रायपुर में हुई दिल्ली-बिलासपुर फ्लाइट की लैंडिंग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे में बारिश के कारण पानी भरने से दिल्ली-बिलासपुर फ्लाइट को रायपुर डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को यहीं उतार कर फ्लाइट बिना यात्रियों के दिल्ली वापस गई. इस कारण 40 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी. वहीं रायपुर में उतारे गए यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, एलाइंस एयर की फ्लाइट सुबह दिल्ली से रवाना होकर जबलपुर होते हुए 11:10 बजे बिलासपुर पहुंचती है। लेकिन पिछली रात हुई भारी बारिश के कारण बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे पर पानी भर गया है। इसके चलते वहां विमान की लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। ऐसे में पायलट विमान को रायपुर ले गया और वहां करीब दोपहर 12:10 बजे मौजूद 40 से अधिक यात्रियों को उतारकर फ्लाइट को वापस दिल्ली भेज दिया गया। रायपुर में उतरे यात्री अपनी निजी व्यवस्था से बिलासपुर पहुंचे, जबकि बिलासपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्रियों को निराश होकर अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
पीएम नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' में बिल्हा की मातृशक्ति का उल्लेख
'मन की बात में छत्तीसगढ़ की गूंज, बिल्हा की महिलाओं ने बदली शहर की तस्वीर, पीएम ने की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले, यह हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का क्षण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रसारित मन की बात कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर विकास मरकाम, नवीन मार्कण्डेय, अमित चिमनानी, हर्षिता पांडे, अमित साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने ह्यमन की बात के 124वें संस्करण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ह्यमन की बात न केवल जन संवाद का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह देशभर के नवाचारों, जनप्रयासों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर लोगों में नई ऊर्जा भरने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि बिलासपुर जिले के नगर पंचायत बिल्हा में स्वच्छता के क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा किए गए नवाचार का उल्लेख स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख हम सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
बिल्हा की महिलाएं बनीं संकल्प और बदलाव की प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं ने दिखा दिया कि जब संकल्प और सहयोग एक साथ हों, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं होता। स्वच्छता की इस मिसाल ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। बिल्हा की महिलाओं ने अपने संकल्प से इसे देश का सबसे स्वच्छ शहर बना दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो नवाचार किया है, उसे आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने ह्यमन की बात में विशेष रूप से रेखांकित किया। यह दिखाता है कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बनता हुआ एक सशक्त जनांदोलन है।
छत्तीसगढ़ के 7 शहरों को मिला है स्वच्छता में राष्ट्रीय पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 7 शहरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिनमें नगर पंचायत बिल्हा सहित अन्य नगरीय निकाय शामिल है। उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, निगम आयुक्तों, सीएमओ, स्वच्छता दीदियों और सफाईकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में जशपुर जिले के दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जिले के पांचों नगरीय निकायों ने स्वच्छता रैंकिंग में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दो दिन पहले उन्होंने जशपुर में स्वच्छता दीदियों और कर्मियों को स्वयं सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में एक सकारात्मक वातावरण बना है और हमारी सरकार ने जिस निष्ठा एवं संकल्प के साथ स्वच्छ भारत मिशन को लागू किया है, उसका परिणाम आज देश के सामने है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मन की बात आज देश के कोने-कोने की साधारण कहानियों को असाधारण प्रेरणा में बदलने वाला राष्ट्रीय अभियान बन गया है, जो भारत के लोकतंत्र की जीवंतता का साक्षात प्रमाण है।
सीएम विष्णुदेव साय ने की बड़ी घोषणा, अगले सत्र में लाएंगे विधेयक
रायपुर। धर्मांतरण रोकने के लिए राज्य सरकार नया कानून बनाने के लिए अगले विधानसभा सत्र में विधेयक लेकर आएगी। उक्त घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान की। उन्होंने कहा कि नए कानून का ड्राफ्ट तैयार होने की जानकारी देते हुए बताया कि इसे विधानसभा के अगले सत्र में पटल पर रखा जाएगा।
धर्मवापसी कराने पर प्रबल प्रताप जूदेव की प्रशंसा की
विष्णु देव साय ने जशपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है। लेकिन स्व. दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने घर वापसी अभियान को मजबूती दी है। कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता गांव-गांव में हिंदू धर्म के प्रचार में जुटे हैं।
कहा-गाय अब सड़कों पर नहीं दिखनी चाहिए
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिवेशन में कहा कि राज्य में कोई भी गाय सड़कों पर नहीं दिखनी चाहिए और इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में सवा 100 पंजीकृत गौशालाएं हैं। जिन्हें 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। नगरीय क्षेत्रों में भी गौशालाएं बनाई गई हैं और निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर मवेशी नजर न आएं।
