दिल्ली: पहलगाम हमलों के जवाब में भारत द्वारा की गई ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक्स के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब अपने सभी प्रांतों को आदेश दिया है कि वे इन हमलों में हुए नुकसान का आकलन करें. भारत के हवाई हमलों में हुए नुकसान को लेकर पाकिस्तान अब चुप्पी तोड़ता नजर आ रहा है और उसने पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान से भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. पाकिस्तान सरकार इन रिपोर्ट्स के आधार पर ये आंकलन करेगी कि इन हमलों में कितना नुकसान हुआ है.
भारतीय सेना ने दावा किया था कि उसने 6 और 7 मई की रात पाकिस्तान के कई इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था. जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने शामिल थे. इन हमलों के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा रिपोर्ट मांगने से साफ है कि इन हमलों से हुए नुकसान का आकलन काफी बड़ा है. रिपोर्ट के लिए पाक के सभी राज्यों को आदेश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सचिवालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पाकिस्तान के सभी राज्यों को ये रिपोर्ट तैयार करनी होगी कि भारत के हमलों में कितने घर तबाह हुए, कितने लोग मारे गए और किस संस्थान को नुकसान पहुंचा. स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इन हमलों के दौरान हुई मौतों और घायलों का सही-सही आंकड़ा तैयार करें और पूरी जानकारी डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से एकत्रित करें.
पाकिस्तान को कितना हुआ नुकसान? सूत्रों के मुताबिक, भारत के हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब से लेकर पीओके तक हुआ. भारतीय सेना ने कई महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने शामिल थे. मुरीदके और बहावलपुर जैसे स्थानों पर हुए हमलों में इन आतंकी संगठनों के ठिकानों को नष्ट किया गया, जिनमें से एक ठिकाना वो भी था जहां 2008 के मुंबई हमलों में शामिल अजमल कसाब को ट्रेनिंग दी गई थी. अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से साझा की जाएगी रिपोर्ट पाकिस्तान सरकार ने अब इस रिपोर्ट को तैयार करने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ साझा करने का भी फैसला किया है. रिपोर्ट में भारत के हमलों के दौरान हुए नुकसान का विवरण, मृतकों और घायलों की संख्या और किस प्रकार के संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, ये सब शामिल किया जाएगा. पाकिस्तान की स्थिति और खराब अब तक पाकिस्तान ने भारत की एयरस्ट्राइक्स में हुए नुकसान को नकारा था, लेकिन रिपोर्ट के आदेश के बाद ये साफ है कि पाकिस्तानी सरकार भारतीय हमलों से हुए भारी नुकसान को स्वीकार करने पर मजबूर है. ये रिपोर्ट भविष्य में पाकिस्तान की रक्षा नीति और पुनर्निर्माण योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगी. रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान की सरकार ने अपनी जनता और प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है. ये पूरी रिपोर्ट पाकिस्तान की पुनर्निर्माण योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगी.
New Delhi: केंद्र सरकार ने विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर के काफिले में एक अतिरिक्त बुलेटप्रूफ वाहन जोड़कर उनके सुरक्षा कवर को बढ़ा दिया है, शीर्ष सूत्रों ने बुधवार को कहा।जयशंकर, जिन्हें वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( सीआरपीएफ ) से 'जेड' श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा प्राप्त है, को अब देशव्यापी आवागमन के लिए एक उन्नत सुरक्षा वाहन मिलेगा। सीआरपीएफ ने यह निर्णय भारत-पाकिस्तान तनाव से जुड़े हाल के खतरे के आकलन के बाद लिया, जिसमें सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता का संकेत दिया गया था।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में जयशंकर की सुरक्षा को 'वाई' श्रेणी से बढ़ाकर 'जेड' श्रेणी कर दिया गया था।सीआरपीएफ ने दिल्ली पुलिस से जयशंकर की सुरक्षा का जिम्मा ले लिया था।69 वर्षीय जयशंकर को वर्तमान में सीआरपीएफ कर्मियों की एक सशस्त्र टीम द्वारा जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिसमें देश भर में उनके आवागमन और प्रवास के दौरान एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो शामिल हैं।सीआरपीएफ वर्तमान में 210 से अधिक लोगों को वीआईपी सुरक्षा प्रदान कर रही है, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, दलाई लामा और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं ।
