यपुर। शहर के सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाके भांटागांव चौक पर राज्यपाल के काफिले के कारण गुरुवार शाम लगभग 20 मिनट के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया. इसके कारण भांटागांव ओवरब्रिज और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसी जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई. भीड़ के बीच एम्बुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, लेकिन भारी ट्रैफिक की वजह से लोग चाहकर भी उसे रास्ता नहीं दे पाए. राज्यपाल का काफिला वहां से गुजरने के लगभग 15 मिनट के बाद एम्बुलेंस को रास्ता मिल सका. जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल रमेन डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में अचानक निरीक्षण किया. इसी रास्ते से उन्हें होकर गुजरना था, यही कारण है कि पुलिस ने उनके लिए ट्रैफिक को रोका, जिससे लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ीं.
बिलासपुर। बिलासपुर में पुलिस ने मध्यप्रदेश के सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है। इन सटोरियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए लूडो किंग गेम ग्रुप बनाया है, जिसमें मोबाइल के जरिए हार-जीत का दांव लगा रहे थे। पुलिस ने रिहायशी कॉलोनी स्वर्णिम इरा में दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल पर करीब 20 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन और हिसाब-किताब लिखा हुआ है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, पुलिस को जानकारी मिली कि मध्यप्रदेश से आकर कुछ युवक यहां ऑनलाइन सट्टा खिला रहे हैं। जिस पर पुलिस ने मुखबिर लगाकर पुख्ता जानकारी जुटाई, तब पता चला कि सट्टेबाजों ने सट्टा खिलाने के लिए नया तरीका अपनाया है। आरोपी वाट्सऐप पर ग्रुप बनाकर श्याम लूडो किंग नाम से लूडो गेम खिला रहे हैं, जिसके माध्यम से हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा खेल रहे हैं। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस से जानकारी जुटाई तब यह भी पता चला कि सरकंडा के स्वर्णिम इरा कॉलोनी के एक मकान में मध्यप्रदेश से युवक आकर रह रहे हैं। पुलिस ने वहां दबिश दी, तब खाईवाल राहुल छाबड़ा पकड़ा गया, जो मूलत: मध्य प्रदेश के शहडोल का रहने वाला है। वह एक सप्ताह पहले ही यहां आया था। उसने स्वर्णिम इरा कॉलोनी में मकान किराए में लिया था, जहां अपने दोस्त सुमित चंदवानी,ओमप्रकाश नगवानी मोहित बर्मन के साथ मिलकर सटोरियों को ऑनलाइन लूडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता था। आरोपियों ने वाट्सऐप पर श्याम लूडो किंग के नाम पर ग्रुप भी बनाया था, जिसमें सटोरियों को जोड़कर उन्हें कोड उपलब्ध कराता था।
लैलूंगा-बाकरुमा सड़क की असलियत अब गड्ढों से नहीं, गुनाहों से भरी हुई है। महज़ छह महीने पहले अरबों रुपये की लागत से बनी यह सड़क आज इस कदर तबाह हो चुकी है कि हर मोड़ पर मौत और हर गड्ढे में भ्रष्टाचार साफ़ झलकता है। यह महज़ एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि जनता की आँखों में धूल झोंकने और टैक्स के पैसों को निगल जाने वाली व्यवस्था की नंगी तस्वीर है। गड्ढों में समा गया भरोसा, प्रशासन मूकदर्शक : आज हालात यह हैं कि गड्ढे इतने गहरे और व्यापक हैं कि सड़क ढूंढना मुश्किल हो गया है। बारिश की पहली बूंद ने ही डामर बहा दिया, कीचड़ जमा हो गया, और अब यह सड़क किसी भी पल हादसे की वजह बन सकती है। हैरानी की बात यह है कि आज तक न कोई अफसर मौके पर आया, न मरम्मत हुई और न ही कोई जवाबदेही तय की गई।
कोरबा। छत्तीसगढ़ की उर्जाधानी कोरबा में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मानिकपुर चौकी अंतर्गत मुड़ापार हेलीपैड के समीप स्थित एक मकान में घरेलू विवाद के चलते एक युवक ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और गैस व पेट्रोल फैलाकर आत्मदाह की कोशिश करने लगा। घटना स्थल पर भारी पुलिस बल और दमकल की टीम को तैनात किया गया। करीब दो घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
झगड़े की वजह बनी शराब प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक की पहचान ऋषिकेश सिदार के रूप में हुई है, जिसका अपनी पत्नी से शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर ऋषिकेश ने आवेश में आकर घर में तोड़फोड़ की और फिर खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसने रसोई गैस का रेगुलेटर खोल दिया और अपनी बाइक की पेट्रोल टंकी से पेट्रोल फैलाना शुरू कर दिया। इस घटना के दौरान घर और मोहल्ले में गैस व पेट्रोल की तीव्र गंध फैल गई, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
