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छत्तीसगढ़

  • हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी निर्णायक लड़ाई – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    05-Dec-2024

    रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

     
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उसी दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आत्मसमर्पण के लिए जनजागरूकता अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। बस्तर क्षेत्र के लोग अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिसकी झलक हाल ही में संपन्न बस्तर ओलंपिक में भी दिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की प्राथमिकता स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने की है।
     
     
    बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सिविल सोसाइटी को अभियान से जोड़ने और नक्सलियों के आत्मसमर्पण हेतु किए जा रहे प्रयासों को तेज करने पर बल दिया। श्री शर्मा ने नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे।
     
    बैठक में सुरक्षा ग्रिड का विस्तार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित करना, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आवास संबंधी योजनाएं और ज्वाइंट एक्शन प्लान सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई।
     
    बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, श्री एस आर पी कल्लूरी, श्री विवेकानन्द सिन्हा, श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
  • नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ में खुला रेड कारपेट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    05-Dec-2024

    रायपुर. छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।

     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इसके लिए हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना होगा। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा।
     
     
    उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर किया गया है। नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों से सुझावों को शामिल किया गया है। इस नीति से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही, नये उद्योगों की स्थापना होगी, साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा।
     
    नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री संजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के नवीन औद्योगिक नीति की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। इस नीति से प्रदेश में सस्टेनेबल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नई नीति में एमएसएमई उद्योगों को सशक्त बनाने का अच्छा प्रयास किया गया है। नये क्षेत्रों में निवेश के लिए इंसेन्टिव स्कीम तैयार की गई है। इस उद्योग नीति में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है।
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं।
     
     
    मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योगों की मंजूरी और स्थापना की प्रक्रिया के सरलीकरण पर फोकस किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने बताया कि नवीन औद्योगिक विकास नीति में राज्य की प्राथमिकताओं एवं राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रावधान किये गये हैं ।
     
    कार्यक्रम में आयोजित पैनल डिस्कशन में रोजगारवर्धक औद्योगिक विकास में औद्योगिक अधोसंरचना, नीति समर्थन एवं उद्योग स्थापना हेतु औपचारिक आवश्यकताओं को कम करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
  • महाविद्यालय में स्टेक होल्डर की बैठक संपन्न

    05-Dec-2024

    राजनांदगांव- कॉन्फ्लूएंस महाविद्यालय में IQAC(आंतरिक गुणवत्ता आश्वाशन प्रकोष्ठ) द्वारा स्टेक होल्डर की बैठक को संपन्न किया गया। इस बैठक में महाविद्यालय के संचालकगण, प्राचार्य, मीडिया प्रभारी, भूतपूर्व छात्र एवं विद्यार्थियों के पालकगण उपस्थित थे। बैठक को संचालित करते हुए सु श्री आभा प्रजापति ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नेक टीम के आगमन से पूर्व तैयारी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, प्रवेश हेतु सुझाव के साथ अन्य बिंदुओं पर चर्चा करना था। बैठक की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्य  डॉ. रचना पाण्डेय जी ने बताया NEP20 के तहत आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा की तैयारी चल रही है और उनके लिए रेमेडियल क्लास का भी आयोजन किया जा रहा है। उनके द्वारा पालकों से नेक की तैयारी और नए सत्र में प्रवेश हेतु सुझाव देने के साथ साथ महाविद्यालय के विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए कहा गया। बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यार्थियों के पालकों द्वारा विद्यार्थियों के लिए व्यक्तित्व विकास और  स्वरोजगार पर जोर देने के लिए कहा गया और इससे संबंधित विभिन्न प्रोग्रामों को आयोजित करने के लिए कहा गया जिससे स्कूल स्तर के विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित हो जिससे वे महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित होंगे। महाविद्यालय के संचालक डॉ. मनीष जैन, और संजय अग्रवाल जी ने संयुक्त रूप से कहा कि महाविद्यालय ने हमेशा विद्यार्थियों के स्वरोजगार पर ध्यान दिया है और आगे भी इसके लिए प्रयास करते रहेंगे। उनके द्वारा बैठक में पालकों द्वारा नेक की तैयारी, प्रवेश हेतु और अन्य बिंदुओं के लिए दिए गए सुझाव के क्रियान्वयन के लिए आश्वाशन दिया गया। इस बैठक में महाविद्यालय के अन्य सहायक प्राध्यापक भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने विश्व मृदा दिवस की दी शुभकामनाएं

    04-Dec-2024

    रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस पर प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि विश्व मृदा दिवस एक ऐसा अवसर है जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने में मिट्टी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है।

     
    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की उर्वर धरती की फसल उत्पादन और कृषकों की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ में मृदा जैसे अमूल्य संसाधन की रक्षा की सामूहिक ज़िम्मेदारी को हम सभी को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हमारी उर्वर धरती आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ और जीवंत बनी रहे।
  • सहकारी बैंक दुर्ग की ऋण समिति की बैठक में 2.07 करोड़ ऋण स्वीकृत

