट्स् के आधार पर सेना लगातार ऑपरेशन चला रही है।  सेना ने शनिवार को चिनगाम गांव के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया था। हालांकि ऑपरेशन शुरू होते ही गोलीबारी शुरू हो गई। खुफिया जानकारी मिली थी कि यहां पर लश्कर के आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद सुरक्षाबल पहुंचे और दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं। गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। वहीं चार आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।

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  • सरकार ने कहा कि नीट यूजी काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है

    07-Jul-2024

    नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सरकार ने कहा कि काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि नीट यूजी 2024 काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है। एमसीसी  द्वारा अपनी वेबसाइट पर परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा सीट मैट्रिक्स को अंतिम रूप देने के बाद काउंसलिंग शेड्यूल की घोषणा की जाएगी।

     
    बता दें कि बीते शनिवार (6 जुलाई) को नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर पैदा हुए संशय के बाद सरकार ने जानकारी दी है। सरकार ने कहा है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) जुलाई के तीसरे सप्ताह तक नीट यूजी और अगस्त मिड तक नीट पीजी सीट मैट्रिक्स को फाइनल कर सकता है। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी।
     
     
    दरअसल, पहले उम्मीद की जा रही थी नीट यूजी काउंसलिंग 6 जुलाई 2024 से शुरू हो जाएगी। 13 जून 2024 को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वेकेंशन बेंच के सामने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए ) के वकील ने जानकारी दी थी कि नीट यूजी काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू हो सकती है। जरीपिति कार्तिक की याचिका की सुनवाई के दौरान एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को 1563 छात्रों के ग्रेस मार्क्स रद्द करके री-एग्जाम की जानकारी दी थी।
     
    नीट यूजी काउंसलिंग पर एनटीए ने यह कहा था
    एनटीए की ओर से उपस्थित वकील नरेश कौशिक ने कहा था कि नीट यूजी री-एग्जाम का नोटिफिकेशन आज ही जारी कर दिया जाएगा। 23 जून 2024 को परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसका परिणाम 30 जून 2024 से पहले घोषित किया जाएगा, ताकि 6 जुलाई 2024 से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रभावित न हो।
     
    अभी तक फाइनल नहीं हुई काउंसलिंग की डेट: एमसीसी
    हालांकि 6 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा, स्नातक (नीट यूजी) 2024 काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है। नीट यूजी और पीजी के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा एमसीसी द्वारा अपनी वेबसाइट पर परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा सीट मैट्रिक्स को अंतिम रूप देने के आधार पर की जाती है। साल 2021, 2022 और 2023 में यूजी सीटों के लिए काउंसलिंग क्रमशः 19/1/2022, 11/10/2022 और 20/7/2023 को शुरू हुई थी।

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  • 28 साल की युवती बनी युवक, गाजियाबाद में ट्रांसजेंडर का पहला मामला, जिला कल्याण विभाग से प्रमाण पत्र जारी

    06-Jul-2024

    गाजियाबाद जिले में  28 साल की युवती, जो अब ट्रांसजेंडर (पुरुष) बन चुकी है, ने मई 2024 में जिला एमएमजी अस्पताल के चिकित्सकों की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ कार्यालय में ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र के लिए अर्जी दी थी. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र के आधार पर यह अर्जी दी गई थी. अब जिला कल्याण विभाग ने महिला से पुरुष बने एक व्यक्ति को ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र जारी किया है. यह जिले में इस प्रकार का पहला प्रमाण पत्र है.

     
    गाजियाबाद में युवती से ट्रांसजेंडर (पुरुष) बने व्यक्ति का प्रमाण पत्र जारी किया गया. तीन साल तक चली प्रक्रिया के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र जारी करने की सिफारिश कर दी. यह प्रमाण पत्र प्रशासन द्वारा जारी कर दिया गया है. गाजियाबाद में महिला से पुरुष बने व्यक्ति को ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र जारी करना एक महत्वपूर्ण मामला है. यह न केवल ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की स्वीकृति को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में समान दृष्टि से देखे जाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.
     
    गाजियाबाद में पहला ऐसा मामला
     
    युवती से ट्रांसजेंडर (पुरुष) बनने का जिले में यह पहला प्रमाण पत्र है. इस युवती की उम्र 28 वर्ष है. युवती ने खुद से इस उम्र में ट्रांसजेंडर बनने की पहल की है. इसलिए यह पहला प्रमाण पत्र है और पोर्टल पर आवेदन किए बिना चिकित्सकों के बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर बनाया जा रहा है.
     

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  • मौसम बना जानलेवा,वज्रपात से एक दिन में 18 लोगों की मौत

    05-Jul-2024

    बिहार में शुक्रवार को मॉनसून सीजन के दौरान खराब मौसम का कहर देखने को मिला। प्रदेश में ठनका गिरने से एक दिन में चाचा-भतीजा समेत 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि 7 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सबसे भागलपपुर जिले में चार लोगों की वज्रपात से जान गई। इसके अलावा जहानाबाद एवं बेगूसराय के तीन-तीन, मधेपुरा एवं सहरसा में दो-दो, काराकाट, वैशाली, मोतिहारी और छपरा में एक-एक व्यक्ति की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हुई।

     
    जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के गंगा बिगहा गांव निवासी भूषण यादव (48 वर्ष) और प्रमोद यादव (30 वर्ष) की वज्रपात से मौत हो गई जो रिश्ते में चाचा-भतीजा थे। वहीं, एक अन्य व्यक्ति बलम यादव (40 वर्ष) गया के बेलागंज थाने के सलेमपुर गांव का रहने वाला था। रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड क्षेत्र के हटियां गांव में तेज बारिश से बचने के लिए गांव के पांच लोग एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। अचानक पेड़ पर ठनका गिरा। जिसमें सभी पांच लोग झुलस गए, एक की मौत हो गई।
     
    वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के नीरपुर पंचायत के कुसाही गांव में ठनका गिरने से कुसाही गांव निवासी कमलेश राय की पत्नी (35) वर्षीया रीता देवी की मौत हो गई। बेगूसराय जिले में तीन स्थानों पर ठनका गिरने से 10वीं की एक छात्रा एवं दो महिलाओं की जान चली गई। मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र की बोकाने कला पंचायत क़े चामुटोला में खेत की मेढ़ ठीक कर रहे अधेड़ ने ठनका गिरने से दम तोड़ दिया। छपरा (सारण) जिले के बनियापुर अंचल क्षेत्र के कराह वृति टोला में ठनका से 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो युवक आंशिक रूप से झुलस गए।
     
    इधर, कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में भी वज्रपात की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गई जबकि चार घायल हैं। मृतकों में सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड के सुखौड़ी निवासी 15 वर्षीय कुश कुमार, नवहट्टा की नौला पंचायत के रसलपुर गांव निवासी 16 वर्षीय अंजलि कुमारी, मधेपुरा के बिहारीगंज थाना क्षेत्र की राजगंज पंचायत निवासी ममता देवी (35 वर्ष), गम्हारिया थाना क्षेत्र स्थित बभनी पंचायत के दाहा टोला निवासी मदन यादव (40 वर्ष) और भागलपुर की इस्माइलपुर निवासी मृतका आरती कुमारी हैं। ठनका की चपेट में आने से नूजी कुमारी और ममता कुमारी घायल हैं।
     
    कहलगांव प्रखंड के मृतकों में फोरलेन में कार्यरत मध्य प्रदेश के कटनी का उत्तम पटेल (19 वर्ष), घोघा बाजार के किसान उपेंद्र मंडल और कुषाहा गांव के किसान श्याम कुमार मंडल की पत्नी मोनिका देवी (34 वर्ष) हैं। पूर्णिया जिले के भवानीपुर में वज्रपात में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल महिला शहीदगंज पंचायत के रहमतगंज की करिरा खातून है।
     

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  • एम्स जोधपुर द्वारा बीड़ी के प्रभावों के संबंध में किए गए अध्ययन के छत्तीसगढ़ संस्करण का किया गया विमोचन

    04-Jul-2024

    रायपुर तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रयास एवं आने वाली पीढ़ी को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा ब्लूमबर्ग परियोजना छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में 3 जुलाई को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन एवं संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार शासन के प्रमुख विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आबकारी विभाग, श्रम विभाग एवं परिवहन विभाग के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित हुए।

     
    कार्यशाला में तम्बाकू के पैकेट में स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित होने के बावजूद भी लोगो द्वारा तम्बाकू का उपयोग किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। कार्यशाला में तम्बाकू उत्पादों के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण एवम आर्थिक स्तिथि में पड़ने वाले भार से अवगत कराते हुए तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला में कोटपा-2003 सहित धूम्रपान मुक्त नीतियों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा तम्बाकू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ श्रम विभाग, परिवहन विभाग एवम आबकारी विभाग की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया तथा एम्स जोधपुर द्वारा बीड़ी के प्रभावों के संबंध में किए गए अध्ययन के छत्तीसगढ़ संस्करण का विमोचन किया गया।
     
     
    तम्बाकू नियंत्रण की नीतियों एवं कानूनों पर किया गया मंथन
    तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन द्वारा अंतरविभागीय समन्वय की आवश्यकता से अवगत कराया गया। साथ ही तम्बाकू नियंत्रण के लिए राज्य में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए राज्य में तम्बाकू की व्यापकता के बारे में बताया गया और मोनिटरिंग एप्प की जानकारी दी गई। कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि राज्य में शिक्षा विभाग के सहयोग से शैक्षणिक संस्थाओं को तम्बाकू मुक्त घोषित किया जा रहा है। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रथम चरण में प्रत्येक जिले की 5-5 ग्राम पंचायतों को धूम्रपान मुक्त करने के प्रयास प्रारंभ किया जा चुका है। कार्यक्रम का संचालन ब्लूमबर्ग परियोजना के राज्य समन्वयक डॉ शैलेंद्र मिश्रा एवम आभार प्रदर्शन प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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  • कोटा में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली, अपने कमरे में फंदे पर लटका मिला छात्र

    04-Jul-2024

    राजस्थान ,कोटा में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली है। महावीर नगर के एक हॉस्टल में आज सुबह जेईई का छात्र अपने कमरे में फंदे पर लटका मिला। पीजी संचालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को उतारा। मिली जानकारी के अनुसार छात्र नालंदा का रहने वाला है।

     
    महावीर नगर थाने के जांच अधिकारी महावीर कुमार के अनुसार संदीप कुमार (16) पिछले 2 साल से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। महावीर नगर थर्ड, सेक्टर चार में एक पीजी में रहता था। उसने बुधवार देर रात अपने कमरे में पंखे से फंदा लगा लिया।
     
    अगले दिन सुबह जब छात्र कोचिंग जा रहे थे तब संदीप के कमरे की खिड़की से फंदे पर लटका मिला। छात्र बुधवार रात करीब 9:30 बजे संदीप मेस से खाना खाकर आया था। उस दौरान उससे बात हुई थी। संदीप 11वीं कक्षा में कोटा आया था। उसका भाई संजीत भी कोटा में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी करता है।

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  • एफएसएसएआई ने 111 मसाला उत्पादकों के विनिर्माण लाइसेंस रद्द किए, जानिए वजह क्या है…

    03-Jul-2024

    एफएसएसएआई ने 111 मसालों के लाइसेंस रद्द किए :- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने देश भर में विभिन्न शहरों में मसालों के नमूने एकत्र करना शुरू कर दिया ताकि उनकी सुरक्षा जांच की जा सके. हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक महीने में एफएसएसएआई ने 111 मसाला उत्पादकों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उन्हें तुरंत उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया है. यह प्रक्रिया अभी भी जारी है और एफएसएसएआई द्वारा देश भर में 4,000 नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे और भी लाइसेंस रद्द होने की संभावना है.