दो घंटे तक चला सस्पेंस, फिर पुलिस ने तोड़ा दरवाजा घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस के साथ-साथ दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। सबसे पहले पुलिस ने युवक को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो पुलिस और दमकल कर्मियों ने मिलकर बलपूर्वक दरवाजा तोड़ दिया और युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। अस्पताल में भर्ती, मानसिक जांच जारी कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते हुई।
युवक ने आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे बचा लिया। फिलहाल ऋषिकेश सिदार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मनोचिकित्सक से उसका परीक्षण कराया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गहराते संकट को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों में संवादहीनता और तनाव का स्तर बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते ऐसे आत्मघाती कदम देखने को मिल रहे हैं। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जा रही है।
कोरबा। कोरबा जिले में रविवार की रात एक ही घर में दो अलग-अलग स्थानों पर सांप मिलने से हड़कंप मच गया। मानिकपुर क्षेत्र के एक घर के बेडरूम में 9 फीट लंबा अजगर मिला। यह इंडियन रॉक पायथन प्रजाति का था। यह सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन शिकार को लपेटकर दम घोंट देता है। इसी घर के किचन में एक कोबरा भी मिला। घर वालों ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद बर्तन साफ करते समय बर्तनों के बीच फन फैलाए हुए कोबरा को देखा। वह तुरंत वहां से भाग गई। स्नेक कैचर्स को सूचना दी। स्नेक कैचर्स उमेश यादव और अतुल सोनी ने दोनों सांपों का सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। कोबरा की लंबाई करीब 7 फीट थी। मकान मालिक ने बताया कि उनका घर जंगल के पास होने के कारण अक्सर सांप निकलने की घटनाएं होती रहती हैं। स्नेक कैचर उमेश यादव के अनुसार, मौसम बदलने के कारण सांप निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस दौरान करैत और नाग जैसे जहरीले सांप अधिक संख्या में मिल रहे हैं। दोनों सांपों को बाद में जंगल में छोड़ दिया गया।
पूर्व सरपंच की लापरवाही से गई बच्चे की जान
निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का नतीजा
छुरिया- ग्राम सड़क चिरचारी में आज सुबह लगभग 11 बजें 5 साल के एक बच्चे की सूचना पटल के गिरने से दबकर मौत हो गई । मौके पर मुआईना करने से पता चलता है कि इस ईंट से बने सूचना पटल के निर्माण में बरती गई लापरवाही का नतीजा है। जैस कि मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह सड़क चिरचारी के धान खरीदी केन्द्र की दीवाल र्में इंट से चिपका कर बनाये गये सूचना पटल के गिरने से युवांश निषाद पिता नरेन्द्र निषाद नाम के 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह सूचना पटल ग्राम के पूर्व सरपंच के कार्य एजेंसी 15 वें वित्त से हैंडपंप खनन की सूचना के 15 दिन पहले ही बनाया गया था और आज वह सूचना पटल पूरा का पूरा नीचे गिर गया और बच्चे की मौत का कारण बन गया।
अस्पताल बंद होना भी मौत का कारण - परजिनों ने बताया कि बच्चे को तुरंत अपने निजी वाहन से चारभांठा के अस्पताल में ले जाया गया, रविवार होने के कारण अस्पताल बंद था जिसके कारण वहां सीधा राजनांदगांव ले जाना पड़ा इधर उधर की भागदौड़ के कारण शायद बच्चे को मौत होने से नहीं बचाया जा सका यदि चारभांठा का अस्पता खुला होता तो शायद प्राथमिक उपचार होने से एक बार बच्चे की मौत नहीं होती। यहां रविवार को अस्पताल बंद होने का कारण समझ में नहीं आया जबकि अस्पताल तो 24 घंटे सेवा में उपलब्ध रहता है।