दंतेवाड़ा : करीब डेढ़ साल पहले विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जगदलपुर के एनआईए कोर्ट में चार्जशिट फाइल की है । चार्जशीट में बताया गया है कि 33 आरोपियों में 6 आरोपी अभी तक गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 5 की मौत हो गई है और 22 अभी भी फरार हैं । गिरफ्तार आरोपियों में दंतेवाड़ा निवासी मडका राम ताती, भीम राम ताती उर्फ भीम ताती, लिंग ताती उर्फ कुमारी लिंग ताती, लक्ष्मण जायसवाल उर्फ लक्ष्मण साओ, रमेश कुमार कश्यप उर्फ रमेश हेमला और हरिपाल सिंह चौहान शामिल है। इन पर नक्सलियों को आश्रय, भोजन, लॉजिस्टिक सहायता, बिजली के तार और स्टील के कंटेनर उपलब्ध कराने का आरोप है।
रायपुर : मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रायपुर स्थित दफ्तर में हुई सर्वदलीय बैठक में आज हंगामा हो गया। बैठक में कांग्रेस, भाजपा और जनता कांग्रेस के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देने को लेकर बुलाई गई थी । बीच बैठक में अमित जोगी ने तेज आवाज में कहा कि गौरेला, पेंड्रा, मरवाही के कलेक्टर डोमन सिंह कांग्रेस के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। वो कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें वहां से हटा देना चाहिए। भाजपा ने भी इस मामले में आपत्ति दर्ज करवाई। कांग्रेस की तरफ से इस मामले में कहा गया कि जांच के बाद फैसला लिया जाए। बैठक के बाद बाहर आकर जनता कांग्रेस प्रमुख अमित जोगी ने कहा कि वहां 90 हजार साड़ियां पकड़ी गईं, वो भी राजनीतिक दल के लोगों के ठिकानों से, मगर रिपोर्ट अज्ञात लोगों के नाम पर दर्ज हुई। यहां दूसरे आईएएस अधिकारी को लाया जाना चाहिए और सेंट्रल फोर्स की तैनाती होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस भी कांग्रेस के पक्ष में काम कर रही है।
रायपुर : प्रदेश में रेत माफियाओं द्वारा प्रतिनिधियों और पत्रकारों पर हो रहे हमले व छत्तीसगढ़ पत्रकार कल्याण सुरक्षा कानून लागू करने सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने 2 अक्टूबर से अनिश्चित कालीन आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के सह संयोजक व किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शत्रुहन साहू बूढा तालाब स्थित धरना स्थल पर अपने साथियों के साथ अंशन पर बैठेंगे। श्री साहू ने पत्रकारवार्ता में बताया कि आंदोलन को लेकर 7 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें पार्टी के प्रदेश सह संगठन मंत्री सूरज उपाध्याय की अध्यक्षता में यह आंदोलन किया जायेगा।
रायगढ़ : जिले के खरसिया इलाके छाल रोड़ के भालूनारा के करीब तेज रफ्तार ट्रक ने पिकअप गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इससे विद्युत मंडल के 2 जूनियर इंजीनियर सहित 4 लोगों की मौत हो गई। घटना बुधवार की रात की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पिकअब सवाल विद्युत विभाग के कर्मियों को करीब 3 घंटे तक किसी तरह की मदद नहीं मिल पाई और वे पिकअप में ही फंसे रह गए, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि छाल में बेरहामार और देहजरी इलाके में हाथियों की आवाजाही की सूचना पर बिजली सप्लाई बंद की गई थी। देर रात सप्लाई को बहाल कर चंद्रपुर निवासी जेई सुशील सिदार (42), कोरबा निवासी जेई अमल एक्का 30 वर्ष, परस्कोल, खरसिया निवासी लाइनमैन राजेंद्र सिदार (43) और पुरानी बस्ती खरसिया निवासी चालक भार्गव वैष्णव (28) पिकअप से लौट रहे थे। विद्युत अमला रात करीब 9.30 बजे छाल रोड के भालूनारा के नजदीक पहुंचा ही था कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नई पिकअप के परखच्चे उड़ गए। हादसे क बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। करीब 3 घंटे बाद रात 12.30 बजे घटना का पता चला। इसके बाद किसी तरह पिकअप सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया।