     
     
     
    जानी-मानी कंपनियों के नमूने भी शामिल :-
    इन नमूनों में एवरेस्ट, एमडीएच, कैच, बादशाह जैसे जाने-माने ब्रांडों के उत्पाद शामिल हैं. एफएसएसएआई ने 2,200 नमूनों का परीक्षण किया है. उनमें से 111 मसाला निर्माताओं के उत्पाद मूल मानक गुणवत्ता को पूरा नहीं कर पाए. ऐसे मसाला निर्माताओं के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं और उत्पादन बंद कर दिया गया है.
     
    अधिकांश छोटी कपनियां :-
    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एफएसएसएआई के तहत परीक्षण केंद्रों की संख्या कम है, इसलिए उन कंपनियों की सूची तैयार करने में समय लग रहा है जिनके लाइसेंस रद्द किए जाने हैं. अधिकारियों के अनुसार, रद्द किए गए लाइसेंसों में से अधिकांश केरल और तमिलनाडु के छोटे मसाला निर्माताओं के हैं, जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की कंपनियों पर भी जांच चल रही है. इन 111 कंपनियों में से अधिकांश छोटे पैमाने पर काम करने वाली हैं और उनका संपर्क नहीं हो सका क्योंकि उनके पास कोई आधिकारिक वेबसाइट, संपर्क नंबर या ईमेल आईडी नहीं है.
     
    MDH और Everest के नमूनों का परीक्षण किया :-
    इसी प्रक्रिया में, मई महीने में, एफएसएसएआई ने एमडीएच और एवरेस्ट के नमूनों का परीक्षण किया और उनमें एथिलीन ऑक्साइड  नहीं मिला. परीक्षण में महाराष्ट्र और गुजरात में एवरेस्ट की सुविधाओं से 9 और दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में एमडीएच की सुविधाओं से 25 सहित, एवरेस्ट और एमडीएच मसालों के 34 नमूनों को शामिल किया गया था.

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  • हाथरस भगदड़ के बाद बाबा बागेश्वर ने लिया ऐसा फैसला…

    03-Jul-2024

    छतरपुर :- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने  श्रद्धालुओं से बागेश्‍वर धाम नहीं आने की अपील की है। इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमे उन्होंने कहा कि घर में ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। पंडित शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं के साथ हुए दुखद हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि देने और घायलों के जल्द स्वास्थ्य की कामना करने की अपील श्रद्धालुओं से की है.

     
    वीडियो जारी कर अपील :-
    धीरेंद्र शास्त्री ने अपना एक वीडियो जारी करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है। पंडित शास्त्री का जन्मदिन 4 जुलाई को मनाया जाता है। प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बागेश्वर धाम छतरपुर में उमड़ती है। हाथरस में हुए हादसे को देखते हुए उन्होंने धाम में भीड़ एकत्रित नहीं होने और श्रद्धालुओं से वृक्षारोपण कर ईश्वर की भक्ति करने की अपील की है।
     
    इस वजह से लिया फैसला :-
    यूपी के हाथरस में एक सत्‍संग के बाद मची भगदड़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा अभी बढ़ते ही जा रहा है। इसे देखते हुए बागेश्‍वर धाम सरकार अलर्ट मोड में आ गए है। इसलिए उन्होंने श्रद्धालुओं से विनम्र अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु उनके जन्मदिन पर बागेश्वर धाम नहीं आएं। श्रद्धालु जहां भी हैं वहीं अपने हिसाब से उनका जन्‍मदिन मनाएं तो उन्हें बहुत खुशी होगी।

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  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में विपक्ष के नवनियुक्त नेता राहुल गांधी को लगाई फटकार

    03-Jul-2024

    नई दिल्ली। यह एक दुर्लभ घटना थी, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में विपक्ष के नवनियुक्त नेता राहुल गांधी का नाम लिया और उन्हें फटकार लगाई. उन्होंने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्षी सदस्यों को सदन के वेल में आकर विरोध करने के लिए उकसाया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना जवाब दे रहे थे.

     
    बिरला ने कहा, “विपक्ष के नेता के रूप में यह आपके लिए अनुचित है… मैंने आपको सदस्यों को वेल में आकर विरोध करने के लिए कहते देखा है. आपका ऐसा व्यवहार अनुचित है.”
     
    दरअसल, लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों, जिनमें से ज्यादातर कांग्रेस के थे, ने वेल के दोनों ओर से विरोध करना शुरू कर दिया और प्रधानमंत्री के दो घंटे से अधिक के पूरे भाषण के दौरान उनका विरोध करते रहे. जैसे ही मोदी बोलने के लिए उठे, विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी के बीच स्पीकर से मणिपुर के एक सांसद को बोलने की अनुमति देने का आग्रह किया.
     
    बिरला ने कहा कि उनमें से एक को पहले ही बोलने का मौका दिया जा चुका है, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई मणिपुर के दो सांसदों के साथ वेल में आ गए. बाद में, कांग्रेस के कई सांसद वेल में आ गए, जबकि टीएमसी के सदस्य अपना समर्थन जताते हुए गलियारे में खड़े हो गए.
     
