बड़ी खबर

छत्तीसगढ़

  • शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ भव्य संगी मिलन समारोह, पुर्व छात्र छात्राओं ने 7 लाख 57 हजार रुपए शाला के दिया गया....

    10-Feb-2026

     

    पंडित यशवर्धन पुरोहित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भुत पुर्व छात्र छात्राओं का महा मिलन समारोह हुआ इसको संगी मिलन नाम दिया गया इस कार्यक्रम में 1974 से लेकर 2025 तक 52 बैच पुर्व छात्र छात्राएं सम्मिलित हुए कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैल चित्र पर पुजा अर्चना के साथ शुरू हुई इसके बाद वरिष्ठ शिक्षकों का मंच मे स्वागत सम्मान हुआ शाला में पढ़ रहे छात्रों ने संस्कृति प्रस्तुति किया सभी बैच को क्रमशः मंच दिया गया आयोजक समिति ने पूर्व छात्र छात्राओं को मुमेटो देकर सम्मानित किया पूर्व छात्र छात्राओं ने विद्यालय एवं गुरूओ के प्रति अपनी अपनी बातों को रखा मंच मे पुराने साथियों के साथ अपने अपने अंदाज मे नृत्य गीत प्रस्तुत कर पुरानी यादों को ताजा किया। सभी ने अपने स्वेच्छा अनुसार। विद्यालय को सहयोग प्रदान किया उस वक्त सब का हृदय गदगद हुआ जब दुनियादारी से मुक्त होकर एक बेंच पर बैठ कर पढ़ने वाले दोस्त उन दिनों शाला के आंगन में टहलने वाले दोस्त, गुरूओ के डांट फटकार से पढ़ने वाले दोस्त, एक साथ उसी विद्यालय में मिले मन एक दुसरे से मिलकर सभी खुशियों से भावुक हो गए इस अवसर पर समाजसेवी रामाराव बघेल ने कहा यहां सम्मेलन सिर्फ एक मिलन नहीं है विद्यालय में बीते दिनों की यादों को जीना है कई दिनों के बाद एक दुसरे से मिलन हुआ साथ ही कहा इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर हम सभी पुर्व छात्र छात्राएं अपने क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं जिस विद्यालय से हम आगे बढे हैं उस विद्यालय के

     
    सर्वोच्च विकास के लिए हम सब को मिलकर सहयोग करना चाहिए इस आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष शैलेंद्र धेनुसेवक उपाध्यक्ष रामाराव बघेल टेश्वर सिंह ध्रुव राकेश चौबे विजय साहू सतीश सोनी कमलेश यदु पिंकी यदु आसीफ खान तपन धेनुसेवक हिरा मरकाम मनोज ठाकुर देवेन्द्र साहू अकबर कश्यप हनीफ खान प्रवीण गुप्ता जशवंत नाग थरूण निषाद भावेश पारख उज्जवल डोटे यवनेश देवांगन दिलेश शांडिल्य मानसिंह साहू धर्मेन्द्र देवांगन राजेश पटेल पुरन ध्रुव इन्द्रजीत देवांगन खिलेश्वर साहू बसंत भक्त बलराम देवांगन आशीष खंडेलवाल नुतन डोंटे आदि का योगदान रहा।
  • छत्तीसगढ़ में दो हादसे: खरोरा में चलती बस बनी आग का गोला, तो रायपुर में कार से भी उठी लपटें: बच गई 56 की जान..

    10-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सोमवार की सुबह यात्रियों से भरी बस में अचानक आग लग गई। आनन- फानन में बस में सवार 50 यात्रियों को बाहर निकाला गया। ड्राइवर की सूझबूझ से सभी 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना खरोरा थाने क्षेत्र की है। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। 50 यात्रियों को लेकर बस बलौदाबाजार जिले से रायपुर के लिए निकली थी। राजधानी ट्रैवल्स में करीब 50 यात्री सवार थे।
     
    बताया जाता है कि भैंसा गांव के पास बस के इंजन में अचानक धुआ निकलने लगा। देखते ही देखते बस में अचानक से आग लग गई। इस पर ड्राइवर ने फौरन कदम उठाते हुए बस के दरवाजे खोल दिए और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कहा। धीरे-धीरे करके सभी 50 यात्री बाहर निकल गए। यात्रियो के निकलने के बाद बस कुछ ही देर में पूरी तरह से जलक रखाक हो गईं।
     
