बड़ी खबर

छत्तीसगढ़

  • गूंजेगा गहिरा मड़ई का शौर्य, संस्कृति और परंपरा का उत्सव...

    30-Jan-2026

    छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से 7वें वर्ष “मंडी की देवी मड़ई” का भव्य आयोजन

     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और योद्धा परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कोसरिया अहीर यादव सेवा समाज द्वारा “मंडी की देवी मड़ई (गहिरा मड़ई)” का आयोजन वर्ष 2026 में सातवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से 30 जनवरी 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा।
     
    इस संबंध में आयोजन समिति द्वारा मोतीबाग स्थित मधुकर खेर स्मृति प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जहाँ समाज के पदाधिकारियों एवं संयोजकों ने गहिरा मड़ई के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।
     
    गहिरा मड़ई केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि योद्धाओं की वीरता, साहस और आत्मबल का प्रतीक है। चंडी ताल की तेज लय पर लाठी और तलवार के साथ कलाकार जिस शौर्य का प्रदर्शन करते हैं, वह छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक युद्ध परंपरा की याद दिलाता है। माना जाता है कि पुराने समय में योद्धा युद्धभूमि की ओर इसी प्रकार गाते-बजाते और ललकारते हुए जाते थे।
     
    समय के साथ गहिरा मड़ई में रास नृत्य और कथात्मक प्रस्तुतियों का भी समावेश हुआ है। राधा-कृष्ण एवं गोप-गोपियों से जुड़े संयोग-वियोग और श्रृंगार रस पर आधारित दोहों के साथ किया जाने वाला यह नृत्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। इसके साथ ही नीति-निर्देशक दोहे समाज को सदाचार और नैतिक मूल्यों का संदेश भी देते हैं।
     
    इस आयोजन का एक विशेष पहलू परेतीन दाई से जुड़ी लोकमान्यता है। मान्यता के अनुसार बाजार-हाट की पहली बोहनी परेतीन दाई द्वारा किए जाने से समृद्धि आती है। ग्रामीण अंचलों में आज भी नवजात शिशु के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर यह परंपरा निभाई जाती है, लेकिन शहरीकरण के कारण यह लोक-विरासत धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।
     
    इसी लोकपरंपरा के संरक्षण के लिए गहिरा मड़ई का शुभारंभ रायपुर स्थित श्री हरदेव लाला मंदिर प्रांगण से विधि-विधानपूर्वक किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन बाबा हटकेश्वर नाथ धाम, महादेवघाट में होगा, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राऊत नाच और गहिरा मड़ई दलों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
     
    इस अवसर पर प्रथम पुरस्कार ₹16,000, द्वितीय ₹11,000, तृतीय ₹7,000, चतुर्थ ₹5,000 तथा अन्य सभी दलों को ₹3,000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। गहिरा मड़ई आज छत्तीसगढ़ की पहचान बनते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
  • पीएम आवास निर्माण में बलौदाबाजार छत्तीसगढ राज्य में अव्वल...

    30-Jan-2026

    रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।

     
    बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है। 
     
         बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है।
     
          वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें 24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है।
     
     सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण -
    बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।
     
            कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है।
     
    रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण...
           जिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है।
     
            इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
  • नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक और निर्णायक कदम : चार इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण...

    30-Jan-2026
    सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
     
    रायपुर। किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।
     
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।
     
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन...

    30-Jan-2026

    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से हमें सीख दी की दृढ़ संकल्प से जीवन की सभी चुनौतियों को परास्त किया जा सकता है। गांधी जी के विचार हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और राम गर्ग भी उपस्थित थे।
  • भाजपा के जंगल राज में गृहमंत्री के गृह जिले का एसपी खुद ही न्याय मांग रहा है, नियुक्ति प्रमोशन में भेदभाव...

    30-Jan-2026

    अनुभवहीन गृहमंत्री के अकर्मण्यता का नुकसान पुलिस की छवि पर, दागियों पर मेहरबानी, योग्यता दरकिनार