    04-Dec-2024

    दुर्ग,प्राधिकृत अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में ऋण उप समिति की बैठक बैंक कार्यालय में आज सम्पन्न हुई। बैठक में संचालक सदस्य श्री अवधेश मिश्रा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ दुर्ग, उप संचालक कृषि दुर्ग से प्रतिनिधि श्री विकास साहू एवं श्री श्रीकांत चन्द्राकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक सुश्री कुसुम ठाकुर उपस्थित

     
    बैठक में बैंक के कार्यक्षेत्र जिला दुर्ग, बालोद, बेमेतरा के अंतर्गत 311 सहकारी समिति से संबंधित कृषकों का फसल ऋण के साथ-साथ उद्यानिकी प्रकरणों में 11 कृषकों को 25 लाख रुपए ऋण स्वीकृत, गौपालन के 23 नवीन ऋण प्रकरणों में 45.40 लाख ऋण की स्वीकृति एवं नवीनीकरण के अंतर्गत 45 प्रकरणों में 87.42 लाख ऋण की स्वीकृति दी गई।
     
    मत्स्य पालक कृषकों के 2 प्रकरणों में 3.81 लाख की ऋण स्वीकृति एवं नवीनीकरण के अंतर्गत 2 प्रकरणों में 4 लाख की स्वीकृति दी गई। किसान क्रेडिट कार्ड ऋण योजनांतर्गत बकरी पालन के लिए 1 नवीन प्रकरणों में 1.15 लाख की स्वीकृति दी गई। कुक्कुट पालन हेतु 01 नवीन प्रकरण में 03 लाख की स्वीकृति दी गई। मध्यकालीन नार्मल ऋण योजनांतर्गत तारफेंसिंग एवं स्प्रींकलर सेट हेतु 03 प्रकरण में 3.85 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई।
     
    अकृषि ऋण के तहत मध्यकालीन व्यक्तिगत ऋण हेतु 05 प्रकरणों में 25 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार स्वयं सहायता समूहों को 08 प्रकरणों में 9 लाख की ऋण स्वीकृत किया गया। इस प्रकार ऋण उप समिति की बैठक में कुल 101 प्रकरणों में 207 करोड़ की ऋण राशि की स्वीकृति दी गई है।
     
    प्राधिकृत अधिकारी कलेक्टर सुश्री चौधरी द्वारा बैंक के माध्यम से ऋण नीति अनुसार उप संचालक कृषि/उद्यानिकी/पशुपालन/मत्स्य विभाग को विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये ताकि बैंक के माध्यम से शासकीय योजनाओं में अधिकाधिक कृषक लाभान्वित हो सके। अब तक सामान्य केसीसी ऋण को छोड़कर 1949 प्रकरण में कुल 37 करोड़ 16 लाख के ऋण स्वीकृत किये जा चुके है- 
  • जब से लगा घर में नल, रस्सी डालकर बाल्टी खींचकर नहीं लगाना पड़ता बल

    04-Dec-2024

    वृद्धा विपदी बाई को मिली कुएं जाने से मुक्ति

     
    कोरबा ,कई साल पहले विपदी बाई को कुएं से पानी भरने में कोई तकलीफ नहीं थीं। वह बड़े-बड़े बर्तन लेकर कुएं के पास जाती थी और कुएं में रस्सी डालकर बड़ी ही आसानी से बाल्टी डालकर पानी खींच निकालती थी। यह काम सुबह-शाम ही नहीं चलता था, घर में जब भी पानी की जरूरत होती थी कुएं तक का सफर चलता ही रहता था। समय बीतता गया, विपदी बाई ऐसे ही पानी कुएं से भरती रही। धीरे-धीरे उम्र बढ़ने के साथ विपदी बाई का शरीर जवाब देने लगा, घर में पानी की जरूरत तो बढ़ती चली गई, लेकिन कुएं में बाल्टी डालकर रस्सी से पानी से भरी बाल्टी को खींच पाना आसान नहीं रह गया।
     
    कई बार तो वह पानी से भरी आधी बाल्टी पानी को कुएं से खींचती और अपनी किस्मत को कोसती। यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा, लेकिन वृद्धा विपदी बाई की मुश्किलें कम नहीं हुई। एक दिन जब जल जीवन मिशन अंतर्गत गांव में घर-घर पाइप लाइन बिछाकर नल कनेक्शन दिया जाने लगा तो विपदी बाई को यह सब कुछ दिनों का खेल लगा। घर पर नल कनेक्शन लगने के पश्चात आखिरकार जब नल चालू की गई तो विपदी बाई के घर में लगे नल से भी पानी आने लगा। विपदी बाई के लिए यह किसी बड़े उपकार से कम नहीं था। घर पर ही पानी मिल जाने से विपदी बाई ही नहीं उसकी जैसी अनेक वृद्ध महिलाओं को कुएं जाने और कुएं में रस्सी डालकर पानी का भार खींचने शारीरिक थकावट वाले बल से आजादी मिल गई। घर में ही नल कनेक्शन मिलने से उन्हें कुएं से घर तक बर्तन का भार सिर में उठाने से भी मुक्ति मिल गई।
     