    प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ड्राइवर ने समय पर बस को रोक दी और सभी 50 यात्रियों को जिनमें, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया नहीं ,तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों की सूचना पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम किया गया।
     
    इधर, रायपुर में भी कार में लगी आग
    दूसरी ओर राजधानी रायपुर में भी तेलीबांधा थाने क्षेत्र में एक कार में आग लग गई। कार में सवार छह लोग किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस घटना में किसी प्रकार की जनक्षति नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना राजधानी के अग्रसेन चौक के पास की ह
  • बस्तर के दोनों सांसदों को पंडुम के मंच पर नहीं बैठाना बस्तर का अपमान - दीपक बैज

    08-Feb-2026

     

    रायपुर। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर पंडूम के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रपति के मंच पर मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों को तो स्थान दिया गया, लेकिन बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों, कांकेर सांसद भोजराज नाग और बस्तर के सांसद महेश कश्यप को भाजपा सरकार ने मंच पर बैठाने के लायक भी नहीं समझा, जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार सांसदों को मंच पर बैठाना था, बस्तर के दोनों ही सांसद आदिवासी वर्ग से आते है तथा बस्तर की जनता का प्रतिनिधित्व करते है। यह उन सांसदों का ही नहीं बस्तर की जनता और बस्तरिया अस्मिता का अपमान है।           
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ो रुपए खर्च कर अपनी ब्रांडिंग तो कर रही, लेकिन बस्तर के लोगों के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ कर रही है। जिस पंडुम में बस्तर के जन प्रतिनिधि अपमानित हो रहे, वहां पर आम बस्तरिया आदिवासी की क्या स्थित होगी समझा जा सकता है। भाजपा सरकार को आदिवासी अस्मिता, आदिवासियों की धार्मिक आस्था, आदिवासी संस्कृति से कोई मतलब नहीं, बस्तर में मची संसाधनों की लूट से ध्यान भटकाने के लिए केवल राजनैतिक इवेंट कर रहे हैं। अपने ही दल के चुने हुए सांसदों को अपमानित करके बस्तर की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं?
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को न बस्तर की समृद्धि से कोई सरोकार है ना ही बस्तरिया संस्कृति से केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए आदिवासी समाज को यह सरकार बार अपमानित कर रही 
  • अमित शाह नक्सलवाद पर राजनीति कर रहे - कांग्रेस

    08-Feb-2026

     

     चार साल पहले खुद माने थे भूपेश सरकार के समय नक्सलवाद में कमी आई
     
    रायपुर। नक्सलवाद के मामले में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने राजनैतिक विद्वेष के कारण गलत बयानी किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को गलत बयानी शोभा नहीं देती। जब कांग्रेस की सरकार थी तब अपने हर दौरे में वे नक्सल नियंत्रण के मामले में भूपेश सरकार की तारीफ करते थे। आंकड़े बताते है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के दौरान नक्सली घटनाओं में कमी आई थी। स्वंय अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में आकर 5 अप्रैल 2021 को मीडिया में बयान दिया था कि राज्य की भूपेश सरकार और केन्द्र सरकार ने मिलकर नक्सलवाद को पीछे खदेड़ दिया है। राज्य में नक्सली घटनाओं में 80 प्रतिशत तक की कमी आई है। अमित शाह के सामने आरपीएफ के डीजीपी ने कहा था छत्तीसगढ़ में नक्सलवादी पैकअप की ओर है। आज गृहमंत्री की कांग्रेस सरकार के प्रयासो पर ऊंगली उठा रहे।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विश्वास विकास सुरक्षा के मूल मंत्र से नक्सलवादी घटनाओं और नक्सलवाद पर कमी आई थी। कांग्रेस की सरकार के समय दूरस्थ क्षेत्रों में कैंप बनाये गये पहुंच मार्ग बनाये गये। अबूझमाड़ में दो पुल बनाया गया। 300 से अधिक स्कूलों को खोला गया, राशन दुकान, अस्पताल खोला गया, 67 से अधिक वनोपजों की खरीदी की गयी। लोगो का भरोसा सरकार और सुरक्षा बलो के प्रति बढ़ा था। नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ था। 600 से अधिक गांव नक्सल मुक्त हुये थे, नक्सली केवल बीजापुर के कुछ ब्लाक और अबूझमाड़ तक सिमट गये थे।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह भी जानते है प्रदेश में नक्सलवाद सिमटा है उसके पीछे भूपेश सरकार की नीतियां है दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क निर्माण ,कैंप निर्माण रोजगार के साधन विकसित कर कांग्रेस ने विश्वास विकास सुरक्षा का जो माहौल बनाया उससे नक्सलवाद पीछे हटा सुरक्षा बल प्रभावी हुए।
  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की...