रायपुर : रायपुर राजधानी में सरकारी चावल की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। शासकीय उचित मूल्य की दुकान को आवंटित चावल को अधिक मुनाफा कमाने के लिए किराना स्टोर्स से बेचा जा रहा था। स्थानीय पार्षद की शिकायत पर आज खाद्य अधिकारी रीना साहू ने दबिश देकर इस मुनाफाखोरी का भंडाफोड़ किया है। मौके पर एक पिकअप में 50 किलो चावल की 104 कट्टा बरामद किया गया है। बताया जाता है कि टिकरापारा इलाके के कैलाशपुरी में संचालित दुर्गा ग्रेन्स में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के लिए आवंटित चावल की जमाखोरी सामने आई है। इस पूरे मामले में खाद्य अधिकारी रीना साहू ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजेश साहू उचित मूल्य की दुकान का संचालन करता है। इसके साथ ही दुर्गा किराना दुकान का भी संचालन करता है। जानकारी के अनुसार राजेश साहू और उनके पुत्र प्रसून साहू उचित मूल्य की दुकान में बिकने वाले चावल को राशन दुकानों में बिकने वाले चावल की बोरियों में भर कर बाहर सप्लाई करता है। इस बात की शिकायत लगातार मिल रही है थी, आज वार्ड पार्षद मनोज वर्मा और उनके साथियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चलने वाले गाड़ी में चावल बोरी भरकर सप्लाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। जिसकी जानकारी खाद्य विभाग को दी गई, मौके पर पहुँचे खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दुकान का जांच किया साथ ही संचालक से बातचीत की गई। इस दौरान उचित मूल्य की दुकान में बेचने वाले चावल और बाहर सप्लाई किये जाने वाले चावल एक ही पाया गया जिसके चलते कालाबाजारी का खुलासा हुआ है।
अंबिकापुर : फर्जी तरीके से दवाई दुकान और क्लीनिक संचालित करने वाले 12 वीं पास कथित डॉक्टर के खिलाफ जिला प्रशासन ने कारवाई की है। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम बरतीकला में एक युवक डॉक्टर बन गया था। वाड्रफनगर एसडीएम विशाल महाराणा के नेतृत्व में स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीम जब दवा दुकान पहुंची तो संचालक निहार मलिक द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। दवा दुकान के पीछे एसडीएम के साथ कर्मचारी पहुंचे तो पता चला कि यहां चार बेड का एक नर्सिंग होम भी संचालन किया जा रहा है। विकासखंड में बिना डिग्री और डिप्लोमा के मेडिकल स्टोर तथा क्लीनिक संचालन की सामने आ रही शिकायतों के मद्देनजर एसडीएम विशाल महाराणा, नायब तहसीलदार विनीत सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को साथ लेकर ग्राम बरतीकला स्थित दीप मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। इस दवा दुकान के संचालन को लेकर लगातार शिकायत सामने आ रही थी। जब टीम के सदस्य वहां पहुंचे तो संचालक निहार मलिक मिला। दवा दुकान संचालन को लेकर दस्तावेज प्रस्तुत करने आदेशित करने पर संचालक हड़बड़ा गया। उसके पास किसी भी फार्मासिस्ट का लाइसेंस नहीं था। दस्तावेज के नाम पर खुद का 12वीं पास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जिसमें गलत तरीके से डॉक्टर भी लिखा हुआ था। मेडिकल स्टोर के पीछे एक-दो लोगों की आवाजाही होता देख टीम के सदस्य जब वहां पहुंचे तो नजारा देखकर अवाक रह गए। एक कमरे में चार बेड लगा हुआ था। दवाइयां रखी हुई थी। एक महिला को भर्ती किया गया था। पूछताछ करने पर पता चला कि महिला को बुखार है। उसे टाइफाइड से पीड़ित बता कर निहार मलिक द्वारा उपचार किया जा रहा था। क्लीनिक में कई ऐसी दवाइयां रखी गई थी जिसका सामान्य तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपयोग करने से बचते हैं। हाई एंटीबायोटिक सहित अन्य साइड इफेक्ट वाली दवाइयों का उपयोग कर उपचार करने की जानकारी सामने आई। मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालन नियम विरुद्ध तरीके से पाए जाने के कारण उसे सील कर दिया गया है।