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया सूचना पटल का निर्माण कार्य - जैसा कि वर्तमान सरपंच ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह देखने से पता चलता है कि इस सूचना पटल के निर्माण कार्य में भारी बरती गई लापरवाही और अनियमितता का परिणाम है क्योंकि इस सूचना पटल को बनाने वाली कार्य एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य सही नहीं कराया गया चूंकि इस सूचना पटल को बने हुये अभी 15 दिन ही हुये थे और इस सूचना पटल को पहले से बनी हुई दीवाल में ईंट से चिपका कर बनाया गया था जो सूचना पटल आज पूरा का पूरा नीचे गिर गया और उस सूचना पटल के नीचे आकर 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह पूरा मामला जांच का विषय है कि इस सूचना पटल को बनाने वाली कार्य एजेंसी, इसको देखने वाले इंजीनियर और इसकी पूर्णता प्रदान करने वाले अधिकारी कर्मचारियों द्वारा बरती गई असावधानी या लापरवाही कैसे हो गई और इतना बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल का रविवार को बंद होना और इस सूचना पटल को बनाने वाली कार्य एजेंसी, इसको देखने वाले इंजीनियर और इसकी पूर्णता प्रदान करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की पूरी जांच होनी चाहिये और अपने बच्चे को असमय गंवाने वाले परिवार को मुआवजा मिलना चाहिये।
रायपुर। रायपुर जिले के नवापारा क्षेत्र के ग्राम चिपरीडीह से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज प्रताड़ना से तंग आकर प्रेमा साहू नामक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने गहन जांच के बाद ससुराल पक्ष के पांच लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। घटना लगभग एक माह पूर्व की है जब प्रेमा साहू, जो कि ग्राम चिपरीडीह निवासी थी, ने अपने ससुराल वालों की लगातार प्रताड़ना और मारपीट से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष दहेज में अधिक पैसे और सामान की मांग कर रहे थे और लगातार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
जांच के बाद गिरफ्तार हुए ससुराल पक्ष के सदस्य प्राथमिक जांच और मायके पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृतका के सास, ससुर, पति, देवर और देवरानी को नामजद आरोपी बनाया। आरोपियों पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार कर सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह मामला राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे दहेज उत्पीड़न की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई कर संदेश दिया है कि महिला उत्पीड़न किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायपुर। राजधानी में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे दिन और रात का फर्क किए बिना चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र के लाखे नगर इलाके से सामने आया है, जहां गोंडवाना गैस एजेंसी नामक कार्यालय में देर रात 3 लाख 30 हजार रुपये से अधिक की रकम पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। ग्रिल तोड़कर घुसे नकाबपोश चोर चोरी की वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया। चोरों को यह जानकारी थी कि ऑफिस में
सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसलिए वे चेहरे को नकाब और टॉवल से ढंककर आए थे। इसके बाद उन्होंने गैस एजेंसी के मुख्य दरवाजे की ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कैश रजिस्टर में रखी भारी रकम लेकर फरार हो गए।
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तारबाहर पुलिस और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने वहां चल रही जुए की गुप्त महफिल पर छापा मार दिया। यह कार्रवाई होटल टाइम स्क्वेयर के एक बंद कमरे में की गई, जहां शहर के छह रसूखदार लोग जुए में डूबे पाए गए। पुलिस ने मौके से 5 लाख 16 हजार रुपये नकद और ताश की पत्तियां जब्त की हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 5 के तहत विधिवत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
गुप्त सूचना पर तत्काल कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि होटल टाइम स्क्वेयर के एक कमरे में जुए का आयोजन हो रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को इसकी जानकारी दी गई, जिन्होंने तत्काल रेड की अनुमति दी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल के निर्देशन में, तारबाहर थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्णचंद सिदार और एसीसीयू प्रभारी अजरूद्दीन के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने घेराबंदी करते हुए होटल में दबिश दी और मौके पर मौजूद सभी छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान सतीश गुप्ता (52) – निवासी बंगाली पार्क, सरकंडा श्रवण श्रीवास्तव (42) – निवासी कमल टॉकीज के पास, गोलबाजार सुरेश कुमार (71) – निवासी 27 खोली, सिविल लाइन नरेश गुप्ता (52) – निवासी विनोबा नगर अमित सिंह (45) – निवासी बिल्हा शांतनु खंडेलवाल (47) – निवासी गोडपारा पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी समाज में प्रतिष्ठित और व्यवसायिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं। ये लोग गुप्त रूप से शहर के आलीशान होटलों में जुए की महफिल जमाया करते थे। