रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।
राजनांदगांव- कॉन्फ्लूएंस महाविद्यालय में IQAC(आंतरिक गुणवत्ता आश्वाशन प्रकोष्ठ) द्वारा स्टेक होल्डर की बैठक को संपन्न किया गया। इस बैठक में महाविद्यालय के संचालकगण, प्राचार्य, मीडिया प्रभारी, भूतपूर्व छात्र एवं विद्यार्थियों के पालकगण उपस्थित थे। बैठक को संचालित करते हुए सु श्री आभा प्रजापति ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नेक टीम के आगमन से पूर्व तैयारी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, प्रवेश हेतु सुझाव के साथ अन्य बिंदुओं पर चर्चा करना था। बैठक की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रचना पाण्डेय जी ने बताया NEP20 के तहत आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा की तैयारी चल रही है और उनके लिए रेमेडियल क्लास का भी आयोजन किया जा रहा है। उनके द्वारा पालकों से नेक की तैयारी और नए सत्र में प्रवेश हेतु सुझाव देने के साथ साथ महाविद्यालय के विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए कहा गया। बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यार्थियों के पालकों द्वारा विद्यार्थियों के लिए व्यक्तित्व विकास और स्वरोजगार पर जोर देने के लिए कहा गया और इससे संबंधित विभिन्न प्रोग्रामों को आयोजित करने के लिए कहा गया जिससे स्कूल स्तर के विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित हो जिससे वे महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित होंगे। महाविद्यालय के संचालक डॉ. मनीष जैन, और संजय अग्रवाल जी ने संयुक्त रूप से कहा कि महाविद्यालय ने हमेशा विद्यार्थियों के स्वरोजगार पर ध्यान दिया है और आगे भी इसके लिए प्रयास करते रहेंगे। उनके द्वारा बैठक में पालकों द्वारा नेक की तैयारी, प्रवेश हेतु और अन्य बिंदुओं के लिए दिए गए सुझाव के क्रियान्वयन के लिए आश्वाशन दिया गया। इस बैठक में महाविद्यालय के अन्य सहायक प्राध्यापक भी उपस्थित थे।
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस पर प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि विश्व मृदा दिवस एक ऐसा अवसर है जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने में मिट्टी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है।
दुर्ग,प्राधिकृत अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में ऋण उप समिति की बैठक बैंक कार्यालय में आज सम्पन्न हुई। बैठक में संचालक सदस्य श्री अवधेश मिश्रा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ दुर्ग, उप संचालक कृषि दुर्ग से प्रतिनिधि श्री विकास साहू एवं श्री श्रीकांत चन्द्राकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक सुश्री कुसुम ठाकुर उपस्थित
वृद्धा विपदी बाई को मिली कुएं जाने से मुक्ति
एम्स, डी के एस और मेकाहारा अस्पताल पहुँचे राजस्व मंत्री श्री वर्मा
नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से सत्र 2024-25 में कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा यह कदम विद्यार्थियों की शिक्षा स्तर को सुधारने और शैक्षणिक वातावरण को और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। यह परीक्षा राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में संचालित होगी, हालांकि सीबीएससी और आईसीएससी पाठ्यक्रम वाले विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। इस संबंध में आज छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय, स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन नवा रायपुर से समस्त जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दी गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परिवहन विभाग में परिवहन उप निरीक्षक (तकनीकी) पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए साक्षात्कार 17 दिसम्बर 2024 को होगा।
रायपुर। “आज से करीब 14 माह पहले जब मुझे पता चला कि मुझे असाध्य बीमारी कैंसर है, तो ऐसा लगा कि मानो मेरे पैरों के नीचे से जमीन ही खिसक गई हो। फिर कैंसर से जिंदगी की जद्दोजहद शुरू हो गई। इस बड़ी बीमारी से लडऩे के लिए साहस तो मेरे पास था, लेकिन पैसों की कमी मेरे इलाज की राह में रोड़ा बन रहा था। ऐसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिला लाभ मेरे और मेरे परिवार के लिए अंधेरे में उम्मीद की किरण बन कर आई है। इससे मेरा बेहतर इलाज हो पाया और आज मैं पूरी तरह स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही हूं।” यह कहना है ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर बीमारी को मात देने वाली 46 वर्षीय श्रीमती जॉयना मसीह का।
विक्रांत मेस्सी ने जब से अपने संन्यास का ऐलान किया है जब से वो चर्चा में आ गए हैं. पिछले 24 घंटों से लगातार वो सुर्खियों में बने हुए हैं. अभिनय से ब्रेक लेने का फैसला उन्होंने अपने परिवार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए किया है. इन सबके बीच विक्रांत मेस्सी गूगल पर भी ट्रेंड कर रहे हैं, जिसके चलते लोग गूगल से तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं. आइए आपको बताते हैं वो कौन से सवाल हैं.