    हालांकि, मोदी ने कांग्रेस सांसदों द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे का सामना किया. वेल में घुसकर सत्ता पक्ष की ओर से विरोध करना शिष्टाचार और संसदीय मानदंडों का गंभीर उल्लंघन माना गया, क्योंकि सांसद प्रधानमंत्री के ठीक सामने नारे लगा रहे थे. यह एक दुर्लभ अवसर भी था, क्योंकि पूरा सत्ता पक्ष चुप रहा और विरोध कर रहे सांसदों से एक बार भी भिड़ नहीं पाया.
     
    हालांकि, प्रधानमंत्री ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि उन्हें विपक्ष के व्यवहार को हल्के में नहीं लेना चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि अगले पांच वर्षों में सदन कैसे चलेगा.
     
    बाद में, लोकसभा ने मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष के व्यवधान की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन कार्रवाइयों ने संसदीय मानदंडों और शिष्टाचार को “ध्वस्त” किया है. सिंह ने कहा, “मैं प्रस्ताव करता हूं कि सदन इस कार्रवाई की निंदा करे. ” बिरला ने कहा, “मैंने सभी सदस्यों को पर्याप्त समय दिया. मैंने विपक्ष के नेता को 90 मिनट से अधिक समय दिया, लेकिन यह व्यवहार संसदीय मानदंडों के अनुरूप नहीं है. ” गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
     

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  • दिल्ली पालम एयर बेस पर हीटस्ट्रोक के कारण 28 मोर की मौत होने से मचा हड़कंप

    03-Jul-2024

    दिल्ली के पालम एयर बेस पर पिछले महीने 28 मोर की मौत होने से हड़कंप मच गया. हरकत में आए वन एवं वन्यजीव विभाग ने उनकी जांच की. जिसमें 4 किसी भी तरह के वायरस संक्रमित नहीं मिले. माना जा रहा है कि हीटस्ट्रोक के कारण उनकी मौत हुई. 28 जून को भारी बारिश की वजह से तापमान में कमी आने के बाद एयरबेस पर किसी मोर की मौत की सूचना नहीं मिली है.

     
    एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, ‘हमने पिछले हफ्ते 4 मृत मोर के शव दिल्ली चिड़ियाघर भेजे थे और 4 मोर के नमूने बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेजे थे. रिपोर्ट आ गई है और वहां किए गए वायरोलॉजी टेस्ट में कोई वायरल बीमारी नहीं मिली है. हमें 28 जून के बाद एयरबेस पर किसी भी मोर की मौत की सूचना नहीं मिली है.’ उन्होंने कहा कि टीमें साइट की निगरानी करना जारी रखेंगी.
     
    वन अधिकारी ने बताया कि हीटस्ट्रोक मौत का एकमात्र कारण नहीं है, पोस्टमार्टम में निमोनिया और हेपेटोसिस (लिवर का एक विकार) भी मिला है, जो 2 मोर की मौत का कारण है. अधिकारी ने कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि ज्यादातर मौतें हीटस्ट्रोक की वजह से हुईं, क्योंकि दिल्ली में बारिश के बाद मौतें रुक गई हैं. वहां भी हमने एहतियाती कदम उठाए हैं.’
     
    वन एवं वन्यजीव विभाग ने 25 जून को पालम एयरफोर्स स्टेशन का निरीक्षण किया तब वहां 3 मृत मोर मिले थे. विभाग ने रिपोर्ट में बताया कि 4 से 25 जून के बीच वहां 27 मोर की मौत हुई. एक दिन बाद 1 और मोर मृत मिला. घटना की रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 जून, 6 जून, 11 जून और 12 जून को 1-1 मौत की सूचना मिली थी. 13-15 जून के बीच 2-2 मौतें हुईं. 17 जून को एक, 18 जून को 2 , 19 जून को 4 और 20 जून को एक मौत की सूचना मिली. वहीं 22 जून को 2 और 24 जून को 4 मौतें हुईं.
     
    दिल्ली में मिड मई से लेकर अब तक 3 बार भीषण गर्मी का दौर रहा, जो जून के आखिर तक जारी रहा. लगातार 4 दिनों तक चलने वाली गर्म हवाओं की पहली लहर 17 से 20 मई के बीच थी. दूसरी लहर 25 मई से 5 जून तक रही जिसमें 29 मई को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. 3 लहर 9 जून को शुरू हुई और 20 जून तक रही, जिसमें प्री-मॉनसून बारिश शुरू होने के साथ ही तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आई.

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  • सत्संग के दौरान मची भगदड़, कई लोगों की मौत की सूचना, देखें वीडियो.

    02-Jul-2024

    हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित रतिभानपुर में सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई. भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत हो गई है और हादसे में 15 महिलाओं और बच्चों के भी घायल होने की जानकारी सामने आ रही है. महिला और बच्चों को एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि भोले बाबा का सत्संग चल रहा था. तभी समापन के दौरान भगदड़ मच गई. इस घटना में कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. साथ ही हादसे में 15 महिलाओं और बच्चों के घायल हो गए हैं. इन बच्चों और महिलाओं को इलाज के लिए एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है. 

     

     


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  • मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हो सके

    02-Jul-2024

    सुल्तानपुर. मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हो सके. उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कोर्ट से अंतिम मौका देने की अपील की. इस पर अदालत ने अगली सुनवाई 26 जुलाई को तय की है.