     
    रायपुर। कबीरधाम एसपी द्वारा प्रमोशन में भेदभाव को लेकर सरकार को लिखे गए शिकायती पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार “अंधेर नगरी चौपट राजा“ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है, गंभीर अपराध के दागियों पर सरकार मेहरबान है और क्षमतावान, योग्य अफसरों को दरकिनार किया जा रहा है। डिप्टी सीएम और प्रदेश के गृहमंत्री के गृह क्षेत्र के पुलिस कप्तान खुद ही इस सरकार से न्याय मांगने दो-दो पन्ने की चिट्ठी लिख रहे हैं, प्रमोशन में भेदभाव, उपेक्षा और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया का आरोप लगा कर सरकार और प्रशासन की पोल खोल रहे हैं। कुछ दिन पहले महासमुंद के एसपी ने भरी बैठक में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री से बहस की उसे पुरस्कार स्वरूप सीबीआई में पदस्थापना मिली। प्रदेश के अनुभवहीन गृहमंत्री के अकर्मण्यता का नुकसान पुलिस की छबि पर पड़ रहा है, इसीलिए पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बदतर हो रही है।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक पदों पर बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर यह सरकार चल कैसे रही है? और चला कौन रहा है? आरक्षक भर्ती घोटाले में संलिप्त आउटसोर्सिंग कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने के बजाय उसे दूसरे जिलों में भी भर्ती प्रक्रिया का काम दिया गया, यही नहीं पुलिस भर्ती के साथ ही वनरक्षकों के फिजिकल भी उसी विवादित कंपनी से कराए गए, जिन अधिकारियों ने आपत्ति की उल्टे उन्हें ही प्रताड़ित किया गया। भाजपा की सरकार में पीड़ित ही प्रताड़ित हो रहे हैं और भ्रष्ट अधिकारियों को खुला संरक्षण है, मतलब साफ है कि कमीशन की काली कमाई में सत्ता में बैठे भाजपाई नेता मंत्रियों की हिस्सेदारी है।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार सत्ता नहीं भ्रष्टाचार का गिरोह चला रही है। कबीरधाम जिले के पुलिस कप्तान धर्मेंद्र सिंह ने अपने शिकायती पत्र में तथ्यों के साथ इस सरकार के दागी चरित्र को उजागर किया है, कि किस तरह से विपक्ष में रहते जिन पर भाजपा नेता आरोप लगाया करते थे, ऐसे तथाकथित भ्रष्टाचारियों पर अब इस सरकार की कृपा बरस रही है। विगत दो वर्षों की भाजपा सरकार में दर्जनों बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे पर ठोस कार्यवाही किसी पर नहीं हुई, क्या यही साय का सुशासन और मोदी की गारंटी है, जहां वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी न्याय की गुहार लगाये और यह सरकार सोई रहे। जब उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिले का पुलिस कप्तान ही अन्याय का शिकार हो, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी?
  • धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाए - दीपक बैज

    30-Jan-2026

    रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित किया है। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाये है। लगभग 4.7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाये। आनलाइन टोकन काटने की बंद प्रक्रिया फिर शुरू की जाये तथा सभी सोसायटियो में आफलाइन टोकन देना भी शुरू किया जाये। सुनिश्चित करें कि प्रदेश के हर किसान का दाना-दाना धान सरकार 3100 रू. क्विंटल की मूल्य पर खरीदी की जायेगी। किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारो किसान सरकार के इस षडयंत्र का शिकार हुये।

     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभी तक जिस प्रकार से धान खरीदी की गई है इससे स्पष्ट है कि तय तारीख में प्रदेश के 27 लाख से अधिक समस्त किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा किसान कर्ज में आ जाएंगे और भाजपा की सरकार किसानों को आर्थिक रूप से तंगहाल करना चाहती है भाजपा सरकार चाहती है की किसान हताश और परेशान होकर अपनी उपज को औने पौने दाम पर बिचौलिया के पास बेच दे ताकि भाजपा सरकार किसानों को 3100 रु क्विंटल की दर से भुगतान करने से बचे।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान बेचने किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल की खामियों के चलते टोकन नहीं मिला, रकबा कम होने, धान खरीदी केंद्रों में खरीदी लिमिट नही बढ़ाये जाने एवं खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नही होने से बेहद परेशान है, धान खरीद केंद्रों में जाम की स्थिति है, खरीदी बाधित हो रही है। किसान आक्रोशित है, आंदोलन कर रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कांकेर जिले के ग्राम बारकोट के किसान 150 किलोमीटर चल कर कलेक्टर से मिले लेकिन उनकी समस्या का कोई संतोषजनक हल नहीं हुआ। लगभग हर गांव में यही समस्या है। ये भाजपा सरकार के द्वारा जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र है ताकि किसान धान बेचने से वंचित रहे और सरकार धान बेचने से वंचित किसानों को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी जिम्मेदारी से बच सके।
  • प्रदेश में पहली बार किसानों को धान बेचने टोकन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा आत्मघाती कदम उठा रहे...

    30-Jan-2026
    अकलतरा के किसान टोकन नहीं मिलने के कारण आत्महत्या करने की कोशिश की, इसके पहले महासमुंद, कोरबा में ये घटना हो चुकी
     
    रायपुर। अकलतरा के किसान धान बेचने टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर खुदकुशी के प्रयास के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिला के अकलतरा में किसान द्वारा टोकन नहीं मिलने से कीटनाशक सेवन करने के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार किसान धान बेचने सरकारी अव्यवस्थाओं से इतना हताश परेशान है कि वो आत्मघाती कदम उठाने मजबूर है। महासमुंद, कोरबा में किसानों के द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटना के बाद भी सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं सुधारी। किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया। बल्कि सरकार ने मौखिक आदेश देकर टोकन नहीं देने की हिदायत दी। किसानों की बिना सहमति रकबा समर्पण कर दिया गया। 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी भी नहीं हो रही।
     
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी भी धान बेचने पंजीकृत तीन लाख से अधिक किसान जिनका पंजीयन नहीं हो पाया है, ऐसे 4 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाये। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुँचेगी। किसान परेशान है भयभीत है। ऐसे में धान खरीदी एक महीना के लिए बढ़ाया जाये। टोकन ऑनलाईन, ऑफलाइन देने की व्यवस्था हो। बारदाना तत्काल दिया जाये। किसानों का पूरा धान खरीदा जाये। किसानों के हित में सरकार हठ धर्मिता छोड़कर तत्काल तिथि बढ़ाने का निर्णय करे।
     