महादेव घाट से 3 अगस्त को निकलेगी पदयात्रा
हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए महाराज राम बालक दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ से हिंदू राष्ट्र का उद्घोष हो रहा है और इसे 2025 तक पूरा करना है। उन्होंने लव जिहाद और गौ तस्करी पर कठोर कानून की मांग की। इस दौरान उन्होंने 3 अगस्त को महादेव घाट से राम मंदिर तक विशाल पदयात्रा की घोषणा की। जिसमें बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हो सकते हैं।
बलौदाबाजार। जिले के सिरपुर के समीप धसकुड जलप्रपात की ऊपरी चोटी में पहुंचकर मौज मस्ती करते हुए रील बना रहा एक युवक पैर फिसलने से करीब 70 फीट ऊंचाई से जलधारा के साथ नीचे गिर गया। इस दौरान पत्थरों से टकराने से युवक को गंभीर चोंट आई है। उसे तुरंत सिरपुर स्थित चिकित्सालय में ले जाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए तुरंत बलौदाबाजार स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। युवक को यहां आईसीयू में भर्ती कराया गया है। युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना हालांकि गुरुवार की है लेकिन इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, निखिल उर्फ दादू पिता होरी लाल साहू (18) निवासी ग्राम छेरकापुर अपने दो अन्य साथियों के साथ सिरपुर गया था। जहां पहुंचने के बाद वहां से तीन किमी दूरी पर स्थित धसकुड जलप्रपात के शिखर पर पहुंचकर ये लोग रील बना रहे थे। इसी दौरान वहां काई में पैर फिसल जाने से असंतुलित होकर निखिल पानी के तेज बहाव के साथ करीब 70 फिट नीचे जा गिरा। इस दौरान बीच में पत्थर से टकराने की वजह से उसे गंभीर चोंट लगने से वह घायल हो गया।
धसकुड जलप्रपात में सुरक्षा का कोई इंतजाम नही
बताया गया है कि बरसात के कारण इन दिनों धसकुड जलप्रपात में पानी का बहाव काफी तेज गति से होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजाना आनंद लेने वहां पहुंच रहे है, लेकिन जंगलों के बीच करीब 70 फीट नीचे जलप्रपात के आसपास सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होने के साथ किसी प्रकार की चेतावनी प्रदर्शित करते हुए बोर्ड भी नहीं है। वहीं यहां पहुंचने वालों में शामिल युवा वर्ग सावधानी बरतने की बजाय मौज मस्ती करते हुए मोबाइल से रील बनाते हुए दिखाई पड़ते है। जिसके चलते इसी तरह की दुर्घटनाऐं घटित होने की संभावना बनी रहती है।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानसून संसद सत्र के पहले दिन की शुरुआत से ठीक पहले सोमवार को मीडियाकर्मियों को जानकारी देंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार , अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र के पहले दिन की शुरुआत से ठीक पहले, प्रधानमंत्री मोदी मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों को जानकारी देंगे। संसद में गरमागरम बहस होने की संभावना है क्योंकि विपक्षी दल पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा करने, सरकार से जवाबदेही की मांग करने और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर, सरकार जीएसटी, खनन, खेल और अन्य से संबंधित विभिन्न विधेयकों पर चर्चा करने की तैयारी में है। संसद के दोनों सदनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आज एक सर्वदलीय बैठक बुलाई । यह बैठक सत्र के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग प्राप्त करने हेतु बुलाई गई थी। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और एल. मुरुगन भी उपस्थित थे।
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने सदन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया। बैठक में 51 राजनीतिक दलों के 54 सदस्यों ने भाग लिया। सर्वदलीय बैठक के समापन के बाद राष्ट्रीय राजधानी में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 21 जुलाई से शुरू हो रहे सत्र में ऑपरेशन सिंदूर सहित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है । बैठक को रचनात्मक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने वैचारिक मतभेदों के बावजूद सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया।
रिजिजू ने कहा, "सरकार ने उनकी बातों पर ध्यान दिया है। हमने अनुरोध किया है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को अच्छे समन्वय के साथ मिलकर काम करना चाहिए। हम अलग-अलग विचारधाराओं वाले राजनीतिक दल हो सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि संसद सुचारू रूप से चले - विपक्ष की भी और सरकार की भी।" ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह एक बहुत अच्छी राय है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विभिन्न दलों के पास गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बहुत अच्छे और प्रभावी ढंग से आगे बढ़े हैं और उन सभी महान अनुभवों को राष्ट्र के सामने साझा किया जाना चाहिए। हमें इसका स्वागत करना चाहिए।"
इस बीच 19 जुलाई को भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (इंडिया) के 24 सदस्यों ने संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विभिन्न प्रमुख मुद्दों पर सहमति व्यक्त की, जिसमें पहलगाम आतंकवादी हमले और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा शामिल थी। सरकार के एजेंडे में शामिल विधेयकों में मणिपुर माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक 2025, खान और खान (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक, 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 और आयकर विधेयक, 2025 भी एजेंडे में शामिल हैं। यह संसद सत्र 21 अगस्त तक चलेगा।
Adv