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देश-विदेश

  • IAS विनय चौबे की बिगड़ी तबीयत, रिम्स में हुए एडमिट

    22-May-2025

    रांची। झारखंड में 38.44 करोड़ के शराब घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में जांच एजेंसी द्वारा शिकंजे में लिए गये आरोपियों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. एसीबी ने 21 मई को जेएसबीसीएल के पूर्व जीएम (ऑपरेशन्स एंड फाइनांस) सुधीर कुमार, जेएसबीसीएल के वर्तमान जीएम फाइनांस सुधीर कुमार दास और मार्शन कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. आज तीनों को एसीबी की विशेष अदालत में पेश करने के बाद 3 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
    वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार सीनीयर आईएएस विनय कुमार चौबे को रिम्स में भर्ती कराया गया है. हाई ब्लड प्रेशर और किडनी संबंधी शिकायत के बाद उन्हें भर्ती कराया गया है. मेडिसिन विभाग के डॉ ऋषि तुहिन गुड़िया की देखरेख में इलाज किया जा रहा है. शराब घोटाले में गिरफ्तार सीनीयर IAS अधिकारी विनय चौबे की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गयै है. फिलहाल वे रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात IAS अधिकारी विनय चौबे की तबीयत को खराब हो गई, जिसके बाद होटवार जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल मेडिकल जांच के लिए रिम्स रेफर कर दिया. जहां उनका इलाज चल रहा है और लगातार उनपर निगरानी रखी जा रही है.


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  • छत्रपति संभाजीनगर में आंधी-बारिश से हादसा, 11 साल की बच्ची की मौत

    22-May-2025

    छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ शहर में आंधी-बारिश के कारण एक दुखद हादसा हो गया। बाजारपेठ क्षेत्र में एक पुराने और जर्जर मकान की दीवार अचानक ढह गई और पड़ोस में बने टीन के घर पर जा गिरी। इस हादसे में टीन के घर में सो रहा शेख परिवार मलबे में दब गया, जिसमें 11 वर्षीय आयशा शेख की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार देर रात तेज हवाओं के साथ  
    भारी बारिश शुरू हुई। इस दौरान बाजारपेठ क्षेत्र में एक पुराना मकान, जो पहले से ही जर्जर हालत में था, अचानक भरभराकर ढह गया। इस मकान की दीवार पड़ोस में बने शेख परिवार के टीन की छत वाले घर पर गिरी। उस समय परिवार के पांच सदस्य अशफाक शेख, उनकी पत्नी, आयशा और दो अन्य बच्चे घर में सो रहे थे। दीवार गिरने से पूरा परिवार मलबे में दब गया। मकान की दीवार गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबे में फंसे परिवार को निकालने का प्रयास शुरू किया।
    कड़ी मशक्कत के बाद परिवार के चार सदस्यों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आयशा को बचाया नहीं जा सका। उसे मलबे से निकालते समय उसकी सांसें थम चुकी थीं। घायलों में से अशफाक शेख के बेटे रिजवान की हालत गंभीर बताई गई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार के अन्य तीन घायलों अशफाक, उनकी पत्नी और एक अन्य बच्चे को कन्नड़ ग्रामीण अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों की
    स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दीवार का ढहना जर्जर मकान और तेज आंधी-बारिश का परिणाम था। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अन्य पुराने और असुरक्षित मकानों का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस हादसे ने पूरे बाजारपेठ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जर्जर इमारतों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। कन्नड़ नगर परिषद ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। हादसे के बाद क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं, ताकि बारिश के मौसम में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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  • USA: San Diego की रिहायशी सड़क पर छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त, एक घर को भारी नुकसान

    22-May-2025

    वाशिंगटन डीसी:दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक रिहायशी इलाके में आधी रात को एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई कारें जलकर खाक हो गईं। टेलीविजन फुटेज में सैन डिएगो के निचले इलाकों में कम ऊंचाई वाले घरों में कई कारें जलकर काली हो गईं और कम से कम एक घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। संघीय विमानन प्राधिकरण ने कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 3.45 बजे सेसना 550 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह इलाका मोंटगोमरी-गिब्स कार्यकारी हवाई अड्डे के करीब है। सैन डिएगो पुलिस विभाग ने कहा कि वह "विमान दुर्घटना की प्रतिक्रिया" कर रहा था और उसने तीन सड़कों को खाली करा दिया, साथ ही लोगों को सलाह दी कि अगर उन्हें मलबा दिखाई दे या "जेट ईंधन की गंध" आए तो वे अधिकारियों को फोन करें।


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  • पुष्पा भी मिला और माल भी, नदी के रास्ते कर रहे थे लकड़ी तस्करी

    22-May-2025

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुष्पा फ़िल्म की तर्ज पर नदी के ज़रिए लकड़ी तस्करी हो रही है। जी हां पुष्पा फ़िल्म में चंदन की लकड़ी तस्करी हो रही थी तो ग्वालियर में खैर की लकड़ी की तस्करी का खेल चल रहा था। वन विभाग की विजिलेंस टीम की घाटीगांव के जंगल मे हुई छापामारी के दौरान इसका खुलासा हुआ। टीम ने राजस्थान के तीन तस्करों को दबोचा और 2 ट्रकों से लाखों रुपए कीमत की खैर की लकड़ी बरामद की है। टीम ने जब जंगल मे सर्चिंग की तो नदी में करीब 35 क्विंटल लकड़ी मिली।  की वन विभाग तस्करों के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। ग्वालियर की घाटीगांव के जंगलों में खैर की लकड़ी तस्करी होने की जानकारियां वन विभाग के अधिकारियों को मिली थी। कत्था बनाने में काम आने वाली खैर की लकड़ी की कई राज्यों में डिमांड है, इसी आधार पर वन विभाग ने विजिलेंस टीम बनाकर जंगलों में सर्चिंग अभियान शुरू कराया। शुक्रवार रात जब जखौदी इलाके में टीम ने राजस्थान के दो ट्रक यहां से पकड़े, इन दोनों ट्रक में खैर की लकड़ी भरी थी।  
    ट्रक में राजस्थान के अलवर निवासी हामिद खान, अजहरुद्दीन और साउदी खान मौजूद थे। वन विभाग की टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। जब वन विभाग की टीम ने उनके नेटवर्क और मोडस ऑपरेंडी को खंगाली तो अधिकारी हैरान रह गए। क्योंकि लकड़ी तस्करी का यह पूरा खेल पुष्पा फिल्म की तर्ज पर चल रहा था। जिस तरह पुष्पा फ़िल्म में नदी के जरिए लाल चंदन की तस्करी होती है, उसी तर्ज पर ग्वालियर के जंगलों में खैर की लकड़ी की तस्करी हो रही थी। जखौदी के जंगल मे पुष्पा स्टाइल में सांक नदी में खैर की लकड़ी जमा की जा रही थी। वन विभाग ने नदी से 35 क्विंटल लकड़ी बरामद की है। कुल पांच लाख रुपए कीमत की लकड़ी वन विभाग ने रिकवर की है। वन अधिकारियों का कहना है की लकड़ी तस्करी का यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है। लकड़ी तस्करी के खेल में तस्करों के अलावा स्थानीय लोग और कुछ कर्मचारी भी शामिल होने की जानकारियां मिल रही है। पकड़े गए आरोपियों से उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही हैं, वही तस्करों के मददगारों की जांच भी चल रही है, लकड़ी तस्करी के इस खेल में जो भी शामिल होंगे उन सबके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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  • जासूसी कांड: ज्योति मल्होत्रा को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया, पिता ने सरकारी वकील मांगा