रायपुर : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि अध्यादेश के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के साथ राज्य सरकार ने रैली निकालकर राजभवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अगुवाई में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से पैदल मार्च निकला, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता नारे बाजी करते राजभवन पहुंचे। चूंकि राज्यपाल से मिलने का समय दोपहर 2 बजे का था और कांग्रेस के लोग घंटा भर पहले ही ज्ञापन सौंपने पहुँच गए। लिहाजा पीसीसी चीफ मोहन मरकाम धरने पर बैठ गए। घंटे भर से ज्यादा अंतराल के कारण कर्यकार्ता इधर उधर घूमने लग गए। 2 बजे के बाद श्री मरकाम के नेतृत्व में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भले शामिल नहीं हुए, लेकिन उनके मंत्रिमंडल के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत सहित सांसद और महापौर के अलावा कांग्रेस के नेतागण मौजूद रहे।
रायपुर : निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ के मरवाही में उपचुनाव की तारीख घोषित कर दी है। 3 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया गया है। सभी जगह 3 नवंबर को मतदान का निर्णय लिया गया है । 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। वहीं इस चुनाव के परिणाम 10 नवंबर को आएगा।
रायपुर : निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ के मरवाही में उपचुनाव की तारीख घोषित कर दी है। 3 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया गया है। सभी जगह 3 नवंबर को मतदान का निर्णय लिया गया है। 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है, वहीं इस चुनाव के परिणाम 10 नवंबर को आएगा।
भिलाई : इस्पात नगरी भिलाई के वैशाली नगर इलाके में एक युवती ने खुदकुशी कर ली। घटना शनिवार और रविवार की रात की है। उसके खुदकुशी करने का कारण पता नहीं चला है। जान देने से पहले युवती ने अपने मोबाइल से सभी डेटा को डिलीट कर दिया था। युवती कंपनी सेकेट्री (CS) की स्टूडेंट थी। उसका नाम रिया त्रिपाठी था। उसके पिता संजय त्रिपाठी बीएसपी के कर्मचारी है। बताया गया कि रात को सभी लोग भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरे में चले गए थे। युवती भी सोने चली गई। दोपहर बाद उसके कमरे के दरवाजे का लॉक तोड़कर अंदर गए तो देखा रिया जमीन पर पड़ी मिली। उसके सिर से खून बह रहा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरूआती जांच में पाया कि युवती ने पहले दुपट्टे से फांसी लगाने की कोशिश की मगर जमीन पर गिरने से उसके सिर में चोट आई। मोबाइल का डेटा रीकवर करने की कोशिश की जा रही है ताकि इस खुदकुशी के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।
बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया में बैलाडीला पहाड़ी के बीच जंगल में सोमवार सुबह हुए पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए हैं। इनमें से एक नक्सली का शव जवानों ने बरामद किया है। शव के पास से ही हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुआ है। बताया जाता है कि तीन दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसमें डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। सर्चिंग के दौरान गंगालूर थाना क्षेत्र के पीडिया में बैलाडीला पहाड़ी के बीच जंगलों में नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। तीन दिन अलग-अलग स्थानों पर चली इस मुठभेड़ के दौरान जवानों ने चार नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान जवानों ने नक्सलियों के कैंप को भी ध्वस्त किया है। वहीं मारे गए नक्सली के शव के पास से एक राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एसपी कमल लोचन कश्यप ने एक ही नक्सली के मारे जाने की पुष्टि की है। वहीं ग्रामीणों की माने तो चार नक्सली मारे गए, बाकी तीन शवों को उनके साथी उठाकर भाग निकले हैं।