विदेश मंत्री की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद लिया गया।7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। हमले के बाद, पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से गोलाबारी की और साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन हमलों का प्रयास किया, जिसके बाद भारत ने समन्वित हमला किया और पाकिस्तान के 11 वायुसैन्य ठिकानों पर रडार अवसंरचना, संचार केंद्रों और हवाई क्षेत्रों को क्षतिग्रस्त कर दिया।इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता समाप्त होने की सहमति की घोषणा की गई।
भारतीय नौसेना भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत युद्धपोत INS विक्रांत समेत 36 जहाजों के साथ पाकिस्तान में कराची बंदरगाह को अवरुद्ध कर दिया है। भारतीय सेना ने हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों के समर्थन में भारत पर हमले किए, लेकिन भारत ने इन हमलों को प्रभावी ढंग से विफल कर दिया। यह अनुमान लगाते हुए कि पाकिस्तान जवाब देगा, नौसेना ने अपनी समुद्री तैयारियों को काफी बढ़ा दिया। उस दिन, ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस युद्धपोत INS विक्रांत के साथ कुल 36 जहाजों और पनडुब्बियों को कराची बंदरगाह को निशाना बनाने के लिए तैनात किया गया था। नौसेना के अधिकारियों ने हाल ही में इसका खुलासा किया और उल्लेख किया कि इन जहाजों की तैनाती के कारण ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा। नौसेना अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ तीन-आयामी दबाव रणनीति का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कराची बंदरगाह को निशाना बनाने के लिए 36 फ्रंटलाइन नौसेना बलों को तैनात किया गया था, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और वरुणास्त्र हेवीवेट टॉरपीडो से लैस सात विध्वंसक शामिल थे। उनके पास हाल ही में कमीशन किए गए INS तुशील सहित सात स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट भी थे। अधिकारियों ने कहा कि INS विक्रांत और ब्रह्मोस मिसाइलों द्वारा कराची बंदरगाह की नाकाबंदी के कारण पाकिस्तानी नौसेना प्रभावी ढंग से जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना को खुद को बंदरगाह तक सीमित रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। इन तनावपूर्ण स्थितियों के दौरान, अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों ने अपने मार्ग बदल दिए। हालांकि, भारत की तैयारियों को देखते हुए, पाकिस्तान ने अंततः युद्धविराम का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव डीजीएमओ हॉटलाइन के माध्यम से रखा गया और भारत ने इस पर सहमति व्यक्त की।
अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमृतसर पुलिस ने मजीठा थाने में मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि शराब 11 मई की रात को ही खरीदी गई थी। सोमवार को सुबह ही कुछ लोगों की मौत हो गई थी।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकी मारे गए। मुठभेड़ अभी भी जारी है। इसे ऑपरेशन केलर नाम दिया गया है। शुकरू के जंगली इलाकों में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। महाराष्ट्र साइबर सेल ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी और बांग्लादेशी हैकरों ने भारत में 15 लाख साइबर अटैक किए। इनमें से सिर्फ 150 ही कामयाब रहे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे। उन्होंने एयरबेस पर जवानों से मुलाकात की। पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में सोमवार रात ड्रोन दिखे थे। कुछ देर बाद सेना ने कहा कि दुश्मन के किसी ड्रोन की सूचना नहीं है। आज सभी स्थानों पर स्थिति सामान्य है। 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी में आर्मी के 6 और क्चस्स्न के 2 जवान शहीद हो चुके हैं, 59 घायल हैं। इसके अलावा 28 सिविलियंस की भी जान गई है।
लाहौर/नई दिल्ली। पहलगाम हमले के जवाब में भारत के मिसाइल हमलों के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। अपनी बौखलाहट में उसने भारत के कई अग्रिम स्थानों पर गोलाबारी की है। हालांकि, भारतीय सेनाओं की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को काफी खामियाजा उठाना पड़ा है। भारत की सीमा से सटे पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर लाहौर में उसे काफी नुकसान पहुंचा है। भारत ने लाहौर में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
जम्मू। गुरुवार रात पाकिस्तान की ओर से किए गए आत्मघाती ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव का माहौल है। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की आठ मिसाइलें और कई ड्रोन हवा में ही मार गिराए। इस हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हालात का जायजा लिया।
