बस्तर। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर दशहरा में शामिल होने न्योता दिया है। इस दौरान गृहमंत्री ने भी न्योता स्वीकार किया और कहा कि वे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होने बस्तर जरूर आएंगे। दरअसल, पिछले करीब 618 साल से बस्तर दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। खास बात है कि यह पर्व करीब 75 दिनों तक चलता है और यहां रावण का दहन नहीं होता है, बल्कि रथ की परिक्रमा करवाई जाती है। यही इसकी प्रसिद्धि की सबसे बड़ी वजह है।
नई दिल्ली। सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 67 वर्षीय राधाकृष्णन को शपथ दिलाई। राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकर उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत था। 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हुआ था।
सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में यांगथांग विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले अपर रिम्बी में गुरुवार रात को एक भीषण भूस्खलन ने काफी तबाही मचाई है।
नई दिल्ली। शुक्रवार का दिन आमतौर पर लोगों के लिए वीकेंड की शुरुआत का सुकून लेकर आता है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट रहे। देश की राजधानी दिल्ली, औद्योगिक राजधानी मुंबई और चुनावी राज्य बिहार इन तीनों जगहों पर बम धमकी की खबरों से अचानक अफरा-तफरी मच गई
कुलगाम। भारतीय सेना की चिन्नार कॉर्प्स ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में चलाए गए 'ऑपरेशन गुड्डर' में दो खतरनाक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को मार गिराया है। सेना ने इस अभियान को बड़ी सफलता करार दिया है और कहा है कि घाटी को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प जारी रहेगा।
बेंगलुरु। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है और कर्नाटक कांग्रेस के विधायक सतीश कृष्ण सेल को गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस विधायक सतीश कृष्ण सेल को राज्य में कथित अवैध लौह अयस्क निर्यात से जुड़े धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी है।
बेंगलुरु। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है और कर्नाटक कांग्रेस के विधायक सतीश कृष्ण सेल को गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस विधायक सतीश कृष्ण सेल को राज्य में कथित अवैध लौह अयस्क निर्यात से जुड़े धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी है।
तेलंगाना। करीमनगर जिले से बड़ी ही शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी हॉस्पिटल में एडमिट एक महिला मरीज के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, महिला टाइफाइड और तेज बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल में भर्ती हुई थी। यहां तीन दिन पहले उसके साथ रेप की घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का टेक्निशियन को गिरफ्तार किया है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को अपने उत्तराधिकारी सी.पी. राधाकृष्णन को शुभकामनाएं दी है। धनखड़ ने कहा कि उनके व्यापक अनुभव से उपराष्ट्रपति का पद और अधिक गौरव प्राप्त करेगा। जुलाई में पद छोड़ने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक बयान था।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय कार्यशाला में रविवार को ऐतिहासिक जीएसटी सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और आभार व्यक्त किया गया जहां वह आम कार्यकर्ता की तरह कार्यशाला की आखिरी पंक्ति में सहज भाव से बैठे दिखाई दिए।
कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ दुनिया को नई उम्मीद मिल सकती है। रूस की mRNA आधारित वैक्सीन एंटेरोमिक्स (Enteromix) ने क्लीनिकल ट्रायल में 100% प्रभावशीलता और सुरक्षा दर्ज की है। रूस की फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA) ने ऐलान किया कि यह वैक्सीन अब क्लीनिकल उपयोग के लिए तैयार है।
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उदासीनता या ढिलाई मिली तो कठोर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री रविवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, त्योहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियां और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक संवेदनशील स्थल, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर उनकी उपस्थिति और गश्त निरंतर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ जिलों से प्राप्त अप्रिय घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से मामले में अब तक हुई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। आगामी शारदीय नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने के लिए अभी से सभी जिलों को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता, सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को सुनिश्चित करना है।