रायपुर : कलक्ट्रोरेट में आयोजित प्रभरी मंत्री रविंद्र चौबे, जिला कलेक्टर सहित अला अधिकारियों की बैठक में निर्णय हुआ है कि लॉक डाउन अब और न बढ़ाया जाये, बल्कि सभी दुकानों को खुलने की छूट दे दी जाये। बता दें इस खबर की पुष्टि कृषि मंत्री और रायपुर प्रभारी मंत्री रविंद्र चौबे ने करते हुए कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लॉक डाउन में अब राहत देने का निर्णय लिया गया है। आपको बता दें जिला प्रशासन ने राहत देते हुए सभी दुकानों को पूरे समय खुलने की छूट दे दी है। लेकिन सभी जगहों पर शासन की गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।
जांजगीर : जिले में 2 दिनों पूर्व हुई नगर सैनिक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है । हत्या का मुख्य सूत्रधार साथी नगर सैनिक ही निकला। ब्याज के पैसों को लेकर दोनों नगर सैनिक में विवाद था। इसी के चलते घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी नगर सैनिक के अलावा उसके पुत्र और 2 नाबालिग समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हत्या कांड में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। पुलिस को संतोष मधुकर नामक नगर सैनिक पर शक था। इसने करीब 3 लाख रुपए रज्जू से ले रखे थे। जब पुलिस ने इसे पकड़ा तो उसने बताया कि ब्याज के पैसों को लेकर विवाद हो गया था। संतोष की पत्नी बीमार थी तो वह पैसे नहीं दे पाया, रज्जू तिवारी इससे बदसलूकी किया करता था। इसी से तंग आकर इसने अपने बेटे जयप्रकाश और उसके दोस्त मनीष शास्त्री, सुनील पंकज और नाबालिगों के साथ हत्या की योजना बना डाली। घटना के दिन आरोपियों ने रज्जू का पीछा किया और एक सुनसान मोड़ पर उसे रोककर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बता दे कि दो दिन पहले 54 साल के अमोरा निवासी रज्जू तिवारी (होमगार्ड) घर जाने के लिए नवागढ़ थाने से निकले थे। होमगार्ड जांजगीर से लॉकडाउन के कारण ड्यूटी के लिए उन्हें तीन-चार दिन पहले ही नवागढ़ थाना भेजा गया था। गुरुवार को उनकी ड्यूटी चेक पाॅइंट पर लगाई गई थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्होंने थाना के बैरक में अपनी वर्दी उतारी और अपने कपड़े पहनकर, बाइक से अमोरा जाने के लिए रात 8 बजे के बाद निकले। रात लगभग 10 बजे के आस-पास आरोपियों ने चाकू से गला रेत कर रज्जू की हत्या कर दी और भाग गए थे।
राजनांदगांव : खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह के खिलाफ राजनांदगांव जिले के कांग्रेसियों का गुस्सा फूट पड़ा है। जिले के मोहला, मानपुर, चौकी, खैरागढ़, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ व राजनांदगांव ब्लॉक के सोमनी में देवव्रत सिंह का पुतला फूंका जा रहा है। जिले में जोगी कांग्रेस के एक मात्र विधायक देवव्रत सिंह के खिलाफ जिले भर के कांग्रेसियों का गुस्सा तब फूटा जब गंडई के सभी 7 कांग्रेसी पार्षदों ने त्यागपत्र दे दिया। गड़ाई नगर पंचायत में भाजपा का कब्जा है। आरोप है कि क्षेत्र के विधायक होने के नाते वहां देवव्रत का खूब हस्तक्षेप रहता है। कांग्रेस के पार्षदों को विकास संबंधी सभी तरह के कार्य से वंचित रखा जा रहा था। लिहाजा पार्षद अपने वार्ड में काम नहीं करवा पा रहे थे। इस बारे में उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी को भी अवगत कराया था। आखिरकार देवव्रत के हस्तक्षेप से तंग आकर सभी कांग्रेसी पार्षदों ने अपने पद से स्तीफा दे दिया। पार्षदों के स्तीफा देने से इधर जिले भर में देवव्रत के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। हर ब्लॉक में प्रदर्शन और पुतला दहन कर विरोध जताया जा रहा है।