    22-May-2025

    हिसार: जासूसी कांड में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसकी पांच दिनों की पुलिस रिमांड खत्म होने वाली थी, जिस वजह से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट ले जाया गया, जहां कोर्ट ने फिर से उसे चार दिनों के लिए पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा तीन बार पाकिस्तान जा चुकी है। इसके साथ ही, वह जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की यात्रा कर चुकी है। इन यात्राओं के दौरान उसने वहां की व्यवस्थाओं और महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया।
    पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं और साधु-संतों से जुड़ी जानकारियां नजर आ रही हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर और भी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है। ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी को पहले पांच दिन की रिमांड पर लिया गया था और अब चार दिन के लिए दोबारा रिमांड पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है और दोबारा रिमांड के दौरान ज्योति को घर लाकर कपड़े भी ले गए थे।


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  • दुश्मन के हमले नाकाम करने से लेकर दांतखट्टे करने तक अग्निवीरों की भूमिका

    22-May-2025

    नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के अग्निवीरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानकारी के मुताबिक करीब 3,000 अग्निवीर ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे। अग्निवीर दुश्मन पर हमला करने वाले दल में शामिल रहे। इसके अलावा अग्निवीरों ने गनर, अग्नि नियंत्रण ऑपरेटर, रेडियो ऑपरेटर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करने वाली सुरक्षा प्रणाली में भी अग्निवीर शामिल रहे। इसके अलावा हथियारों व मिसाइलों से लैस भारी वाहनों के चालक दल में भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अग्निवीरों ने काम किया। ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा बनने वाले इन अग्निवीरों की उम्र केवल 20 साल के आसपास है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ आतंकवादी ठिकाने नष्ट किए थे। इस कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को तबाह किया।


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  • भारत का ट्रंप को करारा जवाब, ले रहे भारत और पाकिस्तान में सीजफायर का क्रेडिट, देखें वीडियो

    22-May-2025

    नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री ने हाल ही में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस बातचीत में विदेश मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी शब्दों में निंदा करने के लिए अफगान मंत्री को धन्यवाद दिया. बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने इस बात को भी सिरे से खारिज किया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच कोई मतभेद है. उन्होंने कहा कि कुछ झूठे और मनगढ़ंत रिपोर्टों के ज़रिए दोनों देशों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे भारत पूरी तरह खारिज करता है.  
    तुर्की के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि तुर्की, पाकिस्तान से यह अपील करेगा कि वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और उस आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय व ठेस कदम उठाए जिसे उसने दशकों से पनाह दे रखी है. द्विपक्षीय रिश्ते एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर ही बनते हैं." प्रवक्ता ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की विदेश यात्रा में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "जो देश आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें जिम्मेदार ठहराना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेनकाब करना ज़रूरी है." सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "कुल सात प्रतिनिधिमंडल हैं. तीन प्रतिनिधिमंडल रवाना हो चुके हैं... यह एक राजनीतिक मिशन है. हमारा उद्देश्य दुनिया से व्यापक संपर्क स्थापित करना है ताकि हम यह संदेश दे सकें कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हम चाहते हैं कि दुनिया आतंकवाद के सभी रूपों और स्वरूपों के खिलाफ एकजुट हो. हम दुनिया से अपील करते हैं कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए. जो देश पिछले 40 वर्षों से भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. पाकिस्तान की गतिविधियों को उजागर करना ज़रूरी है. उन्हें भारत पर किए गए आतंकी हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराना चाहिए.


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  • सरकार जांच क्यों नहीं कर सकती, वक्फ कानून पर सुनवाई के दौरान बोले सॉलिसिटर जनरल

    21-May-2025

    नई दिल्ली: वक्फ कानून में संसद द्वारा किए गए हालिया संशोधनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुधवार को सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। तुषार मेहता ने कहा, वक्फ कानून 2013 के संशोधन से पहले अधिनियम के सभी संस्करणों में कहा गया था कि केवल मुसलमान ही अपनी संपत्ति वक्फ कर सकते हैं। लेकिन 2013 के आम चुनाव से ठीक पहले एक संशोधन किया गया था, जिसके मुताबिक कोई भी अपनी संपत्ति वक्फ कर सकता है।  
    वो हुआ जो किसी ने नहीं सोचा था सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "वक्फ का अर्थ है कि उपयोग के अनुसार संपत्ति किसी और की है। आपने निरंतर उपयोग करके अधिकार अर्जित किया है। इसलिए जरूरी है कि निजी/सरकारी संपत्ति का उपयोग लंबे समय तक किया जाए। अगर कोई इमारत है जो सरकारी संपत्ति हो सकती है, तो क्या सरकार यह जांच नहीं कर सकती कि संपत्ति सरकार की है या नहीं? इसका प्रावधान 3(सी) में है। ट्रस्ट की जमीन सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, "वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि वक्फ प्रॉपर्टी के विवाद की स्थिति में सरकार अपना ही मामला खुद ही सुनवाई कर तय करेगी।"
    शुभारंभ इस पर तुषार मेहता ने कहा, "राजस्व अधिकारी तय करते हैं कि यह सरकारी भूमि है या नहीं, लेकिन यह केवल राजस्व रिकॉर्ड के उद्देश्य से है। वह विवाद तय नहीं कर सकते। उनका निर्णय अंतिम नहीं है। उनकी जांच पर कलेक्टर निर्णय लेंगे, जबकि यहां उठाई गई आपत्ति यह है कि कलेक्टर अपने मामले में न्यायाधीश होंगे। इसलिए जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने सुझाव दिया कि कलेक्टर के अलावा किसी और को इसमें नामित अधिकारी बनाया जाए।"
    सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ का मतलब अनिवार्य रूप से यह है कि आप किसी और की संपत्ति का भी उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को यह क्यों नहीं जांचना चाहिए कि संपत्ति सरकार की है या नहीं। परामर्श के दौरान आपत्ति उठाई गई थी कि कलेक्टर को यह निर्धारित करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए कि भूमि सरकारी भूमि है या नहीं, इसके लिए हमने नामित अधिकारी को बदल दिया।" उन्होंने अदालत में दावा किया कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में झूठी और काल्पनिक कहानी गढ़ी जा रही है कि उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे या वक्फ पर सामूहिक कब्जा कर लिया जाएगा। वक्फ कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई है। एक फैसले के मुताबिक, अगर कोई अधिकार कानून के तहत प्रदान किया जाता है, तो उसे कानून के तहत लिया भी जा सकता है।