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती, इसलिए तरह-तरह से अड़चन पैदा करके बाधित कर रही है। समय पर आरओ जारी नहीं करना, धान का उठाव न होना, केंद्रों पर जाम लगना, सर्वर डाउन, पोर्टल में दिक्कत सहित तमाम तकनीकी खामियों, धान के बफर लिमिट से अधिक जमा होने से सूखना, टोकन कटने में देरी, वन पट्टा सत्यापन में समस्या सरकार प्रायोजित षड्यंत्र है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी हो रही है, उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है, यह सरकार किसान विरोधी चरित्र है।
  • शहीद महेंद्रकर्मा बस्तर विश्वविद्यालय के पहले सेवानिवृत कर्मचारी दुष्यंत मेश्राम जी का किया सम्मान - प्रदीप मिश्र

    30-Jan-2026

     

    छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीय पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र एवं सचिव शिरीष त्रिवेदी ने बताया कि 
    शहीद महेंद्रकर्मा बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर के पहले सेवानिवृत कर्मचारी हैं श्री दुष्यंत मेश्राम जी उच्च श्रेणी लिपिक सामान्य प्रशासन विभाग इसी माह अपनी अधिवार्षिकी पूर्ण करते हुए सेवानिवृत हो रहे हैं इनका सम्मान करने के लिए छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीय पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष - प्रदीप मिश्र जी बस्तर वि वि जाकर कुलपति जी के सचिवालय में माननीय कुलपति श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव जी की मौजूदगी में उनके साथ मिलकर श्री मेश्राम जी को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
     
    माननीय कुलपति श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव जी को 8 जनवरी 2026 को पत्र देकर छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीय पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र ने निवेदन किया था कि सेवानिवृत्त कर्मचारी दुष्यंत मेश्राम जी को अंतिम कार्य दिवस को ससम्मान बिदाई समारोह आयोजित कर नगदीकरण और सी पी एफ की राशि दिये जाने का अनुरोध किया था l
     
                    उक्त अनुरोध / निवेदन को स्वीकार करते हुए माननीय कुलपति श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव कुलपति जी ने बताया कि दुष्यंत जी का सेवानिवृत सम्मान समारोह शनिवार दिनांक 31/01/2026 को पुरवान्ह 11.30 बजे रखा गया है उसी दिन दुष्यंत जी को अर्जित अवकाश नगदीकरण और सी पी एफ की राशि दिये जाने की जानकारी दिये।
     
                               इस अवसर पर कुलपति श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव, श्री केजू राम ठाकुर और देव चरण गावडे सहायक कुलसचिव द्वय , प्रदीप मिश्र, एवं श्री , प्यारे लाल यादव , उदय पांडे , सत्य नारागण यादव , शहनाज बेगम , जगदीश नाग , धनसिंग जाटवार, धनपति बघेल, संतोष नामदेव आदि उपस्थित थे उपस्थित सदस्यों ने श्री दुष्यंत जी को बहुत बहुत बधाई और शुभ कामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना किये।
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 जनवरी को नारायणपुर से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त करेंगे जारी...

    30-Jan-2026

    68.47 लाख महिलाओं को 641 करोड़ रुपये का सीधा लाभ

    योजना के सफल दो वर्ष पूर्ण
    अब तक 15,595 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
     
    रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 जनवरी को नारायणपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर बटन दबाकर 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 34 लाख 79 हजार 350 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित करेंगे।
    महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा के उद्देश्य से प्रारंभ की गई यह योजना अपने सफल दो वर्ष पूर्ण कर चुकी है और प्रदेश की महिलाओं के जीवन में स्थायी आर्थिक संबल का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
     
    उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 01 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई। योजना के अंतर्गत कुल 70 लाख 27 हजार 154 महिलाओं द्वारा आवेदन किया गया था, जिनमें से पात्र 70लाख 9 हजार 578 महिलाओं को 10 मार्च 2024 को प्रथम किस्त का भुगतान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से किया गया था।
    अब तक 23 माह में महिलाओं को 14 हज़ार 954करोड़ 42 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
     
    फरवरी 2026 में 24वीं किस्त के अंतर्गत अद्यतन स्थिति में कुल 69 लाख एक हजार 115 पात्र हितग्राहियों में से ई-केवाईसी लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68 लाख 39 हजार 592 हितग्राहियों को 640 करोड़ 57 लाख 47 हजार 850 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
     
    इसके साथ ही नक्सल प्रभावित जिलों में संचालित नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शामिल 7,763 नवीन हितग्राहियों को 77 लाख 31 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।इस प्रकार कुल 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं को 641.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। 24वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत कुल भुगतान राशि बढ़कर 15 हजार 595 करोड़ 77 लाख रुपये हो जाएगी।
     
    प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर में नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माह नवम्बर से अब तक 7,763 महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा और सुशासन के चलते योजनाएं अब दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी प्रभावी रूप से पहुँचने लगी हैं।
  • विधायक अनुज शर्मा ने ‘स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन’ में मितानिनों का बढ़ाया उत्साह, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर दिया जोर...