     
    सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल सदन की कार्यवाही में व्यस्त हैं ऐसे में वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकते हैं. वकील ने कोर्ट से आगे का समय मांगा. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. इसके बाद अब मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी.
     
    जानिए पूरा मामला
     
    बता दें कि 8 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी. राहुल के बयान से आहत होकर जिले के कोतवाली देहात थाना अंतर्गत हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल के खिलाफ एमपी/एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था.

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  • 2000 रुपये के 97.82% नोट आ गए वापस, अब लोगों के पास बचे ₹7,581 करोड़ के Note..

    01-Jul-2024

    2000 नोट्स :- दो हजार रुपये के बैंक नोटों में से 97.87 प्रतिशत बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं और केवल 7,581 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही जनता के पास बचे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को यह जानकारी दी। आरबीआई ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंकनोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की थी। 19 मई, 2023 को कारोबार के बंद होने के बाद प्रचलन में रहे 2000 रुपये के बैंकनोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था जो 28 जून, 2024 को कारोबार के बंद होने पर घटकर 7,581 करोड़ रुपये रह गया है।

     
    केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, “इस प्रकार, 19 मई, 2023 तक प्रचलन में रहे 2000 रुपये के 97.87 प्रतिशत बैंक नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं।’ 2000 रुपये के बैंकनोटों को जमा करने और/या बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर, 2023 तक देश की सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध थी। 2000 रुपये के बैंकनोटों के आदान-प्रदान की सुविधा 19 मई, 2023 से रिज़र्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में भी उपलब्ध है।
     
     
    9 अक्टूबर 2023 से, RBI के इश्यू कार्यालय भी व्यक्तियों और संस्थाओं से 2000 रुपये के बैंकनोट स्वीकार कर रहे हैं। इसके अलावा लोग देश के भीतर किसी भी डाकघर से इंडिया पोस्ट के माध्यम से 2000 रुपये के बैंक नोट अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए आरबीआई के किसी भी कार्यालय में भेज सकते हैं। इन नोटों को जमा करने या बदलने वाले 19 आरबीआई कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में हैं। 2000 रुपये के बैंक नोट नवंबर 2016 में उस समय चलन में रहे 1000 रुपये और 500 रुपये के बैंक नोटों को चलन से बाहर करने के बाद पेश किए गए थे।

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  • हाईकोर्ट जजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज ये क्या बोल गए

    01-Jul-2024

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस बीआर गवई ने कुछ हाईकोर्ट जजों के न्यायिक आचरण की कड़ी आलोचना करते हुए को उन्हें फटकार लगाई है। इन में सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए प्रचार करना और अपने कर्तव्यों में समय की पाबंदी का पालन न करना शामिल है। 29 जून को कोलकाता में न्यायिक अकादमी में बोलते हुए न्यायमूर्ति गवई ने जजों द्वारा समय पर न्यायालय में न बैठने, महीनों तक फैसला सुरक्षित रखने और वकीलों के साथ दुर्व्यवहार करने के उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा, "हाईकोर्ट में कुछ जज समय पर नहीं बैठते हैं। यह जानना चौंकाने वाला है कि कुछ न्यायाधीश, न्यायालय का समय सुबह 10.30 बजे होने के बावजूद सुबह 11.30 बजे बैठते हैं और दोपहर 12.30 बजे उठ जाते हैं, जबकि कोर्ट का समय दोपहर 1.30 बजे तक है। यह जानना और भी चौंकाने वाला है कि कुछ वकील सेकेंड हाफ में बैठते भी नहीं हैं।" जस्टिस गवई ने कहा, "कुछ जज सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए अपनी उम्मीदवारी का प्रचार करने की हद तक चले जाते हैं। वे यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि वे अपने न्यायालय के अन्य वरिष्ठ जजों की तुलना में सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए अधिक उपयुक्त कैसे हैं।" उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार न्यायिक अनुशासन के सिद्धांत को कमजोर करता है और संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। न्यायमूर्ति गवई मई 2025 में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बनने की कतार में हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेजियम (न्यायाधीशों का चयन पैनल) एक डेटाबेस पर काम करता है जिसमें उन सभी जजों की जानकारी होती है जो प्रमोशन के लिए चुने जा सकते हैं। न्यायमूर्ति गवई ने जोर देकर कहा कि फैसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने से "न्यायपालिका में जनता का विश्वास कम होता है"। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी के लिए अंतिम उम्मीद न्यायपालिका है। उन्होंने कहा, "यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस नागरिक के विश्वास को बढ़ाएँ और यह सुनिश्चित करें कि हम इस तरह से कार्य करें जिससे न केवल उसका विश्वास बढ़े बल्कि इस संस्थान की गरिमा भी बढ़े जिसके लिए हम सब कर्जदार हैं।" न्यायमूर्ति गवई ने भाषण में एक और महत्वपूर्ण संवैधानिक नैतिकता पर जोर दिया। उन्होंने चर्चा की कि कैसे जजों को सामाजिक या राजनीतिक नैतिकता पर संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। न्यायमूर्ति गवई ने जुडिशियल ओवररीच के मुद्दे को भी संबोधित किया। न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन के बाद न्यायमूर्ति गवई सीजेआई बनने वाले दूसरे दलित होंगे। 3 मई, 2025 को न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद वे 23 नवंबर, 2025 तक इस पद पर बने रहेंगे। 


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  • कांग्रेस ने डॉ. प्रदन्या राजीव को बनाया महाराष्ट्र विधान परिषद का प्रत्याशी

    01-Jul-2024

    नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायकों द्वारा चुने जाने वाले महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में डॉ. प्रदन्या राजीव सातव की उम्मीदवारी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

     

     