    करतला विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत तरदा के आश्रित ग्राम बैगापाली की विपदी बाई ने बताया कि पहले कुएं से ही पानी भर कर लाना पड़ता था। एक उम्र तक कुएं से पानी निकालने में कोई तकलीफ नहीं थी लेकिन उम्र होने के बाद कुएं में रस्सी डालकर पानी से भरी बाल्टी खींच पाना आसान नहीं है। घर में नल का कनेक्शन लगने और पानी मिलने के बाद कुएं से पानी लाना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि घर पर ही पानी मिलने से उनकी बड़ी समस्या का अंत हो गया है।
     
    घर के लिए खाना पकाने तथा अन्य घरेलू कार्य हेतु पानी की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। अब उन्हें सिर पर पानी से भरा बर्तन सिर पर लादकर घर तक नहीं लाना पड़ता। घर पर मौजूद विपदी बाई के पति खुबूदास ने बताया कि पहले पानी के लिए उनकी पत्नी को कुंए तक जाने से घर का काम प्रभावित होता था। अब नल में समय पर पानी आता है। अपनी जरूरत अनुसार जितना पानी चाहिए घर में इक्ट्ठा कर लेते हैं। उन्हें स्वच्छ पानी मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि पानी का स्वाद भी अच्छा है।
     
    बैगापाली में नल कनेक्शन के संबंध में पीएचई के ईई श्री ए के बच्चन ने बताया कि बैगापाली में जल जीवन मिशन हमर गांव हमर पेयजल अंतर्गत सोलर ड्यूल पंप के माध्यम से घरों में नल का कनेक्शन दिया गया है। नल कनेक्शन से खुश विपदी बाई ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना से हर माह एक हजार की राशि भी मिलती है। इससे घर का जरूरी खर्च के लिए पैसे का इंतजाम हो जाती है। 
  • अस्पताल पहुँचकर मरीजों का पूछा हाल

    04-Dec-2024

    एम्स, डी के एस और मेकाहारा अस्पताल पहुँचे राजस्व मंत्री श्री वर्मा

    रायपुर,राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज सुबह राजधानी रायपुर स्थित एम्स, डी के एस और मेकाहारा हॉस्पिटल पहुँचे। इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने अस्पताल का निरीक्षण करने के साथ-साथ मरीज़ों से स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्री वर्मा ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज के संबंध में मरीजों से जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान अस्पताल के उपस्थित चिकित्सकों को समय पर मरीज़ों को बेहतर इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
     
    इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने बालौदाबाज़ार जिले के ग्राम रवान के रहने वाले श्री पुकार यादव, ग्राम देवरी की श्रीमती निर्मला वर्मा, बालौदाबाज़ार के श्री सुमन दास साहू से मिलकर स्वास्थ्य की जानकारी ली। सिर में चोट के इलाज के लिए डी के एस के वार्ड- सी 6 में भर्ती 20 वर्ष के श्री पुकार सिंह ने बेहतर इलाज के कारण स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की जानकारी दी। इसी तरह नस में ब्लाकेज के इलाज के लिए मेकाहारा हॉस्पिटल के वार्ड-19 में भर्ती 55 वर्षीय श्री सुमन दास साहू ने स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। इसी तरह बलौदाबाजार के ग्राम देवरी की 54 वर्षीय श्रीमती निर्मला वर्मा निमोनिया के इलाज के लिए एम्स हॉस्पिटल में भर्ती है। श्री वर्मा ने उनके स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से चर्चा कर बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
  • प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    04-Dec-2024

    नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत

    राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति
    केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी
     
    रायपुर,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है।
     
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी।
     
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।
     
    भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है।
     
    राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।
     
    भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में श्सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
     
    छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।
     
    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
     
    उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।
  • कक्षा 5वीं और 8वीं के लिए केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर जोर

    04-Dec-2024

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से सत्र 2024-25 में कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा यह कदम विद्यार्थियों की शिक्षा स्तर को सुधारने और शैक्षणिक वातावरण को और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। यह परीक्षा राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में संचालित होगी, हालांकि सीबीएससी और आईसीएससी पाठ्यक्रम वाले विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। इस संबंध में आज छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय, स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन नवा रायपुर से समस्त जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दी गई है।

     
    स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि परीक्षाएं जिला स्तर पर नि:शुल्क आयोजित की जाएगी और जिला शिक्षा अधिकारी गोपनीयता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराएगें। परीक्षा मार्च माह में आयोजित होगी और इसकी समय-सारणी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पूर्ण गोपनीयता के साथ तैयार किए जाएंगे और प्रश्न पत्र वितरण के बाद, उन्हें संबंधित केंद्र के निकटवर्ती थाने में सुरक्षित रखा जाएगा। शिक्षकों को प्रश्न पत्र के नमूने पहले से उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि छात्रों को सही दिशा में तैयारी करा सकें।
     