रायपुर। प्रदेश में महतारी वंदन योजना लागू होने से माताएं बहनों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिलाएं चाहे वह कामकाजी हो अथवा गृहणी, वे सबसे पहले अपने परिवार के बारे में सोचती हैं और परिवार के स्वास्थ्य, दिनचर्या, बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों इत्यादि को पूरा करने में समय और पैसा खर्च कर देतीं हैं। अपने लिए तो कभी सोचतीं हीं नहीं हैं। ऐसी ही कहानी है धमतरी शहर से लगे ग्राम मुजगहन की श्रीमती कृष्णा सेन और उनकी तीनों बहुओं श्रीमती तरूण, श्रीमती पुष्पा और श्रीमती ममता का। वैसे तो सास सहित बहुएं कुछ न कुछ कार्य करती हैं और घर खर्च के लिए अपने-अपने पति का हाथ बटातीं हैं, लेकिन स्वयं के लिए कभी भी खर्च नहीं कर पातीं।
रायपुर। हीरापुर, जरवाय, अटारी रायपुर वीर सावरकर वार्ड में स्थानीय नागरिकों के मांग के अनुरूप 29 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का स्वीकृत कर आज वार्ड के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया। बांग्लादेश का हिन्दू अकेला नहीं है... मैं मेरा परिवार और यह सकल समाज न्याय के लिए एक जुट है। बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में सकल हिन्दू समाज रायपुर द्वारा आयोजित जन आक्रोश रैली में सम्मिलित हो अपना विरोध दर्ज कराया।
हीरापुर, जरवाय,अटारी रायपुर वीर सावरकर वार्ड में स्थानीय नागरिकों के मांग के अनुरूप 29 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का स्वीकृत कर आज वार्ड के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया।#रायपुर_पश्चिम_प्रगति_की_ओर #हमने_बनाया_हम_ही_संवारेंगे #Bjpchhattisgarh pic.twitter.com/DeXoYu0PRL
— Rajesh munat (@RajeshMunat) December 3, 2024
रायपुर। विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत की मेहनत रंग लाई, आम जनता और वहां के रहवासियों की मांग पर हुई ये कार्रवाई। साइंस कॉलेज मैदान के पास स्थित चौपाटी को बंद कर अब इसे आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट किया जा रहा है। रायपुर स्मार्ट सिटी ने चौपाटी का ठेका लेने वाली एजेंसी को निर्देश दिया है कि दुकानों को नई जगह पर स्थानांतरित किया जाए। सोमवार को कुछ दुकानों को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है, जबकि बाकी दुकानों की शिफ्टिंग की तैयारी चल रही है। यह फैसला हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया, जिसमें दोनों पक्षों - नगर निगम और ठेका एजेंसी को मिलकर समाधान निकालने को कहा गया था। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान ट्रैफिक, बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल को ध्यान में रखते हुए साइंस कॉलेज चौपाटी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। आमानाका वेंडिंग जोन को नई जगह के रूप में चुना गया है। यहां पर चौपाटी जैसी ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। वेंडरों का कहना है कि उन्हें शिफ्टिंग के लिए बहुत कम समय दिया गया है। नई जगह पर बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अधिकारियों ने सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया था, और कुछ दुकानों को पहले ही स्थानांतरित कर दिया गया है। वेंडरों को चेतावनी दी गई है कि वे समय पर न शिफ्ट होने पर निगम जबरन स्थानांतरित कर देगा। उस समय भाजपा नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने इसका विरोध किया था और इसे लेकर आंदोलन भी किया था। चौपाटी को हटाने का मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां फरवरी में ठेका एजेंसी का अनुबंध रद्द कर दिया गया था। शिफ्टिंग के बाद आमानाका वेंडिंग जोन में चौपाटी जैसी सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है। हालांकि, वेंडरों की मांग है कि पहले सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। नगर निगम ने इस पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
राजनांदगांव। आज राजनांदगांव के ग्राम पंचायत पारीखुर्द में विकास की एक नई दिशा तय करते हुए क्षेत्रवासियों के साथ लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये के 10 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों में ₹80 लाख की लागत से सीसी रोड, ₹26.63 लाख रुपये से सामुदायिक भवन, ₹18.54 लाख रुपये से नवीन पंचायत भवन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। ये विकास कार्य पारीखुर्द को विकसित और समृद्ध ग्राम बनाने के प्रति हमारा समर्पण है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। धान खरीदी केंद्र में फर्जीवाड़ा मामले में प्रशासन ने विधायक पति गनपत जांगड़े समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. गनपत जांगड़े सारंगढ़ से कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े के पति हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले रक्सा धान खरीदी केंद्र में फर्जीवाड़ा की शिकायत प्रशासन को मिली थी. मामले की जांच के बाद अपेक्स बैंक के संजय साहू ने एफआईआर दर्ज कराई है. एफआईआर के मुताबिक, रक्सा धान खरीदी केंद्र में बिना धान बेचे ही किसान के नाम से चेक बनाया गया था।