रायगढ़। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 के पांचवें दिन नन्हे कलाकारों ने अपनी कला प्रतिभा से मंच को रोशन कर दिया। कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं उनकी लय, ताल और भावभंगिमाओं ने कला के प्रति समर्पण को भी दर्शाया। इसी क्रम में कोरबा की कुमारी अश्विका साव ने अपनी शानदार कथक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। दक्षिण भारत की इस शास्त्रीय नृत्य शैली में सुर, ताल और लय का ऐसा संगम देखने को मिला। कुमारी अश्विका साव तीन वर्ष की आयु से ही कथक का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वर्तमान में वह लखनऊ घराना से सीनियर डिप्लोमा पूर्ण कर चुकी हैं। वह विद्यालय, स्थानीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंचों पर प्रस्तुति देकर कई बार सराही जा चुकी हैं। साथ ही, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान भी हासिल कर चुकी हैं। अश्विका के लिए कथक केवल मंचीय कला नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है, जो उन्हें अनुशासन, साधना और आत्म-अभिव्यक्ति से जोड़ती है।
चीन: राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुआन ने रविवार की शाम तियानजिन के मीजियांग कन्वेंशन एंड एक्जिबिशन सेंटर में एक भव्य स्वागत भोज का आयोजन किया। यह विशेष आयोजन शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 2025 में भाग लेने आए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत के लिए किया गया। हाई नदी के किनारे जगमगाती रोशनी के बीच, यह शाम रंगीन सांस्कृतिक संगम और अंतरराष्ट्रीय मैत्री की मिसाल बन गई। इस मौके पर 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, उनके साथ सदस्य देशों, पर्यवेक्षक देशों, संवाद साझेदारों के प्रतिनिधि तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव सहित 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख उपस्थित हुए। जैसे ही विदेशी मेहमानों का आगमन हुआ, वहां गॉर्ड ऑफ ऑनर ने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। रेड कारपेट पर चलते हुए मेहमानों ने विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वजों, एससीओ ध्वज और संयुक्त राष्ट्र के ध्वजों की शानदार परेड के बीच प्रवेश किया।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फंग लीयुआन ने सभी विदेशी नेताओं और उनके जीवनसाथियों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया, हाथ मिलाए, अभिवादन किए और स्मृति चिह्न के रूप में तस्वीरें भी खिंचवाईं। इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथि मधुर संगीत की धुनों के बीच भोज कक्ष में पहुंचे। भोज से पूर्व शी जिनपिंग ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने चीनी सरकार और जनता की ओर से सभी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ने स्थापना के बाद से ही 'शंघाई भावना' के मूल्यों (आपसी विश्वास, समानता, सहयोग और संवाद) को अपनाकर सदस्य देशों के बीच एकता और विश्वास को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि एससीओ ने न सिर्फ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने में योगदान दिया है, बल्कि यह संगठन वैश्विक संबंधों में एक नए प्रकार की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और साझा भविष्य वाले मानव समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