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  • पत्नी ने व्यभिचार का आरोप लगाने पर पति के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया

    20-May-2025

    अदालत ने संज्ञान लेने से किया इनकार
    नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में एक महिला द्वारा अपने पति के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। पति ने क्रूरता और व्यभिचार के आधार पर कर्नाटक में तलाक की याचिका दायर की थी । संज्ञान लेने से इनकार करते हुए न्यायालय ने कहा, " मानहानि का अपराध पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व यह है कि आरोप, संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के अपेक्षित इरादे से लगाया गया हो।" एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति ने तलाक याचिका में झूठा आरोप लगाया है कि उसका अपने जिम ट्रेनर के साथ संबंध है, वह उससे गुप्त रूप से मिलता था, आरोपी की अनुपस्थिति में उसे अपने घर बुलाता था और उसके साथ अक्सर होटलों में जाता था।  
    यह भी आरोप लगाया गया कि तलाक की कार्यवाही में जिरह के दौरान पति अपने आरोपों को पुष्ट नहीं कर सका और व्यभिचार के आधार को उचित ठहराने में विफल रहा। स्वीकार किए गए मामले के अनुसार, इस मामले में अंततः क्रूरता के आधार पर तलाक दिया गया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) यशदीप चहल ने शिकायत का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। जेएमएफसी चहल ने 16 मई को पारित आदेश में कहा, "मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि शिकायतकर्ता का बयान आरोपी के खिलाफ मानहानि का अपराध साबित करने के लिए आवश्यक तत्वों और संबंधों का खुलासा करने में विफल रहा है , और इस प्रकार, संज्ञान लेने के लिए कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है। तदनुसार, बीएनएसएस की धारा 223 के तहत संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है और शिकायत का निपटारा किया जाता है।"


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  • पाक सरकार ने जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया

    20-May-2025

    नई दिल्ली। भारत से मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान में जश्न का माहौल है. वहां की शहबाज सरकार जीत का दावा कर जनता को गलत सूचना के आधार पर पूरी तरह से बरगलाने में कामयाब रही. भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाक के कई सैन्य ठिकानों को क्षतिग्रस्त किया और आतंकी ठिकानों को तबाह किया. हालांकि, पाक ने इसके जवाब में अपने आर्मी चीफ (सेनाध्यक्ष) असीम मुनीर का प्रमोशन कर दिया. पाकिस्तान की कैबिनेट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. पाकिस्तान में फील्ड मार्शल का पद पाकिस्तानी सशस्त्र बलों में सर्वोच्च पद है. जनरल असीम मुनीर देश के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बन गए हैं
    इससे पहले अयूब खान 1959-1967 के बीच इस पद के कार्यरत थे. पाकिस्तान लगातार प्रोपेगेंडा वॉर कर रहा है. शहबाज सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया है ताकि वह दुनिया को ये संदेश दे सके कि आर्मी चीफ मुनीर ने पाक को जीत दिला दी है. इसलिए उनका प्रमोशन किया गया है. लेकिन, सच्चाई इसके विपरीत है. क्योंकि भारत ने जहां-जहां चाहा वहां पाकिस्तान में घुसकर हमला किया और आतंकिस्तान कुछ भी नहीं कर सका. असीम मुनीर 2022 से पाकिस्तान के आर्मी चीफ के पद पर कार्यरत हैं. वे पाक के 11वें आर्मी चीफ हैं. आर्मी चीफ बनने से पहले वह क्वार्टरमास्टर जनरल के रूप में जीएचक्यू में तैनात थे. मुनीर ने 1986 में अपना सैन्य करियर शुरू किया था और अब 2025 में फील्ड मार्सल बन गए. उन्हें निशान-ए-इम्तियाज, हिलाल-ए-इम्तियाज और स्वोर्ड ऑफ ऑनर (पाकिस्तान) से भी नवाजा जा चुका है.


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  • EU ने 17वें प्रतिबंध पैकेज को अपनाया, ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ 100 नए प्रतिबंध लगाए

    20-May-2025

    ब्रुसेल्स : यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम ने मंगलवार को रूस की अर्थव्यवस्था, छाया तेल बेड़े और सैन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को लक्षित करते हुए नए प्रतिबंधों का अनावरण किया। यूरोपीय संघ ने अपना 17वां और सबसे व्यापक प्रतिबंध पैकेज अपनाया , जबकि ब्रिटेन ने वित्तीय संस्थानों और सैन्य आपूर्तिकर्ताओं सहित 100 नए प्रतिबंध लगाए। यूरोपीय परिषद ने मंगलवार को आर्थिक और व्यक्तिगत प्रतिबंधात्मक उपायों के 17वें पैकेज को अपनाया, जिसके तहत प्रमुख सैन्य प्रौद्योगिकी तक रूस की पहुंच को समाप्त कर दिया गया।
    यूरोपीय परिषद ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "आज का 17वां पैकेज यूरोपीय संघ के उपायों के व्यापक सेट का हिस्सा है, जो रूस की हाइब्रिड गतिविधियों, मानवाधिकारों के घरेलू उल्लंघन और यूक्रेन में रूसी सेना द्वारा दंगा नियंत्रण एजेंटों के उपयोग को भी लक्षित करता है, तीन अन्य प्रतिबंध व्यवस्थाओं के तहत ।" इसमें कहा गया है, "आज परिषद ने पुतिन के छाया बेड़े को लक्षित करते हुए अपना अब तक का सबसे बड़ा पैकेज पारित किया, जिसमें बंदरगाह तक पहुंच प्रतिबंध और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला के प्रावधान पर प्रतिबंध के अधीन सूची में शामिल जहाजों की संख्या को दोगुना कर दिया गया। तीसरे देशों से आने वाले 189 जहाजों को आज लक्षित किया गया, जिससे नामित जहाजों की कुल संख्या 342 हो गई। वे जहाज रूस के 'छाया बेड़े' का हिस्सा हैं, और अनियमित और उच्च जोखिम वाली शिपिंग प्रथाओं का पालन करते हुए रूसी तेल के परिवहन के लिए जिम्मेदार हैं, या रूस के ऊर्जा क्षेत्र का समर्थन करते हैं। छाया बेड़े पर प्रतिबंधात्मक उपायों का उद्देश्य इसकी परिचालन क्षमता को खत्म करना है, जिससे तेल राजस्व में कमी आएगी जो रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था का समर्थन करता है।"


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  • कांग्रेस के बड़े नेता ने ऑपरेशन सिंदूर को 'छोटा युद्ध' बताया, केंद्र पर बड़ा आरोप