    08-Feb-2026

     

    गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी समीक्षा बैठक की
    कभी नक्सली हिंसा का गढ़ रहा छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है।
    मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा।
    केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं।
    छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे।
    कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से निजात पाने वाला है देश।
    छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास के मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है।

    रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।
     
    बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।
     
    गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।
     
    श्री अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। श्री शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।
     
    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
  • रायगढ़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार...

    08-Feb-2026

     

    रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में शहर में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ सख्त अभियान जारी है। इसी कड़ी में सप्ताह भर के भीतर पीटा एक्ट के तहत तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर थाना पुलिस ने बोईरदादर क्षेत्र में देह व्यापार का भंडाफोड़ किया।
     
    पुलिस को सूचना मिली थी कि बोईरदादर निवासी नारायण वैष्णव बाहर से महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कराता है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा। संकेत मिलते ही चक्रधरनगर, साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम ने मकान की घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।
     
     
    छापेमारी के दौरान आरोपी नारायण वैष्णव और एक संदिग्ध महिला मौके पर मिले। पूछताछ और साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी अपने मकान में महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कराता था और स्वयं दलाली व संचालन करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से ₹2,000 नकद, दो मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की।
     
    आरोपी के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी नारायण वैष्णव (55) बोईरदादर का निवासी है।
  • बलरामपुर में महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म, परिवार में खुशी...

    08-Feb-2026

     

    बलरामपुर। जिले के रघुनाथ नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, मां और दो बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है, जबकि एक बच्चे का वजन कम होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए वाड्राफनगर सिविल अस्पताल रेफर किया गया है।
     
    डॉक्टर कृपा शंकर भगत ने बताया कि प्रसव सामान्य रूप से हुआ है और मां सहित दो बच्चों की स्थिति स्थिर है। कम वजन वाले बच्चे को विशेष देखभाल के लिए रेफर किया गया है।
     
    महिला के पति ने बताया कि वे ग्राम पंचायत चकदेही के निवासी हैं और इलाज के लिए रघुनाथ नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे, जहां उनकी पत्नी ने तीन बच्चों को जन्म दिया। घटना के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है।
  • प्रदेश में फिर बढ़ेगी ठंड, 48 घंटों में तापमान 2–3 डिग्री गिरने के आसार...

    08-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
     
    बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहा। तापमान में गिरावट के बाद अगले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। अधिकतम तापमान अगले सात दिनों तक लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।
     
    राजधानी रायपुर में 8 फरवरी की सुबह हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन में मौसम साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
     
    मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, हालांकि तेज बारिश के आसार नहीं हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। अंबिकापुर फिलहाल सबसे ठंडा क्षेत्र बना हुआ है, जहां तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजनांदगांव 31.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
  • नवोत्थान और विकसित भारत–47 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल

    08-Feb-2026

     

    रायपुर। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय बजट को नवोत्थान और समावेशी विकास का वाहक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 के दीर्घकालिक विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। वे राजधानी रायपुर में एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
     
    केन्द्रीय मंत्री श्री लाल ने कहा कि इस बजट में अगले 25 वर्षों के लिए देश के आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास की स्पष्ट दिशा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, जो शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी सम्मिलित किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में राज्यों के विकास को नई गति मिलेगी।
     
    श्री मनोहर लाल ने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिजली, आवास, शहरी विकास एवं अधोसंरचना क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्री संतोष पाण्डेय एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
  • खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच-मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े...