    30-Jan-2026

     

    रायपुर। धरसींवा के मंगल भवन में "समस्त ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति एवं मितानिनों के तत्वावधान में स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन एवं जनसंवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उक्त कार्यक्रम स्वास्थ्य और संवाद पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को समझना और पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विधायक अनुज शर्मा ने उपस्थित मितानिन बहनों और समिति के सदस्यों से सीधा संवाद किया और क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं व उनके समाधान पर चर्चा की।
     
    विधायक अनुज शर्मा ने अपने संबोधन की शुरुआत मितानिनों के कार्यों की सराहना से की। उन्होंने कहा कि मितानिन स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं, मितानिन स्वास्थ्य सेवा की वह मजबूत कड़ी हैं, जो गांव के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और प्राथमिक उपचार को पहुँचाती हैं। जिस समर्पण भाव से मितानिनें बिना किसी स्वार्थ के गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सेवा करती हैं, वह वंदनीय है। वे केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि समाज की "दीदी" और "सहेली" के रूप में काम कर रही हैं।उन्होंने इस सम्मेलन के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि 'स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण' ये तीन स्तंभ हैं जिनसे एक समृद्ध समाज का निर्माण होता है। यदि हमारा गांव स्वच्छ होगा और पोषण स्तर सही होगा, तो बीमारियां अपने आप दूर हो जाएंगी।
     
    जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मितानिनों और समिति सदस्यों की समस्याओं को भी सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और मितानिनों की उचित मांगों को शासन स्तर पर प्राथमिकता से रखा जाएगा।
    उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे शासन की स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, और अन्य स्थानीय स्वास्थ्य लाभ) के प्रति ग्रामीणों को अधिक से अधिक जागरूक करें।
     
    जनसंवाद में उठी मांगें सम्मेलन के दौरान मितानिनों और स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर अपनी बात रखी, जिसे विधायक जी ने ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
     
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, सविता चंद्राकर, के के वर्मा, अनुपमा वर्मा, पुष्पा बंजारे, सीमा वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में मितानिनें और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
  • बस्तर पण्डुम' समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं का एक भव्य उत्सव : देव

    30-Jan-2026

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने इस वर्ष बस्तर में ग्राम पंचायत स्तर से सम्भाग स्तर तक तीन चरणों में चल रहे 'बस्तर पण्डुम' को बस्तर संभाग की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं का एक भव्य उत्सव बताया है। श्री देव ने कहा कि इससे बस्तर की मिट्टी उसकी आत्मा और उसकी पहचान सजीव हो रही है। बस्तर पण्डुम का यह साफ संदेश है कि बस्तर की संस्कृति आज भी जीवित है और गर्व के साथ खड़ी है।

     
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि बस्तर पण्डुम में 12 पारंपरिक विधाओं (नृत्य, संगीत, शिल्प) के माध्यम से आदिवासी विरासत का प्रदर्शन हो रहा है। इसके जरिए आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और उसे विश्वव्यापी पहचान दिलाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन, और वन-औषधि शामिल हैं। यह आयोजन बस्तर की आत्मा और सामुदायिक जीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित करता है। बस्तर पण्डुम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय लोक संस्कृति को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। श्री देव ने कहा कि जिस जनजातीय विरासत को गढ़ने में लाखों पीढ़ियां लगीं और उसे बचाने में अनगिनत बलिदान हुए, उस सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की पहल मील का पत्थर है। बस्तर की असली पहचान उसके जंगल, झरने और गुफाएँ ही नहीं, बल्कि यहाँ के सीधे-सादे लोग हैं। बस्तर की वनस्पतियाँ केवल सम्पदा नहीं, बल्कि जीवनदायिनी औषधियाँ हैं।
     
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि बस्तर पण्डुम अपनी जड़ों की ओर लौटने का अवसर है। बस्तर की जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को दुनिया में वैश्विक पहचान मिली है। बस्तर पण्डुम में लोगों की स्वस्फूर्त भागीदारी इस बात का साफ संकेत है कि बस्तर की तरुणाई अब नक्सली आतंक की अंधेरी सुरंगों से बाहर निकलकर विकास, शांति और सुरक्षा के निर्भीक वातावरण में नए सूर्योदय के आलोक में अपना भविष्य गढ़ने के लिए तत्पर है। श्री देव ने कहा कि संसद सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपने अभिभाषण में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की चर्चा प्रसन्नतादायक है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में नक्सलवाद के खात्मे और बस्तर की आंतरिक सुरक्षा और शांति पर बात करके कहा है कि माओवादियों के बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण से लाखों लोगों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली लौटी है। बस्तर के युवा अब हथियारों के बजाय खेलों के जरिए अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। बस्तर के युवा अब ओलंपिक में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके व्यक्ति अब लोगों की सेवा कर रहे हैं। श्री देव ने बताया कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए आयोजित 'बस्तर पंडुम' का 7 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी उद्घाटन करेंगी तथा नौ फरवरी को समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी शामिल होंगे।
  • ग्राम दोन्देकला में 75.23 लाख की लागत से बनने वाले नए हाई स्कूल भवन का विधायक अनुज शर्मा ने किया भूमिपूजन...

