जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक बर्थडे पार्टी खूनी संघर्ष में बदल गई। नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम केरा के भाटापारा में शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की घटना है, जहां पुष्पा बंजारे अपने घर में बर्थडे पार्टी मना रही थीं। घटना उस समय हुई जब पुष्पा का देवर राम खिलावन बंजारे शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और पार्टी के बीच उल्टी करने लगा। इस पर पुष्पा ने नाराजगी जताई, जिसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब राम खिलावन ने भाभी के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसका गला दबाने की कोशिश की। अपनी जान बचाने के लिए पुष्पा ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठाई और देवर के सिर पर वार कर दिया। इस हमले में राम खिलावन गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में जमीन पर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम के आरक्षक अभिषेक जायसवाल मौके पर पहुंचे और घायल राम खिलावन को सीएचसी अस्पताल नवागढ़ में भर्ती कराया। नवागढ़ पुलिस को घटना की सूचना दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बिलासपुर। पुलिस लाइन की जमीन पर दरगाह के समीप पुलिस विभाग द्वारा बैरक निर्माण को लेकर इंतजामिया कमेटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के दौरान कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र में जमीन को पुलिस विभाग की संपत्ति बताया गया। अदालत ने इस आधार पर निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कमेटी ने इस भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित करने की मांग की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने अलग से रिजाइंडर पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। इंतजामिया कमेटी ने पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे बैरक निर्माण को अवैधानिक ठहराते हुए याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कमेटी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस विभाग निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने में जुटा हुआ है, जिसे रोका जाना आवश्यक है। इससे पहले 24 जनवरी को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने को कहा गया था। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि कलेक्टर ने पुलिस विभाग और याचिकाकर्ता पक्ष के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की थी, जिसमें दोनों पक्षों को विस्तार से सुना गया। इसके अलावा, जमीन के स्वामित्व की जांच के लिए कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीम गठित कर जांच करवाई। जांच टीम ने मौके का निरीक्षण कर रिकॉर्ड का अवलोकन किया और अपनी रिपोर्ट तैयार कर अदालत में प्रस्तुत की। इसके आधार पर अदालत ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, हालांकि कमेटी को अपने दावे के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है।
रायपुर। खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के मंच पर 4 से 9 फरवरी 2025 तक थिएटर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत और विदेशों के प्रमुख थिएटर ग्रुप्स अपने नाटकों का मंचन करेंगे. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ को इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल की मेजबानी का अवसर दिया गया है. इस महोत्सव में रूस, इटली, जर्मनी, नॉर्वे, चेक गणराज्य, नेपाल, ताइवान, स्पेन और श्रीलंका सहित कई देशों के नाट्य दल भाग लेंगे. भारत के भोपाल, कोलकाता, असम, पुडुचेरी, मुंबई और पुणे से भी प्रसिद्ध थिएटर ग्रुप्स खैरागढ़ पहुंचेंगे, जिससे यह आयोजन और भी भव्य हो जाएगा.
डोंगरगढ़। गृहमंत्री अमित शाह 6 फरवरी को डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी आएंगे, जहां वे जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी के समाधि स्थल पर आयोजित “प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव” में शामिल होंगे। इस महोत्सव का आयोजन आचार्य विद्यासागर जी की पुण्य तिथि पर किया जा रहा है, और इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु एवं जैन समाज के लोग जुट रहे हैं। अमित शाह के दौरे से पहले, प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा ने इस स्थल का दौरा किया और आचार्य विद्यासागर जी की समाधि के दर्शन किए और जैन मुनियों से आशीर्वाद लिया। डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज का यह समाधि स्थल देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगा और यह सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उन्होंने आचार्य श्री के योगदान को सराहा और इस पवित्र स्थल के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रथम पुण्य तिथि पर की गई है, और यह छह दिवसीय महोत्सव जैन समाज द्वारा आयोजित किया जा रहा है। आज, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दोपहर 1 बजे चंद्रगिरी पहुंचेंगे।
कोटा: कोटा के महावीर नगर स्थित परिजात कॉलोनी में 16 वर्षीय केशव चौधरी की अचानक हुई मौत ने सभी को हिला दिया है. भीलवाड़ा निवासी केशव, जो कोटा में 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था, मोबाइल से पढ़ाई कर रहा था, जब अचानक उसने जोर से चीखा और इसके बाद बेहोश हो गया. उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. यह घटना गुरुवार रात की है. उस समय केशव का बड़ा भाई उसके साथ था और उनकी मां बाजार में सब्जी लेने गई थी. महावीर नगर थानाधिकारी रमेश कविया ने बताया कि केशव अपनी मां और बड़े भाई के साथ परिजात कॉलोनी में रह रहा था. उसका बड़ा भाई इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम (जेईई) की तैयारी कर रहा था. घटना के दौरान केशव के बड़े भाई ने देखा कि वह मोबाइल पर कुछ देख रहा था, तभी अचानक उसने जोर से चीखा और गिरकर बेहोश हो गया. यह देख उसका भाई घबरा गया और उसने पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया. केशव को सुभाष नगर स्थित निजी अस्पताल में तुरंत ले जाया गया, जहां उसे सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक हो सकता है. परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है और उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया और वे उसे लेकर भीलवाड़ा गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया.