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  • लोकसभा में ‘हिंदू’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महासंग्राम राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस हिंदू नहीं

    01-Jul-2024

    18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद का पहला सत्र चल रहा है। आज छठा दिन है। छठवें दिन लोकसभा में ‘हिंदू’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महासंग्राम हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सत्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। अहिंसा हमारा प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस हिंदू नहीं हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी जी अयोध्या के लोगों की छोड़ो, बीजेपी वालों को डराते हैं।राजनाथ और गडकरी जी इनके सामने नमस्ते तक नहीं करते है।

     
    राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू डर नहीं फैला सकता। उन्होंने शिवजी की तस्वीर लहराई और साथ ही ये कहा कि बीजेपी डर फैला रही है। राहुल गांधी ने कहा कि अयोध्या से शुरू करता हूं। राहुल के इतना कहने पर अमित शाह खड़े हुए और कहा कि नियम इन पर लागू नहीं होता क्या। ये पूरी बीजेपी को हिंसा फैलाने वाला बता रहे हैं. हाउस ऑर्डर में नहीं है. सदन ऐसे नहीं चलेगा।
     
    राहुल गांधी की स्पीच के बीच पीएम नरेंद्र मोदी  खड़े हुए और बोले- ‘पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना एक गंभीर विषय है।’ इसपर राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी हिंदू समाज नहीं हैं। बीजेपी हिंदू समाज नहीं है। आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है. ये ठेका नहीं है बीजेपी का।
     
    भगवान राम की जन्मभूमि ने बीजेपी को मैसेज दिया
     
    राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या ने बीजेपी को मैसेज दिया। अवधेश पासी की ओर संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि ये मैसेज आपके सामने बैठे हुए हैं। मैंने कल कॉफी पीते हुए इनसे पूछा कि हुआ क्या। आपको कब पता लगा कि आप अयोध्या में जीत रहे हो। इन्होंने कहा कि पहले दिन से पता था। अयोध्या में एयरपोर्ट बना, जमीन छिनी गई और आज तक मुआवजा नहीं मिला है, जो भी छोटे-छोटे दुकानदार थे, छोटी-छोटी बिल्डिंग्स थी, सबको गिरा दिया गया और उन लोगों को सड़क पर कर दिया गया। अयोध्या के इनोग्रेशन में अयोध्या की जनता को बहुत दुख हुआ। अंबानी जी थे, अडानी जी थे, लेकिन अयोध्या का कोई नहीं था। अयोध्या की जनता के दिल में नरेंद्र मोदीजी ने भय। उनकी जमीन ले ली, घर गिरा दिए लेकिन इनोग्रेशन तो छोड़ो उसके बाहर तक नहीं जाने दिया। इन्होंने मुझे एक और बात बोली कि दो बार नरेंद्र मोदी ने टेस्ट किया कि क्या मैं अयोध्या में लड़ जाऊं।. सर्वेयर्स ने कहा कि अयोध्या में मत जाना, वहां की जनता हरा देगी इसीलिए पीएम वाराणसी गए और वहां से बचकर निकले।
     
    अमित शाह बोले- ये नियम तोड़ रहे हैं
     
    राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू डर, हिंसा और नफरत नहीं फैला सकता, लेकिन बीजेपी नफरत और हिंसा फैलाती है। उन्होंने आगे कहा कि कहां-कहां तक इन्होंने (बीजेपी) डर फैला दिया है। अयोध्या से शुरू करते हैं. ये कहते ही राहुल गांधी ने अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद से हाथ मिलाया। इस पर अमित शाह फिर से खड़े हुए और बोले कि नेता प्रतिपक्ष बार-बार तस्वीर दिखा कर नियमों को तोड़ रहे हैं।
     
    इस्लाम में अभय मुद्रा पर जानकारों से राय लें राहुल गांधी
     
    राहुल गांधी के भाषण पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘इस्लाम में अभय मुद्रा को लेकर इस्लाम के जानकारों का मत वो ले लें। गुरु नानक देव की अभय मुद्रा पर भी वो गुरद्वारा कमेटी से मत ले लें। अभय की बात करने वाले इन लोगों ने इमरजेंसी के दौर में पूरे देश को भयभीत किया। दिल्ली में दिन दहाड़े हजारों सिख साथियों की हत्या इमरजेंसी के दौरान हुई। अमित शाह ने आगे कहा नेता प्रतिपक्ष को अपने संबोधन को लेकर माफी मांगनी चाहिए।
     
    करोड़ों लोग गर्व से बोलते हैं कि हम हिंदू हैं
     
    राहुल गांधी के भाषण के बीच बवाल मचने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और बोले- शोर शराबा कर के इतने बड़े मुद्दे को दबाया नहीं जा सकता है। अमित शाह ने आगे कहा- विपक्ष के नेता ने कहा है कि जो अपने आप को हिंदू कहते हैं वो हिंसा करते हैं। इस देश में करोड़ो लोग अपने आप को गर्व से हिंदू कहते हैं, क्या वो सभी हिंसा करते हैं? हिंसा की भावना को किसी धर्म के साथ जोड़ना, इस सदन में और वो भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा गलत है। इसी के साथ अमित शाह ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग भी की।

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  • ऑनलाइन FIR, बुजुर्गों और किशोरों को थाने जाने से छूट…

