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छत्तीसगढ़

  • बजट से देश का विकास रुकेगा, रोजगार घटेगा - कांग्रेस

    01-Feb-2026

     

    रायपुर। मोदी सरकार की अदूरदर्शिता का प्रमाण है 2026 का केंद्रीय बजट। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस बजट ने देश की जनता को निराश किया है। बजट से देश का विकास रुकेगा, रोजगार घटेगा। यह बजट बताता है कि मोदी सरकार के आने वाले साल भी देश की जनता के लिए अच्छा नहीं रहने वाला, बजट में कोई भी दूरदर्शिता नहीं दिख रही। युवा, किसान, मजदूर, महिला सभी इस बजट से खुद को ठगा महसूस कर रहे है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश के युवा तो अब रोजगार की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं देश की कार्यशक्ति में महिलाओं की भागीदारी लगातार घटती जा रही है किसानों की आय दुगुनी करने की गारंटी दी थी लेकिन किसानों की आमदनी लगातार कम होती जा रही है और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और लगातार किसानों की आत्महत्या की खबर आ रही है भाजपा की जुमला नीति से महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है ना गैस सिलेंडर के दाम कम हुए ना खाद्य पदार्थो के दाम कम करने को लेकर कोई प्रयास इस बजट में नजर आया परिवारों की बचत खाली होती जा रही है अपना घर चलाने के लिए भी लोगो को जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मनरेगा के बजट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं, मनरेगा मजदूरी बढ़ाने के बारे में कुछ भी नहीं। रोजगार बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं। युवाओं को रोजगार के नये अवसर कैसे बढ़ेंगे। इस बजट में कुछ भी नहीं बताया है।
  • बजट - 2026 : देश में बनेंगी 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, शिक्षा-रिसर्च और स्किल का होगा एकीकृत मॉडल...

    01-Feb-2026

    विशेषज्ञों का मानना है कि इसके साथ ही, इस संस्थान से पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी।


    नई दिल्ली। बजट - 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा को लेकर एक बड़ी और दूरगामी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। खास बात यह है कि ये सभी यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी। ऐसे में इसका सीधा लाभ यहां पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि इंडस्ट्री और रोजगार सीधे उच्च शिक्षा के साथ जुड़ सकें।
     
     
    सरकार ने साफ किया है कि इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप को बनाने में केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी। यानी यूनिवर्सिटी बनाने, ढांचा खड़ा करने और सुविधाएं विकसित करने में राज्यों को केंद्र की मदद मिलेगी। इस पूरी योजना का मकसद यह है कि हर क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से आधुनिक और मजबूत शिक्षा संस्थान तैयार किए जाएं। इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप में छात्रों के लिए हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां रहने के लिए बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स होंगे, ताकि बाहर से आने वाले छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
     
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इसके साथ-साथ इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा टाउनशिप यूनिवर्सिटी में हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे। छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रिसर्च, स्टार्ट-अप और नए आइडियाज को बढ़ावा मिलेगा। यहां सरकार का फोकस सिर्फ डिग्री देने पर नहीं होगा, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना है।
     
    सरकार का मानना है कि ये पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी। आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, बजट में की गई यह घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में देश की युवा शक्ति को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी बताया कि पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) खोला जाएगा।
     
    इसका सीधा मकसद है कि इस क्षेत्र में डिजाइन की पढ़ाई, क्रिएटिव सोच और इनोवेशन को मजबूती मिले। अभी तक डिजाइन से जुड़े अधिकांश बड़े और नामी संस्थान देश के कुछ चुनिंदा हिस्सों तक ही सीमित रहे हैं। ऐसे में पूर्वी भारत के छात्रों को या तो बाहर जाना पड़ता है या अच्छे मौके नहीं मिल पाते। नया एनआईडी खुलने से स्थानीय छात्रों को अपने ही इलाके में विश्वस्तरीय डिजाइनिंग की शिक्षा मिल सकेगी। इस संस्थान में प्रोडक्ट डिजाइन, फैशन, ग्राफिक डिजाइनिंग, इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग और डिजिटल डिजाइनिंग जैसे कोर्स कराए जाने की उम्मीद है। यहां से निकलने वाले युवा न सिर्फ नौकरी के लिए तैयार होंगे, बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करने और नए प्रोडक्ट विकसित करने में भी सक्षम होंगे।
     
    सरकार का मानना है कि डिजाइन आज सिर्फ कला तक सीमित नहीं है, बल्कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का अहम हिस्सा बन चुका है। अच्छा डिजाइन होने से भारतीय प्रोडक्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा पसंद किए जाते हैं। नया एनआईडी इस दिशा में बड़ा सहारा बनेगा।
     
    विशेषज्ञों का मानना है कि इसके साथ ही, इस संस्थान से पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। स्थानीय उद्योगों को बेहतर डिजाइन सपोर्ट मिलेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी। शिक्षाविदों के मुताबिक पूर्वी भारत में एनआईडी की स्थापना को क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने, युवाओं को नए अवसर देने और देश के संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।
  • सरकार के षड्यंत्रों के चलते धान नहीं बेच पाए किसान, खुद के ही तय लक्ष्य से 26 लाख और पिछले साल से 10 लाख मीट्रिक टन कम खरीदी...