     
    सचिव श्री परदेशी ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केन्द्रीय मूल्यांकन केंद्रों में किया जाएगा। मूल्यांकन कार्य उन्हीं शिक्षकों से कराया जाएगा, जो कक्षा 5वीं और 8वीं पढ़ाते हैं। कक्षा चौथी और सातवीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अन्य विद्यालयों में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा, उन्हें दो महीने के भीतर पूरक परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश (छठवीं और नवमीं) दे दिया जाएगा। विद्यार्थियों की तैयारी सत्र प्रारंभ से ही सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीकृत परीक्षा की तैयारी के लिए संकुल समन्वयकों और प्रधान पाठकों की बैठक आयोजित की जाएगी।
  • परिवहन उप निरीक्षक पदों के लिए साक्षात्कार तिथि घोषित: 17 दिसम्बर को होगी परीक्षा

    04-Dec-2024

    रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परिवहन विभाग में परिवहन उप निरीक्षक (तकनीकी) पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए साक्षात्कार 17 दिसम्बर 2024 को होगा।

    परीक्षा नियंत्रक लोक सेवा आयोग से मिली जानकारी के अनुसार परिवहन उप निरीक्षक के कुल 15 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम 3 अक्टूबर 2024 को घोषित कर दिया गया है। लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर वर्गवार और उपवर्गवार 45 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। साक्षात्कार दो पालियों में होगी, जिसमें प्रथम पाली सुबह 10 बजे एवं द्वितीय पाली अपरान्ह 2 बजे से आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार से एक दिन पूर्व 16 दिसंबर 2024 को चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी दो पालियों में किया जाएगा। दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे (प्रथम पाली) और दोपहर 1:30 बजे (द्वितीय पाली) आयोग कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहने वाले या अर्हता पूरी न करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
     
    परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि दस्तावेज सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, नि:शक्तजन प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पहचान पत्र और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र मूल प्रति और स्वप्रमाणित छायाप्रति के साथ प्रस्तुत करना होगा। सभी प्रमाण पत्रों का जारी तिथि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तक सुनिश्चित होना चाहिए। अंतिम तिथि के बाद जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे। दस्तावेजों की कमी की स्थिति में अभ्यर्थी की उम्मीदवारी समाप्त कर दी जाएगी।
  • जॉयना की जीत: मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने दी ब्रेस्ट कैंसर से जंग जीतने की ताकत

    04-Dec-2024

    रायपुर। “आज से करीब 14 माह पहले जब मुझे पता चला कि मुझे असाध्य बीमारी कैंसर है, तो ऐसा लगा कि मानो मेरे पैरों के नीचे से जमीन ही खिसक गई हो। फिर कैंसर से जिंदगी की जद्दोजहद शुरू हो गई। इस बड़ी बीमारी से लडऩे के लिए साहस तो मेरे पास था, लेकिन पैसों की कमी मेरे इलाज की राह में रोड़ा बन रहा था। ऐसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिला लाभ मेरे और मेरे परिवार के लिए अंधेरे में उम्मीद की किरण बन कर आई है। इससे मेरा बेहतर इलाज हो पाया और आज मैं पूरी तरह स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही हूं।” यह कहना है ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर बीमारी को मात देने वाली 46 वर्षीय श्रीमती जॉयना मसीह का।

    कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी जॉयना मसीह को एक दिन अचानक महसूस हुआ कि उनके सीने में दाईं तरफ एक गांठ हैं। उन्होंने गांठ की जांच कराई तो पता चला उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है। जॉयना के पास पैसों की कमी थी और कैंसर का इलाज महंगा था। उनके रिश्तेदार ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से कैंसर रोग के इलाज के लिए आर्थिक रूप से मदद मिल सकती है। यह सुनकर उनकी आंखों में उम्मीद की किरण चमक उठी। उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से इलाज हेतु आर्थिक मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग के पहुना कार्यालय रायपुर में आवेदन दिया। चिकित्सकीय परीक्षण एवं चिकित्सकों द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके आयुष्मान कार्ड में 90 हजार रुपए जमा किए गए और आयुष्मान कार्ड में पहले से ही 45 हजार रुपए जमा थे। जॉयना ने बताया कि कैंसर के इलाज के लिए उनकी 08 बार कीमो थैरेपी की गई, साथ ही उनका ऑपरेशन भी किया गया। उनके पति, मां और बहन ने उनके इलाज में कोई कमी नहीं की। परिजनों द्वारा अपनी सालों से जमा की हुई पूंजी व पैतृक संपत्ति का भी इलाज में उपयोग किया, परन्तु बेहतर उपचार के लिए पैसों की कमी सामने आ ही गई। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिले 01 लाख 35 हजार रुपए से बेहतर उपचार के साथ ही 21 दिन तक रेडिएशन किया गया। उचित उपचार के बाद वह अब स्वस्थ हैं और अपने सभी दैनिक कार्य सामान्य तरीके से कर रहीं हैं।
     