    30-Jan-2026

    वार्षिकोत्सव में शामिल होकर छात्र-छात्राओं का बढ़ाया उत्साह, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

     
    रायपुर। धरसींवा विधानसभा के ग्राम दोन्देकला में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक अनुज शर्मा के मुख्य आतिथ्य में शासकीय हाई स्कूल भवन के वार्षिकोत्सव में नवीन स्कूल भवन निर्माण कार्य का विधि-विधान से भूमिपूजन संपन्न हुआ।
     
    छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से 75.23 लाख रुपए की लागत से इस शासकीय हाई स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। विधायक श्री शर्मा ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ इस कार्य की आधारशिला रखी। भूमिपूजन के पश्चात विद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। विधायक ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
     
    छात्रों को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आज का दिन दोन्देकला के लिए दोहरा उत्सव है। एक ओर हम वार्षिकोत्सव में आपकी प्रतिभा का जश्न मना रहे हैं, तो दूसरी ओर ₹75.23 लाख की लागत से बनने वाले स्कूल के आधुनिक नवीन भवन की नींव रख रहे हैं।
    मेरे प्यारे बच्चों, सरकार आपको ईंट, पत्थर और कंक्रीट का बेहतरीन ढांचा दे सकती है, लेकिन उस भवन को 'विद्या का मंदिर' आप अपनी मेहनत से बनाएंगे। यह ₹75 लाख की राशि सिर्फ एक बजट नहीं है, बल्कि आपके भविष्य पर लगाया गया निवेश है। याद रखना, सुविधाओं की कमी बहाना हो सकती है, लेकिन सफलता की गारंटी केवल आपकी मेहनत होती है। मैं जब आपको देखता हूँ, तो मुझे भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी और कलाकार नजर आते हैं। कभी यह मत सोचना कि आप एक छोटे गाँव के सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं। याद रखिए, आसमान छूने वाले अक्सर जमीन से ही उठते हैं। अपनी जड़ों से जुड़े रहें, पर अपनी दृष्टि सातवें आसमान पर रखें। शिक्षा का मतलब केवल ऊंचे अंक लाना नहीं है। शिक्षा का असली उद्देश्य आपको एक बेहतर इंसान बनाना है। बड़ों का सम्मान, राष्ट्र के प्रति प्रेम और अपने कर्तव्यों का पालन ही आपको भीड़ से अलग खड़ा करेगा। शिक्षकों से मेरा आग्रह है कि वे इन बच्चों को केवल किताबी ज्ञान न दें, बल्कि उनके भीतर के आत्मविश्वास को जगाएं और अभिभावकों से निवेदन है कि बेटियों को बेटों के बराबर अवसर दें, क्योंकि जब एक बेटी पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। यह नया भवन आपकी नई उड़ान का गवाह बनेगा। पढ़ो ऐसा कि दुनिया पढ़ना चाहे आपके बारे में।
     
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, दिनेश खटे, अरविंद सिंह ठाकुर, शंकर वर्मा, रामखिलावन वर्मा, श्याम लाल वर्मा, तिहारु राम सिंहा, बिंदा देवहरे, चंद्रशेखर वर्मा, अजीत वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
  • न्याय के मंदिर में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री निवास

    29-Jan-2026

    पहुंचकर रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल के भ्रष्टाचार के विरुद्ध किया शंखनाद, साक्ष्य में सौंपी ऑडियो पेनड्राइव...

     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के विरुद्ध अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर (पूर्व सदस्य, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल) ने आज मुख्यमंत्री निवास (CM House) पहुंचकर ट्रिब्यूनल के राजस्व अधिकारी मुकेश ठाकुर एवं कार्यकारी अध्यक्ष गंगाधर पटेल के विरुद्ध साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
     
    मुख्यमंत्री निवास में सौंपी गई इस शिकायत के साथ मनोज सिंह ठाकुर ने एक पेनड्राइव संलग्न की है। इस पेनड्राइव में ट्रिब्यूनल के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निपटारे और पक्ष में आदेश पारित करने हेतु किए जा रहे लेनदेन का ऑडियो साक्ष्य मौजूद है। श्री ठाकुर ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी और इस ऑडियो साक्ष्य ने ट्रिब्यूनल के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को उजागर किया है।
     
    शिकायत प्रस्तुत करने के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए मनोज सिंह ठाकुर ने कहा, "रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल वह संस्थान है जहाँ पीड़ित मकान मालिक और किरायेदार न्याय की आस लेकर आते हैं। यदि ऐसे स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारी ही 'न्याय की नीलामी' करने लगें, तो यह अक्षम्य अपराध है। एक राजनीतिक व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता तथा अधिवक्ता होने के नाते मेरा यह कर्तव्य है कि मैं न्याय की इस संस्था की पवित्रता को बचाने के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक लेकर जाऊं।"
     
    निष्पक्ष जांच हेतु तत्काल पदमुक्ति की मांग
    अधिवक्ता ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सौंपे गए ऑडियो साक्ष्य की तत्काल फॉरेंसिक जांच कराई जाए। साथ ही, जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु राजस्व अधिकारी मुकेश ठाकुर एवं अध्यक्ष गंगाधर पटेल को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए और दोषियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  • लाल क़िले पर छत्तीसगढ़ के स्वाद और लोक परंपराओं का उत्सव...