    20-May-2025

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा है कि सुरक्षा कारणों के कारण अगर उन्होंने अपनी 17 अप्रैल की कश्मीर यात्रा रद्द कर दी तो फिर टूरिस्टों को वहां क्यों जाने दिया? उनके जान जोखिम में क्यों डाले? उन्होंने, कहा कि पाक के साथ हम छिटपुट जंग लड़ रहे हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे 'प्रगतियत्ता कर्नाटक - समर्पण संकल्प' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कर्नाटक में हैं. यहीं से उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला है.  
    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, कर्नल सोफिया कुरैशी ने जब अपनी बात रखी तो बीजेपी के एक मंत्री ने उनका अपमान किया. बीजेपी के मंत्री ने महिला अधिकारी को पाकिस्तान का एजेंट बता दिया. जिसके बाद हमने (कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों) ने उस बीजेपी मंत्री के इस्तीफे की मांग की. हालांकि, अब तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने कहा, देश को गर्व महसूस कराने वालों का अपमान नहीं किया जा सकता. पहले बीजेपी पार्टी के अंदर गद्दारों को बाहर करे, फिर दूसरों पर टिप्पणी करे. भारतीय सेना का अपमान करने का अधिकार किसी को भी नहीं है.
    खड़गे बोले- प्रधानमंत्री मोदी को 17 अप्रैल को कश्मीर जाना था. लेकिन, उन्हें खुफिया एजेंसी से इनपुट मिली थी कि सुरक्षा अव्यवस्था हो सकती है. इसलिए उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया. इसका मतलब साफ है कि सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री को पहले से जानकारी थी. अगर उन्हें ये बात पहले से पता थी तो ये जानकारी टूरिस्टों को पुलिस के जरिए क्यों नहीं दी गई? ऐसा किया जाता तो 26 लोगों की जान बच सकती थी. उन्होंने कहा, पाकिस्तान एक कमजोर देश है. वो हमेशा भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहता है. इसके लिए वो चीन का इस्तेमाल करता है. वह चीन का सहारा लेकर भारत के साथ लड़ना की कोशिश करता है. लेकिन भारत ये कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. भारत के लोग एकजुट होकर इसका मुकाबला करेंगे और माकूल जवाब देंगे.


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  • बृजमोहन के प्रयासों से रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की राह जल्द होगी सुलभ

    20-May-2025

    रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की राह जल्द सुलभ होगी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाओं की शुरुआत हेतु अनुरोध किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की राह सुलभ हो सके। साथ ही, छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को अधिक बेहतर, सुगम और सुविधाजनक बनाने को लेकर भी सकारात्मक संवाद हुआ। नायडू का सौहार्दपूर्ण स्वागत और समाधानकारी दृष्टिकोण अत्यंत प्रेरणादायक है। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हम केंद्र सरकार के सहयोग से निरंतर प्रतिबद्ध और प्रयासरत हैं।


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  • रान्या राव को मिली जमानत, विदेशी मुद्रा केस में रिहाई पर अड़चन

    20-May-2025

    कर्नाटक। कर्नाटक के चर्चित गोल्ड स्मगलिंग केस में मुख्य आरोपी रान्या राव और सह आरोपी तरुण कोंडारू राजू को विशेष अदालत (आर्थिक अपराध) द्वारा जमानत दे दी गई है. न्यायमूर्ति विश्वनाथ सी. गौदर ने अपने आदेश में दोनों को जमानत देते हुए दो शर्तें भी लगाई हैं. इसके अनुसार दोनों देश नहीं छोड़ सकते और दोबारा ऐसा अपराध नहीं कर सकते. इन शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द किए जाने की बात कही गई है.  
    हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी रान्या राव को अभी तक रिहा नहीं किया गया. उसके खिलाफ विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज है. ऐसे में जबतक उसे इस मामले में जमानत नहीं मिल जाती, तब तक उसे जेल से रिहा नहीं किया जाएगा. डीआरआई के अधिकारी अभी तक अदालत में उसके खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं, जो जमानत की वजह है. अदालत में वकील बीएस गिरीश ने रान्या राव की ओर से दलील दी. न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों को दो जमानतदार और 2 लाख रुपए का बांड प्रस्तुत करना होगा. रान्या राव ने अप्रैल में जमानत के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उससे पहले एक के बाद एक तीन नीचली अदालतों द्वारा उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी. उनके वकील ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी.  
    बेंगलुरु में 27 मार्च को 64वें सीसीएच सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इससे पहले 14 मार्च को आर्थिक अपराधों के लिए विशेष न्यायालय द्वारा भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भी उनके खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. डीआरआई ने अदालत को बताया कि रान्या राव ने अवैध सोना खरीदने की बात स्वीकार की थी. कन्नड़ एक्ट्रेस को 3 मार्च को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 14.8 किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बड़ी कार्रवाई की थी. उनके साथ बेंगलुरु से सोने के व्यापारी साहिल जैन और तरुण राजू को भी गिरफ्तार किया गया था. साहिल ने तस्करी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद की थी. वो कर्नाटक के बल्लारी का रहने वाला है.
     


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  • दो बच्चियों की मां की हत्या कर बालू में दफना दी थी लाश, आठ दिन बाद खुलासा, पति फरार

    20-May-2025

    लातेहार: झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत गारू थाना क्षेत्र में दो बच्चियों की मां 26 वर्षीय रेशमा कुमारी की हत्या करने के बाद उसकी लाश नदी किनारे बालू में दफना दी गई। इस हत्याकांड का खुलासा वारदात के आठ दिन बाद हुआ है। मृतका के पिता ने रेशमा के पति के अलावा सास-ससुर, जेठ-जेठानी और ननद के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि दो बच्चियों को जन्म देने से ससुराल के लोग नाराज थे। आरोप लगाया गया है कि रेशमा के पति का किसी और महिला के साथ नाजायज संबंध है।  वारदात का खुलासा होते ही आरोपी फरार हो गया है। परिवार के अन्य लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। बताया गया कि 16 मई को गारू थाना क्षेत्र की पुलिस ने लुहूरटांड़ गांव के पास कोयल नदी के किनारे बालू में दबी एक महिला का शव बरामद किया था। बाद में उसकी पहचान रेशमा कुमारी के रूप में हुई, जो 12 मई से ही लापता थी। डालटनगंज निवासी रेशमा के पिता सरयू प्रसाद ने एफआईआर में बताया है कि उन्होंने वर्ष 2016 में बेटी की शादी लातेहार के सुकरी निवासी मुकेश कुमार के साथ की थी। वह गारू प्रखंड कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है। दो बच्चियों के जन्म होने के बाद से ही पति और ससुराल के लोग उसे प्रताड़ित करते थे। वर्ष 2017 में उसके साथ उसके जेठ ने मारपीट भी की थी, जिसे लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उससे दहेज की मांग की जा रही थी। इसी बीच उसके पति का किसी और महिला के साथ संबंध विकसित हो गया था। इससे परेशान होकर वह दोनों बेटियों के साथ डाल्टनगंज चली आई थी। 12 मई को रेशमा का पति मुकेश दोनों बेटियों को लेने डाल्टनगंज आया था। उसी दिन से रेशमा भी लापता हो गई थी। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था।