    01-Jul-2024

    देश की न्यायिक व्यवस्था में आज से बड़ा बदलाव हो गया है। ब्रिटिश काल से चली आ रही आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम अब बदल गए हैं। इनकी जगह अब भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले ली है। यही नहीं भारतीय न्याय संहिता के तहत देश का पहला केस दिल्ली में एक स्ट्रीट वेंडर के खिलाफ दर्ज किया गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि इन कानूनों को सरकार जल्दबाजी में लाई है और संसद में पर्याप्त डिबेट भी नहीं हो सकी। वहीं सरकार का कहना है कि अब दंड नहीं बल्कि लोगों को न्याय मिलेगा और हमने गुलामी के प्रतीकों को खत्म कर दिया है।

     
    आइए जानते हैं, तीन नए कानूनों से क्या बदला…
     
    1. इन कानूनों में प्रावधान है कि ट्रायल पूरा होने के 45 दिन के अंदर फैसला आ जाना चाहिए। इसके अलावा पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर ही आरोप तय होने चाहिए।
     
    2. नए कानूनों के अनुसार कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करा सकता है। इससे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने में मदद मिलेगी और समन भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भेजे जा सकेंगे।
     
     
    3. सभी गंभीर आपराधिक मामलों में क्राइम सीन की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। प्रक्रिया तेज करने के लिए ऑनलाइन समन भेजे जाएंगे। इसके अलावा टाइमलाइन के तहत ही अदालतों में सुनवाई होगी।
     
    4. यदि किसी मामले में पीड़ित को एफआईआर दर्ज करानी है तो वह बिना पुलिस थाने गए भी ऐसा कर सकता है। इससे केस तुरंत दर्ज हो सकेंगे और पुलिस को भी समय रहते ऐक्शन लेने का वक्त मिलेगा।
     
    5. शिकायतकर्ता को एफआईआर की एक कॉपी भी तत्काल मिलेगी।
     
    6. नए कानूनों के तहत महिला और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के पीड़ितों का अस्पतालों में मुफ्त इलाज होगा।
     
    7. इन नियमों में गवाहों की सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है। सभी राज्य सरकारें गवाह संरक्षण योजना पर काम करेंगी। इससे लोगों का न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा बढ़ेगा और वे अहम मामलों में भी गवाही देने से बचेंने नहीं।
     
    8. पुलिस की ओर से रेप जैसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित के बयान की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी।
     
     
    9. नए नियमों के अनुसार 15 साल से कम आयु के बच्चों और 60 साल से अधिक आयु के लोगों को थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।
     
     
    10.  इनके अलावा दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी थाने में पेश होने की जरूरत नहीं होगी।

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  • परिजनों से नाराज़ युवक का 18 दिन बाद पेड़ पर लटका मिला शव

    30-Jun-2024

     ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में आने वाले डबरा क्षेत्र में सनसनीखेज मामला सामने आया है, मंगरोरा गांव में रेलवे क्रॉसिंग के पास झाड़ियों में एक युवक का शव मिला है। आपको बता दें कि युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था घटना की सूचना पर तत्काल सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी सिटी थाना पुलिस ने बताया है कि यह शव लोहगढ़ गांव के रहने वाले संजय गुर्जर का है। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी तत्काल इस मामले की सूचना दे दी थी। प्राप्त के अनुसार संजय गुर्जर का मोबाइल चलाने को लेकर अपने पिता से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह घर से चला गया था। युवक हर समय मोबाइल चलाता रहता था जिस पर उसके पिता ने उसको डांट दिया था। 10 जून को पिता से विवाद के बाद युवक नाराज होकर घर से चला गया। युवक का शव रेलवे क्रॉसिंग के पास झाड़ियों में शुक्रवार को मिला है। मृतक संजय का शव पूरी तरह से सड़ी गली हालत में मिला है। पुलिस ने शव को शवपरीक्षा के लिए अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान कपड़ों से हुई अभी पुलिस मामले की जांच कर रही है। डबरा सिटी थाना पुलिस का कहना है कि अभी हर एंगल पर इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।


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  • चलती कार पर सरिया से लदा ट्रक पलटा मृतकों में 1 महिला और 2 पुरुष शामिल

    29-Jun-2024

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज चलती कार पर सरिया से लदा एक ट्रक पलट गया। इस हादसे में कार सवार 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 1 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं। 

    दरअसल महोबा बादा के निवासी अपनी आल्टो कार से कहीं जा रहे थे। मैहर उचेहरा बाईपास पथरहटा के पास उनके बगल से गुजर रहा सरिए से लदा ट्रक पलट गया। जिसमें 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हैं।
     
    वहां मौजूद लोगों ने फ़ौरन इसकी सूचना उचेहरा पुलिस को दी। सभी पुलिसकर्मी रहत बचाव कार्य में जुटे हैं।

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  • महगाई की मार सब्जियों में की वार, टमाटर से लेकर प्याज तक सब महंगा…

    29-Jun-2024

    नई दिल्ली :- आपको बता दे की आगरा में इन दिनों बारिश और गर्मी के कारण आलू, टमाटर, शिमला मिर्च, बैगन व अन्य सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। आलू व अन्य सब्जियों के साथ मुफ्त में मिलने वाली हरी धनिया का दाम 200 रुपये किलो पहुंच गया है।

     
     
     
    टमाटर एक हफ्ते पहले 30 रुपये किलो था, अब 40 रुपये किलो हो गया है। अभी मानसून यूपी में पूरी तरीके से आया नहीं, उससे पहले ही सब्जियों के दाम बढ़ने लगे। सिकंदरा स्थित नवीन फल एवं सब्जी मंडी के अध्यक्ष संजीव यादव ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। सब्जियों की आवक कम हो जाती है। सब्जी विक्रेता अमन दिवाकर ने बताया कि एक हफ्ते बाद सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जो सब्जियां अन्य राज्यों से आती है, उनके दाम ज्यादा बढ़े हैं। हरी सब्जियां आगरा के आसपास से ही उपलब्ध हो जाती हैं उनके दामों में बढ़ोतरी कम है।
     
    सब्जियों के दाम एक हफ्ते पहले मौजूदा कीमत :-
    बैगन 20 रुपये 30 रुपये.
    पत्ता गोभी 30 रुपये 40 रुपये.
    बड़ा आलू 20 रुपये 30 रुपये.
    टमाटर 30 रुपये 40 रुपये.
    गोभी 30 रुपये 40 रुपये.
    लौकी 30 रुपये 50 रुपये.
    शिमला मिर्च 60 रुपये 80 रुपये.
    हरी मिर्च 80 रुपये 100 रुपये.
    हरी धनिया 80 रुपये 200 रुपये.
    प्याज 30 रुपये 40 रुपये.