    01-Feb-2026

    तत्काल तारीख बढ़ाकर वंचित किसानो का धान खरीदें सरकार


    रायपुर। कम धान खरीदी को सत्ता प्रायोजित किसान विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन सरकार की दुर्भावना के कारण लक्ष्य से पहले ही बंद कर दी गई है। एग्री स्टेक पोर्टल और एकीकृत किसान पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों के चलते 5 लाख किसान पंजीयन से वंचित रह गए, जिन किसानों का पंजीयन हुआ था, उसमें भी लगभग 3 लाख किसानों को टोकन ही जारी नहीं किया गया। जिन किसानों को टोकन जारी हुआ था, उनसे वास्तविक खरीदी जारी किए गए टोकन की लिमिट से कम मात्रा में की गई। यही कारण है कि 165 लाख मीट्रिक टन के खुद के तय लक्ष्य के विपरीत केवल 139 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीदा गया। सरकार के खुद के द्वारा तय लक्ष्य से लगभग 26 लाख मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया। सामान्यतः हर वर्ष बटवारा, नांमातरण के चलते पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ती है, धान की खेती का रकबा बढ़ता है और धान खरीदी की कुल मात्रा बढ़ती है, लेकिन इस बार सरकार की दुर्भावना के चलते ही पिछले साल की तुलना में इस साल 10 लाख मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार पहले ही दिन से धान खरीदी प्रक्रिया को बाधित करने में लगी रही। किसान रात-रात भर टोकन का इंतजार करते संग्रहण केन्द्रो में बैठे रहे लेकिन यह सरकार एनआईसी के माध्यम से सोसाइटियों में प्रतिदिन खरीदी की लिमिट घटाने और टोकन जारी करने की संख्या को कम करने का षडयंत्र लगातार करते रही। किसानों से जबरिया रकबा समर्पण करवाए गए, बिना सहमति के किसानों को उनके धारित भूमि और अनावारी रिपोर्ट को दरकिनार कर उनके हक़ से वंचित किया गया। किसान त्रुटियो और खामियो में संशोधन के लिए खाद्य विभाग, सहकारिता, राजस्व और पंचायत के चक्कर काटते रहे, तहसील से लेकर कलेक्टर कार्यालय, भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक किसानों को केवल आश्वासन मिला, अब बिना पुरा धान उपार्जन के खरीदी बंद कर दी गई, यह सरकार किसानों का भरोसा खो चुकी है।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार के दावे झूठे हैं, अब भी छत्तीसगढ़ के लगभग 16 प्रतिशत पंजीकृत किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं, पूरे प्रदेश में किसानों का आक्रोश चरम पर है, इस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन यह सरकार आंख मूंदे बैठी है। सरकार वंचित किसानों का धान खरीदे और इसके लिए खरीदी की तिथि बढ़ाने की तत्काल घोषणा करें अन्यथा कोचिए और बिचौलिए के शोषण का शिकार होने मजबूर होंगे किसान क्या यही चाहती है भाजपा सरकार?
  • पुराना बस स्टैंड चौड़ी के पास व्यक्ति से लूटपाट करने वाले आरोपियों पर सख्त पुलिसिया कार्यवाही, संगीन धाराओं में किया मामला दर्ज...

    01-Feb-2026

    वारदात के बाद त्वरित घेराबंदी कर मुख्य आरोपी किया गया गिरफ्तार 


    रायपुर। दिनांक 31.01.2026 को थाना गोलबाजार क्षेत्र अंतर्गत पुराना बस स्टैंड चौड़ी के पास एक व्यक्ति के साथ चाकू की नोंक पर मारपीट कर नगद राशि लूटने की घटना घटित हुई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पीड़ित मजदूरी का भुगतान प्राप्त कर जब शराब भट्ठी से शराब पीकर पास में ही चबूतरे पर लेट गया था, इसी दौरान आरोपियों द्वारा उसे निशाना बनाया गया।
     
    घटना के समय आरोपियों ने पीड़ित की जेब में रखी नगद राशि छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर सब्जी काटने में प्रयुक्त होने वाले चाकू से हमला कर मारपीट भी की गई तथा नगद राशि लूटकर आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना पर डायल-112 की सहायता से घायल को उपचार हेतु मेकाहारा अस्पताल में उपचार कराया गया। 
    पीड़ित के कथन के आधार पर थाना गोलबाजार में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296, 309(6), 118(1), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी रुस्तम खेस को वारदात के तुरंत बाद घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है।
  • नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर डॉ. आर. के. डोंगरे सेवानिवृत्त होने पर सभापति सूर्यकान्त राठौड़ सहित अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा किये गये सम्मानित..