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  • भारत, पाकिस्तान और चीन...पुतिन के मंत्री ने खोल दी इन देशों की पोल, बड़ा बयान दिया, देखें वीडियो

    16-May-2025

    नई दिल्ली: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को कहा कि पश्चिमी देश भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस की खबर के मुताबिक, लावरोव ने मॉस्को में सीमाओं के बिना संस्कृति : सांस्कृतिक कूटनीति की भूमिका और विकास विषय पर आयोजित डिप्लोमैटिक क्लब की बैठक में यह टिप्पणी की। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर गौर करें, जिसे पश्चिम ने अपनी नीति को स्पष्ट रूप से चीन विरोधी रुझान देने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहना शुरू कर दिया है-इस उम्मीद के साथ भी कि इससे हमारे महान मित्रों और पड़ोसी देशों भारत व चीन के बीच टकराव पैदा किया जा सकेगा।''  चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए स्थापित चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के मुखर आलोचक लावरोव ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के सैन्य गठबंधन एयूकेयूएस के गठन के बाद इसकी आलोचना कम कर दी है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और अमेरिका शामिल हैं। लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश एशिया में आसियान (दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ''पश्चिमी सहयोगी दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी प्रभावशाली भूमिका में आना चाहते हैं। वे आसियान की केंद्रीय भूमिका को कमजोर करना चाहते हैं, जो कई दशकों से सभी के लिए अनुकूल थी और जो आसियान देशों और उनके सहयोगियों की ओर से राजनीति के क्षेत्र में, सैन्य सहयोग के क्षेत्र में और रक्षा के क्षेत्र में बातचीत में कायम एकमत पर आधारित थी।''  

    आसियान दक्षिण-पूर्वी एशिया के 10 देशों का एक क्षेत्रीय समूह है, जिसका उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, म्यांमा, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम इसके सदस्य देश हैं। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''आम सहमति के नियम, साझा आधार की तलाश-इन सभी को हमारे पश्चिमी सहयोगी धीरे-धीरे दरकिनार करना शुरू कर रहे हैं और कुछ आसियान देशों को एकीकृत मंचों के बजाय खुले तौर पर प्रतिरोधी मंचों से जुड़ने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं।'' उन्होंने यूरेशिया में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का भी आह्वान किया।   लावरोव ने कहा, ''यूरेशिया जैसा कोई दूसरा महाद्वीप नहीं है, जहां इतनी सारी सभ्यताएं एक साथ रहती हैं और जिन्होंने आधुनिक युग में भी अपनी पहचान एवं प्रासंगिकता बनाए रखी है। हालांकि, यूरेशिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप भी है, जहां कोई महाद्वीप-व्यापी मंच नहीं है। यूरेशिया में इस तरह के एकीकृत मंच की जरूरत है, ताकि कई बड़ी, वास्तव में महान शक्तियों और सभ्यताओं के हितों में सामंजस्य स्थापित किया जा सके।'' उन्होंने याद दिलाया कि अफ्रीका में जहां उप-क्षेत्रीय मंचों के अलावा अफ्रीकी संघ मौजूद है, वहीं लातिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र में लातिन अमेरिकी और कैरीबियाई राज्यों का समुदाय (सीईएलएसी) है, जबकि यूरेशिया में अभी तक ऐसा कोई मंच नहीं बनाया जा सका है।

     

     


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  • नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को मिली Y+ सुरक्षा

    15-May-2025

    श्रीनगर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू को Y+ सुरक्षा प्रदान की गई है। गुरुवार को उन्होंने श्रीनगर हवाई अड्डे का दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री नायडू ने हवाई अड्डे की सुरक्षा पर संतोष जताते हुए कहा कि "अब श्रीनगर हवाई अड्डा पूरी तरह सुरक्षित है और विमानों का सामान्य संचालन पुनः शुरू कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि बैसरन घटना और ऑपरेशन सिंदूर के कारण श्रीनगर हवाई अड्डा छह दिनों तक बंद रहा, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह एक चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन कर्मचारियों, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर जिस साहस और समन्वय के साथ इस संकट का सामना किया, वह सराहनीय है," मंत्री ने कहा। पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कि बैसरन घटना से पर्यटन उद्योग को लगे धक्के की भरपाई कैसे होगी, मंत्री ने स्पष्ट किया कि "इस घटना ने पर्यटन उद्योग को लगभग शून्य पर ला दिया है। अब हमारी प्राथमिकता पर्यटकों का विश्वास जीतने की है, ताकि उन्हें एक बार फिर कश्मीर की ओर आकर्षित किया जा सके। यह तभी संभव है जब यहां शांति और स्थिरता बनी रहे।" मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि एविएशन मंत्रालय पर्यटन उद्योग को दोबारा गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि घाटी में एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल लौट सके।


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  • Pakistan: खैबर पख्तूनख्वा के सीएम गंदापुर ने कहा, इमरान खान बातचीत के लिए तैयार

    15-May-2025

    खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने देश की बेहतरी के लिए बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की है, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया। पेशावर में पत्रकारों से बात करते हुए गंदापुर ने कहा, "जो लोग इसे अहंकार का मुद्दा बना रहे हैं, वे पाकिस्तान को नुकसान पहुंचा रहे हैं । हमें निजी हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में सोचना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, " इमरान खान ने बातचीत के लिए सहमति जताई है और स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पाकिस्तान की बेहतरी के लिए बातचीत करने को तैयार हैं ।" गंडापुर ने पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई के लिए किए जा रहे कानूनी प्रयासों के बारे में बात की । उन्होंने कहा, " इमरान खान की रिहाई के लिए याचिकाएं दायर की जा रही हैं ।" उन्होंने कहा, "एक प्रांत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में, मेरे पास एक न्यायालय आदेश है जो मुझे साप्ताहिक रूप से उनसे मिलने की अनुमति देता है। ये बैठकें परामर्श के लिए महत्वपूर्ण हैं, विशेष रूप से प्रांतीय बजट के निकट आने के साथ।"  उन्होंने प्रांतीय शासन में खान के इनपुट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमरान खान उस पार्टी के प्रमुख हैं जो प्रांत पर शासन करती है, और प्रांतीय सरकार द्वारा लागू की जाने वाली नीतियों में उनका विजन प्रतिबिंबित होना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर मुझे उनसे मिलने की अनुमति नहीं है, तो मैं उस विजन को कैसे लागू कर सकता हूं?" अली अमीन गंडापुर ने पाकिस्तान की अस्थिरता के लिए मौजूदा संघीय नेतृत्व को दोषी ठहराया । उन्होंने कहा, " पाकिस्तान गंभीर अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है, और इसका मूल कारण वर्तमान में सत्ता में बैठे लोग हैं।"


