रायपुर। यूपीएससी मेंस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लिया गया है, जिसके तहत नगरीय प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर इसको महापौर सम्मान राशि निधि के अंतर्गत शामिल किया है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह घोषणा को यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणादायी कदम है, जो राज्य में यूपीएससी परीक्षा को लेकर प्रतिभागियों में प्रतिस्पर्धी वातावरण को बढ़ावा देगा। यूपीएससी 2024 में छत्तीसगढ़ के 5 अभ्यर्थियों की शानदार उपलब्धि संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 के अंतिम परिणाम 22 अप्रैल 2025 को घोषित किए, जिसमें छत्तीसगढ़ के पांच अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।
इन अभ्यर्थियों के नाम और उनकी रैंक इस प्रकार है - पूर्वा अग्रवाल (रायपुर) - 65वीं रैंक, अर्पण चोपड़ा (मुंगेली) - 313वीं रैंक, मानसी जैन (जगदलपुर) - 444वीं रैंक, केशव गर्ग (अंबिकापुर) - 496वीं रैंक, शची जायसवाल - 654वीं रैंक। इन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल की, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहनीय पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिभाशाली और मेहनती हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर हमारे युवाओं ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं। एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा हमारी सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो युवाओं को सिविल सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोत्साहन राशि न केवल अभ्यर्थियों की मेहनत को सम्मान देगी, बल्कि अन्य युवाओं में भी यूपीएससी की तैयारी के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करेगी। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए एक अनुकूल और प्रेरणादायी वातावरण का निर्माण हो। महापौर सम्मान राशि निधि से मिलेगी प्रोत्साहन राशि नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि नगर निगमों के तहत संचालित महापौर सम्मान राशि निधि से प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास करने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह कदम न केवल अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा। राज्य में बढ़ेगा प्रतिस्पर्धी माहौल शिक्षा विशेषज्ञों और यूपीएससी कोचिंग संस्थानों ने इस घोषणा की सराहना की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह फैसला छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। प्रोत्साहन राशि से न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि यह युवाओं को सिविल सेवाओं की ओर आकर्षित करेगा। इससे राज्य में यूपीएससी की तैयारी का स्तर और बेहतर होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस दूरदर्शी कदम से छत्तीसगढ़ में यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को नई ऊर्जा मिलेगी। एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा न केवल सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित करेगी, बल्कि अन्य युवाओं को भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी। इस पहल से छत्तीसगढ़ में सिविल सेवाओं के प्रति एक सकारात्मक और प्रतिस्पर्धी वातावरण का निर्माण होगा, जो भविष्य में और अधिक युवाओं को इस क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन में जिले भर में बाहरी राज्यों से आकर बिना सूचना दिये रह रहे व्यक्तियों की सघन जांच अभियान जारी है। इसी क्रम में आज भी विभिन्न थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया गया, जिसमें बिना थाने में सूचना दिए रह रहे कुल 41 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। थाना कोतरारोड क्षेत्र में निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पावर ग्रिड कोतरा क्षेत्र में कार्यरत बाहरी मजदूरों की जांच की गई। जांच के दौरान प्राइवेट ठेकेदार के अधीन कार्यरत 31 व्यक्ति, जो पश्चिम बंगाल के निवासी हैं, बिना थाने में सूचना दिए पाए गए। सभी पर धारा 128 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई और कड़ी समझाइश दी गई। इसी तरह चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में निरीक्षक अमित शुक्ला के नेतृत्व में ग्राम लामीदरहा, रेगड़ा और पहाड़ मंदिर में अभियान चलाया गया, जहां उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के रहने वाले 6 व्यक्ति बिना सूचना दिए फेरी का कार्य करते पाए गए। उन पर भी धारा 128 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। उधर, थाना पुसौर प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव ने अपनी टीम के साथ ग्राम ठेंगापाली में जांच की, जहां पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के दो व्यक्ति बिना सूचना दिए कबाड़ का काम करते पाए गए। दोनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। तमनार पुलिस ने ग्राम बिजना में जांच के दौरान दो ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जो बिना सूचना के रह रहे थे, उन पर भी धारा 128 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई। इसी अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा क्षेत्र अंतर्गत प्लांट एरिया में कार्यरत दीगर प्रांत के कर्मचारियों की जांच निरीक्षक राकेश मिश्रा व उनके स्टाफ द्वारा की गई। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरमार और मस्जिदपारा में भी जांच की गई, जहां हाल ही में आए बाहरी व्यक्तियों ने थाना में सूचना दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ने भी बाहरी व्यक्तियों को अवैधानिक गतिविधियों से दूर रहने की सख्त समझाइश देते हुए चेतावनी दी कि यदि कोई शिकायत पाई गई तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। राजधानी में सोमवार दोपहर बाद 40-50 किमी की रफ्तार वाली आंधी के चलते जीई रोड पर आमानाका ओवरब्रिज पर लगे तीन बिजली खंभे गिर गए। इस घटना में इस हाईवे से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खंभे गिरने से सड़क पर अफरा-तफरी मची रही।और यातायात भी बाधित रहा। कोई जन हानि नहीं हुई स्थानीय लोगों ने बताया कि ओवरब्रिज पर लगे कई खंभे जंग खा रहे हैं, जो उनकी कमजोरी का संकेत है। घटना की सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम ने गिरे हुए खंभों को हटाने और यातायात व्यवस्था को बहाल किया। इस घटना ने आने वाले बारिश के दिनों के लिए निगम और प्रशासन के लिए नई समस्या और काम सामने ला दिया है । इस इलाके की तरह पूरे शहर में भी पुराने सड़े जंग लग चुके सैकड़ो स्ट्रीट लाइट के खंभे हैं जिन पर भी ऐसा ही खतरा बना रहेगा । निगम आयुक्त ने बारिश पूर्व बड़े बड़े होर्डिंग के स्ट्रक्चर की मजबूती के लिए निर्देगिए हैं अब उन्हें इन पर कार्रवाई करनी होगी।
रायपुर। आईजी अमरेश कुमार मिश्रा द्वारा रेंज के समस्त जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य अधिकारियों की बैठक ली गई। बैठक में लाल उमेंद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर, आशुतोष सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महासमुंद, भावना गुप्ता, पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार, सूरज सिंह परिहार, पुलिस अधीक्षक धमतरी, निखिल राखेचा, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, जितेन्द्र चंद्राकर अति0 पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, एवं शैलेन्द्र पाण्डेय अति0 पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) धमतरी शामिल रहे । बैठक में नवीन आपराधिक कानून के तहत समस्त अनिवार्य प्रावधानों का पालन करने, तकनीकी दक्षता विकसित करने तथा कौशलपूर्ण तरीके से विवेचना करने के निर्देश दिये गये। इसी तारतम्य में निहित प्रावधानों का आवश्यकतानुसार समुचित प्रयोग कर संगठित अपराध, अपराध से अर्जित की गई संपत्ति की जप्ती एवं Victim Compensation प्रदान करवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये। विवेचना अधिकारी की सहायता हेतु निर्मित ई-साक्ष्य एवं आई-ओ मितान पोर्टल का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एक वर्ष से अधिक अवधि के लंबित अपराधों की समीक्षा कर चरणबद्ध तरीके से शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में financial investigation कर संपत्ति जप्ती, कुर्की, वाहन राजसात, नीलामी, PIT NDPS की कार्यवाही करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिला धमतरी एवं गरियाबंद में UA(P)A के लंबित प्रकरण की समीक्षा कर समय सीमा निर्धारित कर निराकरण करने तथा न्यायालय में ट्रायल की मॉनिटरिंग के समुचित निर्देश दिये गये। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई तथा प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिये गये। जिलों में सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये गये। इस हेतु मोटरयान अधिनियम का पालन न करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं अवैध पार्किंग, मालवाहक वाहन में सवारी बिठाने वाले वाहन मालिकों/चालकों के विरूद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर बाउण्ड ओवर की कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिये गये। साथ ही ढ़ाबों में शराब पिलाने वाले संचालकों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर बाउण्ड ओव्हर कराने के निर्देश दिये गये।
नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस की विरोध रैली के दौरान गुस्से में एक पुलिस अधिकारी को मंच पर बुलाया और उस पर हाथ उठाने का इशारा किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की विरोध रैली में संबोधन के दौरान कुछ महिलाओं ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और काला कपड़ा लहराया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य सरकार के समर्थन में नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई।
2 करोड़ की सहायता और सड़क नामकरण की रखी मांग
रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया सहित 25 से अधिक निर्दोष सैलानियों की जान चली गई। इस हमले के विरोध में सोमवार को रविभवन व्यापारी संघ ने सभी दुकानों को सांकेतिक रूप से सुबह से दोपहर 1 बजे तक बंद रखा और आतंकवाद के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