    01-Feb-2026

     

     रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 2 जोन कमिश्नर डॉ. आर. के. डोंगरे रायपुर नगर निगम को सेवानिवृत्त होने पर अपनी सेवाओं हेतु रायपुर नगर निगम जोन 2 कार्यालय में नगर निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़ सहित जोन 2 के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सम्मानित किये गये।
     
           दिनांक 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर डॉ. आर. के. डोंगरे को नगर निगम जोन 2 की ओर से श्रीफल, शॉल, स्मृति चिन्ह, बुके सहित देकर निगम को दी गई सेवाओं हेतु सम्मानित किया और उन्हें दीर्घायु, स्वस्थ, सुखी जीवन हेतु हार्दिक मंगलकामनाएं दी।
  • धरसींवा के विकास को मिली नई गति: जोरा में ₹69.62 लाख के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन...

    01-Feb-2026

    विधायक अनुज शर्मा और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रखी मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण और नवीन सड़कों की आधारशिला

    "जब नीयत साफ हो और इरादे नेक हों, तो हर पत्थर विकास की नींव बन जाता है।" — अनुज

    रायपुर। धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जोन क्रमांक 9 (जोरा) में जनसुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से आज ₹69.62 लाख की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों जिसमें लाल बहादुर शास्त्री वार्ड में ₹60.94 लाख की बड़ी राशि से मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण और पं. विद्याचरण शुक्ल वार्ड में ₹8.68 लाख की लागत से बनने वाली नई सी.सी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन संपन्न हुआ। क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा और रायपुर महापौर मीनल चौबे ने विधिवत पूजा-अर्चना कर इन कार्यों की आधारशिला रखी।
     
    इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को स्वीकृति दी गई है। आज जोरा की इस पावन धरा पर ₹69.62 लाख के विकास कार्यों की आधारशिला रखना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आप सभी की सुविधाओं और विकास के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। धरसींवा का हर कोना, हर मोहल्ला हमारी प्राथमिकता में है। इन निर्माण कार्यों से जोरा क्षेत्र के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। चाहे वह पक्की सड़कें हों, नालियां हों या सामुदायिक भवन, हमारा लक्ष्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि जोन क्रमांक 9 के नागरिकों का जीवन सुगम और बेहतर हो सके। हमारा संकल्प है कि धरसींवा विधानसभा को विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बनाना है। ₹69 लाख के ये कार्य तो बस एक शुरुआत हैं; आने वाले समय में जोरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए और भी बड़ी योजनाएं हमनें सोच रखी हैं। मैं चाहता हूँ कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आप स्वयं नजर रखें। विकास की इस यात्रा में आप सभी का सहयोग अनिवार्य है।
     
    वार्डवासियों नें विकास कार्यों की सौगात मिलने पर विधायक का आभार व्यक्त किया।
    इस कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, रायपुर महापौर मीनल चौबे, गोपेश साहू,रेणु जयंत साहू,रीखी साहू सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
  • बृजमोहन अग्रवाल के सवाल से तेज हुई इसरो की आउटरीच, 24 से अधिक राज्यों तक पहुंचा ‘स्पेस ऑन व्हील्स’...

    01-Feb-2026

    देश के युवाओं के भविष्य के लिए बृजमोहन अग्रवाल की दूरदृष्टि, अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं के विस्तार पर केंद्र की मुहर

    संसद में बृजमोहन अग्रवाल की सशक्त आवाज, विज्ञान और अंतरिक्ष शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने की पहल मजबूत

    रायपुर/नई दिल्ली। लोकसभा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा देश के प्रत्येक राज्य में इसरो की अंतरिक्ष प्रयोगशाला/संग्रहालय स्थापित करने की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से उठाए जाने का सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आया है।
     
    सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने 01 दिसंबर 2025 को लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए कहा था कि विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ी सुविधाएं केवल कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित न रहकर देश के हर राज्य और क्षेत्र तक पहुंचनी चाहिए, ताकि युवाओं और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को बल मिले।
     
    सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस सशक्त हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के माध्यम से अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) द्वारा इस विषय पर विस्तृत समीक्षा की गई। विभाग ने अवगत कराया कि अपनी आउटरीच गतिविधियों के तहत इसरो देश के 13 राज्यों में 19 अंतरिक्ष संग्रहालयों एवं प्रदर्शनियों का संचालन कर रहा है, जिनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, मेघालय, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और तमिलनाडु शामिल हैं।
     
    इसके साथ ही इसरो द्वारा ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ नामक छह मोबाइल अंतरिक्ष संग्रहालयों का संचालन भी किया जा रहा है, जो अब तक देश के 24 से अधिक राज्यों में पहुंच चुके हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विज्ञान को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हुई है और छात्रों तथा आम नागरिकों द्वारा व्यापक रूप से सराही गई है।
     
    अंतरिक्ष क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) द्वारा अंतरिक्ष प्रयोगशाला कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जिसके अंतर्गत देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।
     
    सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उनका सतत प्रयास है कि विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत का हर राज्य समान अवसरों का सहभागी बने और भारत वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त होकर उभरे।
     