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, आरक्षक देवमुन पुहुप और अन्य स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध गतिविधियों पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है, और ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।
होटल प्रबंधन पर भी कार्रवाई संभव सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध गतिविधि की जानकारी होटल प्रशासन को थी। अगर किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो होटल प्रशासन पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।
रायगढ़। ज़िले में अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध लगातार मुहिम चला रही जिसमें आज पुसौर और पूंजीपथरा थाना क्षेत्रों में कुल चार आरोपियों को अवैध महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है। पुसौर पुलिस की दोहरी कार्यवाही थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में ग्राम कोसमंदा व धुरनपाली में रेड कार्यवाही की गई। मुखबिर से मिली सूचना पर ग्राम धुरनपाली निवासी विश्वजीत चौहान (उम्र 23 वर्ष) के कोला बाड़ी में दबिश दी गई, जहां पुलिस को एक सफेद प्लास्टिक जरिकेन और माजा की बोतल में भरे कुल 06 लीटर कच्ची महुआ शराब को जप्त किया गया मिला। दूसरी कार्यवाही में आरोपी पंचराम चौहान (उम्र 60 वर्ष) के कब्जे से 07 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसे वह बिक्री हेतु घर में छिपाकर रखा था। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना पुसौर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। दोनों कार्यवाही में प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, योगेश उपाध्यक्ष, जेनिपा पन्ना, आरक्षक किर्तन यादव, डहरू उरांव, ठण्डाराम गुप्ता, धनुर्जय बेहरा, विजय कुशवाहा, महिला आरक्षक देवमति मांझी शामिल रहे।
पूंजीपथरा पुलिस की कार्रवाई थाना पूंजीपथरा के उप निरीक्षक विजय कुमार एक्का के नेतृत्व में ग्राम तराईमाल में दो अलग-अलग कार्यवाहियां की गईं। पहली कार्यवाही में बुधराम भगत (उम्र 45 वर्ष) के घर से 10 लीटर क्षमता वाली जरिकेन में भरे 07 लीटर कच्ची शराब जिसकी कीमत लगभग ₹700, बरामद की गई। दूसरी कार्यवाही में आरोपी राजेन्द्र तिग्गा (उम्र 49 वर्ष) के पास से 06 लीटर कच्ची महुआ शराब जिसकी अनुमानित कीमत ₹600, जब्त की गई। दोनों मामलों में धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। इन दोनों कार्यवाही में प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, जगीत राठिया, आरक्षक सुरेंद्र यादव एवं महिला आरक्षक पुष्पा कुजूर की भूमिका उल्लेखनीय रही। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन में आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई सतत जारी रहेगी।
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। टिकरापारा थाना पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। अब इस मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस और एटीएस की संयुक्त पूछताछ में यह सामने आया है कि रायपुर में बांग्लादेश से आए और भी लोग रह रहे हैं, जिनकी जांच अब तेज़ कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेजों से बनाई थी पहचान, 35 साल की उम्र में बनवाई थी आठवीं की मार्कशीट गिरफ्तार बांग्लादेशी युवक मो. दिलावर और उसकी पत्नी ने भारत में अवैध रूप से बसने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। पूछताछ में यह सामने आया कि दिलावर ने 35 साल की उम्र में खुद को छात्र बताकर कक्षा आठवीं की फर्जी मार्कशीट बनवाई थी। यह मार्कशीट रीवा (मध्य प्रदेश) के चाकघाट स्थित एक प्राइवेट स्कूल के नाम पर बनवाई गई थी। हालांकि जब पुलिस की एक टीम रीवा जाकर चाकघाट पहुंची, तो पाया कि वहां उस नाम का कोई भी प्राइवेट स्कूल अस्तित्व में नहीं है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि मार्कशीट पूरी तरह से फर्जी और बनावटी है, जिसे दस्तावेज़ी पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