    29-Jan-2026
    रायपुर। लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बनकर उभरा है। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन पवेलियन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत किया जा रहा है।
     
            छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे पंथी सहित अन्य पारंपरिक लोक नृत्य दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधानों, जोशीले कदमों और सशक्त जनजातीय तालों से सजी प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग रुक-रुक कर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।
     
                 छत्तीसगढ़ के फूड स्टॉल पर भी दिनभर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। चिला, ठेठरी, खुरमी और फरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों को चखने के लिए लोग खास रुचि दिखा रहे हैं। कई आगंतुक पहली बार छत्तीसगढ़ी ब्यंजन का स्वाद ले रहे हैं और इसकी सादगी, स्वाद और पौष्टिकता की सराहना कर रहे हैं।
     
               वहीं छत्तीसगढ़ पर्यटन पवेलियन को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। पवेलियन के माध्यम से राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, त्यौहारों और विशिष्ट पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों से जोड़ना है।
     
              पर्यटक विशेष रूप से चित्रकोट जलप्रपात, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और सिरपुर जैसे प्राकृतिक एवं विरासत स्थलों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। लोग यात्रा मार्गों, ईको-टूरिज्म संभावनाओं और होमस्टे सुविधाओं के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी ले रहे हैं।
     
         इसके अलावा कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी भी भारत पर्व में प्रदर्शित की गई है, जो दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की अवधारणा पर आधारित यह झांकी अपनी कलात्मक प्रस्तुति और सार्थक संदेश के लिए सराही जा रही है। बड़ी संख्या में लोग झांकी के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और छत्तीसगढ़ के इतिहास, जनजातीय विरासत और जीवनशैली के प्रभावशाली प्रदर्शन की प्रशंसा कर रहे हैं।
     
                31 जनवरी को समापन होने वाला भारत पर्व 2026 देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का भव्य मंच बनकर उभरा है, 1जहां विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, संगीत और क्षेत्रीय व्यंजन एक साथ देखने को मिल रहे हैं।
  • सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ ओलंपिक के आयोजन के लिए तैयार : मुख्यमंत्री साय

    29-Jan-2026

    बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक का होगा आयोजन

    मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर "गजरु" का किया अनावरण
    सरगुजा ओलंपिक में 12 खेल विधाओं में 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
    12 खेल विधाओं में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी प्रतियोगिताएं

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।
     
                      मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
     
    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
     
                  उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।
     
                 चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।
     
                    इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है। 
     
    विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं
               सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। 
     
                समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, सचिव खेल श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल श्रीमती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
  • धारदार चाकू के साथ 02 आरोपी गिरफ्तार...

    29-Jan-2026

    आरोपियों के विरूद्ध आर्म्स एक्ट के तहत की गई कार्यवाही

     
    रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा असामाजिक तत्वों एवं अपराधियों के विरूद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 28.01.2026 को एण्टी क्राईम एण्ड साइबर यूनिट रायपुर तथा थाना पण्डरी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा थाना पंडरी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से प्राप्त सूचना के आधार पर अवैध रूप से धारदार चाकू लेकर घूम रहे 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चाकू जप्त किए गए।
     
     पुलिस टीम द्वारा दलदलसिवनी पानी टंकी के पास आरोपी ओम साहू को अवैध रूप से धारदार चाकू लेकर घुमते गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 नग धारदार चाकू जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना पण्डरी में अपराध क्रमांक 27/2026 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।
     
     इसी प्रकार दलदलसिवनी स्थित चैतन्य स्कूल के पास आरोपी मुकेश धीवर उर्फ माइकल को अवैध रूप से धारदार चाकू लेकर घूमते गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 नग धारदार चाकू जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना पण्डरी में अपराध क्रमांक 28/2026 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
     
     आरोपी मुकेश धीवर उर्फ माइकल थाना पण्डरी का गुण्डा बदमाश है, जिसके विरूद्ध पूर्व में मारपीट, हत्या एवं आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक अपराध पंजीबद्ध है।
     
    गिरफ्तार आरोपी
    01. ओम साहू पिता घनश्याम साहू उम्र 19 वर्ष निवासी दलदलसिवनी, थाना पण्डरी, रायपुर।
     
    02. मुकेश धीवर उर्फ माइकल पिता तेजराम धीवर उम्र 21 वर्ष निवासी शासकीय स्कूल के पास, दलदलसिवनी, थाना पण्डरी, रायपुर।
  • रायपुर के इस स्कूल में बच्चों के साथ अमानवीयता, यूनिफॉर्म न पहनने पर कमरे में किया गया बंद, 3 साल की बच्ची से मारपीट...