     सांसद बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे देश के युवाओं, विद्यार्थियों और वैज्ञानिक सोच के सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं।
  • केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ की लंबित योजनाओं को शामिल किया जाए - दीपक बैज

    01-Feb-2026

    बस्तर के लिए विशेष पैकेज घोषित करे केंद्र सरकार

     
    रायपुर। 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत हो रहे केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए मोदी सरकार द्वारा पूर्व में घोषित योजनाओं के लिए बजट प्रावधान और नक्सल प्रभावित बस्तर के विकास और पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा की सरकार ने रायपुर से राजनांदगांव होकर हैदराबाद हाईवे की घोषणा 2022 के बजट में की थी, आज तक सर्वे तक नहीं हुआ, नया रायपुर में एम्स के लिए राज्य सरकार द्वारा 2022 में है जमीन अधिग्रहित करके केंद्र सरकार को हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन आज तक एक नया पैसा नए एम्स के लिए जारी नहीं हुआ, रायपुर से बलौदाबाजार होकर सारंगढ़ उड़ीसा रेल लाइन अब तक केवल घोषणाओं से बाहर नहीं आ पाया है, बिलासपुर में वैगन निर्माण कारखाना और जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के विस्तार और कार्गोहब को प्रमुखता से शामिल किया जाए।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ रेलवे मालभाड़ा कमाकर देने वाला अग्रणी राज्य है, केंद्र की सरकार केवल रेलवे मालवाड़ा से छत्तीसगढ़ से हर साल 24,000 करोड़ से अधिक की राशि कमा रही है लेकिन सुविधाओं के नाम पर पिछले 12 साल से छत्तीसगढ़ की उपेक्षा हो रही है। यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाए, नई ट्रेनें शुरू हो, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि एनएमडीसी, एसईसीएल और सीआईएल जैसे नवरत्न कंपनी के कार्यालयों का छत्तीसगढ़ में विस्तार हो, अंधाधुंध निजीकरण बंद हो, छत्तीसगढ़ में संचालित सार्वजनिक उपक्रमों में भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के पात्र युवाओं को प्राथमिकता मिले, अंतरराज्यीय जल बंटवारे में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा बंद करें, सिंचाई परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ को शामिल करे, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर हालत को दुरुस्त करने बजट प्रावधान करे, टोल टैक्स की लूट कम करे।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर में नक्सल मोर्चे पर निर्णायक लड़ाई का वक्त है, लेकिन नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों और समर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, डबल इंजन की सरकार में केंद्रीय बलों की तैनाती का पैसा केंद्र सरकार, राज्य सरकार से पाई-पाई वसूल रही है जिसके चलते छत्तीसगढ़ पर आर्थिक बोझ पड़ने से विकास कार्य अवरुद्ध है, आगामी बजट में बस्तर के विकास, नक्सल प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज जारी करें सरकार।
  • सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री साय

    31-Jan-2026

    नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया निरीक्षण

    एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगा

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
     
    डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति...
    डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
     
    छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा...
    नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।
     
    प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस...
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
     
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
  • रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

    31-Jan-2026
    छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान
    राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति
    केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा
     
    रायपुर। रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
     
    श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
     
     इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।
     
    केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित रहें।
     
    बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई। 
     
    इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
  • मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास की वर्षा जारी, जल संसाधन विभाग से ₹2651.66 लाख रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति...

    31-Jan-2026
     
    रायपुर। आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। आरंग विधानसभा क्षेत्र को एक के बाद एक स्वीकृतियों की सौगात मिल रही है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकास की इस कड़ी को और मजबूती मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के सतत प्रयासों से आरंग विधानसभा अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में कुल 6 विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिनकी कुल लागत ₹2651.66 लाख है। इन योजनाओं के अंतर्गत 702.64 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। स्वीकृत कार्यों में स्टॉपडेम निर्माण, नहरों का रीमॉडलिंग, सी.सी. लाइनिंग, माइनर लाइनिंग, विद्युत व्यवस्था का उन्नयन एवं रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं से ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, कृषि उत्पादन को बल मिलेगा तथा बुनियादी अधोसंरचना सुदृढ़ होगी। यह स्वीकृतियां आरंग विधानसभा क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। 
     
    कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दे रही है। आरंग क्षेत्र में लगातार मिल रही स्वीकृतियां सरकार की विकासोन्मुखी सोच और प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। कैबिनेट मंत्री ने इन विकास कार्यों की स्वीकृति हेतु छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी आरंग विधानसभा क्षेत्र को विकास की नई-नई सौगातें मिलती रहेंगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाएगा।
  • माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) 2026 : जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और नियम...