रविभवन क्षेत्र की सभी दुकानें बंद रहीं। बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हुए और दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। व्यापारी संघ के अध्यक्ष जय नानवानी ने बताया कि दिनेश मिरानिया परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से पूरा व्यापारी समाज शोकाकुल है। सभी व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि दिनेश मिरानिया के परिवार को 2 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाए ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो सके।
आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग
जय नानवानी ने कहा कि यह हमला सिर्फ व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरे देश पर हमला है। उन्होंने सरकार से आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग करते हुए कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम युद्ध के लिए भी तैयार हैं। हम सरकार के हर निर्णय में उसके साथ हैं।”
सड़क या चौराहे का नाम दिनेश मिरानिया के नाम पर रखने की मांग
व्यापारी नेता योगेश अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है, जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया है कि रायपुर शहर में किसी एक सड़क या चौराहे का नाम दिनेश मिरानिया के नाम पर रखा जाएगा। 13वीं पूजा के बाद परिवार और समाज के लोग बैठकर इस पर चर्चा करेंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे। साथ ही 2 करोड़ रुपए की सहायता राशि के लिए भी जोर दिया जाएगा।
योगेश अग्रवाल ने कहा, “आज रविभवन क्षेत्र ने एकजुटता दिखाते हुए दोपहर 1 बजे तक पूरा व्यवसाय बंद रखा। हम सब ने दिनेश मिरानिया सहित सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। यह सभी के लिए दुख की घड़ी है। हम चाहते हैं कि सरकार आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा दे।”
व्यापारियों ने एकजुट होकर जताया आक्रोश
रविभवन व्यापारी संघ द्वारा आयोजित इस सांकेतिक बंद में व्यापारियों ने न केवल अपनी दुकानों को बंद रखा, बल्कि दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। सभी व्यापारियों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि इस तरह के कायराना हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।
बीजापुर। जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ का आज छठा दिन है. इस बीच आज सुबह सीआरपीएफ कोबरा बटालियन का एक जवान आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा कर्रेगुट्टा के पास जोला ग्राम में हुआ. जवान के बाएं पैर में गंभीर चोटें आई हैं. प्राथमिक उपचार के बाद जवान को बीजापुर जिला अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए चॉपर के माध्यम से भेजा गया है. घायल जवान का नाम मुंसिफ खान है. बता दें कि मुठभेड़ के छठे दिन भी दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि नक्सलियों पर हेलीकॉप्टर से बमबारी की जा रही है. इस ऑपरेशन में 10,000 से 12,000 जवानों ने बड़ी संख्या में नक्सलियों को घेर रखा है, जिसमें 1500 नक्सलियों के साथ बड़े कैडर के नक्सली नेता भी शामिल हैं.
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां एक ऐसा स्थान भी है जो करोड़ों साल पहले के पृथ्वी के इतिहास को दर्शाता है। यह स्थान है गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क, जो मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित है। आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने इस अनूठे फॉसिल पार्क में जुरासिक रॉक गार्डन का उद्घाटन किया। यह पार्क छत्तीसगढ़ का पहला जुरासिक रॉक गार्डन है और एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म पार्क है। गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क जिस स्थान पर है वहां करीब 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्म मिले हैं। भारत में ऐसे जीवाश्म केवल चार अन्य स्थानों – सुबांसुरी (अरुणाचल प्रदेश), राजहरा (झारखंड), दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) और खेमगांव (सिक्किम) में पाए जाते हैं। गोंडवाना फॉसिल पार्क इन सभी में सबसे बड़ा और पुराना है। हसदेव नदी के किनारे लगभग 1 किमी के क्षेत्र में जीवों के जीवाश्म फैले हुए हैं। इसे राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा भी प्राप्त है। इस स्थान की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एसके घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी।
रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों से यात्रा पर गए 55 यात्री आज वापस लौट आए हैं. इन यात्रियों ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर अपने परिजनों से मिलकर राहत की सांस ली. वे सभी ममता ट्रेवल्स के साथ जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे. यात्रा के दौरान पहलगाम में आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद सभी पर्यटक वहीं रुक गए थे और अब अपनी यात्रा पूरी कर वे रायपुर लौटे हैं. इन सभी यात्रियों में रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर जिले के लोग शामिल थे. ये सभी लोग जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे. इस दौरान पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जानकारी उन्हें मिल गई, जिसके बाद पहलगाम और उसके आसपास क्षेत्र में सभी पर्यटक रुके रहे. वहां घूमने गए पर्यटक लगातार वापस लौटने की मांग कर रहे थे.
- महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रहीं मुख्य अतिथि
रायपुर। रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में आज महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राजवाड़े ने कहा, बच्चों के अधिकारों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। संबंधित विभाग समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लें ताकि जो बच्चे बाल सुधार गृह तथा अन्य स्थानों पर हैं वह पुन: अपराध न करें। राजवाड़े ने सभी को बाल विवाह रोकने शपथ भी दिलाई और बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाल विवाह में गिरावट आ रही है जिसे सबके सहयोग से हमें शून्य तक ले जाना है। कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत विधि से संघर्षरत बच्चों एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत बालकों के प्रति अपराधों की रोकथाम और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बाल शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री साय ने दिए राजस्व न्यायालय का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य रूप करने निर्देश, कहा-
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने फौती-नामांतरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विधिक वारिसान के पक्ष में फौती नामांतरण समय पर सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा में नामांतरण न होने पर संबंधित पटवारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही में विलंब न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का सीधा संबंध आम जनता से है, अत: मैदानी अमले की लापरवाही शासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने और सभी आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेशी की तिथि बढ़ाने से बचें :
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालय का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य रूप से किया जाए और दो पेशी में ही प्रकरणों का निराकरण हो। अति आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पेशी की तिथि बढ़ाने से बचा जाए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डायवर्सन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने अविवादित नामांतरण और बंटवारे के मामलों में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजस्व, कृषि, खाद्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों की संयुक्त टीम गठित कर भूमि और फसल से संबंधित सटीक जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए।
नियमानुसार जमीन की खरीद-बिक्री सुनिश्चित हो:
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जमीन की खरीदी-बिक्री सुनिश्चित की जाए। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर भू-धारकों को शीघ्र राहत प्रदान करें। आम नागरिकों को न्याय और सुविधा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजनांदगांव - शिक्षा एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा के जिला प्रभारी युवा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले से निर्दोष लोगों की जान जाने से आहत होकर कहा कि अब समय आ गया है ,, न रहेगा बांस ,, न बजेगी बंशी की तर्ज पर आतंकवाद के प्रायोजक पाकिस्तान को जड़- मुल से खत्म कर ही दिया जाए।
श्री अग्रहरि ने आगे कहा कि बहुत पहले देश के प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने कहा था कि पाकिस्तान को उनकी औकात दिखाने के लिए सिर्फ सिंधु नदी के पानी को रोक देने की जरूरत है,, बिन पानी मछली की तरह तड़प - तड़प कर मर जाएंगे, यह कार्य वोट बैंक की लालच में कांग्रेस की पिछली सरकारों द्वारा नहीं किया जा सका था। इस ब्रह्मास्त्र का प्रयोग देश के जांबाज प्रधानमंत्री मोदी जी ने कर दिखाया है।