बिलासपुर। बिलासपुर में खाद्य विभाग ने एक गोदाम में दबिश देकर 95 क्विंटल पीडीएस का चावल जब्त किया है। यहां सरकारी चावल को किराना व्यापारी अपनी बेनामी गोदाम में छिपाकर रखा था, जिसे मोटी कमाई करने के लिए राइस मिलरों को बेच रहा था। जांच के बाद यह पता चला कि यह वही चावल है, जो उचित मूल्य दुकान में राशन कार्डधारियों को दिया जाता है। जानकारी के मुताबिक, चावल रखने का काम गोलबाजार खोवा मंडी निवासी आयुष साहू ने किया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि सरजू बगीचा में शासकीय उचित मूल्य दुकान का चावल लाकर एक गोदाम में रखा जा रहा है। बताए गए स्थान पर अधिकारियों की टीम जांच करने के लिए पहुंची। शिकायत सही मिली, वहां पर एक वाहन से प्लास्टिक की बोरियों को खाली किया जा रहा था। इन बोरियों को एक गोदाम में रखा जा रहा था। टीम ने बोरियों को अनलोड करने का काम बंद कराया। जिसके बाद चावल की जांच करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर को बुलाया। क्वालिटी इंस्पेक्टर ने चावल के पीडीएस का होने की जानकारी दी। अब तक की जांच में अधिकारियों सामने आया है कि आयुष साहू का कुछ राशन दुकान संचालकों से साठगांठ है और वह उन राशन दुकान संचालकों से पीडीएस चावल खरीदकर अपने अपने गोदाम में रखता था। व्यापारी का चावल, भाटापारा, चकरभाठा, धमतरी और मुंगेली के कुछ राइस मिलरों को चावल बेचने का अवैध कारोबार चला रहा था। हालांकि किन शासकीय राशन दुकानों से चावल खरीदता था, ये बात पूछताछ में सामने आने की बात कही जा रही है। जानकारी मिली है कि सरजू बगीचा के इस बेनामी गोदाम से चावल को व्यापार विहार ले जाया जाता है। वहां पर एक बड़ा गोदाम किराए पर लिया गया है। वहां से इसकी बिक्री की जाती है। यदि अधिकारी जांच करें, तो सरजू बगीचा की तरह ही शहर के कई अन्य इलाकों में भी शासकीय उचित मूल्य की दुकान का चावल मिल सकता है। खास बात यह कि चावल को प्लास्टिक की बोरियों में रखा गया था। आमतौर पर पीडीएस के चावल की सप्लाई जूट की बोरियों में किया जाता है। लेकिन, यहां पीडीएस की चावल में अफरा-तफरी कर उसे प्लास्टिक की बोरियों में पलटी कर लिया गया था। जांच के बाद यह पता चला कि यह वही चावल है, जो उचित मूल्य दुकान में राशन कार्डधारियों को दिया जाता है।
रायपुर। मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक ईओडब्ल्यू-एसीबी ने राज्य सरकार से दो आईएएस समेत सीजीएमएससी के छह अफसरों के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी है. 400 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सीजीएमएससी के सप्लायर मोक्षित कारपोरेशन के ठिकानों पर हाल ही में छापा मारा था. इस छापे के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मोक्षित कारपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा की गिरफ्तारी की थी. कहा जा रहा है कि छापे में ईओडब्ल्यू-एसीबी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं. इन दस्तावेजों की पड़ताल और शशांक चोपड़ा से प्रारंभिक पूछताछ के बाद कथित तौर पर घोटाले में लिप्त अफसरों की संदिग्घ भूमिका की जांच जरूरी समझी जा रही है. यही वजह है कि ईओडब्ल्यू-एसीबी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाने के लिहाज से राज्य सरकार से अनुमति मांगी है. शिक्षा विभाग के पास मंत्रालय के उच्च पदस्थ अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन दो आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच की अनुमति ईओडब्ल्यू-एसीबी ने चाही हैं, उनमें भीम सिंह और चंद्रकांत वर्मा के नाम शामिल हैं. पूर्ववर्ती सरकार में भीम सिंह स्वास्थ्य संचालक और चंद्रकांत वर्मा सीजीएमएससी के एमडी के रुप में कार्यरत थे. तत्कालीन पदों पर रहते हुए उनकी भूमिकाओं को जांच के दायरे में लिया जा सकता है. इसके अलावा सीजीएमएससी के जीएम टेक्निकल बसंत कौशिक, जीएम फाइनेंस मीनाक्षी गौतम, स्टोर इंचार्ज डा. अनिल परसाई, जीएम टेक्निकल इक्विपमेंट कमलकांत पाटनवार, बायमोडिकल इंजीनियर क्षिरौंद्र रावटिया तथा टेंडर एंड परचेसिंग आफिसर अभिमन्यु सिंह के खिलाफ जांच की जा सकती है. माना जा रहा है कि अफसरों से पूछताछ जांच को नई दिशा देगी. बीते सोमवार को ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सीजीएमएससी के सप्लाय मोक्षित कारपोरेशन के रायपुर और दुर्ग के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी. इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में भी दबिश दी गई थी. मोक्षित कारपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट से ईओडब्ल्यू-एसीबी को सात दिनों की रिमांड मिली है. मोक्षित कारपोरेशन दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की एजेंसी है. सीजीएमएससी को यह एजेंसी दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की सप्लाई करती थी. ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआईआर में बताया गया है कि शासन के संज्ञान में लाए बिना लगभग 411 करोड़ रुपए की खरीदी की गई. स्वास्थ्य विभाग और सीजीएमएससी के अफसरों की ओर से रीएजेंट सप्लाई करने वाली कंपनी को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए शासन की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. सीजीएमएससी ने खरीदी के लिए केवल 26-27 दिन के अंतराल में ही आदेश जारी किया था. इन रीएजेंट की रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं होने के बावजूद बेधड़क खरीदी की गई. एफआईआर में लिखा गया है कि खरीदी के पहले वास्तविक आवश्यकता का आंकलन किए बगैर खरीदी के लिए मांग पत्र जारी किया गया था. एफआईआर में यह भी कहा गया है कि पूर्व स्वास्थ्य संचालक ने रीएजेंट की खरीदी के लिए 10 जनवरी 2022 को इंडेंट दिया. इससे पहले न तो बजट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और न ही किसी प्रकार का प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त किया गया. यानी बिना शासन के संज्ञान में लाए लगभग 411 करोड़ रुपए की लाइबिलिटी शासन के ऊपर निर्मित की गई. एफआईआर के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ब्लड सैंपल कलेक्शन करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली EDTA ट्यूब को मोक्षित कॉरपोरेशन से 2352 रुपये प्रति नग के भाव से खरीदा गया है, जबकि अन्य संस्थाओं ने इसी सामग्री को अधिकतम 8.50 रुपये (अक्षरी – आठ रुपये पचास पैसा) की दर से क्रय किया. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2023 तक अरबों रुपये की खरीदी मोक्षित कारपोरेशन और CB कॉरपोरेशन के साथ सांठगांठ करके की है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन ने 300 करोड़ रुपये के रिएजेंट सिर्फ इसीलिए खरीद लिए ताकि मोक्षित कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के पास उपलब्ध केमिकल्स की एक्सपायरी डेट नजदीक न आ जाए. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने मोक्षित कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड से 300 करोड़ रुपये के रीएजेंट खरीदकर राज्य के 200 से भी अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिना मांग के ही भेज दिया. उन स्वास्थ्य केंद्रों में उक्त रिएजेंट को उपयोग करने वाली CBC मशीन ही नहीं थी. रीएजेंट की एक्सपायरी मात्र दो से तीन माह की बची हुई है और रीएजेंट खराब न हो, इसलिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के द्वारा 600 फ्रिज खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की. एफआईआर के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि सीजीएमएससी ने ईडीएल दवा और नॉन-ईडीएल/कंज्यूमेबल और टेस्ट किट आइटम/फूड बास्केट/प्रोप्राइटरी और नॉन-प्रोप्राइटरी कंज्यूमेबल आइटम/आयुष दवाइयां/उपकरण सामग्री की आपूर्ति करने और कालातीत औषधियों के निष्कासन के लिए प्रतिष्ठित फर्म से कोटेशन/खरीदी और दर अनुबंध के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निविदा प्रक्रिया 26 अगस्त 2022 के लिए ई-निविदा जारी की गई. इस निविदा के लिए प्री-बिड मीटिंग के लिए 29 अगस्त 2022 निर्धारित किया गया था. इसके बाद 26 सितंबर तक निविदा दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए गए थे. संचालनालय स्वास्थ्य एवं सेवाएं के उप संचालक ने इस जानकारी के बाद सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक को प्री-बिड के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए यह बताया कि राज्य स्तरीय निरीक्षण और परीक्षण तकनीकी समिति के विषय-विशेषज्ञों के जिलों से प्राप्त स्पेसिफिकेशन का निर्धारण किया गया है, जिसमें कोई बदलाव न करते हुए टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. इस निविदा के लिए मोक्षित कारपोरेशन, रिकार्ड्स एवं मेडिकेयर सिस्टम और श्री शारदा इंडस्ट्रीज के द्वारा निविदा प्रक्रिया में भाग लिया गया. जिसमें निविदा समिति ने उपकरणों, रिएजेंट, कंज्यूमेबल्स व मशीनों के सीएमसी के एल-1 दर को मान्य किए जाने की अनुशंसा करते हुए मोक्षित कारपोरेशन को 25 जनवरी 2023 को निविदा देने की अनुशंसा की, जो प्रबंध संचालक द्वारा स्वीकृत दी गई. जांच में यह जानकारी सामने आई कि निर्माता कंपनियां खुले बाजार में जिस सीबीसी मशीन को मात्र 5 लाख रुपये में विक्रय करती हैं, उन्हीं मशीनों को मोक्षित कारपोरेशन ने निविदा के माध्यम से दर अनुबंध करते हुए सीजीएमएससी को 17 लाख रुपये में दिया. सीजीएमएससी द्वारा मशीन एवं उपकरण निर्माता कंपनियों के साथ ही दर अनुबंध किया जाता है, जबकि मोक्षित कारपोरेशन के पास अस्पताल में उपयोग होने वाले उपकरण बनाने की कोई फैक्ट्री (उत्पादन इकाई) नहीं है और न ही उपकरणों का निर्माण मोक्षित कारपोरेशन द्वारा किया जाता है. इसके बावजूद अपने रसूख और कमीशन के प्रलोभन के दम पर मोक्षित कारपोरेशन ने अधिकारियों से सैटिंग करके अधिकांश दर अनुबंध अपनी कंपनी के नाम पर करवा लिया. एफआईआर में यह लिखा गया है कि CB कारपोरेशन के नाम से संचालित शेल कंपनी भी मोक्षित कारपोरेशन ग्रुप की ही कंपनी है, जिसके नाम पर भी काफी सारे दर अनुबंध करवाए गए. मोक्षित कारपोरेशन ने रिएजेंट और केमिकल्स को अधिकतम खुदरा मूल्य से भी अधिक के दाम पर दर अनुबंध करवाया. इस प्रकार 750 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदी कर शासन के साथ धोखाधड़ी की गई.
रायपुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशा निर्देश पर रायपुर पुलिस द्वारा नशे के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही अवैध प्रतिबंधित मादक पदार्थों सहित प्रतिबंधित नशीली टेबलेट एवं सिरप तथा सूखे नशे के तस्करी, खरीदी-बिक्री, नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में दिनांक 31.01.25 को थाना खमतराई पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति उम्र करीबन 35-36 साल जो कि दुबला पतला लाल लाईनिंग वाला फुल टी शर्ट एवं नीला जिंस पेंट पहना है जो कि अपने कब्जे में एक काला कलर का पिटठू बैग के अंदर अवैध नशीली गोली भारी मात्रा में रखकर श्रीनगर खमतराई तरफ से भनपुरी की ओर विक्रय करने हेतु जा रहा है। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना खमतराई पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर मुखबीर द्वारा व्यक्ति को चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम संजय बेनुवा पिता दारासिंग बेनुवा उम्र 36 साल साकिन श्रीनगर उडिया बस्ती खमतराई होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उनकी तलाशी लेने पर उनके पास प्रतिबंधित नशीली टेबलेट SPASMO PROXYVON PLUS रखा होना पाया गया, जिस पर व्यक्ति से उक्त प्रतिबंधित नशीली टेबलेट रखने के संबंध में वैध दस्तावेज की मांग करने पर उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी संजय बेनुवा पिता दारासिंग बेनुवा उम्र 36 साल साकिन श्रीनगर उडिया बस्ती खमतराई को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट SPASMO PROXYVON PLUS कुल 60 पत्ता जिसमें एक-एक में 03 पत्ता संलग्न है प्रत्येक पत्ता में 8-8 गोली एक पता में कुल 24 गोली कुल जुमला 1440 गोली, प्रत्येक पत्ता में (SPASMO PROXYVON PLUS) प्रत्येक में एमआरपी 88.80 B.NO.- XZ10442, MFG-NOV-24, EXP.OCT-26 FOR 8CAPSULES.INCL-OF-ALL-TAXES जुमला किमती 15,984/- रूपये को जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना खमतराई जिला रायपुर में अपराध कमांक 74/2025 धारा 22 (सी) एन०डी०पी०एस० एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया गया। प्रकरण में फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है।
धमतरी। कानून की तमाम बंदिशों के बावजूद समाज में दहेज प्रताड़ना रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। मामला भखारा थाना अंतर्गत ग्राम डोमा का है जहा पति ,सास और ससुर ने मिलकर नवविवाहिता को 8 महीने तक दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। दहेज के दानवों को इससे जी नहीं भरा तब नवविवाहिता को मौत के घाट उतार दिया। दरअसल नोमश्वरी साहू का विवाह डोमा निवासी तेजेंद्र साहू के साथ अप्रैल 2024 में हुआ साथ जीने मरने के लिए सात फेरे लिए, लेकिन पति,सास और ससुर ने मिलकर नवविवाहिता को 8 महीने तक दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। सास फ़गनी बाई ओर ससुर मिश्री लाल साहू अपने बहु को रोज दहेज में कम समान काने और लोकल ओर सड़ा गला समान लाने की बात कहकर गाली देते थे और पति रोज मारपीट करता था। इतने से ससुराल वालों का जी नहीं भरा तो 26 जनवरी के दिन पति ने मृतिका को बेरहमी से पिटाई किया और रस्सी से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया और हत्या को छुपाने शव को फांसी के फंदे से लटका दिया। मौत के बाद परिजनों ने भखारा पुलिस को बहु की आत्महत्या करने की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम किया ओर शव को पोस्टमार्डम के लिए भेजा था। पुलिस को पोस्टमार्डम रिपोर्ट में सिर ओर शरीर पर गहरे चोट के निशान पाया गया जिस पर पुलिस ने पति को कड़ाई से पूछताछ कि तब आरोपी ने हत्या करने की बात कबूल किया। पुलिस ने मृतिका के पति ,सास ओर ससुर को आज गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रायगढ़। चक्रधर नगर पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का केस मिला है। जिसके बाद कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने देर रात अधिकारियों की आपातकालीन बैठक लेकर स्थिति नियंत्रित करने रणनीति बनाई। वहीं रात में ही पोल्ट्री फार्म की सारी मुर्गी, चूजों और अंडों को नष्ट किया गया। पशुपालन विभाग, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी रात अभियान चलाया है। सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पोल्ट्री फार्म का एक किलोमीटर का क्षेत्र 'इंफेक्टेड जोन' और 10 किमी का दायरा 'सर्विलांस जोन' घोषित, 10 किमी के दायरे में मुर्गी और अंडे की बिक्री प्रतिबंधित है।
जगदलपुर. जगदलपुर के महापौर प्रत्याशी समीर खान पर जानलेवा हमला होने से इलाके में सनसनी फैल गई है. आम आदमी पार्टी के महापौर प्रत्याशी समीर खान अपनी स्कूटी से घर जा रहे, तभी अज्ञात हमलावारों ने उन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए. यह घटना शुक्रवार रात की है. समीर को गंभीर चोटें आई है. उन्हें 112 वाहन से हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. इस खबर पर लगातार अपडेट जारी है.