कोलकाता। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। बीते 48 घंटों में पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हमले की कोशिश की लेकिन भारत ने उसकी सभी कोशिशों को नाकाम कर दिया। साथ ही भारत ने जवाबी कार्रवाई भी की है। भारत ने समुद्री रास्ते से भी पाकिस्तान को जवाब दिया है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पहलगाम पर हमला किया था... प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प था और हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है... हमें अपने सशस्त्र बलों के साथ खड़ा होना है और उनका मनोबल बढ़ाना है... आज आप पाकिस्तान को दुनिया के सामने कराहते हुए देख सकते हैं... सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जाएंगी। हमें प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में काम करते रहना है। भारत हर परिस्थिति में विजयी है और आगे भी विजयी रहेगा।
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेनाओं ने पूरी तरह नाकाम कर दिया
जम्मू-कश्मीर। भारत ने पाकिस्तान को फिर बड़ा झटका दिया। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने शुक्रवार (9 मई) को जम्मू-कश्मीर के सांबा में इंटरनेशनल बॉर्डर पर पाकिस्तानी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया। सुरक्षा बल ने गोलीबारी कर घुसपैठ कर रहे 7 आतंकियों को ढेर कर दिया। घुसपैठिए जैश-ए-मोहम्मद के बताए जा रहे हैं।
देहरादून (वीएनएस)। उत्तराखंड के देहरादून से उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत स्थित श्री गंगोत्री धाम की यात्रा पर श्रद्धालुओं को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर के गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से छह लोगों की मौत हो गयी। हेलीकाप्टर में पायलट सहित कुल सात लोग सवार थे। इनमें से छह लोगों के शव बरामद हुए हैं जबकि एक यात्री सुरक्षित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर कई स्थानों पर पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना उकसावे के गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। सेना ने कहा कि बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि के दौरान संघर्ष विराम का उल्लंघन कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी और जम्मू के अखनूर के आसपास के इलाकों में हुआ।
तेहरान। ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी परमाणु वार्ता और दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच एक आसन्न बैठक पर तेहरान द्वारा प्रस्ताव के बारे में अटकलों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने बुधवार को यह जानकारी दी।
बिलाईगढ़। सरसींवा क्षेत्र के चोरभट्ठी गांव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को परियोजना अधिकारी द्वारा प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र परसाभांठा में कार्यरत महेश्वरी साहू ने आरोप लगाया है कि बिना ठोस आधार के उन्हें नोटिस जारी किया गया और अप्रैल माह का रेडी टू ईट फूड वितरण रोक दिया गया।
नई दिल्ली। भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है. इस सैन्य कार्रवाई पर अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रतिक्रिया दी है. संसद में अपने संबोधन में शरीफ ने दावा किया कि भारत के 80 लड़ाकू जहाजों ने पाकिस्तान की सरहद के बेहद करीब आकर हमला किया. उनका कहना है कि भारतीय हमले ने केवल सीमा ही नहीं लांघी, बल्कि पाकिस्तान की संप्रभुता पर सवाल भी खड़े कर दिए. शरीफ ने कहा कि उन्हें हमले की हमले की पहले से सूचना मिली थी. उन्होंने बताया कि हमले वाली रात पाकिस्तान की वायुसेना पूरी तरह अलर्ट थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत के 80 टूल्ड फाइटर जेट्स ने आजाद कश्मीर, शेखूपुरा, सियालकोट और शकरगढ़ जैसे इलाकों में छह अलग-अलग ठिकानों पर हमला किया. शरीफ ने अपने संबोधन में भारत पर आरोप लगाया कि उसने पाकिस्तान की ओर से प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पूरी पारदर्शिता से जांच के लिए आयोग बनाने की पेशकश की थी. ताकि पहलगाम हमले की सच्चाई सामने लाई जा सके. शरीफ ने यह भी बताया कि भारत ने उस मित्र देश के राजदूत को तलब कर डांट लगाई जिसने पाकिस्तान की जांच आयोग की पेशकश का समर्थन किया था. प्रधानमंत्री ने इस दौरान पाकिस्तानी जनता और समूचे राजनीतिक नेतृत्व से अपील की कि वे एकजुट हों और इस मुश्किल घड़ी में अपनी फौज और देश के साथ खड़े रहें. उन्होंने कहा कि चाहे विपक्षी पार्टियां हों या सरकार, सभी को एक साथ आकर दुनिया को दिखाना चाहिए कि पाकिस्तान एकजुट है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते जब मुल्क की एकता और सैन्य ताकत का प्रदर्शन इस तरह से दुनिया के सामने होता है. अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने भारत पर यह भी आरोप लगाया कि उसने इस पूरे ऑपरेशन के बहाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि भारत के मीडिया और सरकार ने मिलकर एक सुनियोजित अभियान चलाया ताकि पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ दिखाया जा सके. शरीफ ने कहा कि वह खुद उस वक्त तुर्की में थे जब पहलगाम की घटना हुई और वहीं उन्हें इसकी जानकारी मिली.