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  • Taiwan के रक्षा मंत्रालय ने अपने क्षेत्र के निकट चीनी विमानों और 9 नौसैनिक जहाजों की 29 उड़ानें देखीं

    15-May-2025

    ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने आज सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक द्वीप के आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के विमानों की 29 उड़ानें, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के नौ जहाज और दो जहाजों का पता लगाया। इनमें से अठारह विमान ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार कर द्वीप के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र  में प्रवेश कर गए। X पर एक पोस्ट साझा करते हुए, MND ने लिखा, "ताइवान के आसपास PLA विमानों, 9 PLAN जहाजों और 2 आधिकारिक जहाजों की 29 उड़ानें आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक देखी गईं। 29 में से 18 उड़ानें मध्य रेखा को पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश कर गईं। हमने स्थिति पर नज़र रखी है और जवाब दिया है।" बुधवार को एमएनडी ने ताइवान के आसपास पीएलए विमानों, आठ पीएलए जहाजों और दो आधिकारिक जहाजों की 35 उड़ानें देखी थीं।  एमएनडी के अनुसार, पीएलए के 25 विमान मध्य रेखा पार कर ताइवान के एडीआईजेड में प्रवेश कर गए। इस बीच, वायु रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए, ताइवान ने लैंड स्वोर्ड II का लाइव-फायर डेब्यू किया। एमएनडी के अनुसार, लैंड स्वोर्ड II में विभिन्न हवाई खतरों का मुकाबला करने की क्षमता है, जिससे बल की सुरक्षा में काफी वृद्धि होगी। एमएनडी द्वारा साझा किए गए दृश्यों में मिसाइल प्रणाली की लाइव फायरिंग देखी जा सकती है, साथ ही वीडियो में इसके प्रक्षेपण को भी दिखाया गया है।  एमएनडी ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, "लैंड स्वॉर्ड II ने अपनी लाइव फायर शुरुआत की है। यह एसएएम प्रणाली विविध हवाई खतरों का मुकाबला करने में सक्षम है और #आरओसीएर्मी के लिए बल सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है।" फोकस ताइवान की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटनाक्रम सोमवार को ताइवान द्वारा पिंगटुंग काउंटी स्थित एक बेस पर अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई उच्च गतिशीलता आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली (HIMARS) का पहला लाइव-फायरिंग किए जाने के बाद हुआ है। फोकस ताइवान के अनुसार, यह अभ्यास ताइवान सेना की 58वीं आर्टिलरी कमांड द्वारा किया गया, जो कि मांझोऊ टाउनशिप के जिउपेंग बेस पर आयोजित किया गया था।  इसमें आगे कहा गया है कि HIMARS को एक पॉड से सुसज्जित किया जा सकता है जिसमें छह 227 मिमी रॉकेट या एक आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) हो सकता है जिसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर तक हो सकती है। कुल मिलाकर 33 रॉकेट दागे गए, जिनमें 11 लॉन्च वाहनों ने तीन-तीन राउंड फायर किए। फोकस ताइवान की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि, सेना ने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि अभ्यास कैसे हुआ। ताइवान ने संयुक्त राज्य अमेरिका से 29 HIMARS खरीदे हैं, और 11 की पहली खेप 2024 में वितरित की गई थी। मार्च में विधान युआन को प्रस्तुत राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 18 HIMARS का दूसरा बैच मूल रूप से 2027 की बजाय अगले साल वितरित किया जाना है।


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  • पंजाब ने जल विवाद में 6 मई के अदालती आदेश पर पुनर्विचार की मांग की

    15-May-2025

    चंडीगढ़: पंजाब ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में दो दिन पहले 6 मई के आदेश को संशोधित करने या वापस लेने के लिए याचिका दायर की थी। बुधवार को न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और केंद्रीय सरकार से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई अब 20 मई को होगी, जो पहले तय 28 मई से एक सप्ताह पहले कर दी गई है। पंजाब ने अपनी याचिका में दावा किया कि 6 मई का आदेश पूरी तरह से गलत तथ्यों पर आधारित था, क्योंकि उस आदेश में पंजाब को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णयों का पालन करने को कहा गया था। पंजाब का कहना था कि बैठक में अतिरिक्त 4,500 क्यूसेक पानी की रिहाई का मुद्दा था, लेकिन बैठक की कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं था और संबंधित राज्यों के बीच दस्तावेज भी साझा नहीं किए गए थे। पंजाब ने कोर्ट को बताया कि गृह सचिव को पानी के आवंटन पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं था और इसलिए, राज्य इस आदेश का पालन करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।


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  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पलट गए, बोले- मैंने नहीं कराई भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता

    15-May-2025

    नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम पर अपनी भूमिका को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चौंकाने वाला दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को शांत करने में मदद की थी, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि वह सीधे तौर पर यह नहीं कहना चाहते कि उन्होंने मध्यस्थता की. एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा कि मैंने मध्यस्थता की, लेकिन मैंने उस समस्या को हल कराने में मदद की, जो भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले सप्ताह और भी ज़्यादा खतरनाक हो रही थी.   तुर्की को अमेरिका की सौगात ऐसे समय में जब तुर्की ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सैन्य मदद को लेकर बेनकाब हो चुका है, तब अमेरिका तुर्की को मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली अमेरिकी मिसाइल बेच रहा है. दरअसल, अमेरिकी विदेश विभाग ने तुर्की को 225 मिलियन डॉलर की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल AIM-120C-8 AMRAAM की बिक्री को मंजूरी दे दी है. ये दुनिया की सबसे लोकप्रिय बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल है जो सभी मौसमों और रात में भी हमला करने में सक्षम है.  पिछली पीढ़ी की स्पैरो मिसाइलों की तुलना में इसमें ये फायदा है कि इसे एक बार फायर करने के बाद ये अपने लक्ष्य का पीछा करके उसको मार गिराती है. अमेरिका हथियारों का सौदागर रहा है लेकिन ऐसे समय में जब तुर्की युद्ध में भारत के खिलाफ अपने ड्रोन और ऑपरेटर भेज रहा है, तब इस डील को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये की देश में तीखी आलोचना हो रही है. खास तौर पर उन्होंने जिस तरह सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश की. हालांकि ट्रंप के दावे को भारत के विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया था. विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम का समझौता सीधे DGMO स्तर पर हुआ और वो भी पाकिस्तान की ओर से अनुरोध पर. कारण, भारतीय वायुसेना की कार्रवाई बेहद प्रभावी थी.  ट्रंप की व्यापार पर धमकी का MEA ने दिया दो टूक जवाब परमाणु युद्ध टलने की बात को लेकर भारत ने दो टूक कहा कि हमने सिर्फ पारंपरिक सैन्य विकल्प अपनाए, परमाणु विकल्प की बात ही नहीं थी. ट्रंप की व्यापार पर धमकी पर MEA का जवाब साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका से व्यापार को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई. कश्मीर पर अमेरिकी मध्यस्थता के ऑफर पर भारत ने दोहराया कि बातचीत सिर्फ द्विपक्षीय होगी और मुद्दा होगा सिर्फ PoK की वापसी.  भारत-पाक को एक ही फ्रेम में रखने की जहां तक बात है तो सरकार ने साफ किया कोई 'हाइफनेशन' नहीं. पूरी दुनिया जानती है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत कहां खड़ा है. तटस्थ जगह पर बातचीत की खबरें भी बेबुनियाद हैं. MEA ने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है. प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि भारत की नीति स्पष्ट है: सुरक्षा, संप्रभुता और सच्चाई से कोई समझौता नहीं. जिसे अमेरिका ने घोषित किया आतंकी, उसे ट्रंप ने लगाया लिया गले एक तरफ ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर में अपने दखल का झूठ बेच रहे हैं, दूसरी तरफ तुर्की से हथियारों का सौदा कर रहे हैं. कल तो ट्रंप ने उस आतंकी से भी हाथ मिलाया जिस पर अमेरिका ने करोड़ों का इनाम रखा था. उसे आतंकवादी बताकर जेल भेजा था. लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप ने आतंक पर बड़ा यूटर्न लेते हुए इस आतंकवादी को गले लगा लिया है. जानकारों का कहना है कि अमेरिका का ये यूटर्न भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकता है. गौरतलब है कि आत्ममुग्धता से पीड़ित ट्रंप के बारे में कहा जाता है कि वो वाहवाही लूटने का एक भी मौका नहीं चूकते. श्रेय लेना ट्रंप की फितरत है. भले ही वो काम उन्होंने किया हो या नहीं. सारी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ने घुटने टेके. समझौते की तरफ हाथ बढाया. भारत ने बडप्पन दिखाया और पाकिस्तान के सिर से बड़ी तबाही टल गई. लेकिन मान ना मान मैं मेहमान की तर्ज पर ट्रंप सरपंच बनकर सामने आ गए. डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार खुद को हिंदुस्तान का सच्चा दोस्त बताया लेकिन उनकी हरकत किसी दुश्मन जैसी लग रही है. कारण, डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा उर्फ अबू मोहम्मद अल जुलानी से मुलाकात की. बड़ी बात ये है कि साल 2017 में अमेरिका जुलानी के ऊपर 1 करोड़ का इनाम घोषित कर चुका है. साल 2006 में अमेरिकी सेना ने उसे गिरफ्तार भी किया, वो 5 साल तक हिरासत में रहा. इसकी वजह जुलानी के अलकायदा से रिश्ते हैं, जिसमें वो 21 साल की उम्र में शामिल हो गया था.


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  • "कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है, वह है अवैध रूप से कब्जे वाले पीओके को खाली करना": Jaishankar

    15-May-2025

    New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को सख्ती से दोहराया कि कश्मीर मुद्दा एक द्विपक्षीय मामला है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय क्षेत्र पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के साथ कश्मीर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है, विशेष रूप से अवैध रूप से कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करने के संबंध में। जयशंकर ने होंडुरास के दूतावास के उद्घाटन के अवसर पर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "कभी-कभी कश्मीर मुद्दे को फिर से उठाया जाता है। कश्मीर पर चर्चा के लिए एकमात्र मुद्दा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है। हम पाकिस्तान के साथ इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप हमारी स्थिति को बहुत स्पष्ट रूप से बताएं ताकि आपको पता चले कि आपके दिमाग में क्या है और आप में से कई लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मेरे साथ क्या उठाया है। सरकार की स्थिति बहुत स्पष्ट है।"

    उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध पूर्णतः द्विपक्षीय रहेंगे, तथा आतंकवाद-रोधी प्रयासों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के साथ भारत का व्यवहार द्विपक्षीय होगा, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं होगी। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है और उसे आतंकवादियों की सूची सौंपनी होगी तथा आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना होगा।   जयशंकर ने कहा, "पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध और व्यवहार पूरी तरह से द्विपक्षीय होंगे। यह वर्षों से राष्ट्रीय सहमति है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद पर होगी। पाकिस्तान के पास आतंकवादियों की एक सूची है जिसे सौंपे जाने की आवश्यकता है और उन्हें आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा। वे जानते हैं कि क्या करना है। हम उनके साथ आतंकवाद के बारे में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। ये वे वार्ताएं हैं जो संभव हैं जयशंकर ने यह भी दोहराया कि 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि वर्तमान में पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के कारण रुकी हुई है।

    यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल संसाधनों के बंटवारे को नियंत्रित करती है। उन्होंने कहा, "आप सभी जानते हैं कि जल मुद्दे को फिर से उठाया गया है और मैं मंत्रिमंडल, सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति और सरकार के समक्ष इस बात पर पुनः जोर देना चाहता हूं। यह बहुत स्पष्ट है कि सिंधु जल संधि स्थगित है और तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से नहीं रोका जाता।"  इस संधि के तहत पूर्वी नदियों (व्यास, रावी और सतलुज) को भारत को तथा पश्चिमी नदियों (सिंधु, चिनाब और झेलम) को पाकिस्तान को आवंटित किया गया है, साथ ही भारत के लिए कुछ प्रावधान हैं कि वह पश्चिमी नदियों का उपयोग सीमित सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे गैर-उपभोग्य कार्यों के लिए कर सकेगा। विश्व बैंक ने भारत और पाकिस्तान के बीच जल-बंटवारे के विवादों को सुलझाने के लिए सिंधु जल संधि की मध्यस्थता की । तनाव और संघर्षों के बावजूद, संधि आम तौर पर कायम रही है, जिसमें दोनों देश डेटा का आदान-प्रदान करते हैं और स्थायी सिंधु आयोग के माध्यम से जल प्रबंधन पर सहयोग करते हैं। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से इसे रोक दिया गया है ।

    आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। जयशंकर ने कहा कि वह 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करने के लिए होंडुरास सरकार के आभारी हैं । उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे लिए यह बहुत अच्छी बात है कि हमारे पास एक नया दूतावास है और होंडुरास एक ऐसा देश है जहां व्यापार बढ़ रहा है। वे राजनीतिक रूप से हमारा समर्थन करते हैं। वे उन देशों में से एक हैं जिन्होंने हमले के मामले में बहुत मजबूत एकजुटता व्यक्त की है, इसलिए मैं इसकी बहुत सराहना करता हूं।" जयशंकर ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने उन्हें फोन किया और अपना समर्थन जताया। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया । उन्होंने कहा, "हमें वास्तव में बहुत सारा अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिला। कई मंत्रियों, कई नेताओं ने यहां फोन किया, कई मंत्रियों ने मुझे फोन किया। हमारे पास सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव था जिसमें बहुत स्पष्ट रूप से कहा गया था कि हमले के अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। और 7 मई की सुबह हमने अपने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से की गई कार्रवाई के माध्यम से उन्हें जवाबदेह ठहराया।" इससे पहले 13 मई को विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भी यही रुख दोहराया था।