    जॉयना का कहना है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से हुई मदद और इलाज से वह कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से जंग जीती है, अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस कल्याणकारी योजना संचालन हेतु धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर इलाज का लाभ मिल रहा है।
  • 24 घंटों में सबसे ज्यादा पूछे गए ये सवाल गूगल पर ट्रेंड विक्रांत मेस्सी…

    04-Dec-2024

    विक्रांत मेस्सी ने जब से अपने संन्यास का ऐलान किया है जब से वो चर्चा में आ गए हैं. पिछले 24 घंटों से लगातार वो सुर्खियों में बने हुए हैं. अभिनय से ब्रेक लेने का फैसला उन्होंने अपने परिवार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए किया है. इन सबके बीच विक्रांत मेस्सी गूगल पर भी ट्रेंड कर रहे हैं, जिसके चलते लोग गूगल से तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं. आइए आपको बताते हैं वो कौन से सवाल हैं.

     
    विक्रांत मेस्सी ने क्यों लिया संन्यास?
    विक्रांत मेस्सी को लेकर पिछले 24 घंटों से गूगल पर सबसे ज्यादा चर्चित सवाल यही है कि उन्होंने अपने करियर के चरम पर एक्टिंग छोड़ने का फैसला क्यों किया है. इस उथल-पुथल के बीच उन्होंने सोमवार 2 दिसंबर को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में घर लौटने की बात कही और बताया कि उनकी आखिरी दो फिल्में अगले साल रिलीज होंगी. उन्होंने फैन्स का शुक्रिया भी अदा किया. लेकिन, उन्होंने इस सवाल के जवाब में स्पष्ट किया है कि वह अभिनय से संन्यास नहीं ले रहे हैं और उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है. वह बस अपने परिवार पर ध्यान देने के लिए कुछ समय निकालना चाहते हैं.
     
    विक्रांत मेस्सी एक फिल्म के लिए कितनी फीस लेते हैं?
    इसके अलावा गूगल पर विक्रांत मेस्सी की फीस को लेकर भी सवाल पूछे जा रहे हैं. नेटिज़न्स यह जानने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि विक्रांत मेस्सी एक फिल्म के लिए कितनी फीस लेते हैं. एक फिल्म के लिए विक्रांत करीब 10 लाख रुपये खर्च करते हैं. जबकि उनकी कुल संपत्ति 1-2 करोड़ रुपये है. करीब 20-26 करोड़ बताई जा रही है.
     
    विक्रांत मेस्सी इतने प्रसिद्ध क्यों हैं?
    छोटे पर्दे से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले विक्रांत मेस्सी ने बॉलीवुड में अपनी एक खास पहचान बनाई है. इसके चलते गूगल पर इसे लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं. अभिनेता ने 2007 में शो ‘धूम मचाओ धूम’ से अभिनय की शुरुआत की और 6 साल बाद रणवीर सिंह की फिल्म ‘लुटेरा’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. इससे पहले कलर्स का डेली सोप ‘बालिका वधू’ टीवी सीरियल उनके एक्टिंग करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट रहा है. शुरुआत में फिल्मों में साइड रोल निभाने वाले विक्रांत मेस्सी ने ‘छपाक’, ’12वीं फेल’ और ‘द साबरमती रिपोर्ट’ जैसी कई फिल्मों में मुख्य अभिनेता के रूप में काम करके प्रसिद्धि हासिल की.
     
    विक्रांत मेस्सी और शीतल ठाकुर की मुलाकात कैसे हुई?
    विक्रांत मेस्सी की लव स्टोरी भी गूगल पर सर्च की गई, जिससे उनकी पत्नी शीतल ठाकुर से पहली मुलाकात पर सवाल उठे. अनफिल्टर्ड समदीश को दिए एक इंटरव्यू में 12वीं फेल एक्टर ने खुलासा किया, ‘उनकी पत्नी से मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी. हालाँकि, यहाँ एक मोड़ है! विक्रांत के दोस्त को शीतल पसंद थी और वह चाहता था कि वह उसकी मदद करे, लेकिन विक्रांत को उससे प्यार हो गया और बाद में दोनों ने डेटिंग शुरू कर दी. यह जोड़ा अभी भी अपने दोस्त से जुड़ा हुआ है और दोनों अपनी-अपनी पत्नियों के साथ खुशहाल शादीशुदा जिंदगी जी रहे हैं. विक्रांत और शीतल एकता कपूर की वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ में साथ नजर आए थे. विक्रांत और शीतल ने साल 2022 में शादी की और 2023 में अपने बेटे वरदान का स्वागत किया.
     