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  • लद्दाख में बड़ा हादसा, नदी में अचानक आ गया सैलाब; अभ्यास कर रहे पांच जवानों की मौत

    29-Jun-2024

    लेह लद्दाख में सेना के जवानों के एक अभ्यास के दौरान बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में टैंक के साथ जवान अभ्यास कर रहे थे तभी अचानक जलस्तर बढ़ गया तेज बहाव में पांच जवान बह गए। जानकारी के मुताबिक एक शव ही बरामद किया जा सका है। वहीं बाकी के जवानों के शव भी अब तक नहीं मिले हैं। नदी से टी-72 टैंक को निकाला गया है। घटना एलएसी के पास ही न्योमा चुशुल इलाके की है। बताया गया कि रक्षा अधिकारी टैंक को नदी पार कराने की एक्सरसाइज कर रहे थे। तभी अचानक नदी में सैलाब आ गया। पांच जवानों की मौत के अलावा कई के घायल होने की भी सूचना है।

     
    सेना के अधिकारियों का कहना है कि लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में यह नदी है जिसमें अभ्यास से पहले पानी ज्यादा नहीं था। अधिकारीयों का कहना है कि राहत और बचाव का काम तत्काल शुरू कर दिया गया है। बाकी चार जवानों के शवों का भी तलाशी अभियान चलाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा, लद्दाख में नदी पार करते समय टैंक पर सवार सेना के पांच जवानों की मौत होने की घटना से गहरा दुख हुआ है। हम अपने बहादुर जवानों की अनुकरणीय सेवा को कभी नहीं भूलेंगे।
     
    बीते साल लद्दाख में सेना का एक वाहन खाई में गिर गया था। इसमें नौ जवानों की मौत हो गई थी। बताते चलें कि पहाड़ी नदियों में कई बार बादल फटने या फिर भूस्खलन होने की वजह से अचानक जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में बड़ा हादसा हो जाता है।
     
    जानकारी के मुताबिक मारे गए जवानों में एक जेसीओ शामिल है। जिस टैंक से जवान अभ्यास कर रहे था उनकी संख्या सेना के पास 2400 है। भारतीय सेना लंबे समय से इन टैंकों का इस्तेमाल करती आ रही है। वहीं लद्दाख में चीन की चुनौती की वजह से एलएसी के पास सेना की तैनाती रहती है। सेना ने एलएसी पर टैंकों की भी तैनाती कर रखी है। सेना ने इस इलाके में करीब 500 टैंक तैनात कर रखे हैं।

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  • एमके स्टालिन ने नीट परीक्षा खत्म करने की मांग पर, पीएम मोदी को लिखा पत्र

    29-Jun-2024

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र सरकार से राज्य को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट -UG  से छूट देने और राष्ट्रीय स्तर पर इस परीक्षा को समाप्त करने की मांग की है. तमिलनाडु को नीट से छूट देने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए चयन प्रक्रिया केवल कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर होनी चाहिए न कि इसके लिए अलग से प्रवेश परीक्षा कराई जानी चाहिए क्योंकि इससे छात्रों पर अधिक तनाव पड़ता है.

     
    स्टालिन ने अपने पत्र में कहा, ‘हमने तमिलनाडु में नीट परीक्षा न कराने और 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रदान करने के लिए अपनी विधानसभा में सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था. इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है.’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा ने उपरोक्त बताई गई मांग के संबंध में आज विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि वह तमिलनाडु को नीट से छूट देने के लिए विधेयक पर अपनी सहमति जताए और राष्ट्रीय स्तर पर इस चयन प्रक्रिया को खत्म करने के लिए एनटीए अधिनियम में संशोधन करे.
     
    दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड,पंजाब, केरल,तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को लिखे अलग-अलग पत्रों में स्टालिन ने उनसे अनुरोध किया कि वे अपनी-अपनी विधानसभाओं में नीट परीक्षा को समाप्त करने के लिए इसी तरह का प्रस्ताव पारित करने पर विचार करें. उन्होंने लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर तमिलनाडु को नीट परीक्षा से छूट देने की मांग पर उनका समर्थन मांगा है.
    राहुल गांधी को भी लिखा पत्र
     
    स्टालिन ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा- एनटीए द्वारा आयोजित नीट -UG की परीक्षा में अनियमितताओं की हालिया घटनाओं ने देश में मेडिकल कोर्स करने के इच्छुक कई मेहनती उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है. यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र के गरीब युवाओं को मेडिकल में स्नातक करने के सपने पूरे करने से भी वंचित कर रही है.”
     
    उन्होंने कहा, ”मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस मुद्दे और तमिलनाडु की मांग को संसद में उठाएं तथा विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल राज्यों को भी सुझाव दें कि वे देश के युवाओं के हित में संबंधित विधानसभाओं में इसी तरह के प्रस्ताव पारित करें.”

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