शी जिनपिंग ने कहा, "आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और यह बदलाव अनिश्चितताओं और अस्थिरता से भरा है। ऐसे समय में एससीओ की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सभी पक्षों के बीच सहमति बनाना, सहयोग की ऊर्जा को बढ़ावा देना और विकास का खाका तैयार करना है। मुझे विश्वास है कि सभी सदस्य देशों के सहयोग से यह सम्मेलन सफल रहेगा और एससीओ भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएगा।" उन्होंने तियानजिन शहर की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा, "तियानजिन एक खुला, समावेशी और प्राचीन काल से राजधानी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण भाग रहा है। यह शहर चीन की आर्थिक सुधार और खुलेपन की अग्रणी भूमि है। बीजिंग-तियानजिन-हेबेई के समन्वित विकास की रणनीति के तहत यह शहर लगातार नए जोश और ऊर्जा से भर रहा है। इस शहर में एससीओ समिट का आयोजन संगठन के सतत विकास को नई गति देगा।"भोज के बाद, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फंग लीयुआन ने सभी अतिथियों के साथ मिलकर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति 'क्रिएटिंग द फ्यूचर टुगेदर' का आनंद लिया। इस प्रस्तुति में विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय, सौहार्द और सहयोग का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया।
गुजरात: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद के गोटा वार्ड में लगभग 3.84 करोड़ रुपए की लागत से बने एक नवनिर्मित शहरी स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र स्थानीय निवासियों के घर-द्वार पर सामान्य चिकित्सा ओपीडी सुविधाओं, आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई कार्ड, आभा कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं सहित स्वास्थ्य सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करेगा। इस स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए स्त्री रोग परामर्श, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए बाल चिकित्सा सेवाएं, टीकाकरण, प्रसूति देखभाल और रेफरल सेवाएं जैसी विशेष देखभाल भी उपलब्ध होंगी। इस सुविधा केंद्र की योजना झुग्गी-झोपड़ियों और गैर-झुग्गी-झोपड़ियों वाले इलाकों में ममता दिवस और मातृ-शिशु कल्याण कार्यक्रम चलाने, योग के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और विशेषज्ञ परामर्श के लिए टेली-मेडिसिन सेवाएं प्रदान करने की भी है। उद्घाटन समारोह में अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन, स्थायी समिति के अध्यक्ष देवांग दानी, सांसद नरहरि अमीन, नगर आयुक्त बंछानिधि पाणि और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।गृह मंत्री ने गुजरात में राज्यव्यापी डायल 112 एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) का भी शुभारंभ किया। इससे सभी प्रमुख आपातकालीन सेवाएं जैसे पुलिस, अग्निशमन, एंबुलेंस, महिला हेल्पलाइन और बाल हेल्पलाइन एक ही हेल्पलाइन नंबर के अंतर्गत आ जाएंगी। इस पहल के तहत गृह मंत्री शाह ने 500 जनरक्षक वाहन भी समर्पित किए, जिन्हें राज्य भर में त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया जाएगा।केंद्रीकृत कॉल सेंटर में 150 कर्मचारी 24 घंटे काम करेंगे और पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना निकटतम जनरक्षक वाहन को भेजेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सूरत में पायलट प्रोजेक्ट से सुधार देखने को मिले हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह प्रणाली शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन प्रबंधन को मजबूत करेगी और नागरिक सुरक्षा को बढ़ाएगी।
पाकिस्तान: एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, रविवार को प्रांतीय मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने कहा कि पाकिस्तान का पूर्वी पंजाब प्रांत, जहाँ लगभग 15 करोड़ लोग रहते हैं, अपने इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना कर रहा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि सतलुज, चिनाब और रावी नदियों का बाढ़ का पानी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ गया है, जिससे लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। औरंगज़ेब ने कहा, "यह पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ है... यह पहली बार है जब तीनों नदियों में इतना ज़्यादा पानी आया है।"