    31-Jan-2026

     

    रायपुर। पंडित यशवर्धन पुरोहित
    सनातन परंपरा में माघ मास को अत्यंत पवित्र माना गया है। जब शीत ऋतु अपने अंतिम चरण में होती है और प्रकृति में दिव्यता का संचार होता है, तब माघ मास की पूर्णिमा श्रद्धालुओं के लिए पुण्य का अनुपम अवसर लेकर आती है। माघ पूर्णिमा स्नान, दान, जप और तप के माध्यम से आत्मशुद्धि का पर्व है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
     
    माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त...
    वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि का आरंभ 01 फरवरी 2026 को प्रातः 05 बजकर 52 मिनट से होगा, जबकि इसका समापन 02 फरवरी 2026 को रात्रि 03 बजकर 38 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 01 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
     
    माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
    माघ पूर्णिमा का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह माघ मास का अंतिम होता है, जो माह का सर्वाधिक पुण्यदायी दिन माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, माघ मास में किए गए स्नान, दान और जप का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक को मोक्ष की दिशा में अग्रसर होने का अवसर प्राप्त होता है। विशेष रूप से प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ पूर्णिमा का स्नान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर मनुष्य रूप में संगम में स्नान करते हैं, जिससे इस तिथि की महिमा और बढ़ जाती है। माघ पूर्णिमा के दिन माघ स्नान और कल्पवास का भी समापन होता है, जो साधकों के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक क्षण होता है।
    माघ पूर्णिमा के नियम
    माघ पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करने से पूजा और उपवास का पूर्ण फल प्राप्त होता है प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी या घर पर स्नान करें। स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर प्रार्थना करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। इस दिन सत्य, संयम और शांति का विशेष ध्यान रखें। क्रोध, नकारात्मक विचार, विवाद और झूठ आदि से दूर रहें। काले रंग के वस्त्र धारण करने से बचें। घर और पूजा स्थल में स्वच्छता रखें।
     
    माघ पूर्णिमा पर दान का पुण्य
    सनातन धर्म में दान को सबसे श्रेष्ठ कर्मों में स्थान दिया गया है, और माघ पूर्णिमा पर किया गया दान अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन श्रद्धा अनुसार ब्राह्मणों तथा दीन-हीन, असहाय, निर्धन लोगों को अन्न और भोजन का दान करने से जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
     
    धार्मिक मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन किया गया दान कभी निष्फल नहीं जाता। इससे साधक के जीवन में दरिद्रता, कष्ट और अभाव दूर होते हैं तथा पुण्य का संचय होता है। कहा जाता है कि इस दिन दान करने से पूजा-अर्चना का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा साधक पर बनी रहती है।
     
    माघ पूर्णिमा पर इन चीजों का करें दान...
    हिन्दू धर्म में अन्न दान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अन्न दान से न केवल भूखे का पेट भरता है, बल्कि दाता के जीवन में भी सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। माघ पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर आप नारायण सेवा संस्थान के माध्यम से दीन-दुःखी और निर्धन बच्चों को भोजन कराने के सेवा प्रकल्प में सहयोग करें और पुण्य के भागी बनें।
  • नगरगांव, पाड़ाभाठ और टेकारी के मड़ई मेले में शामिल हुए विधायक अनुज शर्मा...

    31-Jan-2026
     
    जब तक हम अपनी माटी और अपनी संस्कृति का सम्मान करेंगे, हमारा प्रदेश उन्नति के शिखर पर रहेगा।" — अनुज शर्मा
     
    रायपुर। धरसीवां विधानसभा के लोकप्रिय विधायक अनुज शर्मा नें क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नगरगांव, पाड़ाभाठ और टेकारी में आयोजित मड़ई मेले में सम्मिलित हुए। गांवों में पहुँचने पर विधायक का ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा समितियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। श्री शर्मा ने ग्रामीणों के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव मनाया और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
    इस दौरान उन्होंने नगरगांव के शमशानघाट में सी सी रोड निर्माण का घोषणा भीं किया।
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि मड़ई मेला हमारी गौरवशाली छत्तीसगढ़ी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि आपसी भाईचारे और मेल-मिलाप का सबसे बड़ा माध्यम है। आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।ग्रामीण अंचलों ने ही हमारी परंपराओं को सहेज कर रखा है। नई पीढ़ी को अपनी कला और लोकगीतों पर गर्व करना चाहिए। हमारी सरकार प्रदेश की इन लोक परंपराओं को सहेजने और बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।
     
    श्री शर्मा ने लोगों की समस्याओं को सुना और विकास कार्यों के संबंध में चर्चा करते हुए जल्द ही जनहित के कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया।
     
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, सविता चंद्राकर,दिनेश खूटे, बेदराम मनहरे,टिकेश्वर मनहरे, सुरेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा,हरिशंकर वर्मा,प्रमोद निषाद, तोरण वर्मा,दयाशंकर निषाद ,चंद्रकांत वर्मा ,सीमा वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रमुख और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे
  • अपराधियों के विरूद्ध विशेष अभियान, 62 आरोपियों को भेजा गया जेल...