    क्या विक्रांत मेस्सी हिंदू हैं?
    विक्रांत मेस्सी का जन्म 3 अप्रैल 1987 को मुंबई में जोली मेस्सी और मीना मेस्सी के घर हुआ था. विक्रांत मेस्सी के धर्म की बात करें तो वह हिंदू धर्म का पालन करते हैं. उनके पिता ईसाई समुदाय से हैं. जबकि उनकी मां मीना सिख हैं. शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उनके भाई मोहसिन ने 17 साल की उम्र में इस्लाम अपना लिया था. इसके अलावा विक्रांत मेस्सी की पत्नी भी हिंदू हैं.
  • एक ही घर की तीन पीढ़ियां उठा रही महतारी वंदन योजना का लाभ, सास और तीनों बहुएं हैं लाभार्थी

    04-Dec-2024

    रायपुर। प्रदेश में महतारी वंदन योजना लागू होने से माताएं बहनों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिलाएं चाहे वह कामकाजी हो अथवा गृहणी, वे सबसे पहले अपने परिवार के बारे में सोचती हैं और परिवार के स्वास्थ्य, दिनचर्या, बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों इत्यादि को पूरा करने में समय और पैसा खर्च कर देतीं हैं। अपने लिए तो कभी सोचतीं हीं नहीं हैं। ऐसी ही कहानी है धमतरी शहर से लगे ग्राम मुजगहन की श्रीमती कृष्णा सेन और उनकी तीनों बहुओं श्रीमती तरूण, श्रीमती पुष्पा और श्रीमती ममता का। वैसे तो सास सहित बहुएं कुछ न कुछ कार्य करती हैं और घर खर्च के लिए अपने-अपने पति का हाथ बटातीं हैं, लेकिन स्वयं के लिए कभी भी खर्च नहीं कर पातीं।

     
    सास कृष्णा बाई बतातीं हैं कि उनके पति पवन कुमार सेन सेलून का कार्य किया करते थे, लेकिन अधिक उम्र और बेटों का इस काम में हाथ बटाने के कारण अब नहीं करते हैं। उनके बेटे सेलून का काम करते है। बहुए क्रमश: तरूण, पुष्पा और ममता भी घरेलू काम के साथ अन्य कार्य करती है। अपने परिवार और बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य जरूरतों में खर्च करते हैं। वे बतातीं हैं शासन द्वारा मिल रही महतारी वंदन योजना की राशि को अब वे अपने निजी जरूरतों को पूरा करने में खर्च करतीं हैं। उन्होंने कहा कि जब भी अपने लिए खर्च के बारे में सोचो, परिवार और बच्चों की जरूरतें ख्याल में आ जातें थे, लेकिन अब वे निश्चिंत होकर अपने लिए खर्च करने के बारे में सोचतीं हैं और काफी खुश रहतीं हैं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद दिया है।
  • विधायक राजेश मूणत ने 29 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    03-Dec-2024

    रायपुर। हीरापुर, जरवाय, अटारी रायपुर वीर सावरकर वार्ड में स्थानीय नागरिकों के मांग के अनुरूप 29 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का स्वीकृत कर आज वार्ड के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया।  बांग्लादेश का हिन्दू अकेला नहीं है... मैं मेरा परिवार और यह सकल समाज न्याय के लिए एक जुट है। बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में सकल हिन्दू समाज रायपुर द्वारा आयोजित जन आक्रोश रैली में सम्मिलित हो अपना विरोध दर्ज कराया। 

     

     

  • साइंस कॉलेज चौपाटी बंद, आमानाका ओवरब्रिज के नीचे होगी शिफ्ट

    03-Dec-2024

    रायपुर। विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत की मेहनत रंग लाई, आम जनता और वहां के रहवासियों की मांग पर हुई ये कार्रवाई। साइंस कॉलेज मैदान के पास स्थित चौपाटी को बंद कर अब इसे आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट किया जा रहा है। रायपुर स्मार्ट सिटी ने चौपाटी का ठेका लेने वाली एजेंसी को निर्देश दिया है कि दुकानों को नई जगह पर स्थानांतरित किया जाए। सोमवार को कुछ दुकानों को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है, जबकि   बाकी दुकानों की शिफ्टिंग की तैयारी चल रही है। यह फैसला हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया, जिसमें दोनों पक्षों - नगर निगम और ठेका एजेंसी को मिलकर समाधान निकालने को कहा गया था। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान ट्रैफिक, बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल को ध्यान में रखते हुए साइंस कॉलेज चौपाटी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। आमानाका वेंडिंग जोन को नई जगह के रूप में चुना गया है। यहां पर चौपाटी जैसी ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। वेंडरों का कहना है कि उन्हें शिफ्टिंग के लिए बहुत कम समय दिया गया है। नई जगह पर बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अधिकारियों ने सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया था, और कुछ दुकानों को पहले ही स्थानांतरित कर दिया गया है। वेंडरों को चेतावनी दी गई है कि वे समय पर न शिफ्ट होने पर निगम जबरन स्थानांतरित कर देगा। उस समय भाजपा नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने इसका विरोध किया था और इसे लेकर आंदोलन भी किया था। चौपाटी को हटाने का मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां फरवरी में ठेका एजेंसी का अनुबंध रद्द कर दिया गया था। शिफ्टिंग के बाद आमानाका वेंडिंग जोन में चौपाटी जैसी सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है। हालांकि, वेंडरों की मांग है कि पहले सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। नगर निगम ने इस पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। 