ATS और थाना पुलिस की संयुक्त पूछताछ, दस्तावेजों की गहन जांच गिरफ्तार दंपत्ति की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस और ATS अधिकारियों ने आरोपियों से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुछ और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और लोकेशन बताए जो रायपुर के अलग-अलग इलाकों में छिपकर रह रहे हैं। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है और टिकरापारा थाना समेत अन्य संबंधित थानों में बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच चल रही है। पूछताछ में मिले सुरागों से यह भी संकेत मिले हैं कि इन लोगों ने राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल प्रमाणपत्र जैसे कई फर्जी दस्तावेज बनवा रखे हैं, जिनका उपयोग वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और पहचान छिपाने में कर रहे थे।
पुलिस की आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की संभावना पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए घुसपैठ, जालसाजी, फर्जीवाड़ा, और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के नजरिए से जांच कर रही हैं। सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बांग्लादेशी नागरिकों का इस प्रकार फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में प्रवेश कर रहना न केवल कानूनी Also Read - भूपेश को बचाने वाला तांत्रिक पुलिस तंत्र से नहीं बच पाया अपराध है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद चिंताजनक है। पुलिस और प्रशासन अब इस मामले में गहराई से जांच कर रही है ताकि ऐसे नेटवर्क को तोड़ा जा सके जो इन अवैध घुसपैठियों की भारत में एंट्री और बसने की व्यवस्था करता है। चूंकि एफआईआर टिकरापारा थाने में दर्ज की गई है, इसलिए जांच की मुख्य कमान इसी थाने के पास है। थाना प्रभारी समेत अन्य जांच अधिकारी हर पहलू पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और दस्तावेजों की सत्यता की जांच के लिए दूसरे राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।
बिलासपुर। जिले में लंबे समय से अवैध शराब कारोबार की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इस बार खास रणनीति अपनाई। माफिया अक्सर पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो जाते थे, लेकिन इस बार एएसपी अर्चना झा ने स्वयं सफाईकर्मी का भेष धारण कर महिला पुलिसकर्मियों के साथ गांव में दबिश दी, जिसके बाद बड़ा खुलासा हुआ। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1000 लीटर से ज्यादा अवैध महुआ शराब बरामद की और 7 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई ताकि माफिया को किसी भी तरह की सूचना न मिले। सीसीटीवी में कैद हुए नकाबपोश चोर पहले मिलती थी शिकायत, कार्रवाई से पहले ही भाग जाते थे आरोपी पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ गांवों में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई और बेची जा रही है। लेकिन जैसे ही पुलिस दल पहुंचता, आरोपी पहले से सतर्क होकर फरार हो जाते थे। इससे पुलिस को बार-बार खाली हाथ लौटना पड़ता।
इस बार बना अलग प्लान: भेष बदलकर पहुंचीं ASP इस बार एएसपी अर्चना झा ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने सफाईकर्मी के रूप में भेष बदलकर इलाके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ महिला पुलिसकर्मियों की टीम भी थी, जो आम नागरिकों की तरह इलाके में घूमती रही। जैसे ही पुख्ता सबूत मिले, पुलिस ने एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा। जब्त शराब और कार्रवाई का विवरण 1000 लीटर से अधिक महुआ शराब जब्त 7 आरोपी मौके पर गिरफ्तार
शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ड्रम, बर्तन, भट्ठियां भी सील जंगल और खेतों के किनारे छुपाए गए मशरूमनुमा शराब निर्माण केंद्र उजागर एएसपी अर्चना झा ने क्या कहा? कार्रवाई के बाद एएसपी अर्चना झा ने मीडिया से कहा, "यह एक सुनियोजित अभियान था। लगातार शिकायतें आ रही थीं, लेकिन हर बार आरोपी फरार हो जाते थे। इस बार हमने अलग तरीका अपनाया और टीम के सहयोग से अवैध शराब कारोबारियों को रंगे हाथों पकड़ा। आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।" पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसी दबिश जारी रहेंगी और माफियाओं को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सारंगढ़ बिलाईगढ़। जल जीवन मिशन के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु रविवार को सारंगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने की। बैठक में कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे, एसडीएम प्रखर चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी रमाशंकर कश्यप, लोक निर्माण विभाग पी एल पैकरा, विद्युत पीसी महानंदा, प्रभारी अधिकारी क्रेडा शिवेंद्र सिंह सहित सभी जनपद सीईओ,
विभागीय उप अभियंता, सभी क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में रिट्रोफिटिंग, सोलर आधारित जल योजनाएं, जल स्रोत की उपलब्धता, खनन संबंधी मुद्दों और जल संरक्षण-स्रोत संवर्धन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और ठेकेदार कावेरी तेलंगाना संस्था ने जानकारी दी कि पहले 90 प्रतिशत काम हुआ था, जो मार्च में बह गया। इस पर संचालक ने खूब डांटा और सख्त निर्देश दिए कि कोई बहाना नहीं चलेगा, कार्य गुणवत्ता के साथ दिसम्बर 2025 तक सभी ठेकेदारों को सभी कार्य पूर्ण करना होगा, नहीं तो जुर्माना देना होगा। कावेरी तेलंगाना फर्म के ठेकेदार ने 5 और 25 नवंबर तक कार्य पूर्ण करने की सहमति दी।
जांजगीर-चांपा। जिले के धाराशिव गांव में शनिवार रात दो पक्षों के बीच मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें तलवार, धारदार हथियार, क्रिकेट बैट और स्टंप तक चल गए। इस हिंसक झड़प में दो लोगों को गंभीर चोटें आई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर चार आपराधिक मामले दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद, फिर दोहराया हमला
जानकारी के अनुसार, रात लगभग 7:30 बजे अभिषेक गोस्वामी और दिनेश राठौर उर्फ राजा के बीच फोन पर अश्लील गालियों को लेकर कहासुनी हुई। बात बढ़ने पर अभिषेक के परिजन और ससुराल पक्ष के लोग समझाइश देने दिनेश के घर पहुंचे, लेकिन वहां हाथापाई शुरू हो गई। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, मगर कुछ ही देर में अभिषेक अपने साथियों के साथ फिर पहुंचा और दोनों पक्षों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। तलवार और बैट से हमला, दोनों पक्षों के युवक घायल
विवाद इस बार उग्र रूप में सामने आया। चंद्रशेखर नामक युवक ने दिनेश के सिर पर तलवारनुमा हथियार से वार किया, वहीं अन्य युवकों ने क्रिकेट बैट और स्टंप से पीटा। जवाबी कार्रवाई में अभिषेक गोस्वामी के गले पर गंभीर वार किया गया। पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, गांव में भारी बल तैनात घटना की सूचना पर पुलिस महकमा एलर्ट मोड में आ गया। एसपी विजय कुमार पाण्डेय स्वयं मौके पर पहुंचे और थाना प्रभारी पामगढ़ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। धाराशिव गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध चार आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। एक पक्ष से चार और दूसरे पक्ष से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, और गश्त लगातार जारी है।
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के डीजीपी/एडीजीपी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रायपुर में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में विष्णुदेव की सरकार और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने एक रुके हुए नक्सल विरोधी अभियान को द्रुत गति से चलाया और राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव जी और विजय शर्मा जी ने नक्सलविरोधी अभियानों को न सिर्फ धार दी, बल्कि समय-समय पर इस अभियान का मार्गदर्शन किया, सुरक्षाबलों का हौंसला भी बढ़ाया और संपूर्णता के साथ इस लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्वास के साथ दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाया है और सूचना एजेंसियों ने सटीक रणनीति बनाई है, उसके आधार पर हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर भटक कर गए सभी युवाओं से हथियार डालकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें विकास यात्रा में जुड़ने का इससे अच्छा मौका नहीं मिंलेगा। श्री शाह ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस तरह वे अपने आप देश की विकास यात्रा के साथ जुड़ जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा औऱ उससे अधिक सहायता करने का प्रयास भी किया जाएगा।