    31-Jan-2026

    प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही

    अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर नॉर्थ जोन में चलाया गया विशेष अभियान।
    अभियान कार्यवाही में रायपुर नॉर्थ जोन पुलिस के राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी, थानों के बल थे शामिल।
    चाकूबाजों, गुण्डा बदमाश, निगरानी बदमाश, संदिग्ध व्यक्ति, असमाजिक तत्वों एवं अपराधों में संलिप्त व्यक्तियोंके विरूद्ध चलाया गया विशेष अभियान।
     
    रायपुर। विवरण यह है कि अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने सहित सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री मयंक गुर्जर के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री आकाश मरकाम तथा सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में नॉर्थ जोन क्षेत्रांतर्गत थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना के बलों के साथ अपने-अपने थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए चाकूबाजों, गुण्डा बदमाश, निगरानी बदमाश, संदिग्ध व्यक्ति, असमाजिक तत्वों एवं अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया गया।
     
     अभियान कार्यवाही के दौरान चाकूबाजों, गुण्डा/निगरानी बदमाश, असमाजिक तत्वों, अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों एवं संदिग्धों के विरूद्ध थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी तथा खम्हारडीह में कुल 62 आरोपियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही कर उन्हें जेल भेजा गया है। 
     
     अपराधिक, शरारती एवं उपद्रवी तत्वों को हाजिर कर सख्त हिदायत दी गई है कि वे लोग किसी प्रकार का बदमाशी ना करें एवं अपराधों से दूर रहे अन्यथा कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
  • डकैती की योजना बनाते हुए आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार, तलवार, डण्डा, हॉकीस्टिक एवं स्कॉर्पियो वाहन जप्त...

    31-Jan-2026

     

     
    रायपुर। दिनांक 29.01.2026 को सूचना प्राप्त हुई कि सिविल लाईन क्षेत्रांतर्गत दुर्गा नगर केनाल रोड के पास एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार कुछ व्यक्ति डकैती करने की योजना बना रहे हैं तथा अपने पास घातक हथियार रखे हुए हैं।
     
     प्राप्त सूचना को पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा गंभीरता से लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियो को तत्काल सूचना की तस्दीक कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
     
     वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी सिविल लाईन के नेतृत्व में थाना सिविल लाईन पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर रवाना की गई। टीम द्वारा दुर्गा नगर केनाल रोड के पास मुखबिर के बताए अनुसार स्कॉर्पियो वाहन को चिन्हांकित कर घेराबंदी की गई। वाहन में कुल 06 व्यक्ति सवार पाए गए, जिन्हें मौके पर ही घेराबंदी कर पकड़ा गया जिन्होंने पूछताछ में अपना नाम टिकेश शेन्द्रे उर्फ बिल्ला, आलोक साहनी, नितेश साहनी, शुभम साहनी, इन्द्र कुमार उर्फ सुमित एवं कुंदन साहनी सभी निवासी गोबरानवापारा, जिला रायपुर बताया। पुलिस टीम द्वारा स्कॉर्पियो वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर वाहन के अंदर 01 नग तलवार, 04 नग लकड़ी के डण्डे एवं 01 नग हॉकीस्टिक रखा होना पाया गया। हथियारों के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी गोलमोल जवाब देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा डकैती की योजना बनाना तथा डकैती के दौरान उक्त हथियारों का उपयोग करना स्वीकार किया गया।
     
     पुलिस द्वारा सभी 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 नग तलवार, 04 नग लकड़ी का डण्डा, 01 नग हॉकीस्टिक तथा स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक सी जी 23 जे 6367 जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 50/26, धारा 310(4), 313 बी.एन.एस. एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।
     
    गिरफ्तार आरोपी...
    01. टिकेश शेन्द्रे उर्फ बिल्ला पिता तरूण कुमार सेन्द्रे उम्र 30 साल निवासी इंदिरा मार्केट वार्ड नं. 05 थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
    02. आलोक साहनी पिता स्व. अमर साहनी उम्र 23 साल निवासी साहनी पारा वार्ड नं. 05 थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
    03. नितेश साहनी पिता स्व. दशरूराम साहनी उम्र 24 साल निवासी साहनी पारा वार्ड नं. 05 थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
    04. शुभम साहनी पिता मोहन साहनी उम्र 19 साल निवासी बढ़ईपारा वार्ड नं. 07 थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
    05. इन्द्र कुमार उर्फ सुमित निषाद पिता स्व. प्रहलाद निषाद उम 25 साल निवासी दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
    06. कुंदन साहनी पिता स्व. चेतन साहनी उम्र 20 साल निवासी साहनी पारा वार्ड नं. 05 थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर।
  • समता कॉलोनी में हुए हत्या के मामले का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार...