    08-Feb-2026

     

    रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकारों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह सराहनीय है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई को प्रेरणादायक पहल बताते हुए सभी आयोजकों और प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।
     
    रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में खेल मड़ई के अंतर्गत नेताजी सुभाष स्टेडियम, रायपुर में इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच उत्साहपूर्ण और रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोड़ना, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
     
    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मैदान में पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे पत्रकार खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, सहसचिव श्रीमती निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े, खेल आयोजन समिति के संयोजक श्री विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।
  • रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलकर सातवें वेतनमान का पेंशन आदेश जारी होने पर आभार व्यक्त किया : प्रदीप मिश्र

    08-Feb-2026
     
    रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व सचिव एवं वर्तमान छत्तिसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांतीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र एवं सचिव शिरीष त्रिवेदी ने बताया कि छत्तिसगढ़ प्रदेश के लोकप्रिय रायपुर सांसद आदरणीय बृजमोहन भैया जी को सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन आदेश जारी होने पर पत्र देते हुए उनका आभार व्यक्त किया l 
    प्रदीप मिश्र ने बताया कि वि वि के सेवानिवृत कर्मचारीगण सातवें वेतनमान के आधार पर वेतन और उसके सभी लाभ लेते हुए सेवानिवृत होते हैं तब उनका पेंशन का निर्धारण छठवें वेतनमान के अनुसार किया जाता था l  
     बृज मोहन अग्रवाल से संघ कई बार इस समस्या को लेकर मिला था और हर बार बृज मोहन भैया ने इसे गंभीरता से लेते हुए हमारी समस्यायों को ध्यान से सुना और मुख्यमंत्री से चर्चा कर मांग पूरी कराने का आश्वासन था l
     
         हमारे प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्याकाय पंडित रविशंकर शुक्ल के साथ साथ प्रदेश के सभी सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए पेंशन आदेश जारी होने से खुशी की लहर ब्याप्त है l
     
                 विदित हो कि गुरु घासी दास बाबा जी ने कहा है कि मनखे मनखे एक समान सबके लहू के रंग हे एक समान केंद्र और प्रदेश के शासकीय और अर्धशासकीय विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों के बीच अब कोई अंतर नहीं रहा, यह हमारे माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ने साबित कर दिखाया l
              
    प्रदेश में डबल नही टीबल नही चौबल इंजन की सरकार है क्यों कि हम वि वि सेवानिवृत कर्मचारियों ने भी भाजपा ज्वाइन किया है और हम सभी सेवानिवृत कर्मचारियों ने शासन के साथ कंधे से कंधे मिलाते हुए सरकार के साथ हैं और प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से निवेदन करते हैं कि जिस प्रकार पेंशन आदेश जारी करवाया है उक्त आदेश के तहत ही सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन का निर्धारण हिंदुयों के त्योहार होली पर्व के पूर्व एक माह के अंदर पेंशन निर्धारण करवाने के साथ साथ प्रत्येक माह पेंशनरों को एक तारीख को पेंशन मिले यह सुनिश्चित करवाएं और इसके लिए सम्बन्धित अधिकारीयों को दिशा निर्देश देकर सुशासन के तिहार पर एक अमलीजामा देते हुए एक मिशाल प्रस्तुत करे।
     
    यही है मोदी जी का विजन
         वन नेशन वन पेंशन
       वन नेशन वन इलेक्शन
     
    संघ ने बारम्बार की थी विनती...
    एक प्रदेश एक समान पेंशन नीति...
  • विधायक अनुज शर्मा ने पीएम श्री स्कूल कुंरा के वार्षिकोत्सव में की शिरकत: उत्कृष्ट विद्यार्थियों को किया सम्मानित

    07-Feb-2026

     

     
    रायपुर। धरसीवां विधानसभा के कुंरा नगर पंचायत स्थित पीएम श्री स्कूल का वार्षिक उत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस गौरवशाली कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अनुज शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। वार्षिकोत्सव के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं ने 'शिक्षा और संस्कार' विषय पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए लोक नृत्य, लघु नाटिका और देशभक्ति गीतों ने उपस्थित अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों का मन मोह लिया।विधायक ने वर्षभर उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले और खेलकूद में पदक जीतने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए।
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि "आप कल के भारत के निर्माता हैं। पीएम श्री स्कूल आपको वे संसाधन दे रहे हैं जो पहले मुमकिन नहीं थे, अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपनी मेहनत से इस अवसर को एक सुनहरे भविष्य में बदलें।पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्कूलों का कायाकल्प होना हमारे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। अब हमारे ग्रामीण अंचल के बच्चों को भी आधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त हो रही है।" उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।पीएम श्री स्कूल के बच्चों को ‘अर्जुन की आँख' की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आज के डिजिटल युग में ध्यान भटकना आसान है, लेकिन जो अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करेगा, वही नेतृत्व करेगा।कुछ दिनों में आप सभीं के वार्षिक परीक्षा शुरू होने वाले हैं आप परीक्षा को एक बोझ या डर की तरह नहीं, बल्कि एक 'उत्सव' की तरह मनाना चाहिए। यह आपकी साल भर की मेहनत को दिखाने का एक अवसर है।सफलता के लिए खुद पर भरोसा होना सबसे जरूरी है। यदि आप खुद पर विश्वास करते हैं, तो आधी जंग आप वहीं जीत जाते हैं।अपनी तुलना दूसरों से न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और हुनर होता है। दूसरे के 90% अंक आए, यह सोचकर तनाव लेने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान दें।आप सभी बच्चों कों आपके उज्ज्वल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
     