अधिकारियों ने स्कूलों, पुलिस थानों और सुरक्षा केंद्रों में बचाव शिविर स्थापित किए हैं और फंसे हुए परिवारों को निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन से मानसून की बारिश पर असर जलवायु परिवर्तन के प्रति पाकिस्तान की संवेदनशीलता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। एसोसिएटेड प्रेस के हवाले से अधिकारियों का कहना है कि इस साल मानसून में ग्लोबल वार्मिंग तेज़ हो गई है, जिससे पहाड़ी उत्तर और उत्तर-पश्चिम में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं। पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 1 जुलाई से 27 अगस्त के बीच पिछले साल की तुलना में 26.5 प्रतिशत अधिक मानसूनी बारिश हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि जून के अंत से अब तक देश भर में बारिश से संबंधित घटनाओं में 849 लोग मारे गए हैं और 1,130 घायल हुए हैं। पाकिस्तान में मानसून आमतौर पर सितंबर के अंत तक रहता है, जिससे आगे बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। सीमा पार से आने वाले पानी ने भारत के साथ तनाव बढ़ाया संकट को और बढ़ाते हुए, लाहौर के अधिकारियों का कहना है कि भारत द्वारा उफनती नदियों और बांधों से पाकिस्तान के निचले पंजाब में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। औरंगज़ेब ने कहा कि विदेश मंत्रालय भारत द्वारा 'जानबूझकर' पानी छोड़े जाने के बारे में आँकड़े एकत्र कर रहा है, हालाँकि नई दिल्ली ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। भारत ने पिछले हफ़्ते पाकिस्तान को सीमा पार से आने वाली बाढ़ की संभावना के बारे में सचेत किया था, जो मई में युद्ध के कगार पर पहुँच चुके दोनों पड़ोसियों के बीच पहला सीधा राजनयिक संपर्क था।
1960 की सिंधु जल संधि द्वारा शासित सिंधु बेसिन की नदियों का जल प्रबंधन लंबे समय से भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक संवेदनशील दरार रहा है। खाद्यान्न संकट पंजाब पाकिस्तान का प्रमुख गेहूँ उत्पादक क्षेत्र है, जिसे अक्सर देश का अन्न भंडार कहा जाता है। बाढ़ से खड़ी फसलों के नष्ट होने का खतरा ऐसे समय में है जब खाद्य मुद्रास्फीति पहले से ही उच्च स्तर पर है। 2022 की भीषण बाढ़, जिसने विशाल कृषि क्षेत्रों को नष्ट कर दिया और देश को खाद्यान्न संकट की ओर धकेल दिया, की यादें अभी भी ताज़ा हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान भुखमरी के संकट के खतरे में है, और अधिकारियों को डर है कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है। मानवीय चुनौती बढ़ती जा रही है लाखों लोगों के विस्थापित होने के साथ, अधिकारी आश्रय, भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों को राहत केंद्रों में बदल दिया गया है, जबकि सेना और पुलिस निकासी अभियानों का नेतृत्व कर रही हैं। दक्षिणी और पूर्वी पंजाब में नावों से बचाव कार्य जारी है, लेकिन दूरदराज के इलाकों तक पहुँच सीमित बनी हुई है। राहत समूहों ने चेतावनी दी है कि स्थिर बाढ़ का पानी जलजनित बीमारियों के प्रकोप को जन्म दे सकता है, जिससे संकट और भी बढ़ सकता है। फसलों के खतरे में होने और लाखों लोगों के विस्थापित होने के कारण, यह संकट खाद्य और मानवीय आपातकाल में बदल सकता है। और चूँकि बारिश सितंबर के अंत तक जारी रहेगी, पाकिस्तान आने वाली संभावित आपदाओं के लिए तैयार है।
विश्व: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, भारत बीजिंग के साथ चल रही मधुरता का लाभ उठाकर व्यापार को बढ़ावा देने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्ट में उद्धृत अधिकारियों और उद्योग सूत्रों ने उर्वरकों, दुर्लभ मृदा खनिजों, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में संभावित वृद्धि की ओर इशारा किया है, जबकि नई दिल्ली को वाशिंगटन से टैरिफ दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
रूस के साथ संबंधों और रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत के प्रति अपना रुख कड़ा कर दिया है। उसने अतिरिक्त टैरिफ के अलावा 25 प्रतिशत का अतिरिक्त राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ लगाया है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है, जो 27 अगस्त से लागू हो गया है। उर्वरक भारत की सबसे बड़ी चिंता उर्वरक है। इस महीने की शुरुआत में, विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा चीनी विदेश मंत्री वांग यी के समक्ष इस मुद्दे पर ज़ोर दिए जाने के बाद, बीजिंग ने डाई-अमोनियम फ़ॉस्फ़ेट (डीएपी) उर्वरकों, दुर्लभ मृदा चुम्बकों और सुरंग खोदने वाली मशीनों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा लिए। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, शिपमेंट शुरू हो चुके हैं, जिससे अल्पकालिक राहत मिली है।
लेकिन यह राहत अल्पकालिक होगी। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चीन अब अक्टूबर से विशेष उर्वरकों पर निर्यात प्रतिबंध फिर से लगाने की योजना बना रहा है। सॉल्यूबल फ़र्टिलाइज़र इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव चक्रवर्ती ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "यह एक अस्थायी उपाय है क्योंकि चीन अक्टूबर से निर्यात की खिड़की बंद कर रहा है। वे इसे केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व बाज़ार के लिए बंद कर देंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि खेपों में देरी होगी और कड़ी जाँच की जाएगी।