श्री अग्रहरि ने कहा कि लोगों ने बहुत ढोल पीट लिए कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, पहलगाम में धर्म पूछ - पुछ कर निर्दोष हिदुओं को मौत के घाट उतारने वाले एक धर्म विशेष के आतंकवादियो द्वारा कलमा पढ़ने कहे जाने से पता चल गया कि आतंकवाद का धर्म होता है, और ज्यादातर इस तरह के कायराना हरकत करने वाले लोग एक धर्म विशेष के ही होते हैं। इन धर्म विशेष के आतंकवादियों को वित्त पोषण से लेकर आधुनिक हथियार मुहैया कराने व पालन पोषण करने वाला जग - जाहिर नाम पाकिस्तान है। अतः हमारे निर्दोष हिंदू भाइयों को धर्म के नाम पर गोलियों से भून कर हत्या कर देने वाले आतंकियों के आका पाकिस्तान की जड़ो में मत चूको चौहान की तरह मठा डाल ही दिया जाना चाहिए। कंगाल हो चुके पाकिस्तान के ताबूत में अब आख़िर कील ठोकने की जरूरत है। जिसके बाद वह कभी सिर उठा कर देखने के लायक नहीं रहेगा।
दौलतपुर चौक। जम्मू-कश्मीर के पहलगांव में हाल ही में हुए बर्बर आतंकी हमले, जिसमें लगभग 26 निर्दोष सैलानियों की निर्मम हत्या की गई, ने संपूर्ण देश को शोक और आक्रोश में डूबो दिया है। इस अमानवीय कृत्य के विरोध में शांति कॉलेज ऑफ एजुकेशन कैलाश नगर (नकड़ोह) के छात्र-छात्राओं ने एक विशाल रोष रैली का आयोजन किया। जिसमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया गया। यह रैली कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर गोंदपुर बनेहड़ा बाजार तक निकाली गई। रास्ते भर छात्रों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद हटाओ देश बचाओ जैसे नारों से वातावरण को गुंजायमान कर बाजार क्षेत्र में पहुंचकर आक्रोशित छात्रों ने पाकिस्तान सरकार का पुतला दहन कर इस कायराना हमले के प्रति अपना गुस्सा प्रकट किया। रैली का नेतृत्व कॉलेज के अध्यक्ष चंदन लाल शर्मा और वाइस चेयरमैन आनंद शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी वेद प्रकाश पराशर, प्रधानाचार्य डॉ. प्रवेश कुमार सूद, वाइस प्रिंसिपल डॉ. सुशील डडवाल सहित शिक्षकगण इशू मेहता, सपना, अनुपमा, वंदना, राजेंद्र, नेहा, सोनिका व मीना कुमारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह इंसानियत के खिलाफ एक कृत्य है।
रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के द्वारा आबकारी अधिनियम के तहत् कई वर्षो से जप्त शराब के विधिवत् नष्टीकरण संबंधी दिये गये निर्देश के परिपालन में उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में जिला रायपुर के सभी 32 थानों में वर्षो से जप्त कर रखे हुये थे। जिसमें 3585 आबकारी अधिनियम के प्रकरणों में 12582 लीटर देशी शराब, 5583 लीटर विदेशी शराब, 88 लीटर महुआ शराब, 427 लीटर बियर, कुल 18804 लीटर कीमती लगभग एक करोड़ बीस लाख रूपये के शराब का आबकारी अधिनियम में निहित प्रावधान के अंतर्गत जिला कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी के द्वारा गठित समिति जिसमें अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी देवेन्द्र पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर, उपायुक्त आबकारी जिला रायपुर रामकृष्ण मिश्रा, नगर पुलिस अधीीक अमन रमन झा, निरीक्षक नरेन्द्र मिश्रा थाना तेलीबांधा, निरीक्षक विनय बघेल थाना टिकरापारा, निरीक्षक भावेश गौतम थाना माना जिला रायपुर की उपस्थिति में थाना माना परिसर में विधिवत् नष्टीकरण किया गया।
रायपुर। राजधानी के केंद्रीय जेल में एक कैदी ने आत्म हत्या कर ली है। कैदी का नाम ओमप्रकाश बताया गया है। इसने अपने बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी । इस घटना ने एक बार फिर जेल की भीतरी सुरक्षा व्यवस्था निगरानी की पोल खोल दी है। जेल प्रशासन जांच कर रहा है।
रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण में हुई गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण विभाग (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरमीत खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को आज को ACB/EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने सभी आरोपियों को EOW को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार 25 अप्रैल को EOW ने नया रायपुर, अभनपुर, दुर्ग-भिलाई, आरंग, और बिलासपुर समेत कई जिलों में 16 स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए थे, जो जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। EOW की टीम मामले की गहन जांच कर रही है और सूत्रों के मुताबिक आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिलासपुर । गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) के एनएसएस कैंप में जबरन नमाज पढ़वाने के मामले में अब बड़ी कार्रवाई की गई है। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद कोनी थाना पहुंचकर इस मामले की जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया और तत्काल सख्त कदम उठाते हुए एनएसएस प्रभारी प्रो. दिलीप झा सहित अन्य कार्यक्रम अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक चले एनएसएस कैंप में कुल 159 छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से केवल 4 छात्र मुस्लिम समुदाय से थे। आरोप है कि 30 मार्च को ईद के दिन छात्रों से जबरन नमाज पढ़वाई गई थी। इस घटना के विरोध में एबीवीपी और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एनएसएस समन्वयक दिलीप झा को पद से हटाकर उनके स्थान पर प्रोफेसर राजेंद्र कुमार मेहता को नियुक्त कर दिया था और 12 कार्यक्रम अधिकारियों को भी पद से हटा दिया गया था। अब पुलिस भी इस मामले में सक्रिय हो गई है और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उसूर इलाके में फोर्स ने दो दिन पहले करेर्गुट्टा पहाड़ी को घेर रखा है
बीजापुर। जिले के उसूर इलाके में फोर्स ने दो दिन पहले करेर्गुट्टा पहाड़ी पर टॉप नक्सल लीडर के जमावड़े की सूचना पर एक बड़ा आॅपरेशन लांच किया है। सबसे बड़े आॅपरेशन के दौरान 40 से ज्यादा जवान डिहाइड्रेशन का शिकार हो गए हैं। पीड़ित जवानों को सेना के हेलिकॉप्टर से तेलंगाना के भद्राचलम के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि जवान पिछले चार दिनों से भीषण गर्मी में नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह इस साल की अब तक सबसे बड़ी मुठभेड़ होने वाली है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि 70 वर्ग किमी की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। कहा जा रहा है कि उनके पास पहाड़ पर बने रहने के लिए सीमित राशन है और फोर्स के पास लगातार हेलीकॉप्टर से रसद पहुंचाई जा रही है। इससे स्पष्ट है कि फोर्स यहां निर्णायक लड़ाई की तैयारी के साथ डटी हुई है। गुरुवार शाम तक बीजापुर एसपी ने इस मुठभेड़ में तीन महिला नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि भी कर दी है। वहीं एक जवान भी घायल हुआ है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 2000 लोग पाकिस्तान से आए हैं, जिनमें से 1800 अकेले रायपुर में रह रहे हैं. इनमें 95% सिंधी समाज के लोग हैं, जबकि शेष मुस्लिम हैं. पुलिस अब इनके वीजा और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक तय समय सीमा से अधिक समय तक भारत में न रहे. रायपुर के सड्डू, महावीरनगर, बोरियाकला, और माना रोड जैसे इलाकों में इन लोगों ने अपने घर बना लिए हैं. अब पुलिस और प्रशासन नए सिरे से इनकी सूची तैयार कर रहा है, ताकि उनकी नागरिकता और वीजा स्थिति का सत्यापन किया जा सके. जिन्हें अभी नागरिकता नहीं मिली, उनकी पहचान भी की जा रही है.
बिलासपुर। आग लगने की दो अलग- अलग घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। पहली घटना व्यापार विहार की है। जहां सुबह भावेश ट्रेडर्स एंड इंड्रस्ट्रीज के ड्रायफ्रूट की दुकान व गोदाम में भीषण आग लग गई। तेजी से फैली आग ने पूरे दुकान और गोदाम को अपने चपेट में ले लिया। दमकल की मदद से कड़े मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। घटना में शॉर्ट सर्किट से आग लगने और लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी घटना महाराणा प्रताप चौक क्षेत्र की है। जहां दोपहर को प्लेटिनम बार में आग लगने की सूचना सामने आई। यहां बार के बाहर में बने बड़े शेड में भीषण आग लग गई। जिससे बार का शेड जलकर खाक हो गया। दमकल की टीम ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है बार के शेड के बगल में कचरा जलाने के कारण यहां आग फैली। घटना में लाखों के नुकसान की बात कही जा रही है।
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