New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से बात की और सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए भारत की लक्षित प्रतिक्रिया पर चर्चा की। एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए, जयशंकर ने लिखा, "कतर के प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री @MBA_AlThani_ से बात करके अच्छा लगा। सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए भारत की लक्षित और संतुलित प्रतिक्रिया पर चर्चा की।" पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार सुबह 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के अंदर आतंकी ठिकानों पर हमला किया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि कुल नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानों का चयन इस तरह किया गया था कि नागरिकों और उनके बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न हो। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया... नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक की जान जाने से बचने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पाकिस्तानी क्षेत्र में भारतीय मिसाइल हमलों की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अपेक्षित था और शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने का आग्रह किया। "हमने अभी-अभी इसके बारे में सुना जब हम ओवल के दरवाज़े से गुज़र रहे थे। अभी-अभी इसके बारे में सुना। मुझे लगता है कि लोगों को अतीत के आधार पर पता था कि कुछ होने वाला है। वे लंबे समय से लड़ रहे हैं। वे कई, कई दशकों से लड़ रहे हैं। और सदियों से, वास्तव में, अगर आप इसके बारे में सोचें। मुझे उम्मीद है कि यह बहुत जल्दी समाप्त हो जाएगा," ट्रंप ने कहा। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी स्थिति को स्वीकार किया लेकिन तत्काल आकलन देने से परहेज किया। एएनआई को दिए गए एक बयान में, विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "हम रिपोर्टों से अवगत हैं, हालाँकि हमारे पास इस समय कोई आकलन देने के लिए नहीं है। यह एक उभरती हुई स्थिति बनी हुई है, और हम घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।" इस बीच, पाकिस्तान की सेना ने पुष्टि की कि भारतीय मिसाइल हमलों ने मुज़फ़्फ़राबाद , कोटली और बहावलपुर के अहमद ईस्ट क्षेत्र को निशाना बनाया था । इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ( डीजी आईएसपीआर ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा: "अब से कुछ समय पहले, कायर दुश्मन भारत ने बहवलपुर के अहमद ईस्ट इलाके में सुभानउल्लाह मस्जिद, कोटली और मुजफ्फराबाद में तीन जगहों पर हवाई हमले किए लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान वायु सेना के जेट विमानों ने जवाबी कार्रवाई की और हमले भारतीय हवाई क्षेत्र के भीतर से किए गए। "हमारे सभी वायु सेना के जेट विमान हवा में हैं।" भारत के रक्षा मंत्रालय ने पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाते हुए " ऑपरेशन सिंदूर " शुरू करने की पुष्टि की। मंत्रालय ने कहा, "हमारी कार्रवाई केंद्रित, मापी हुई और गैर-बढ़ावा देने वाली प्रकृति की रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया है," उन्होंने कहा कि हमले पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे।
अमरेली: गुजरात के अमरेली ज़िले में सोमवार शाम शेत्रुंजी नदी में नहाने गए चार युवकों की डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गावडका गांव के पास हुआ। अमरेली तालुका पुलिस ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, चारों युवक नदी में नहाने के लिए उतरे थे, लेकिन पानी की गहराई और तेज़ बहाव के चलते वह डूब गए। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रात तक सभी शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान नरेंद्र वाला (18), कौशिक राठौड़ (21), भार्गव राठौड़ (20) और कमलेश डाफड़ा (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह हादसा एक बार फिर पानी के स्रोतों में सावधानी बरतने की ज़रूरत को उजागर करता है, खासकर गर्मी के मौसम में जब लोग राहत पाने के लिए नदी-तालाबों की ओर रुख करते हैं।
खरगोन: दिल्ली से संचालित सरकारी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के परिसर में प्रिंसिपल परवीन दाहिया और लाइब्रेरियन मधुरानी के बीच मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नेस्ट्स) ने दोनों को निलंबित कर दिया है. इसे निंदनीय घटना करार दिया गया है. घटना के अनुसार, प्रिंसिपल परवीन दाहिया और लाइब्रेरियन मधुरानी एक-दूसरे पर कटाक्ष करते हुए वीडियो बना रही थीं. अचानक प्रिंसिपल को गुस्सा आया और उन्होंने लाइब्रेरियन को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद उन्होंने लाइब्रेरियन के हाथ से मोबाइल छीनकर तोड़ दिया. जवाब में लाइब्रेरियन मधुरानी ने भी गुस्सा दिखाया और प्रिंसिपल को धक्का देकर कहा, ''आपने मुझे मारा, यह क्या तरीका है?'' इसके बाद प्रिंसिपल ने आपा खोया और लाइब्रेरियन को कई थप्पड़ जड़ दिए. उन्होंने लाइब्रेरियन की चोटी पकड़कर भी मारपीट की. दोनों के बीच हाथापाई होती रही, जबकि स्कूल के अन्य शिक्षक केवल देखते रहे और छुड़ाने की बात कहते रहे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया. जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्रिंसिपल परवीन दाहिया और लाइब्रेरियन मधुरानी को नेस्ट्स ने निलंबित करने का आदेश जारी किया है. मामले की जांच की गई है। फिलहाल, स्कूल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी शिक्षिका पूजा को सौंपी गई है. वीडियो वायरल करने वाले दो अन्य शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जा रही है. आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्या ने कहा, ''यह मामला हमारे संज्ञान में आया. स्कूल के प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई. हमने तत्काल कार्रवाई की और कलेक्टर को सूचित किया. दोनों को तुरंत स्कूल से हटाकर सहायक आयुक्त कार्यालय में संलग्न किया गया. अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था. शासन स्तर से दोनों प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन को निलंबित कर दिया गया है.