  • ग्राम पंचायत पारीखुर्द में विकास की एक नई दिशा तय की: रमन सिंह

    03-Dec-2024

    राजनांदगांव। आज राजनांदगांव के ग्राम पंचायत पारीखुर्द में विकास की एक नई दिशा तय करते हुए क्षेत्रवासियों के साथ लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये के 10 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों में ₹80 लाख की लागत से सीसी रोड, ₹26.63 लाख रुपये से सामुदायिक भवन, ₹18.54 लाख रुपये से नवीन पंचायत भवन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। ये विकास कार्य पारीखुर्द को विकसित और समृद्ध ग्राम बनाने के प्रति हमारा समर्पण है। 

  • धान खरीदी में फर्जीवाडा, विधायक पति समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

    03-Dec-2024

    सारंगढ़-बिलाईगढ़। धान खरीदी केंद्र में फर्जीवाड़ा मामले में प्रशासन ने विधायक पति गनपत जांगड़े समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. गनपत जांगड़े सारंगढ़ से कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े के पति हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले रक्सा धान खरीदी केंद्र में फर्जीवाड़ा की शिकायत प्रशासन को मिली थी. मामले की जांच के बाद अपेक्स बैंक के संजय साहू ने एफआईआर दर्ज कराई है. एफआईआर के मुताबिक, रक्सा धान खरीदी केंद्र में बिना धान बेचे ही किसान के नाम से चेक बनाया गया था। 

  • मुख्यमंत्री रायगढ़ में आयोजित उत्कल ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में हुए शामिल

    03-Dec-2024

    रायपुर। सार्वजनिक जीवन में अच्छा कार्य कर रहे समाज के लोगों को जब सम्मान मिलता है तो न केवल उन्हें अच्छा महसूस होता है अपितु समाज के बहुत से लोगों को प्रेरणा मिलती है और वे उनके आदर्शों के अनुरूप चलने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ में आयोजित उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उत्कल ब्राह्मण समाज ने समाज की विभिन्न विभूतियों के सम्मान का कार्यक्रम रखा है। यह बहुत अच्छी पहल है। उन्होंने इस मौके पर  रायगढ़ में उत्कल ब्राम्हण समाज के भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्कल ब्राह्मण समाज के सम्मेलन के अवसर पर अनेक विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है। उत्कल ब्राह्मण समाज के अनेक सदस्य मेरे अच्छे मित्र रहे हैं। मेरे सुख-दुख में सहभागी रहे हैं। उनसे सामाजिक गतिविधियों की जानकारी होती रहती है। सामाजिक सम्मेलन के माध्यम से वे प्रगतिशील विचारों को बढ़ावा देते हैं।  यही वजह है कि उत्कल ब्राह्मण समाज के लोग सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर मुकाम पर हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति और ओडिशा की संस्कृति में बहुत सी बातें मिलती-जुलती हैं। महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति जितना स्नेह ओडिशा के लोगों में है उतना ही अनुराग छत्तीसगढ़ में भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के लिए शिक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता में है। आज ही हमने रायगढ़ में 42 करोड़ रुपए की राशि से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन भी किया। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्ञान आधारित समाज स्थापित करना चाहते हैं और इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम युवाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा व्यवस्था प्रदान करें। इसके साथ ही हमने रायगढ़ जिले में 135 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया है। इन कार्यों से रायगढ़ जिले की सूरत और भी निखरेगी। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने भी सम्बोधित किया। श्री चौधरी ने उत्कल ब्राह्मण समाज के भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की। सम्मेलन में रायपुर उत्तर विधायक और उत्कल ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने उत्कल ब्राह्मण समाज सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के पहुंचने पर स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर उत्कल ब्राह्मण समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे। 

  • हमलावर प्रधान पाठक सस्पेंड

    03-Dec-2024

    रायपुर। विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर हाथ उठाना पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक को भारी पड़ गया. संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल को निलंबित कर दिया है. संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय ने बताया कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसदा सोंठ अभनपुर में पदस्थ प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल ने अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया गया. हाथ मरोड़ा गया और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई. यहां तक कुर्सी को पटकते हुए फ़ाइल पकड़कर सिर में मारा गया. प्राथमिक तौर पर दोषी पाए जाने के बाद प्रधान पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है  निलंबन आदेश में बताया गया कि प्राचार्य पद पर पदोन्नति के संबंध में अपना गोपनीय प्रतिवेदन सुधार के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अभनपुर के समक्ष उपस्थित हुए थे. इस दौरान बहसबाजी करते हुए अधिकारी से अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से प्रधानपाठक को सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि के दौरान राजन कुमार बघेल का मुख्यालय कसडोल विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नियत किया गया है. 