    31-Jan-2026

     

     
    रायपुर। दिनांक 29.01.2026 को अर्जुन नगर समता कॉलोनी, हाथीराम मंदिर के पीछे रेलवे ट्रैक के पास धारदार हथियार से हमला किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। घायल को मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया गया।
     
    घटना को गंभीरता से लेते हुए DCP (West) एवं DCP (Crime & Cyber) के निर्देश पर एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट व थाना आजाद चौक पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। मृतक की पहचान दुर्गेश ध्रुव (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई।
     
    घटनास्थल व आसपास के CCTV फुटेज तथा मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी लीला राम शर्मा उर्फ लक्की उर्फ दादू, निवासी चौबे कॉलोनी, सरस्वती नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि मृतक नशे की हालत में गाली-गलौच कर रहा था, जिससे विवाद हुआ और आवेश में चाकू से वार कर हत्या कर दी।
     
    आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 नग चाकू जप्त किया गया।
    थाना आजाद चौक में अपराध क्रमांक 24/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
     
    गिरफ्तार आरोपी:
    लीला राम शर्मा उर्फ लक्की उर्फ दादू
    उम्र – 21 वर्ष
    निवासी – चौबे कॉलोनी, जनता क्वार्टर, थाना सरस्वती नगर, रायपुर।
  • धान खरीदी का समापन अधिकारी अब उठाव में गंभीरता दिखाए - शिवसेना

    31-Jan-2026

    राजनांदगांव। पुरे प्रदेश में धान खरीदी का समापन हो गया है। धान का उठाव नहीं होने के कारण लाखों टन धान शासकीय सोसायटी में खुला पड़ा है। जिस तरीके से धान खरीदी का समय निश्चित किया गया था। उसी तरीके से उठाव का समय सीमा तय होनी चाहिए।

     
              शिव सेना के किसान प्रदेश अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश हजारों शासकीय धान खरीदी केन्द्रों में लाखों टन धान खुले में पड़ा अधिकारीयों द्वारा विभिन्न कारण बता कर धान उठाव बंद करा दिया लेकिन समिति प्रबंधकों के आपसी संबंध के कारण सोसायटी के अगल बगल खाली जगहों में तौल कर धान खरीदी में कोई परेशानी किसानों नहीं होने दी गई। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस तरीके से किसानों को धान समर्पण के लिए दबाव बनाया गया उसी तरीके से धान सोसायटी उठाव के लिए बनना चाहिए, ताकि किसानों का सोसायटी घाटे में न जाए।
  • इंस्टाग्राम से अचानक ‘गायब’ हुए किंग कोहली...

    30-Jan-2026

     27.4 करोड़ फैंस में मचा हड़कंप, रोहित शर्मा के ‘New Role’ पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस

     
    रायपुर। भारतीय क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया की दुनिया में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब टीम इंडिया के सुपरस्टार विराट कोहली का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक डीएक्टिवेट दिखाई दिया। तड़के फैंस जैसे ही उनकी प्रोफाइल पर पहुंचे, वहां ‘User Not Found’ और ‘Profile Not Available’ का मैसेज नजर आया। 27.4 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स वाले विराट का इस तरह बिना किसी सूचना के गायब होना फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं था। हालांकि कुछ घंटों बाद उनका अकाउंट दोबारा एक्टिव हो गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर बवाल मच चुका था।
     
    मामला तब और रहस्यमय हो गया जब फैंस ने देखा कि विराट के साथ-साथ उनके भाई विकास कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट भी प्लेटफॉर्म से नदारद है। इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल डिटॉक्स’, ‘अकाउंट हैक’ और ‘सोशल मीडिया ब्रेक’ जैसे कयासों की बाढ़ आ गई। परेशान फैंस ने अनुष्का शर्मा के कमेंट सेक्शन में भी सवालों की झड़ी लगा दी—“भाभी, विराट का अकाउंट कहां गया?”
    रोहित शर्मा का ‘New Role’ पोस्ट: क्या आने वाला है कोई बड़ा धमाका?
     
    इसी बीच टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने रहस्य को और गहरा कर दिया। रोहित ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “New Role Incoming… Lead _ India” और संकेत दिया कि आज दोपहर इस ‘नए रोल’ से पर्दा उठेगा।
    अब सवाल यही है कि, क्या विराट के सोशल मीडिया से अचानक गायब होने और रोहित के इस क्रिप्टिक पोस्ट के बीच कोई बड़ा कनेक्शन है? या फिर भारतीय क्रिकेट में किसी बड़े ऐलान की आहट?
  • माघी पूर्णिमा पर स्नान के लिए शंकराचार्य को मनाने में जुटे अफसर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रखी ये शर्तें...