चेन्नई: मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सोमवार को केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर श्रीलंकाई नागरिकों द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों पर हो रहे बार-बार हमलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि भारतीय मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा जब्त की गई सैकड़ों मछली पकड़ने वाली नौकाओं को वापस लाया जाए। मुख्यमंत्री ने 2 मई को नागपट्टिनम ज़िले के तटीय गांवों से समुद्र में गए 23 मछुआरों पर हुए हालिया हमलों का विशेष रूप से ज़िक्र किया। उन्होंने इस मुद्दे को "लगातार हो रही हिंसा" करार देते हुए इसे तत्काल सुलझाने की मांग की।उन्होंने यह भी कहा कि इन घटनाओं से न केवल मछुआरों की आजीविका पर असर पड़ता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी प्रभाव पड़ता है।
नई दिल्ली: देश भर में 244 स्थानों पर भारत सरकार ने मॉक ड्रिल का ऐलान किया है। 7 मई को देश के 244 स्थानों पर यह मॉक ड्रिल होनी है, जिसमें लोगों को यह बताया जाएगा कि किसी हमले या विपरीत स्थिति में कैसे खुद को बचाया जाए। केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरीज को जारी निर्देशों में पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद इसका आयोजन अहम है। 1971 के बाद पहली बार देश में इस तरह मॉक ड्रिल हो रही है। इस दौरान सायरन बजाए जाएंगे, कुछ देर के लिए ब्लैकआउट होगा और लोगों को निकालने का अभ्यास किया जाएगा। आइए जानते हैं, इस ड्रिल में क्या-क्या होगा... इस मॉक ड्रिल को होम मिनिस्ट्री के आदेश पर सभी राज्यों में किया जा रहा है। देश के उन 244 जिलों में यह ड्रिल होगी, जहां सिविल डिफेंस विभाग ऐक्टिव है। यह एक्सरसाइज गांव लेवल पर भी होनी है।
आदेश में कहा गया है कि ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि परखा जा सके कि किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में नागरिकों के स्तर पर कितनी तैयारी है। इस ड्रिल में सिविल डिफेंस वार्डन्स, वॉलंटियर्स, होम गार्ड्स, एनसीसी, एनएसएस के लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों के छात्र भी इसमें हिस्सा लेंगे। इसके अलावा नोटिफिकेशन में कहा गया है कि आम नागरिकों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इसका मतलब है कि आम नागरिकों को भी कुछ हद तक इसमें शामिल किया जा सकता है होम मिनिस्ट्री ने सिक्योरिटी ड्रिल के 9 उद्देश्य बताए हैं। इसका पहला उद्देश्य यह है कि देश में एयर रेड वॉर्निंग सिस्टम की स्थिति का आकलन हो सके। इसके अलावा यह भी देखने की कोशिश होगी कि हवाई हमले की स्थिति में लोगों की क्या तैयारी है।
इस ड्रिल के दौरान एयरफोर्स के साथ हॉटलाइन और रेडियो कॉम्युनिकेशन को भी चेक किया जाएगा। इसके अलावा कंट्रोल रूम और शैडो कंट्रोल रूम का भी आकलन किया जाएगा। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि हम चाहते हैं कि आम नागरिकों और छात्रों की यह तैयारी रहे कि किसी भी आपदा की स्थिति में वे अपना बचाव कर सकें। ट्रेनिंग के दौरान ब्लैकआउट के दौरान कैसे बचाव किया जाएगा, उस पर भी तैयारी होगी। ब्लैकआउट की ड्रिल के दौरान लोग अपने घरों की लाइट्स को कुछ देर के लिए बंद कर देंगे। यही नहीं मॉक ड्रिल के दौरान एयरफील्ड्स, रिफाइनरीज एवं रेल यार्ड्स की सुरक्षा की भी ड्रिल की जाएगी। उनमें अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, कांडला, अंकेलेश्वर, ओका शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, बडगाम, बारामूला, डोडा, जम्मू, कारगिल,कठुआ, कुपवाड़ा, लेह, पुंछ, राजौरी, श्रीनगर, उधमपुर, सांबा, उरी, नौशेरा, सुंदरबनी और अवंतिपुर और अखनूर शामिल हैं। राजधानी दिल्ली में भी कई स्थानों पर यह मॉक ड्रिल होगी। उत्तर प्रदेश के तो सभी जिलों को इसमें शामिल किया गया है।