रायपुर। कभी लाल आतंक से जूझने वाला छत्तीसगढ़ अब नवाचार और उद्यमिता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। नवा रायपुर में आज प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित i-Hub छत्तीसगढ़ का शुभारंभ किया गया। यह केंद्र राज्य में स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत मंच बनकर उभर रहा है। i-Hub का उद्देश्य राज्य के युवाओं को तकनीकी नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना है। यहां स्टार्टअप्स को को-वर्किंग स्पेस, प्रोटोटाइप विकास, स्टार्ट-अप पंजीकरण, कानूनी मार्गदर्शन, और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्य विशेषताएं: आधुनिक को-वर्किंग स्पेस स्टार्ट-अप के लिए मेंटरशिप और ट्रेनिंग प्रोटोटाइप निर्माण में सहयोग मार्केट एक्सेस और नेटवर्किंग आर्थिक सहायता और स्कीम्स की सुविधा यह i-Hub एक मिसाल है कि कैसे एक राज्य जो कभी विकास की मुख्यधारा से कट गया था, आज नवाचार और डिजिटल इंडिया की दिशा में अग्रसर हो रहा है। सरकार की मंशा साफ है – छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप और नवाचार का नया केंद्र बनाना, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा “छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद नहीं, नवाचार के लिए जाना जाएगा। i-Hub युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देगा, जहाँ वे अपने विचारों को साकार कर सकेंगे।” यह पहल "आत्मनिर्भर भारत" और "डिजिटल इंडिया" मिशन को गति देते हुए प्रदेश को स्टार्टअप क्रांति का नया गढ़ बना रही है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में आज से 2 दिवसीय ACE Reflect Expo 2025 की शानदार शुरुआत हुई। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया। एक्सपो का आयोजन निर्माण, वास्तुकला और डिज़ाइन जगत के उभरते आयामों को सामने लाने के उद्देश्य से किया गया है। ACE Reflect Expo 2025 में देशभर के आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिज़ाइनर्स, उद्योग विशेषज्ञ और आपूर्तिकर्ता शामिल हुए हैं। इस दौरान उन्होंने रिफ्लेक्टिव मटीरियल, ग्लास, फेसेड, स्मार्ट बिल्डिंग टेक्नोलॉजी और अन्य
निर्माण संबंधी आधुनिकतम तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा “ACE Reflect Expo जैसे आयोजन रायपुर को स्मार्ट निर्माण और डिज़ाइन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक हैं। यह न केवल उद्योग जगत को तकनीकी नवाचार से जोड़ता है, बल्कि युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए भी यह एक प्रेरणास्रोत है।”
एक्सपो की प्रमुख विशेषताएं: नवीनतम निर्माण सामग्री एवं रिफ्लेक्टिव उत्पादों का प्रदर्शन स्मार्ट फेसेड डिज़ाइन और ऊर्जा कुशल ग्लास टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट्स और डिज़ाइनर्स के लिए विशेष नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित वर्कशॉप और लाइव डेमो इस एक्सपो के माध्यम से भविष्य की इमारतों को सुरक्षित, सुंदर और स्मार्ट बनाने के लिए आधुनिक विकल्पों की दिशा में सार्थक पहल की गई है। आयोजन स्थल पर रायपुर और आसपास के वास्तुकार, इंजीनियरिंग छात्र और उद्यमी वर्ग की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी जा रही है।
जगदलपुर। भुवनेश्वर की ओर जा रही हीराखंड एक्सप्रेस एक बड़ी तकनीकी खामी के चलते बीते तीन घंटे से ओडिशा के आंबागांव स्टेशन पर खड़ी है। इस ट्रेन में कपलिंग टूटने की गंभीर समस्या सामने आई है, जिसके कारण यात्रियों की यात्रा बाधित हो गई है। उल्लेखनीय है कि यह ट्रेन एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों से लैस है, जिनमें तकनीकी मरम्मत अपेक्षाकृत अधिक जटिल होती है। क्या हुआ तकनीकी फॉल्ट? रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कपलिंग तंत्र, यानी एक कोच को दूसरे से जोड़ने वाली संरचना में टूट-फूट हो गई, जिससे ट्रेन की आगे की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। एलएचबी कोचों में कपलिंग सिस्टम अधिक उन्नत और सुरक्षा-केंद्रित होता है, मगर इसकी मरम्मत में समय अधिक लगता है, विशेषकर अगर मौके पर विशेष उपकरण और प्रशिक्षित टेक्नीशियन न हों।