भारत विशेष उर्वरकों के लिए 95 प्रतिशत चीनी आपूर्ति पर निर्भर है। लगभग 80 प्रतिशत सीधे चीन से आयात किए जाते हैं, जबकि 20 प्रतिशत अप्रत्यक्ष रूप से चीनी बिचौलियों के माध्यम से आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति में पहले की रुकावट के कारण कीमतों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और सितंबर में अंगूर और केले जैसी नकदी फसलों की चरम मांग के मौसम के साथ, नए प्रतिबंधों से कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। उर्वरक प्रतिबंधों ने रबी सीजन के दौरान डाइ-अमोनियम फॉस्फेट की आपूर्ति बाधित की थी, जबकि दुर्लभ मृदा तत्वों पर प्रतिबंधों ने ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को चिंतित कर दिया था। सुरंग खोदने वाली मशीनों में देरी ने भी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को धीमा कर दिया था।
दुर्लभ मृदा और औद्योगिक इनपुट दुर्लभ मृदा खनिज एक और प्राथमिकता है। इस साल की शुरुआत में जब चीन ने दुर्लभ मृदा चुम्बकों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था, तो ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों ने गंभीर जोखिमों की ओर इशारा किया था। ये चुम्बक मोटर, बैटरी और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीनी प्रतिबंधों ने ऐसी अड़चनें पैदा कीं जिनसे भारतीय उत्पादन लाइनें धीमी होने का खतरा था। निर्यात में आसानी के नियम पर दुर्लभ मृदा चुम्बकों की आपूर्ति को लेकर भारत और चीन के बीच बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण आयात के अलावा, भारत अपने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार में चीनी सहयोग पर भी नज़र रख रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा उद्धृत उद्योग सूत्रों के अनुसार, कई इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (ईएमएस) फर्मों के पास चीनी आपूर्तिकर्ताओं के साथ संयुक्त उद्यम और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सौदों के लिए सरकार के पास प्रस्ताव लंबित हैं। इन साझेदारियों को प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी), डिस्प्ले मॉड्यूल, कैमरा सब-असेंबली और बैटरियों के स्थानीय उत्पादन के लिए आवश्यक माना जाता है। चीन भारत के पेंसिल लीड, सिलोफ़न टेप और तौल मशीनों के साथ-साथ धुरी और पहियों जैसे महत्वपूर्ण रेलवे पुर्जों के 90 प्रतिशत से अधिक आयात की आपूर्ति करता है। निर्भरता का स्तर बहुत बड़ा है। मनीकंट्रोल के एक विश्लेषण में पाया गया कि चीन रेलवे धुरी और पहियों (वित्त वर्ष 2025 में $153 मिलियन), तौल मशीनों (वित्त वर्ष 2025 में $18 मिलियन, जो वित्त वर्ष 2018 के स्तर से दोगुना है), स्ट्रेप्टोमाइसिन एंटीबायोटिक्स, और यहाँ तक कि टेबल पंखे और नेल कटर जैसी कम कीमत वाली वस्तुओं जैसी महत्वपूर्ण श्रेणियों में भारत के 90 प्रतिशत से अधिक आयात की आपूर्ति करता है। लाइटर और आभूषण बक्सों सहित कई उपभोक्ता श्रेणियों में, महामारी के बाद आयात निर्भरता 90 प्रतिशत से अधिक हो गई। निवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भारत चीनी निवेश पर प्रतिबंधों में ढील देने पर भी विचार कर रहा है। अप्रैल 2020 में जारी प्रेस नोट 3 के अनुसार, भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले सभी निवेशों के लिए पूर्व अनुमोदन आवश्यक है। उस समय, इस नियम का उद्देश्य गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद अवसरवादी चीनी अधिग्रहण को रोकना था। अब, अधिकारियों का कहना है कि रुख बदल सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, "ज़रूरत पड़ने पर हम प्रेस नोट 3 पर पुनर्विचार कर सकते हैं। सभी विकल्प खुले हैं।" हाल ही में, नीति आयोग ने कुछ क्षेत्रों में 24 प्रतिशत तक चीनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए अनिवार्य अनुमोदन को समाप्त करने का सुझाव दिया है।