    उन्होंने कहा, "सीसीएस के निर्णय के बाद, सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया है। मैं आपको थोड़ा पीछे ले जाना चाहूंगा। सिंधु जल संधि, यानी आईडब्ल्यूटी, सद्भावना और मैत्री की भावना से संपन्न हुई थी, जैसा कि संधि की प्रस्तावना में निर्दिष्ट है। हालांकि, पाकिस्तान ने कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इन सिद्धांतों को स्थगित रखा है।" सिंधु जल संधि , जो पाकिस्तान द्वारा कई दशकों तक सीमा पार आतंकवाद को झेलती रही, अब ठंडे बस्ते में चली गई है। जायसवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जनसांख्यिकीय बदलावों ने ज़मीन पर नई वास्तविकताएँ पैदा की हैं। जायसवाल ने कहा, "अब, सीसीएस के 23 अप्रैल के फैसले के अनुसार, जिसका मैंने उल्लेख किया है, भारत तब तक संधि को स्थगित रखेगा जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता। कृपया यह भी ध्यान रखें कि जलवायु परिवर्तन, जनसांख्यिकीय बदलाव और तकनीकी परिवर्तनों ने ज़मीन पर भी नई वास्तविकताएँ पैदा की हैं।"
     


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  • मत्स्य पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने पर प्रधानमंत्री की बैठक

    15-May-2025

    New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने निवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मत्स्य पालन क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को अत्यंत महत्वपूर्ण मानती है और मछुआरों के जीवन को बेहतर बनाने तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि मत्स्य पालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास, ऋण सुविधा और बाजारों तक मछुआरों की पहुंच को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आज की बैठक में विशेष रूप से निर्यात को बढ़ावा देने और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाना है, जिससे न केवल देश की आर्थिक प्रगति हो, बल्कि लाखों मछुआरों को भी लाभ पहुंचे। बैठक में संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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  • एस जयशंकर की ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से फोन पर बात, आतंकवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा

    14-May-2025

    नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बियाटे मींल-रेसिंगर से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से बातचीत की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के साथ आज हुई बातचीत की सराहना करता हूं। उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर सहमति हुई। हमारे बेहतरीन द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई।''
    वहीं, ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। ऑस्ट्रिया और भारत अपने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ऑस्ट्रिया की निंदा दोहराई और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पाकिस्तान के साथ सीजफायर का स्वागत किया।'' उन्होंने आगे लिखा, ''हमने यूक्रेन में शांति के लिए सामूहिक प्रयासों पर भी चर्चा की और मैंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि रूस हिंसा बंद करे और सीजफायर पर सहमत हो।''
    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। भारत की तीनों सेनाएं, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, भारत के अर्धसैनिक बल लगातार अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।


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  • पाकिस्तान की भारत से गुहार, इस फैसले के बाद मच गया है हड़कंप, गिड़गिड़ाया

    14-May-2025

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. इस फैसले को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान में गंभीर जलसंकट पैदा कर सकता है. पत्र में भारत से अपील की गई है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे.
    सूत्रों के मुताबिक नियमानुसार यह पत्र भारत के विदेश मंत्रालय को भी भेज दिया गया है, लेकिन भारत ने पाकिस्तान की इस अपील को साफ तौर पर नकार दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में दो टूक कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. पैसा आतंकियों को देगी पाकिस्तान की सरकार भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इसमें जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर भी खंडहर में तब्दील हो गया था. इस हमले में 100 से ज्यादा आतंकी भी मारे गए थे. वहीं, पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने भारतीय हमलों में मारे गए प्रत्येक नागरिक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए (10 मिलियन PKR) का मुआवजा देने का ऐलान किया है. इस बात का जिक्र पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में किया गया है.
    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी मसूद अजहर के 14 रिश्तेदार इन हमलों में मारे गए हैं. ऐसे में संभावना है कि मसूद अजहर को पाकिस्तानी सरकार की तरफ से 14 करोड़ का मुआवजा मिल सकता है. पाकिस्तान के Dawn और एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (APP) की रिपोर्ट के मुताबिक मारे गए लोगों में मसूद अजहर की बड़ी बहन और जीजा, भतीजा-भाभी, एक भांजी और कई बच्चे शामिल हैं. ऐसे में मसूद अजहर ही इन सबका वैध उत्तराधिकारी है, तो पाकिस्तान सरकार की ओर से उसे भारी भरकम राशि मिलने की संभावना है.
    भारतीय सेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय समेत कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसमें जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह, जिसे उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है, पूरी तरह तबाह कर दिया गया. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि हमले सटीक और केवल आतंकी ठिकानों पर केंद्रित थे.

    अलग-अलग कैटेगरी में पैसा बांटेगी शहबाज सरकार
    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार PM शहबाज शरीफ ने इसे 'मारका-ए-हक' अभियान का हिस्सा बताया है और मारे गए लोगों और सुरक्षाबलों के लिए व्यापक मुआवजा योजना की घोषणा की है. एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक शहबाज सरकार ने अलग-अलग कैटेगरी में मुआवजा तय किया है. -भारतीय हमलों में मारे गए नागरिकों के परिवारों को 1 करोड़ (10 मिलियन पाकिस्तानी रुपये) मिलेंगे. - घायल नागरिकों को 10-20 लाख दिए जाएंगे. - भारतीय हमले में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिजनों को रैंक के आधार पर 1 करोड़ से 1.8 करोड़ (10-18 मिलियन PKR) के बीच मुआवजा दिया जाएगा. - 1.9 करोड़ से 4.2 करोड़ तक की आवास सहायता भी प्रदान की जाएगी. - मृत सैन्य कर्मियों के परिवारों को सैनिक की सेवानिवृत्ति की तारीख तक भत्ते के साथ पूरा वेतन मिलता रहेगा. - जान गंवाने वाले सैनिकों के बच्चों को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी. - भारतीय हमले में मारे गए जवान की एक बेटी को शादी के लिए 10 लाख दिए जाएंगे. - घायल सैन्यकर्मियों को 20-50 लाख मिलेंगे. - भारतीय हमलों में क्षतिग्रस्त घरों और मस्जिदों का पुनर्निर्माण सरकार की ओर से किया जाएगा. - पाकिस्तान सरकार ने भारतीय हवाई हमलों में तबाह हुए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालयों के पुनर्निर्माण का भी वादा किया है. घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि 'शहीदों के बच्चों की देखभाल करना सरकार की जिम्मेदारी है और हम इस दायित्व को पूरा करेंगे.' उन्होंने कहा कि हमारी सरकार घायलों के इलाज का सारा खर्च वहन करेगी. पीएम शहबाज शरीफ ने यह भी वादा किया कि पाकिस्तान की रक्षा और सम्मान में योगदान देने वाले किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाएगी और पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.


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