मरम्मत कार्य जारी, स्थिति पर नजर जगदलपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक के.के. नायक ने बताया कि तकनीकी टीम मौके पर काम कर रही है और ट्रेन को जल्द से जल्द रवाना करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेल प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है। यात्रियों की परेशानी बढ़ी, रथ यात्रा पर असर यह ट्रेन कई श्रद्धालुओं को लेकर भुवनेश्वर की रथ यात्रा में सम्मिलित होने जा रही थी। तीन घंटे से अधिक की देरी से यात्री चिंतित हैं कि वे रथ यात्रा के शुभारंभ में शामिल नहीं हो पाएंगे। यात्रियों ने बताया कि न केवल देरी हो रही है, बल्कि ट्रेन में पानी, भोजन और पंखों की सुविधा में भी कमी है, जिससे गर्मी में हालात और बिगड़ रहे हैं। ट्रेन में फंसे यात्रियों की मुख्य समस्याएं: भीषण गर्मी में ट्रेन का रुक जाना शौचालयों की स्थिति खराब बुजुर्ग यात्रियों के लिए कोई विशेष सहायता नहीं भुवनेश्वर में समय पर पहुंचने की अनिश्चितता
सरगुजा। सरगुजा जिले में 19 जून की शाम मैनी नदी में बहे दूसरी महिला का शव रविवार को बरामद किया गया है। महिला का शव घटना स्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर मिला। एक महिला का शव शनिवार सुबह नदी के बीच चट्टानों में फंसा मिला था। लापता बच्चों का अब तक पता नहीं चल सका है। पानी कम होने के बाद रेस्क्यू में तेजी आई है। दरअसल, सीतापुर थाना क्षेत्र के ढोढ़ागांव निवासी सोमारी (45), उसकी पोती अंकिता (8), पड़ोसी महिला बीनावती (27) और उसका मासूम बेटा आयरस (3) 19 जून की दोपहर मैनी नदी पार कर जंगल में पूटू बीनने गए थे। शाम को जब वे वापस लौट रहे थे, तो जशपुर जिले में हुई बारिश के कारण मैनी नदी का जलस्तर बढ़ गया था। नदी को पार करने के दौरान चारों बह गए। शनिवार को ग्रामीणों ने सोमारी का शव बहे स्थान से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर नदी के बीच चट्टानों में फंसा देखा था। एसडीआरएफ की टीम ने उफनती मैनी नदी से सोमारी का शव रस्सी से बांधकर बाहर खींचा। वहीं, लापता बीनावती और दो बच्चों की तलाश की जा रही थी। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो भी रेस्क्यू अभियान में शामिल हुए। लापता महिला और बच्चों की तलाश के लिए जशपुर और सरगुजा एसपी से बातचीत की।
रविवार को रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रविवार शाम को बीनावती का शव बहे स्थल से करीब 3.5 किलोमीटर से 4 किलोमीटर दूर नदी में तैरता मिला। दोनों महिलाओं के साथ बहे बच्चे अंकिता (8 साल) और आयरस (3 साल) का अब तक पता नहीं चल सका है। मैनी नदी जशपुर के मैनी से निकलकर सरगुजा से होकर वापस जशपुर में जाकर ईब नदी में मिल जाती है। आशंका है कि दोनों बच्चे बहकर दूर निकल गए हैं। एसडीआरएफ और पुलिस टीमें ग्रामीणों के साथ दोनों बच्चों की तलाश में जुटी है।
तमनार के प्राथमिक शाला गुडगुड़ में दिखा सकारात्मक बदलाव
ग्रामीणों ने व्यक्त की खुशी, होगा शिक्षा में सुधार
रायपुर। शासन द्वारा शालाओं के युक्तियुक्तकरण की पहल ने एकल व शिक्षक विहीन शालाओं में नए शिक्षकों की पदस्थापना कर शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाया है। इस पहल से दूरदराज के क्षेत्रों में अब नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई फिर से गति पकड़ी है। शिक्षकों की उपस्थिति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, साथ ही पालकों के चेहरों पर बच्चों के उज्जवल भविष्य के प्रति निश्चित दिखाई दे रहे है।
युक्तियुक्तकरण के पश्चात एकल शिक्षकीय शालाओं को शिक्षक मिलने की खुशी बच्चों के साथ पालकों मे भी साफ दिखाई दे रही है। जिसका स्पष्ट उदाहरण देखने को मिला रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के प्राथमिक शाला गुडगुड़ में, जहां युक्तियुक्तकरण पश्चात एक शिक्षिका की पदस्थापना हुई है। जहां वर्तमान में 32 बच्चे स्कूल एवं 05 बच्चे बालवाड़ी में अध्ययनरत है। इस तरह कुल 37 बच्चे अध्यनरत है, लेकिन एक शिक्षक होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। एक शिक्षक द्वारा सभी कक्षाओं में समान समय देना संभव नहीं था, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। लेकिन युक्तियुक्तकरण से सुचारू रूप से सभी कक्षाएं संचालित हो रही है।
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