    साथ ही विधायक श्रीं शर्मा नें धरसीवां के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में जीवन दीप समिति की बैठक में भी शामिल हुए।
     
    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा,नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद साहू, डॉ. के के वर्मा, योगेश साहू, सहित शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, प्राचार्य, समस्त शिक्षक गण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक उपस्थित रहे।
  • चुनाव आयोग सुनिश्चित करे कि फार्म-7 का दुरुपयोग नहीं हो - दीपक बैज

    07-Feb-2026

     

    रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया को प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर गड़बड़ियां कर रहा है। वर्तमान में चल रही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत फार्म-7 (मतदाता नाम विलोपन हेतु आवेदन) का कई जिलों में दुरुपयोग किया जा रहा है। यह अत्यंत चिंताजनक विषय है, क्योंकि इससे पात्र एवं वास्तविक मतदाताओं के नाम बिना जानकारी, सहमति के मतदाता सूची से हटाए जाने की साजिशे चल रही है।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़ी संख्या में फार्म-7 का प्रिंट करवाकर आपत्ति करवाया जा रहा है। आपत्ति अनाधिकृत लोगों द्वारा किया जा रहा है और अनाधिकृत अधिकारी को आपत्ति दिया जा रहा है, जो कानून का खुला उल्लंघन है। भारतीय जनता पार्टी, सरकार के शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। अधिकांश में शिकायतकर्ता का अस्तित्व ही नहीं है, जहां शिकायतकर्ता का अस्तित्व है, वहां पर शिकायत झूठी है। निर्वाचन आयोग द्वारा अस्तित्वहीन शिकायतकर्ता के विरूद्ध जाकर जमा की गयी शिकायतों को तत्काल निरस्त करने की कार्यवाही किया जाये।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कुछ राजनीतिक अथवा असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी अथवा सामूहिक रूप से फार्म-7 भरकर मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है, इसकी जांच की जानी चाहिए। कई मामलों में संबंधित मतदाता को पूर्व सूचना या सुनवाई का अवसर नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी मजदूर, वृद्ध एवं अशिक्षित मतदाता इस दुरुपयोग के सर्वाधिक शिकार बन रहे है। बीएलओ स्तर पर भी उचित सत्यापन के अभाव में फार्म-7 स्वीकार किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यदि फार्म-7 के माध्यम से मनमाने ढंग से नाम हटाए जाते है, तो यह निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आघात होगा। चुनाव आयोग सुनिश्चित करे कि फार्म-7 के प्रत्येक आवेदन पर अनिवार्य भौतिक सत्यापन एवं स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य किया जाए। संबंधित मतदाता को लिखित, डिजिटल सूचना देकर सुनवाई का अवसर प्रदान किए बिना नाम विलोपन न किया जाए। सामूहिक अथवा संदिग्ध रूप से भरे गए फार्म-7 आवेदनों की विशेष जांच कराई जाए। बीएलओ एवं निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं कि बिना पुख्ता प्रमाण के फार्म-7 स्वीकार न करे। फार्म-7 के दुरुपयोग की शिकायत हेतु त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुरूप लॉजिकल एरर को आधार मानकर दिये गये नोटिस वैद्य नहीं है। अतः छत्तीसगढ़ में ऐसे सारे नोटिस को निरस्त किया जाए।
  • जल, जंगल, जमीन, खनिज, नदियों का जल सब कुछ बस्तर का, लेकिन डबल इंजन सरकार में बस्तरिहा के लिए कुछ भी नहीं - कांग्रेस