  • राज्य गठन के बाद पहली बार नियमों में संशोधन, अधिष्ठाता और अस्पताल अधीक्षक के बढ़े अधिकार

    03-Dec-2024

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार जनहित में लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दिशा में प्रयास करते हुए अपने सुझाव सामने रखे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्वशासी सोसायटियों की बैठक में आज चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों के वित्तीय विकेंद्रीकरण के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण एवं जनहित के निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों से महाविद्यालय स्तर पर स्वशासी सोसायटियों का सुदृढिकरण होगा, आवश्यक कार्यों के लिए शासन पर निर्भरता कम होगी, अतिआवश्यक कार्य समय सीमा पर संपन्न हो सकेंगे और तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर ही हो जाएगी।  चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध अस्पतालो के लिए अतिआवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदी मरम्मत एवं रखरखाव, कन्ज्यूमेबल सामग्री इत्यादि की तात्कालिक उपचार के लिए आवश्यकता पड़ती रहती है। लेकिन मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों के पास इन्हें खरीदने अथवा मरम्मत के लिए बहुत ही सीमित शक्तियों का प्रावधान था। इसकी वजह से इन्हें शासन स्तर के निर्णय पर निर्भर रहना पड़ता था। ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व से चला आ रहा था । राज्य गठन के बाद पहली बार वित्तीय अधिकारों के नियम मे संशोधन किया जा रहा है। पहले मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों को 1 लाख रूपए से उपर के लघु निर्माण, मरम्मत, दवा खरीदी इत्यादि कार्यों के लिए मंत्रालय स्तर पर फाइल भेजनी पड़ती थी। नए निर्णय से अब इनके पास 10 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार होगा। इसके लिए शासन स्तर से किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। औजारों एवं लघु उपकरणों की खरीदी अथवा मरम्मत के लिए 1 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार था जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख रूपए करने की सहमति स्वशासी समिति की बैठक में दी गयी है। इसी तरह से भण्डार तथा रिएजेंट की खरीदी के लिए 20 हजार रूपए तक की शक्तियां थी जिन्हें बढ़ाकर अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षक को पूर्ण शक्तियां प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। इस वित्तीय विकेंद्रीकरण से स्वाशासी समिति कार्यसंपन्न बनेगी और बहुमूल्य समय की बचत होगी। इससे मरीजो को दवाइओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। स्वशासी सोसायटियों का पुनर्गठन राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्वशासी सोसायटियों का गठन महाविद्यालय की स्थापना के साथ अलग अलग समय पर हुआ है। इन सोसायटियों के लिए कोई एक निर्धारित गाइड लाइन या नियमावली का निर्धारण नहीं किया गया है और इनमें एकरूपता नहीं है। इन सोसायटियों को होने वाली आय व्यय के अनुमोदन के लिए भी कोई मानकीकरण प्रक्रिया नहीं है। इनमें एकरूपता लाने के लिए माडल स्वशासी सोसायटियों का ड्राफ्ट प्रशासकीय विभाग द्वारा अनुमोदित कर जारी किया गया है। पूर्व में सिर्फ सामान्य सभा को ही अधिकार प्राप्त थे, लेकिन नए ड्राफ्ट के अनुसार सामान्य सभा के अधिकारों का विस्तार करते हुए प्रबंधकारिणी समिति और वित्त समिति के अधिकारों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के अनुसार सामान्य सभा को पूर्ण अधिकार के साथ ही अब प्रबंधकारिणी समिति को प्रति कार्य 2 करोड़ रूपए तक अनुमोदन का अधिकार होगा, पहले ये अधिकार नहीं था। वित्त समिति को प्रति कार्य 10 लाख रूपए तक के अनुमोदन का अधिकार दिया गया है, पहले कोई अधिकार नहीं था। केंद्र अथवा राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं से स्वशासी समिति को प्राप्त राशि, आवंटन अथवा अनुदान में से सामान्य सभा को खर्च व अनुमोदन का पूर्ण अधिकार होगा वहीं इसी राशि में से प्रबंधकारिणी समिति को 5 करोड़ रूपए तक की राशि के अनुमोदन का अधिकार होगा। अभी तक राज्य शासन से आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्राप्त क्लेम का 25 फीसदी ही संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी सोसायटी को प्राप्त होता था। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में इसे बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल की अध्यक्षता में ये निर्णय लिया गया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों को राज्य बजट से दवाइयां मद तथा भण्डार एवं रिएजेंट मद में प्राप्त बजट का 10 फीसदी राशि का आवंटन होता था। इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इन फैसलों से मेडिकल कालेजो को वित्तीय रुप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण कर मेडिकल कालेजों की स्वशासी सोसायटियों को पुनर्गठित किया गया है। नवा रायपुर के महानदी भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वशासी सोसायटियों को संबोधत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि विष्णु के सुशासन में मेडिकला कालेजों में वित्तीय अनुशासन एवं सुधारों के जरिए बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। ये निर्णय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। इन निर्णयों से हम मेडिकल कालेजों को अधिकार संपन्न बना रहे हैं ताकि छोटी जरूरतों के लिए उन्हें निर्भर न रहना पड़े और जनहित में वो आवश्यक निर्णय तत्काल लेकर मरीजों की बेहतरी के लिए काम कर सकें। 

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