रायपुर : आरंग इलाके के ग्राम समोदा के कोटवार ने अपने ही गांव के दो ऐसे युवकों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखाई है जो कोरोना संक्रमित होने के बाद भी गांव में खुले आम बिना मास्क लगाए घूम रहे थे । कोटवार ने जब उन्हें रोका टोका तो संक्रमित युवकों ने उन्हें ही धमका दिया और यह मामला थाने तक आ पहुंचा। बता दे कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बीती रात से 1 लाख के पार हो चुकी है। मगर अब भी लापरवाही जारी है। इसका ताजा उदाहरण आरंग का यह मामला है। आरंग पुलिस के मुताबिक कोरोना संक्रमित दो युवकों की जानकारी गांव के कोटवार रवि पात्रे के पास थी। उसने दोनों को गली में घूमते देखा। रवि ने दूर से ही युवकों को घर जाने और मास्क पहनने को कहा, तो पॉजीटिव युवकों ने उसे ही धमका दिया। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। पॉजीटिव युवकों को कोविड सेंटर ले जाने की तैयारी है। इधर रायपुर के शहरी इलाके में राजेंद्र नगर में सुशांत गजेंद्र नाम के युवक पर लॉकडाउन उल्लंघन करने का केस दर्ज किया गया है।
सड़क चिरचारी : छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के ग्राम सड़क चिरचारी के करीब फत्तेगंज चारभांठा के जंगल से रेत माफिया काफी दिनों से अवैध रूप से रेत का खनन करवा रहा है। जंगल का यह क्षेत्र वन मंडल खैरागढ़ के परिक्षेत्र में आता है। जानकारों का दावा है कि रात के अंधेरें में बेतहाशा हो रहे रेत के अवैध उत्खनन और सुबह तक हो रहे परिवहन की जंगल विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को पूरी जानकारी है, लेकिन आरोप है कि सांठगांठ के चलते कोई भी इस अवैध कार्य पर रोक नहीं लगा पा रहा है। बताया जाता है कि प्रति दिन रात के वक्त 10 से 15 गाड़ी (हाइवा/ट्रेक्टर) जंगल के उस स्थान में देखे जा सकते है। जंगल से रेत सीधे माफिया के गोदाम में आता है, जहां से रेत की अधिक दाम पर बिक्री होती है। पिछले कुछ दिनों से आस पास के एरिया ही नहीं बार्डर पार महाराष्ट्र तक रेत की सप्लाई हो रही है। बताया जाता है कि जंगल से माफिया मोटा और बारिक दोनों तरह का रेत बेखौफ निकलवा रहा है। यदि माफिया के गोदाम में दबिश दी गई तो बड़े तादाद में रेत के अवैध भंडारण का खुलाशा हो जायेगा।
रायपुर : राजधानी रायपुर सहित जिले भर में 22 सितंबर से जारी लाॅक डाउन का लोग बेहद संयमित तरीके से पालन कर रहे हैं। लाॅक डाउन 28 सितंबर को समाप्त होगी। इसके बाद क्या लाॅक डाउन को आगे बढ़ाया जाएगा। इस बारे में प्रदेश के वन एवंं परिवहन मंत्री और सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अकबर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि लाॅक डाउन का अंतिम दिन 28 सितंबर है। इसी दिन लाॅक डाउन को लेकर समीक्षा की जाएगी और फिर निर्णय लिया जाएगा कि लाॅक डाउन यथावत रखा जाएगा, या फिर इसमें किसी तरह का परिवर्तन किया जाएगा या फिर लाॅक डाउन समाप्त कर दिया जाएगा। बता दें कि जिला प्रशासन ने इस बार लाॅक डाउन की घोषणा के साथ ही सख्त कदम उठाए हैं। इस मर्तबे राशन, किराना, सब्जी और पेट्रोल पर भी प्रशासन ने सख्ती बरती है, जिसकी वजह से राजधानी में बिना वजह तफरी करने वालों पर नकेल कसा हुआ है।
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