रायपुर। सार्वजनिक जीवन में अच्छा कार्य कर रहे समाज के लोगों को जब सम्मान मिलता है तो न केवल उन्हें अच्छा महसूस होता है अपितु समाज के बहुत से लोगों को प्रेरणा मिलती है और वे उनके आदर्शों के अनुरूप चलने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ में आयोजित उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उत्कल ब्राह्मण समाज ने समाज की विभिन्न विभूतियों के सम्मान का कार्यक्रम रखा है। यह बहुत अच्छी पहल है। उन्होंने इस मौके पर रायगढ़ में उत्कल ब्राम्हण समाज के भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्कल ब्राह्मण समाज के सम्मेलन के अवसर पर अनेक विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है। उत्कल ब्राह्मण समाज के अनेक सदस्य मेरे अच्छे मित्र रहे हैं। मेरे सुख-दुख में सहभागी रहे हैं। उनसे सामाजिक गतिविधियों की जानकारी होती रहती है। सामाजिक सम्मेलन के माध्यम से वे प्रगतिशील विचारों को बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि उत्कल ब्राह्मण समाज के लोग सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर मुकाम पर हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति और ओडिशा की संस्कृति में बहुत सी बातें मिलती-जुलती हैं। महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति जितना स्नेह ओडिशा के लोगों में है उतना ही अनुराग छत्तीसगढ़ में भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के लिए शिक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता में है। आज ही हमने रायगढ़ में 42 करोड़ रुपए की राशि से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन भी किया। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्ञान आधारित समाज स्थापित करना चाहते हैं और इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम युवाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा व्यवस्था प्रदान करें। इसके साथ ही हमने रायगढ़ जिले में 135 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया है। इन कार्यों से रायगढ़ जिले की सूरत और भी निखरेगी। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने भी सम्बोधित किया। श्री चौधरी ने उत्कल ब्राह्मण समाज के भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की। सम्मेलन में रायपुर उत्तर विधायक और उत्कल ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने उत्कल ब्राह्मण समाज सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के पहुंचने पर स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर उत्कल ब्राह्मण समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर हाथ उठाना पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक को भारी पड़ गया. संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल को निलंबित कर दिया है. संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय ने बताया कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसदा सोंठ अभनपुर में पदस्थ प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल ने अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया गया. हाथ मरोड़ा गया और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई. यहां तक कुर्सी को पटकते हुए फ़ाइल पकड़कर सिर में मारा गया. प्राथमिक तौर पर दोषी पाए जाने के बाद प्रधान पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है निलंबन आदेश में बताया गया कि प्राचार्य पद पर पदोन्नति के संबंध में अपना गोपनीय प्रतिवेदन सुधार के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अभनपुर के समक्ष उपस्थित हुए थे. इस दौरान बहसबाजी करते हुए अधिकारी से अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से प्रधानपाठक को सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि के दौरान राजन कुमार बघेल का मुख्यालय कसडोल विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नियत किया गया है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार जनहित में लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दिशा में प्रयास करते हुए अपने सुझाव सामने रखे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्वशासी सोसायटियों की बैठक में आज चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों के वित्तीय विकेंद्रीकरण के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण एवं जनहित के निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों से महाविद्यालय स्तर पर स्वशासी सोसायटियों का सुदृढिकरण होगा, आवश्यक कार्यों के लिए शासन पर निर्भरता कम होगी, अतिआवश्यक कार्य समय सीमा पर संपन्न हो सकेंगे और तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर ही हो जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध अस्पतालो के लिए अतिआवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदी मरम्मत एवं रखरखाव, कन्ज्यूमेबल सामग्री इत्यादि की तात्कालिक उपचार के लिए आवश्यकता पड़ती रहती है। लेकिन मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों के पास इन्हें खरीदने अथवा मरम्मत के लिए बहुत ही सीमित शक्तियों का प्रावधान था। इसकी वजह से इन्हें शासन स्तर के निर्णय पर निर्भर रहना पड़ता था। ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व से चला आ रहा था । राज्य गठन के बाद पहली बार वित्तीय अधिकारों के नियम मे संशोधन किया जा रहा है। पहले मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों को 1 लाख रूपए से उपर के लघु निर्माण, मरम्मत, दवा खरीदी इत्यादि कार्यों के लिए मंत्रालय स्तर पर फाइल भेजनी पड़ती थी। नए निर्णय से अब इनके पास 10 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार होगा। इसके लिए शासन स्तर से किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। औजारों एवं लघु उपकरणों की खरीदी अथवा मरम्मत के लिए 1 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार था जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख रूपए करने की सहमति स्वशासी समिति की बैठक में दी गयी है। इसी तरह से भण्डार तथा रिएजेंट की खरीदी के लिए 20 हजार रूपए तक की शक्तियां थी जिन्हें बढ़ाकर अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षक को पूर्ण शक्तियां प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। इस वित्तीय विकेंद्रीकरण से स्वाशासी समिति कार्यसंपन्न बनेगी और बहुमूल्य समय की बचत होगी। इससे मरीजो को दवाइओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। स्वशासी सोसायटियों का पुनर्गठन राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्वशासी सोसायटियों का गठन महाविद्यालय की स्थापना के साथ अलग अलग समय पर हुआ है। इन सोसायटियों के लिए कोई एक निर्धारित गाइड लाइन या नियमावली का निर्धारण नहीं किया गया है और इनमें एकरूपता नहीं है। इन सोसायटियों को होने वाली आय व्यय के अनुमोदन के लिए भी कोई मानकीकरण प्रक्रिया नहीं है। इनमें एकरूपता लाने के लिए माडल स्वशासी सोसायटियों का ड्राफ्ट प्रशासकीय विभाग द्वारा अनुमोदित कर जारी किया गया है। पूर्व में सिर्फ सामान्य सभा को ही अधिकार प्राप्त थे, लेकिन नए ड्राफ्ट के अनुसार सामान्य सभा के अधिकारों का विस्तार करते हुए प्रबंधकारिणी समिति और वित्त समिति के अधिकारों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के अनुसार सामान्य सभा को पूर्ण अधिकार के साथ ही अब प्रबंधकारिणी समिति को प्रति कार्य 2 करोड़ रूपए तक अनुमोदन का अधिकार होगा, पहले ये अधिकार नहीं था। वित्त समिति को प्रति कार्य 10 लाख रूपए तक के अनुमोदन का अधिकार दिया गया है, पहले कोई अधिकार नहीं था। केंद्र अथवा राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं से स्वशासी समिति को प्राप्त राशि, आवंटन अथवा अनुदान में से सामान्य सभा को खर्च व अनुमोदन का पूर्ण अधिकार होगा वहीं इसी राशि में से प्रबंधकारिणी समिति को 5 करोड़ रूपए तक की राशि के अनुमोदन का अधिकार होगा। अभी तक राज्य शासन से आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्राप्त क्लेम का 25 फीसदी ही संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी सोसायटी को प्राप्त होता था। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में इसे बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल की अध्यक्षता में ये निर्णय लिया गया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों को राज्य बजट से दवाइयां मद तथा भण्डार एवं रिएजेंट मद में प्राप्त बजट का 10 फीसदी राशि का आवंटन होता था। इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इन फैसलों से मेडिकल कालेजो को वित्तीय रुप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण कर मेडिकल कालेजों की स्वशासी सोसायटियों को पुनर्गठित किया गया है। नवा रायपुर के महानदी भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वशासी सोसायटियों को संबोधत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि विष्णु के सुशासन में मेडिकला कालेजों में वित्तीय अनुशासन एवं सुधारों के जरिए बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। ये निर्णय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। इन निर्णयों से हम मेडिकल कालेजों को अधिकार संपन्न बना रहे हैं ताकि छोटी जरूरतों के लिए उन्हें निर्भर न रहना पड़े और जनहित में वो आवश्यक निर्णय तत्काल लेकर मरीजों की बेहतरी के लिए काम कर सकें।
Adv