रायपुर। इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) Survey में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज को लेकर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। अगस्त 2025 के सर्वेक्षण में उनके गृह राज्य के 41.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उनके कार्य को संतोषजनक बताया है, जो फरवरी 2025 के 39 प्रतिशत से बढ़कर दर्ज हुआ है। यानी महज़ छह महीनों में मुख्यमंत्री के प्रति जनता की संतुष्टि में 2.9 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि बड़े राज्यों की श्रेणी में उन्हें दूसरे स्थान पर स्थापित करती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर का व्यापक भ्रमण करते हुए आमजन की समस्याओं को सीधे सुना और शिकायत निवारण समाधान शिविरों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।
इस पहल से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर नई गति मिली। साथ ही निचले प्रशासनिक तंत्र की कमियाँ उजागर हुईं, जिन्हें तत्परता से दूर किया गया। मुख्यमंत्री की यह संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली जनता को निकटता से महसूस हुई, जिससे उनके प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय की टीम ने विभागों और जिला कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के निराकरण में गति आई, वहीं भ्रष्टाचार पर प्रहार और प्रशासनिक सुधारों ने शासन की कार्यक्षमता को नई ऊर्जा दी। केंद्र सरकार की मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों का पूरा होना, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना जैसे कार्यक्रमों ने गरीबों, महिलाओं और किसानों के बीच भरोसे और संतोष की भावना को और गहरा किया। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा निवेश और व्यापार-व्यवसाय के नए अवसरों ने प्रदेश में नई आशा और उत्साह का संचार किया। मुख्यमंत्री साय की सरल, सौम्य और ईमानदार छवि, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई है।
विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सुधारों ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्हें ‘बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री’ के रूप में स्थापित किया है। सर्वेक्षण के परिणाम यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएँ और कार्यक्रम जनता तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों को राहत पहुँचाने वाली कृषि योजनाएँ, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम तथा गरीब परिवारों के लिए संचालित कल्याणकारी उपायों ने जनता की संतुष्टि को मज़बूती प्रदान की है। इसी अवधि में मुख्यमंत्री का जापान और दक्षिण कोरिया का निवेशक दौरा भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
वहां आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से हुई सार्थक चर्चाओं ने प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर अग्रणी स्थान दिलाने की नींव रखी है। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक सहयोग की दिशा में हुए समझौते जनता के भविष्य में विश्वास और आशा को और मजबूत करते हैं। बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं। सड़कों, पुलों, सिंचाई और बिजली की परियोजनाओं को गति देने के साथ ही रेलवे और उद्योग आधारित ढाँचागत विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री स्वयं जिलों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को समझते हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इससे आम नागरिकों को सीधे शासन से जुड़ाव का अनुभव हो रहा है।
रजत जयंती वर्ष में आयोजित रजत जयंती महोत्सव, तीजा-पोरा महोत्सव और स्वच्छता संगम जैसे सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया है कि सरकार केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को भी समान महत्त्व देती है। Mood of the Nation Survey में दर्ज आंकड़े यह भी स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व को विकास और स्थिरता की गारंटी मान रहे हैं। 41.9 प्रतिशत संतुष्टि दर का अर्थ है कि हर दो में से एक नागरिक राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। बड़े राज्यों में दूसरा स्थान इस बात की पुष्टि करता है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पटल पर एक मजबूत और उभरते हुए राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने राज्य के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उल्लखेनीय है कि जनता के विश्वास और सर्वेक्षण के नतीजे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संकेत करते हैं। यह परिणाम न केवल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की पुष्टि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आशा और प्रेरणा का संदेश भी है। छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास और नए संकल्पों के साथ विकास के मार्ग पर अग्रसर है और जनता का यह समर्थन उस यात्रा को और अधिक मजबूत बना रहा है।