    29-Jan-2026

    रायपुर। राजधानी रायपुर के हीरापुर रोड, मोहबा बाजार स्थित एक निजी स्कूल फर्स्टक्राई इंटेलिटोट्स प्री स्कूल एवं डे-केयर में मासूम बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गणतंत्र दिवस की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में तय यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आने वाले बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं, एक तीन वर्षीय बच्ची को स्टाफ द्वारा जोर से धक्का देने से उसका सिर दीवार से टकरा गया, जिससे सिर में सूजन आ गई और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

    पीड़ित बच्ची की मां, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, की शिकायत पर आमानाका पुलिस ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में स्कूल की आया माधुरी को बच्ची के साथ मारपीट और प्रताड़ना का आरोपी बनाया गया है, जबकि अन्य बिंदुओं पर जांच जारी है।
    एफआईआर के अनुसार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन टोडलर क्लास में पढ़ने वाली तीन वर्षीय बच्ची को उसकी मां स्कूल छोड़ने गई थीं। टिफिन कराने के बाद मां ने आया से बच्ची का मुंह धुलवाने को कहा। कुछ देर बाद बच्ची तेज रोते हुए लौटी, जिस पर आया ने हेयरबैंड गिरने की बात कही, लेकिन बच्ची के सिर में स्पष्ट सूजन थी। बाद में सीसीटीवी फुटेज देखने पर सामने आया कि बच्ची का सिर जानबूझकर दीवार से टकराया गया।
    शिकायत में यह भी बताया गया कि बच्ची ने घर जाकर बताया कि स्कूल में रोज इस तरह हाथ, पैर या सिर किसी न किसी चीज से टकराया जाता है। वहीं अन्य अभिभावकों ने भी आरोप लगाया है कि 26 जनवरी की थीम पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्कूल यूनिफॉर्म में नहीं पहुंचे बच्चों को कमरे में बंद कर दिया गया था, जबकि अन्य बच्चों को मैदान में कार्यक्रम में शामिल किया गया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अभिभावकों को नहीं दी गई। मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
  • रायपुर में रात के समय में बाहर घूमने वाले हो जाए सावधान, संदिग्धों पर पुलिस कर रही कार्रवाई...

    29-Jan-2026
     
    रायपुर। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशानुसार रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने 28-29 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात्रि सघन गश्त की। कमिश्नर ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपराधों को घटित होने से पूर्व रोकने और रात्रि गश्त को मुस्तैदी से करने के निर्देश दिए थे।
     
    गश्त के दौरान पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में टीमों ने अभियान चलाया।
     
    इस दौरान सिविल लाइन क्षेत्र में अड्डेबाजी और संदिग्ध रूप से घूम रहे 23 व्यक्तियों को पकड़ा गया। इनके कब्जे से 03 चाकू और 01 तलवार बरामद की गई। थाना सिविल लाइन में इनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
     
    साथ ही, आजाद चौक, बस स्टैंड, रजबंधा मैदान और बोरियाखुर्द कॉलोनी क्षेत्रों में मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की गई। गश्त में गुण्डा बदमाश, निगरानी में रहने वाले अपराधी और लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अन्य तत्वों की भी सघन चेकिंग की गई। पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की नियमित गश्त से शहर में अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सकेगी।
  • यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, 2012 वाले नियम ही रहेंगे लागू...

    29-Jan-2026

     

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में इन विनियमों को सामान्य वर्गों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण होने के आधार पर चुनौती दी गई है। ऐसे में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगी दी। अब नए आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।
     
    केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च को अगली सुनवाई
     
    सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं। कोर्ट के कहा कि नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यूजीसी के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
     
    केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा
     
    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन रिट याचिकाओं की सुनवाई की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि हमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए या हम पीछे जा रह हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे। जिन्हें सुरक्षा चाहिए, उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि एक विशेष कमेटी भी बनाई जा सकती है। इसी के साथ नए नियमों की भाषा को स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पर भी जोर दिया।
     
    याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन का बयान
     
    इधर, सुप्रीम कोर्ट की ओर से यूजीसी रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाने पर एक याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा, ‘आज सुप्रीम कोर्ट ने हमारी रिट याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाल ही में बनाए गए UGC रेगुलेशन को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन पर रोक लगा दी है और उन्हें अभी लागू नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक UGC रेगुलेशन 2012 ही लागू रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।’
     
    यूजीसी के नए नियमों से देशभर में आक्रोश
     
    दरअसल, यूजीसी रेगुलेशन, 2026 को 23 जनवरी, 2026 को नोटिफाई किया गया था। जिसे लेकर पूरे देश में आक्रोश फैल गया। जिसके बाद इसे कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाएं मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने दायर की हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ये नियम सामान्य वर्गों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।
  • पर्यटन बना छत्तीसगढ़ का आर्थिक इंजन, संस्कृति बनी पहचान, पुरातत्त्व बना गौरव दो वर्षों की उपलब्धियों ने बदली तस्वीर...