    07-Feb-2026
     
     ’लौह अयस्क के अपशिष्ट से बस्तर के हजारों एकड़ कृषि भूमि बंजर, नदी-नाले प्रदूषित हो रहे’
     
    रायपुर। डबल इंजन सरकार पर कॉर्पोरेट परस्ती का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकारों का फोकस केवल संसाधनों की लूट पर है, जंगल और खनिज संसाधन ही नहीं छत्तीसगढ़ के नदियों पर भी भाजपा सरकार के पूंजीपति मित्रों की बुरी नजर लग गई है। बस्तर के नदी, नालों के पानी के सहारे अब तक करोड़ों टन लौह अयस्क ले जाया जा रहा है। किरन्दूल स्थित एनएमडीसी की खदानों से रोज़ाना औसतन 20 हज़ार टन लौह अयस्क चूर्ण स्लरी पाइप लाइन के जरिए अपने विशाखापटनम स्थित निजी स्टील प्लांट ले जाया जा रहा है। बस्तर की शबरी नदी और दंतेवाड़ा के मदाड़ी नाले के हज़ारों क्यूसेक पानी का उपयोग रोज़ाना इस परिवहन में किया जा रहा है। इस कंपनी के किरंदुल स्थित बेनिफिकेशन प्लांट से बस्तरवासियों को कोई लाभ तो नहीं मिला, लेकिन इस प्लांट से निकलने वाले लौह अयस्क के अपशिष्ट से दंतेवाड़ा जिले की हजारों एकड़ कृषि भूमि बंजर जरूर हो चुकी और नदी नाले प्रदूषित हो चुके हैं। नदी नालों के साथ ही शुद्ध पेयजल का भी दुरूपयोग हो रहा है। प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन से बस्तर के लोगों को पर्यावरण का भयानक नुकसान हो रहा है।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सारे संसाधन हमारे, वन यहां के कांटे जा रहे हैं, खनिज और पानी यहां का, लेकिन प्लांट आंध्रप्रदेश में होने के कारण जीएसटी और केंद्रीय करों में राज्यांश का लाभ छत्तीसगढ़ को नहीं, आंध्र प्रदेश को? रोज़गार के अवसर भी आंध्रा के लोगों को उपलब्ध हो रहे हैं। पहले फेज़ में 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और दूसरे फेज़ में अतिरिक्त 35 हज़ार लोगों को रोज़गार मिलेगा। अर्थात इस प्लांट से कुल 55 हज़ार लोगों को रोज़गार मिलेगा, लेकिन इसमें छत्तीसगढ़ के युवाओं की हिस्सेदारी नहीं होगी। बस्तर के जिन गरीब आदिवासियों के जल, जंगल और ज़मीन के सहारे मोटा मुनाफा कमाने की आंध्रप्रदेश में तैयारी की जा रही है उन आदिवासियों के साथ हो रहे इतने बड़े धोखे पर भाजपा की सरकार मौन है।
     
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि डबल इंजन सरकार के संरक्षण में ही विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी जो अब तक केवल बस्तर के पानी और लोहे से अरबों रुपयों का मुनाफा कमा चुकी है, उसके पास बस्तरवासियों को देने के लिए कुछ भी नहीं है। कई बेरोज़गार नौजवानों ने परिवहन का काम मिलने की आस में ट्रकें खरीदीं, लेकिन उनके अपेक्षाओं पर पानी फेरकर शबरी नदी के जल का दुरूपयोग करके स्लरी पाईप से लौह अयस्क का परिवहन किया जा रहा है। भाजपा की सरकार में बस्तर वासियों के साथ छल किया है। यदि प्लांट छत्तीसगढ़ में लगता तो हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता, सारे संसाधन हमारे हैं और लाभ अन्य प्रदेश के लोगों को मिलेगा। बस्तर वैसे ही जल संकट से गुजर रहा है। एक शबरी नदी ही बची है उस पर भी डबल इंजन की सरकार के संरक्षण में उद्योगपतियों की बुरी नजर है।
  • 3100 रु धान की कीमत एक मुश्त नही मिला जबरिया रकबा समर्पण कर कम धान खरीदी की गई...