बीजापुर। भैरमगढ़ अभ्यारण्य में एक मृत तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है. नेशनल हाईवे माटवाड़ा से लगे अभ्यारण्य की पहाड़ी में तेंदुए का शव मिला है. जब शव को ग्रामीणों ने देखा तो वनविभाग को सूचना दी गई जिसके बाद वनविभाग मौके पर पहुंचा. कई दिनों से तेंदुआ घायल था जिसके चलते मौत हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के चलते तेंदुए को समय पर उपचार नहीं मिला, जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बीते 4 दिनों से तेंदुआ जंगलों में स्तिथ घने झाड़ियों में दर्द से कराह रहा था जिसकी सूचना वनविभाग को दी गई थी. ग्रामीणों ने तेंदुए की आवाज को किसी पालतू कुत्ते की कराहना समझकर अनदेखा कर दिया. ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते तेंदुए को न्यूट्रिलाइज करके ईलाज करते तो तेंदुए को बचाया जा सकता था.
रायपुर/बिलासपुर। रायपुर के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। दोनों फरार आरोपितों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से यह याचिका दाखिल की है। पिछले सुनवाई सत्र में 19 अगस्त को चीफ जस्टिस की बैंच ने इस मामले की समीक्षा की थी। सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपितों के खिलाफ पूर्व में दर्ज कई मामले अभी भी लंबित हैं। इसके अलावा, वे गुंडा अधिनियम में भी संलिप्त पाए गए हैं। वर्तमान मामले में निचली अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इन मामलों के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक, रायपुर को निर्देश दिए गए थे कि वे इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें।
इस हलफनामे में दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों का विस्तार से विवरण दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि हलफनामे के माध्यम से कोर्ट को यह स्पष्ट किया जाएगा कि दोनों आरोपित केवल वर्तमान मामले में ही नहीं, बल्कि पिछले आपराधिक मामलों में भी संलिप्त हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अदालत द्वारा अग्रिम जमानत देने से पहले सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाता है। आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड, उनके खिलाफ लंबित मामले और समाज में संभावित खतरे को ध्यान में रखा जाता है। इस बार भी हाईकोर्ट उसी प्रक्रिया के तहत सुनवाई करेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हलफनामे में दोनों आरोपितों के पूर्व आपराधिक इतिहास, उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों और निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का पूरी तरह उल्लेख होगा। इससे हाईकोर्ट को यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि क्या अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए या नहीं। वहीं, दोनों आरोपितों के अधिवक्ताओं का कहना है कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और किसी भी तरह का खतरा नहीं पैदा करेंगे। उनका दावा है कि उन्हें अग्रिम जमानत मिलने से कानूनी प्रक्रिया में न्याय मिलने में आसानी होगी। हालांकि, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इस मामले में सतर्क हैं। उनका कहना है कि दोनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास और समाज पर संभावित प्रभाव गंभीरता से देखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने अपने हलफनामे में सभी विवरण प्रस्तुत करने की तैयारी कर ली है। इस सुनवाई के परिणाम से रायपुर और बिलासपुर में कानून व्यवस्था और आपराधिक मामलों के प्रति जनता की प्रतिक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। न्यायालय के निर्णय का इंतजार पूरे जिले में निगाहों का केंद्र बना हुआ है।
बोरीवली : मुंबई बोरीवली में शुक्रवार दोपहर 29 अगस्त को एक 12 मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई। कोरा केंद्र रोड पर स्थित दत्तानी टॉवर के एक फ्लैट में आग लग गई, जिससे इमारत के निवासियों में भारी अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। इस घटना की सूचना शुक्रवार दोपहर करीब 2:18 बजे मुंबई फायर ब्रिगेड को दी गई। अधिकारियों ने टीओआई को बताया कि आवासीय इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली थी। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। एक्स पर उपयोगकर्ताओं द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में 12 मंजिला इमारत के एक फ्लैट से आग की लपटें और घना धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर, अग्निशमन विभाग और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचे और निकासी शुरू की। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