    29-Jan-2026

     

    पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की

    रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन तीनों क्षेत्रों में समन्वित प्रगति का मॉडल स्थापित किया है।
     
    पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा
    पर्यटन विभाग- निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान की ओर तेज़ कदम
     
             छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश के नए द्वार खुले। राज्य और देश के प्रमुख शहरों में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश सुनिश्चित किया गया। इससे पर्यटन अधोसंरचना, होटल, रिसॉर्ट और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के साथ हुए समझौते के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में लगभग 42 हजार 500 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों से अयोध्या दर्शन कराया गया। यह योजना धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई होम-स्टे नीति लागू की गई। 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 को अधिसूचित किया है। यह नीति राज्य भर में नए होम-स्टे के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो ग्रामीण और समुदाय आधारित पर्यटन का समर्थन करती है, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है। 
     
    फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर- 350 करोड़ की परियोजना
               डॉ. रोहित यादव ने बताया कि भारत सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत एकीकृत फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास की मंजूरी मिली है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 350 करोड़ रूपए है। भूमि पूजन 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुई है। यह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी।
     
    भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजना
               संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। एक जनवरी 2026 को भारत के पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है।
     
    मयाली-बगीचा विकास, सिरपुर एकीकृत विकास का मास्टर प्लान तैयार
             भारत सरकार ने जशपुर में मयाली-बगीचा सर्किट अंर्तगत तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा किया गया था। सिरपुर एकीकृत विकास सिरपुर को एक विश्व विरासत स्थल में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है। 
     
    चित्रकोट ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट
            चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर पर पुनर्विकसित करना है। इस परियोजना हेतु पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार से 250 करोड़ रूपए की फंडिंग अपेक्षित है। 
     
    छत्तीसगढ़ पर्यटन का राष्ट्रव्यापी प्रचार
     पर्यटन सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में आयोजित वैश्विक यात्रा कार्यक्रमों में भाग लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन का देश-विदेश मे भी प्रचार-प्रसार किया, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर भी जगह मिली। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने फिक्की जैसी संस्थाओं के साथ भी भागीदारी की है, जिससे देश के प्रमुख प्रचार मंचों और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यूनिवर्सल ट्रैवल कॉन्क्लेव जैसी प्रसिद्ध यात्रा प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। 
     
    राज्य में पर्यटन से संबंधित व्यवसायों के पंजीकरण में तेजी से वृद्धि
     छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 तक टूर ऑपरेटर व ट्रेवल ऑपरेटरों की संख्या मात्र 30 थी, वर्तमान में यह संख्या 300 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 15 होटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत है, जिसकी और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिसॉर्टस और मोटल की परिचालन दक्षता और रणनीतिक प्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2024-25 में जहां 2 करोड़ रूपए था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ पांच गुना बढ़कर 10 करोड़ रूपए हो गया है।
     
    छत्तीसगढ़ पर्यटन से स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार, 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य
     सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में 350 करोड़ रूपए. से अधिक के निवेश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल लीजकम डेवलपमेंट मॉडल के तहत 17 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से आउटसोर्स कर 200 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित करने की योजना बना रही है, जिससे सैकड़ों स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्यभर में 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य है। इसी तरह चित्रकोट में टेंट सिटी के विकास की योजना है, जिसके तहत चित्रकोट फॉल्स के पास साहसिक गतिविधियों के साथ कम से कम 50 लक्जरी टेंट लगाए जाएंगे। फिक्की के सहयोग से छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट नामक एक वार्षिक फ्लैगशिप कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन बीटूबी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा, जिसके तहत भारतीय राज्यों के 200 से अधिक टूर ऑपरेटरों को आकर्षित करने योजना है।
     
    संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की उपलब्धियां
     संस्कृति एवं पुरातत्त्व के संचालक श्री विवके आचार्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है, जिससे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने बताया कि चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत 141 कलाकारों एवं साहित्यकारों को वित्तीय वर्ष-2024-25 में लगभग 34 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 130 कलाकारों को लगभग 31 लाख रूपए की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई। इसी तरह कलाकार कल्याण कोष योजना के अंर्तगत कलाकारों और साहित्यकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों की बीमारी, दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 08 अर्थाभाव ग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को 2 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 44 प्रकरणों हेतु 14 लाख रूपए स्वीकृत किया गया है। राज्य शासन छत्तीसगढ़ के कलाकारों एवं साहित्यकारों के प्रत्येक सुख-दुख मेें साथी है, तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ राज्य के कलाकारों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। 
     
    बस्तर पंडुम
              छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए किया जा रहा है। यह उत्सव तीन चरणों में 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलेगा। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्य यंत्र, वेश-भूषा-आभूषण, पूजा पद्धति, हस्तशिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय, पारंपरिक व्यंजन, क्षेत्रीय साहित्य, वन-आधारित औषधीय ज्ञान, पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी।
     
    पुरातत्व क्षेत्र की उपलब्धियां
           छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर पूर्व स्थित ग्राम रीवां (रीवांगढ़) में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन ने प्रदेश के प्राचीन इतिहास को लेकर नई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। संस्कृति विभाग के पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा कराए जा रहे इस उत्खनन में वैज्ञानिक ए.एम.एस. रेडियोकार्बन (कार्बन-14) डेटिंग के माध्यम से यह प्रमाणित हुआ है कि इस क्षेत्र में मानव सभ्यता उत्तर वैदिक काल यानी 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी।
     
            भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, राजकीय मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की स्थापना की योजना है।
Top