    07-Feb-2026

     

    भाजपा सरकार की तानाशाही किसानों से 5 लाख एकड़ से अधिक रकबा जबरदस्ती सरेंडर कर, धान कम खरीदा

    रायपुर। भाजपा सरकार पर धान खरीदी में किसानों के साथ तानाशाही करने का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार किसान विरोधी है मोदी की गारंटी 3100 रु प्रति क्विंटल एक मुश्त 21 किवंटल प्रति एकड़ खरीदी का दावा झूठा निकला चालू खरीफ सीजन में धान बेचने किसानों को प्रताड़ित होना पड़ा। न 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गई न ही धान बेचने वाले किसानों को 3100 रु किवंटल की दर से एक मुश्त भुगतान किया गया। आज भी लाखों किसान धान बेचने से वंचित है। सरकार की नीयत में खोट थी इसलिए पहले 16 लाख से अधिक किसानों के 5 लाख 25 हजार एकड़ कृषि भूमि का धान बेचने पंजीयन ही नही किया गया। फिर धान बेचने पंजीकृत किसानों की 5 लाख 31 हजार394 एकड़ भूमि को बिना सहमति रकबा सरेंडर कर 1करोड़ 11 लाख 59 हजार 253 क्विंटल धान की खरीदी नही की गई। धान बेचने पंजीकृत 2 लाख से अधिक किसानों से धान की खरीदी नही की गई। सरकार का लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन धान खरीदना था जिससे लगभग 25 लाख मीट्रिक टन धान की कम खरीदी की गई। पिछले वर्ष हुई धान खरीदी के मुकाबले 10 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदा गया।
     
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों से कम धान खरीदी करने धान बुवाई के समय से षड्यंत्र रच रही थी। धान बुवाई के समय किसानों खाद संकट से जूझना पड़ा। बिजली कटौती एवं लो वोल्टेज की कृत्रिम समस्या उत्पन्न कर सिंचाई को बाधित किया गया। फिर धान खरीदी मात्र 53 दिन की गई उसमें भी एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नही होना, ऑन लाईन ऑफ लाईन टोकन संकट, टोकन निरस्त, बारदाना संकट, धान खरीदी लिमिट, कमर्चारियों का हड़ताल, एनआईसी के माध्यम से प्रतिदिन खरीदी की लिमिट में कटौती के अलावा जान बुझ कर कस्टम मिलिंग में बाधा उत्पन्न की गई जिसके चलते किसान धान नही बेच पाये। दो दिन धान खरीदी की तिथि बढ़ाई गई उससे किसानों को कोई लाभ नही हुआ।
     
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार देखा गया कि धान नही बेच पान,े टोकन नही मिलने के चलते किसान परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने मजबूर हुये। महासमुंद, कोरबा, जांजगीर, चांपा, बलौदाबाजार में किसान खुदकुशी का प्रयास किये। डबल इंजन की सरकार किसानों के लिए ट्रबल इंजन बन गई, किसानों की आर्थिक उन्नति में बाधक बन गई। कांग्रेस मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 15 दिन औऱ बढ़ाया जाये धान बेचने से वंचित सभी किसानों का धान की खरीदी की जाये।
  • आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा : राष्ट्रपति मुर्मु

    07-Feb-2026

     

    रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शनिवार सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है। 
     
    जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
     
    राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
    उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।
     
    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
     
    बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव - राज्यपाल रमेन डेका
    राज्यपाल रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।
     
    राज्यपाल डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।
     
    बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।
     
    अब नया बस्तर - डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।
     
    नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।
     
    जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।
     
    युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।
     
    बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। 
     
    कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं नागरिक उपस्थित थे।
     
  • आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु ऑनलाइन आवेदन

    07-Feb-2026

     

    दुर्ग। एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग-ग्रामीण दुर्ग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र ननकठ्ठी-04 के एक रिक्त सहायिका पद हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिसमें संशोधन करते हुए पात्र इच्छुक आवेदिका से 9 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग-ग्रामीण जिला दुर्ग में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
  • गरियाबंद में नक्सलियों का बड़ा हथियार डंप बरामद...