    30-Jan-2026

    प्रयागराज। ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज माघी पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगा सकते हैं। लखनऊ के कुछ उच्चाधिकारियों ने शंकराचार्य से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारी शंकराचार्य से माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान के लिए आग्रह कर रहे हैं। शंकराचार्य ने स्नान करने के लिए कई शर्तें भी अधिकारियों के सामने रख दी हैं।

     
    जिसमें मौनी अमावस्या को अभद्रता करने वाले अधिकारी लिखित में माफी मांगें, संन्यासियों, बटुकों, ब्राह्मणों, साधु-संतों और वृद्धों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर हो, गाय माता को राज्यमाता घोषित किया जाए और चारों शंकराचार्यों के स्नान के लिए प्रोटोकॉल बने समेत ये चार मांग की हैं। यह सभी चार मांगें मानने पर ही शंकराचार्य ने स्नान की बात कही है। इसकी पुष्टि शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार ने की है।
     
    मौनी अमावस्या पर प्रशासन ने रोक दी थी पालकी...
    मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशास ने संगम जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। अधिकारियों ने कहा कि पैदल जाकर स्नान करें, जिस पर विवाद और बढ़ गया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर शंकराचार्य ने संन्यासियों, ब्राह्मण बटुकों और साधु संतों के साथ मारपीट करने और उनकी चोटी पकड़कर घसीटने और अपमानित करने का आरोप लगाया।
     
    11 दिन तक धरने पर रहे शंकराचार्य
    घटना से मर्माहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित अपने बद्रिकाश्रम हिमालय शिविर के सामने सड़क के किनारे धरने पर रहे। यह धरना मौनी अमावस्या 18 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक चला। वह अधिकारियों से माफी मांगने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। 28 जनवरी को शंकराचार्य माघ मेला छोड़कर वाराणसी के लिए रवाना हो गए।
     
    मेला प्रशासन ने दिया था नोटिस- साबित करें आप शंकराचार्य हैं
    मौनी अमावस्या की घटना के बाद धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने नोटिस जारी करके पूछा था कि साबित करें की आप ज्योतिष्ठ मठ के शंकराचार्य हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है तो आप क्यों नाम के आगे शंकराचार्य लिख रहे हैं।
     
    भूमि आवंटन निरस्त करने और आजीवन प्रवेश पर प्रतिबंध की चेतावनी...
    मेला प्रशासन यहीं नहीं रुका उसने शंकराचार्य को दूसरा नोटिस जारी कर माघ मेले में आवंटित उनकी भूमि को निरस्त करने की चेतावनी दी थी। साथ ही शंकराचार्य का मेला में आजीवन प्रवेश प्रतिबंधित करने की भी चेतावनी दी गई। जिस पर काफी बवाल हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई दलों के नेताओं ने शंकराचार्य के विरोध का समर्थन किया और सरकार को कोसा।
  • गूंजेगा गहिरा मड़ई का शौर्य, संस्कृति और परंपरा का उत्सव...

    30-Jan-2026

    छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से 7वें वर्ष “मंडी की देवी मड़ई” का भव्य आयोजन

     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और योद्धा परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कोसरिया अहीर यादव सेवा समाज द्वारा “मंडी की देवी मड़ई (गहिरा मड़ई)” का आयोजन वर्ष 2026 में सातवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से 30 जनवरी 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा।
     
    इस संबंध में आयोजन समिति द्वारा मोतीबाग स्थित मधुकर खेर स्मृति प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जहाँ समाज के पदाधिकारियों एवं संयोजकों ने गहिरा मड़ई के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।
     
    गहिरा मड़ई केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि योद्धाओं की वीरता, साहस और आत्मबल का प्रतीक है। चंडी ताल की तेज लय पर लाठी और तलवार के साथ कलाकार जिस शौर्य का प्रदर्शन करते हैं, वह छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक युद्ध परंपरा की याद दिलाता है। माना जाता है कि पुराने समय में योद्धा युद्धभूमि की ओर इसी प्रकार गाते-बजाते और ललकारते हुए जाते थे।
     
    समय के साथ गहिरा मड़ई में रास नृत्य और कथात्मक प्रस्तुतियों का भी समावेश हुआ है। राधा-कृष्ण एवं गोप-गोपियों से जुड़े संयोग-वियोग और श्रृंगार रस पर आधारित दोहों के साथ किया जाने वाला यह नृत्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। इसके साथ ही नीति-निर्देशक दोहे समाज को सदाचार और नैतिक मूल्यों का संदेश भी देते हैं।
     
    इस आयोजन का एक विशेष पहलू परेतीन दाई से जुड़ी लोकमान्यता है। मान्यता के अनुसार बाजार-हाट की पहली बोहनी परेतीन दाई द्वारा किए जाने से समृद्धि आती है। ग्रामीण अंचलों में आज भी नवजात शिशु के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर यह परंपरा निभाई जाती है, लेकिन शहरीकरण के कारण यह लोक-विरासत धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।
     
    इसी लोकपरंपरा के संरक्षण के लिए गहिरा मड़ई का शुभारंभ रायपुर स्थित श्री हरदेव लाला मंदिर प्रांगण से विधि-विधानपूर्वक किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन बाबा हटकेश्वर नाथ धाम, महादेवघाट में होगा, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राऊत नाच और गहिरा मड़ई दलों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
     
    इस अवसर पर प्रथम पुरस्कार ₹16,000, द्वितीय ₹11,000, तृतीय ₹7,000, चतुर्थ ₹5,000 तथा अन्य सभी दलों को ₹3,000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। गहिरा मड़ई आज छत्तीसगढ़ की पहचान बनते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
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