शिमला। राजधानी शिमला में हल्के लैंड स्लाइड से भी भारी नुकसान हो रहा है। गुरुवार को टुटू के शिवनगर में लैंड स्लाइड से दो गाडिय़ों का भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही यहां पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इससे यहां पर कई घरों को खतरा भी बना है। सुबह जैसे ही लोक निर्माण विभाग को लैंड स्लाइड की खबर मिली तो उन्होंने मलबे को जेसीबी से साफ करवा दिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से यहां पर तुरंत डंगा लगाने का आग्रह किया है। बता दें कि लोअर टुटू में पहले भी लैंड स्लाइड हुआ था। इससे यहां पर कई घरों को खतरा भी बना था। यहां तक कि एक घर को तो खाली भी करवाया था। इसके बावजूद आज तक वहां पर डंगा नहीं लगाया है। ऐसे में क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं काम करना है। ताकि यहां पर लोगों के घरों को बचाया जा सके। स्थानीय पार्षद मोनिका भारद्वाज ने कहा कि यहां पर सुबह के समय डंगा गिरा था। मलाब हटावा दिया है। लोनिवि को यहां पर डंगा लगाने का आग्रह किया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कहा कि यहां पर डंगा लगाना अनिवार्य है क्योंकि यहां पर फिर से लैंड स्लाइड हो सकता है। मोनिका भारद्वाज ने कहा कि लोनिवि ने आश्वासन दिया है कि यहां पर तुरंत डंगे का काम किया जाएगा।
हैदराबाद : तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन ने गुरुवार को राज्य सरकार को बाढ़ प्रभावित जिलों में किए जा रहे राहत उपायों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित है। यह निर्देश अधिवक्ता चिक्कुडु प्रभाकर द्वारा 2020 में डॉ. चेरुकु सुधाकर द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) में दायर एक अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू करने में सरकार की निष्क्रियता का आरोप लगाया गया था।
दिल्ली: उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ पिछले 6 दिनों से निचली अदालतों में चल रही हड़ताल गुरुवार को स्थगित हो गई है। नई दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव और वकील तरुण राणा ने हड़ताल के स्थगित होने की जानकारी दी। दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की निचली अदालतों में वकीलों की यह हड़ताल दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी एक अधिसूचना के विरोध में शुरू की गई थी, जिसमें पुलिस अधिकारियों को थानों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालतों में सबूत पेश करने की अनुमति दी गई है। इसके विरोध में पिछले छह दिनों से निचली अदालतों में हड़ताल चल रही थी और इसे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया था। हालांकि, छह दिनों के बाद गुरुवार को वकीलों की इस हड़ताल को स्थगित कर दिया गया।
नई दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव और वकील तरुण राणा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमने अपनी हड़ताल को खत्म नहीं बल्कि स्थगित किया है। इस हड़ताल को लिखित आश्वासन मिलने के बाद स्थगित किया गया है, क्योंकि हमें आश्वासन तो रोज दिया जा रहा था, लेकिन लिखित में किसी ने यह बात नहीं की थी। हमारी मांग थी कि उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना को वापस लिया जाए और अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अपनी हड़ताल को जारी रखेंगे। गुरुवार को करीब सात घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद इस हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।" उन्होंने कहा, "हमें आश्वासन दिया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हमारी मांगों को लेकर बार के लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे और साथ ही हमारी समस्याओं को भी हल करेंगे। हमें लिखित में आश्वासन दिया गया है कि जब तक अगली बैठक में कोई निर्णय नहीं निकल जाता है, तब तक इस अधिसूचना पर अमल नहीं किया जाएगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल को सस्पेंड किया गया है।
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