    07-Feb-2026
     
    मैनपुर–ओडिशा बॉर्डर पर ई-30 की बड़ी सफलता
     
    गरियाबंद। मैनपुर–ओडिशा सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद किया गया है। यह सफलता जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों से की गई गहन पूछताछ के बाद मिली है।
     
    पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेतृत्व ने जिला गरियाबंद से लगे ओडिशा सीमा क्षेत्र की पहाड़ी श्रृंखलाओं में ऑटोमेटिक हथियारों, टेक्निकल टीम की वेपन वर्कशॉप के उपकरण और अन्य सामग्री को विभिन्न स्थानों पर डंप कर रखा है। सूचना के आधार पर स्थानों की पहचान कर जिला मुख्यालय गरियाबंद से ई-30 बल की विशेष टीम को 6 फरवरी को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
     
    लगातार 36 घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद ई-30 टीम ने छह अलग-अलग स्थानों से माओवादियों का हथियार डंप बरामद किया। बरामद सामग्री में 2 इंसास राइफल, 1 .303 राइफल, 1 देशी कट्टा, 1 सुरका (देशी बीजीएल), 2 नग 12 बोर बंदूक, 2 सिंगल शॉट हथियार, 127 जिंदा राउंड, 8 मैगजीन, 22 बीजीएल सेल, 1 बंडल इलेक्ट्रिक वायर तथा टेक्निकल टीम के वेपन वर्कशॉप से जुड़े विभिन्न उपकरण शामिल हैं।
     
    पुलिस के अनुसार, माओवादियों की टेक्निकल टीम शीर्ष नेतृत्व की सीधी निगरानी में आईईडी, देशी हथियारों के निर्माण और ऑटोमेटिक हथियारों की मरम्मत का कार्य करती थी। इस डंप की बरामदगी से नक्सलियों की उस क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
     
    उल्लेखनीय है कि जिला गरियाबंद पुलिस द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान "ऑपरेशन विराट" के तहत 26 जनवरी 2026 से पहले गरियाबंद क्षेत्र में सक्रिय धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सभी सूचीबद्ध माओवादियों को आत्मसमर्पण या निष्क्रिय करने में सफलता मिली थी। अब इस हथियार डंप की बरामदगी के साथ ई-30 बल ने क्षेत्र में माओवादी हिंसा की संभावनाओं को लगभग शून्य कर दिया है।
  • अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए ABVV की महिला टीम धर्मशाला रवाना...

    07-Feb-2026

     

    बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर की महिला कबड्डी टीम अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला रवाना हुई। विश्वविद्यालय की यह टीम ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनी थी, जिसके बाद उसे राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिला है।
     
    प्रस्थान से पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन. बाजपेई ने खिलाड़ियों से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के खेल संचालक डॉ. प्रमोद तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
     
    टीम मैनेजर के रूप में डॉ. वसंत अंचल खिलाड़ियों के साथ धर्मशाला गए हैं। टीम में संजू देवी, रोशनी, जागृति यादव, सिमरन, मनीषा, निधि, अनु, नूतन, सरोजिनी, त्रिजा ज्योति एक्का, शब्बो, चांदनी, संध्या चौहान और रुखसार शामिल हैं।
     
    गौरतलब है कि अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तरीय इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 16 टीमों का चयन किया गया है, जिनमें से शीर्ष 8 टीमें आगामी सत्र में खेलो इंडिया प्रतियोगिता में भाग लेंगी। विश्वविद्यालय परिवार को उम्मीद है कि महिला कबड्डी टीम श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शीर्ष तीन में स्थान हासिल कर छत्तीसगढ़ और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगी।
  • बैगा बहुल गांवों में गहराया पेयजल संकट, आदिवासी विकास परिषद ने सौंपा ज्ञापन...

    07-Feb-2026

     

    कवर्धा। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज के गांवों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग ने आदिम जाति कल्याण विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित समाधान की मांग की है।

     
    प्रदेश अध्यक्ष कामू बैगा द्वारा सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग कबीरधाम को सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि बोड़ला विकासखंड के कई बैगा बहुल गांवों में सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
     
    परिषद के प्रतिनिधियों ने हाल ही में ग्राम सरोधा, दादर, हडही और सवरू का दौरा किया, जहां यह सामने आया कि बड़ी संख्या में बैगा परिवारों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गर्मी के मौसम से पहले ही हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
     
    छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने प्रशासन से हैंडपंपों की मरम्मत, नए जल स्रोतों की व्यवस्था और स्थायी पेयजल समाधान शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर कबीरधाम को भी अवगत कराया गया है। परिषद को उम्मीद है कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द ठोस कदम उठाएगा।
     
Top