भिलाई। अप्रत्यासित बरसात के कारण नगर पालिक निगम भिलाई के कुछ क्षेत्रों में जल भराव हो गया था। जिसे निगम की टीम युद्व स्तर पर व्यवस्थित करवा रही है। कुछ क्षेत्रों में आंधी-तुफान से वृक्ष भी गिर गये थे, उसे भी हटवाया जा रहा है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किए है कि नगर निगम भिलाई को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। कहीं भी किसी भी परिस्थिति में जल भराव या पेड़, डाली गिरने की स्थिति में निगम का अमला तुरन्त सक्रिय हो जाए। इसकी तैयारी निगम क्षेत्र के सभी बड़े नाली, नालियों को पुन: एक बार जे.सी.बी. एवं चैन माउटिंग से सफाई कर दिया जाए। जिससे पानी का निकासी बराबर हो सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जोन क्रं. 01 नेहरू नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, जोन क्रं. 02 वैशाली नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, जोन क्रं. 03 मदर टेरेसा नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, जोन क्रं. 04 शिवाजी नगर खुर्सीपार में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी एवं जोन क्रं. 05 में वरिष्ठ सहायक स्वास्थ्य अधिकारी व्ही के सेमुवल की डयूटी लगाई गई है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अपने दल के साथ सजग रहेगें। जैसे ही इस प्रकार का कोई वार्डो या जनप्रतिनिधियों से जानकारी मिलेगी। तो दल समय अनुसार मौके पर पहुंच कर स्थिति को सामान्य करेगा।
चीन ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह "विरोधी-चीन ताकतों के घुसपैठ और बर्बरता के गतिविधियों" पर कड़ा प्रहार करेगा, इस बयान के कुछ दिन बाद जब CIA ने चीनी अधिकारियों को गुप्त जानकारियाँ लीक करने के लिए उकसाने वाले वीडियो जारी किए थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने पिछले हफ्ते अपनी सोशल मीडिया पर दो चीनी-भाषी वीडियो पोस्ट किए, जिसमें काल्पनिक दृश्यों के माध्यम से दिखाया गया कि एक वरिष्ठ चीनी अधिकारी और एक जूनियर सरकारी कर्मचारी, जिन्हें वर्गीकृत जानकारी तक पहुंच थी, चीन के सिस्टम से निराश हो जाते हैं और CIA से संपर्क करते हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने इस वीडियो को CIA की "चोरी" के प्रयासों के रूप में आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका न केवल चीन पर झूठे आरोप लगाता है, बल्कि वह चीनी कर्मियों को अपने पक्ष में लुभाने की कोशिश करता है, जो कि चीन के राष्ट्रीय हितों का गंभीर उल्लंघन है।
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर में सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को एयर रेड सायरन से जुड़ी मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को हवाई हमलों की स्थिति में सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए तैयार करना है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, राज्यों को एयर रेड सायरन लगाने के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता फैलाने और अभ्यास कराने को कहा गया है।
इस मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस कर्मियों, छात्रों और आम नागरिकों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें हवाई हमले की स्थिति में बचाव के उपायों की ट्रेनिंग दी जाएगी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सायरन की आवाज से लोग सतर्क हो सकें और नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें, इसके लिए अभ्यास को प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जाए। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सीमाई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सरकार किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहना चाहती है।
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