राजनांदगांव। आदिवासी बाहुल्य मोहला-मानपुर जिले के कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संगठन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर मानिकपुरी ने इस्तीफा देने की वजहों की जानकारी दी है। स्थानीय प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब होते मानिकपुरी ने संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की अनदेखी और निजी हितों को महत्व दिए जाने पर सवाल उठाते आरोप लगाया कि पार्टी को मजबूत बनाने का सिर्फ कोरा दावा किया जाता है। ज्ञात हो कि मानिकपुरी का कांग्रेस के साथ लंबे समय से नाता रहा। 2014 से 2019 तक मानिकपुरी नगर पंचायत के अध्यक्ष रहे। वे 2009 से 2014 तक नपं के उपाध्यक्ष रहे। साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। बतौर जिलाध्यक्ष गत् पिछले विधानसभा में उन्होंने सांगठनिक रूप से पार्टी को मजबूत किया। नतीजतन विपरीत परिस्थितियों के बीच कांग्रेस को मोहला-मानपुर सीट से 32 हजार की भारी भरकम अंतर से जीत मिली। बताया जा रहा है कि मानिकपुरी को नगर पंचायत अध्यक्ष की टिकट देने में क्षेत्रीय विधायक भोलाराम साहू ने खुलकर खिलाफत की थी। पूर्व सीएम बघेल ने क्षेत्रीय विधायक की पसंद पर टिकट की घोषणा की। इससे आहत होकर मानिकपुरी ने कांग्रेस से बरसों पुराना संंबंध तोड़ दिया है। मानिकपुरी निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी में है। ऐसे में कांग्रेस की परेशानी बढ़ सकती है।
सारंगढ़। सारंगढ़ में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 212 किलो से अधिक चांदी जब्त की। जब्त की गई चांदी की कीमत करीब 1 करोड़ 91 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले की जानकारी GST और IT विभाग को भी दी है। यह घटना सरिया थाना क्षेत्र में हुई, जहां वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोका और तलाशी ली। इस दौरान कार से भारी मात्रा में चांदी बरामद हुई, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया। पुलिस विभाग अब इस मामले की जांच में जुटा हुआ है और संबंधित विभागों से भी मदद ली जा रही है।
अंबिकापुर। अंबिकापुर में नगरीय निकाय चुनाव के मतदान से पहले पोस्टर वार शुरू हो गया है। भाजपा ने अंबिकापुर के मेयर डॉ. अजय तिर्की का पोस्टर जारी किया है, जिसमें उन्हें “जादूगर डॉक्टर” बताया गया है। इस पोस्टर के जरिए भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए हैं। पोस्टर में लिखा गया है, “पाइप लाइन गायब, हिसाब गायब, पानी गायब,” और अमृत मिशन योजना के तहत प्राप्त 118 करोड़ रुपये में घोटाले का आरोप भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया है। भाजपा का कहना है कि इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं किया गया, जिससे जनता को कोई लाभ नहीं हुआ। यह पोस्टर वार चुनावी माहौल को और भी गर्मा सकता है, क्योंकि भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ आरोपों को प्रमुखता से उठाया है, जिससे आगामी चुनावों में राजनीतिक माहौल और भी रोमांचक हो सकता है।
रायपुर। रायपुर के उरला स्थित यशोदा नंदन इस्पात प्रा. लि. पर दिल्ली कोर्ट से आई 6 सदस्यीय टीम ने छापेमारी की है. यह कार्रवाई नकली कामधेनु सरिया बनाने और उसे बेचने के खिलाफ की गई है. सूत्रों के मुताबिक, यशोदा नंदन इस्पात प्रा. लि. द्वारा कामधेनु ब्रांड के नाम से नकली सरिया देशभर के विभिन्न राज्यों में बेचा जा रहा था. छापेमारी के दौरान प्लांट से 1 हज़ार टन से अधिक डुप्लीकेट कामधेनु सरिया जब्त किया गया. कार्रवाई के बाद, जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि कई अन्य प्लांटों में भी नकली सरिया बनाने का काम हो रहा था. अब इन प्लांट्स पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है. यह छापेमारी एक बड़ी कार्रवाई है, और इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं.
गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकास और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते प्रशासन नशे के खिलाफ सख्त है. गरियाबंद जिले में आज जिला आबकारी टीम और रायपुर संभागीय उड़न दस्ता टीम ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी, कि पैरी नदी किनारे बरेठिन कोना के जंगल में अवैध शराब बनाई जा रही हैं. जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जंगल से इसे जब्त किया. आबकारी विभाग के मुताबिक इसकी कुल कीमत 2 लाख 92 हजार रुपए आंकी गई है. विभाग ने कच्ची महुआ शराब को जप्त कर नष्ट किया. अवैध शराब निर्माण और धारण के मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), (क), 34(1)(च) और 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. बता दें कि ये पूरी कार्रवाई गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी रघुवर सिंह राठौर और मुकेश कुमार अग्रवाल के टीम के द्वारा की गई.
रायपुर। राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित न्यू अशोका बिरयानी रेस्टोरेंट से एक बार फिर से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. रेस्टोरेंट में ग्राहक को परोसे गए बिरयानी में काकरोज निकला है, जिसकी तस्वीर ग्राहक ने सोशल मीडिया पर शेयर की है जो काफी वायरल हो रहा है. इस घटना को लेकर होटल के मैनेजर ने जो सफाई दी है वो भी चौकाने वाला है. मैनेजर ने बताया कि काकरोज निकलना आम बात है. इस लापरवाही के बाद ग्राहक ने रेस्टोरेंट के सफाई व्यवस्था का जायजा लिया इस दौरान किचन में बासी मटन और चिकन के होने की बात भी सामने आई. इसके अलावा प्लेट और कटोरी में भी दाग-धब्बे पाए गए.
बीजापुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। तुमरेल के जंगल में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा बड़े चट्टानों के बीच छिपाकर रखा गया विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की। बरामद सामग्री में 10 क्विंटल यूरिया, डेटोनेटर, आईईडी बनाने की सामग्री, नक्सली काली वर्दी और अन्य उपकरण शामिल हैं। इससे पहले भी कोमटपल्ली क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली थी। सुरक्षाबलों ने बरामद सामग्री को सुरक्षित नष्ट कर दिया है। थाना पामेड़ नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम 29 जनवरी 2025 को अभियान पर निकली थी। जिसके हाथ ये सामग्री लगी है। कैम्प की स्थापना के बाद से क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों को तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार गश्त और तलाशी अभियान चला रहे हैं, जिससे नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है, और अभियान निरंतर जारी रहेगा।
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान महिला के पेट से 12 किलो वजनी ट्यूमर निकला। यही ट्यूमर महिला की मौत का कारण बना। महिला के गिरने के कारण ट्यूमर से फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया था। अंदर ही रक्त स्राव होने के कारण महिला की मौत हो गई थी। शहर के चोपड़ापारा में किराए के मकान में पखरसिया तिग्गा (50) अकेले रहती थी। परिवार में कोई नहीं था। 27 दिसंबर 2024 की सुबह महिला बाथरूम के पास पड़ी थी। पड़ोसियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। संदिग्ध मौत के कारण उसका पोस्टमार्टम कराया गया था। अब जो कारण निकल कर आया है। वह हैरान करने वाला है। फोरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष डा संटू बाग ने बताया कि महिला की मौत का शुरूआती लक्षण हृदयाघात लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान हृदय सुरक्षित था। फेफड़े में रक्त स्राव होने का पता चला। जब इसका कारण जानने के लिए पेट को फाड़ा गया तो 11 किलो 800 ग्राम वजनी ट्यूमर निकला। संभावना है कि पैर फिसलने से महिला मुंह के बल गिरी होगी और वजनी ट्यूमर के दबाव से उसका फेंफड़ा फट गया और महिला की मौत हो गई।
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