रायपुर। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। रायपुर सेशन कोर्ट ने अभिनेता समेत अन्य पर भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े एक मामले में नोटिस जारी किया है। शाहरुख खान और अन्य के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन करने का केस दर्ज हुआ है, जिस पर अदालत ने 29 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और कानूनी दलीलें
याचिकाकर्ता के अनुसार, पान मसाले में मौजूद तंबाकू के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह याचिका 11 मार्च को रायपुर सेशन कोर्ट में स्वीकार की गई थी और अब अदालत इस पर 29 मार्च को सुनवाई करेगी।
याचिका का मुख्य बिंदु
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के खिलाफ रायपुर सेशन कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता मोहम्मद फैजान खान के अधिवक्ता विराट वर्मा ने अदालत में तर्क दिया कि शाहरुख खान एक मशहूर हस्ती हैं और वे भ्रामक विज्ञापनों के जरिए ‘फेयरनेस क्रीम’ और पान मसाला जैसे उत्पादों का प्रचार कर रहे हैं। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि शाहरुख खान के पान मसाले के विज्ञापन से इसकी बिक्री में इजाफा हुआ है, जिससे तंबाकू उपभोक्ताओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
अधिवक्ता ने बताया कि शाहरुख खान, इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों और इन विज्ञापनों को प्रसारित करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई है।
जुए के प्रचार पर भी आपत्ति
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि शाहरुख खान रम्मी जैसे ऑनलाइन गेम्स का प्रचार कर रहे हैं, जिसे कौशल का खेल बताया जाता है, लेकिन यह जुए की श्रेणी में आता है। याचिकाकर्ता का दावा है कि देश में कई लोग इस तरह के खेलों में अपनी मेहनत की कमाई हार जाते हैं।
अब 29 मार्च को इस मामले में अदालत में सुनवाई होगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
रायपुर । आल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। कोरबा शहर में नाथूलाल यादव और बेमेतरा में आशीष छाबड़ा को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के हसताक्षरित जारी सूची के मुताबिक बालोद से चंद्रेश हिरवानी, दुर्ग ग्रामीण की जिम्मेदारी राकेश ठाकुर को सौंपी गई है। इसी तरह सरगुजा बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कृष्ण प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
देखिए पूरी सूची...
1. बालोद - चंद्रेश हिरवानी
2. दुर्ग (ग्रामीण) - राकेश ठाकुर
3. नारायणपुर - बिसेल नाग
4. कोंडागांव - बुधराम नेताम
5. कोरबा (शहर) - नाथूलाल यादव
6. कोरबा (ग्रामीण) - मनोज चौहान
7. बलौदा बाजार - एमएस। सुमित्रा घृतलहरे
8. सारंगढ़ बिलाईगढ़ - ताराचंद देवांगन
9. सरगुजा - बालकृष्ण पाठक
10. बलरामपुर - कृष्ण प्रताप सिंह
11. बेमेतरा - आशीष छाबड़ा
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और दिल्ली पुलिस ने अपने-अपने राज्यों में बांग्लादेशियों को अवैध रूप से भारत में बसाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ ATS ने 3 और दिल्ली पुलिस ने 18 बांग्लादेशी एवं 8 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट मुहैया कराते थे। गिरफ्तार आरोपियों पर आरोप है कि वे बांग्लादेशियों को अवैध रूप से बसाने में मदद कर रहे थे और इसके बदले पैसे वसूलते थे। पुलिस ने 8 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठ और नौकरी का जाल
गिरफ्तार आरोपियों में चार भारतीयों की पहचान की गई है, जो बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाने में शामिल थे। इस रैकेट का सरगना जुल इस्लाम था, जो पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने कई बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट दिलवाया, जिससे वे एयरलाइन कंपनियों में नौकरी भी प्राप्त कर सके।
इसके अलावा, कुछ बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत के EWS कोटे का लाभ उठाकर अपने बच्चों का दाखिला प्रतिष्ठित स्कूलों में करवा रहे थे। ये लोग लोकल पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के साइन वाले दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बनवा रहे थे। बांग्लादेशी घुसपैठिए अपने अवैध रूप से कमाए गए पैसे को हवाला नेटवर्क के जरिए बांग्लादेश भेजते थे।
हवाला नेटवर्क से जुड़े तार
पुलिस को इस जांच में हवाला नेटवर्क का भी सुराग मिला है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक दुकान के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। गिरोह के एक सदस्य की बार-बार बांग्लादेश यात्रा करने की पुष्टि हुई है। यह सिंडिकेट न केवल बांग्लादेशियों को भारत में प्रवेश कराने में मदद करता था, बल्कि उन्हें नौकरियां और फर्जी दस्तावेज भी उपलब्ध कराता था।
छत्तीसगढ़ में ATS की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ ATS ने रायपुर से गिरफ्तार किए गए तीन बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट निरस्त करवा दिए हैं। साथ ही, उनके फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी को भी रद्द करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है। तीनों गिरफ्तार बांग्लादेशी – मोहम्मद इस्माइल (27), शेख अकबर (23) और शेख साजन (22) – रिश्ते में भाई हैं। ये 8 फरवरी को रायपुर से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे और फर्जी दस्तावेजों के सहारे इराक भागने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते ATS ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बांग्लादेशी मास्टरमाइंड फरार, पुलिस की दबिश जारी
ATS की जांच में सामने आया कि ये तीनों बांग्लादेशी रायपुर के मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति की मदद से आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट बनवाने में सफल रहे थे। इस पूरे नेटवर्क को शेख अली नामक व्यक्ति चला रहा था, जो बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दस्तावेज तैयार कर उन्हें खाड़ी देशों में भेजने का काम कर रहा था।
शेख अली अब फरार हो चुका है और पुलिस को उसके बांग्लादेश भागने की आशंका है। छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम ने बांग्लादेश बॉर्डर तक जाकर छानबीन की, लेकिन फिलहाल वह पुलिस की पकड़ से बाहर है।
2017 से जारी था फर्जी दस्तावेजों का खेल
ATS की जांच में पता चला कि यह गिरोह 2017 से ही बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय नागरिकता दिलाने और फिर उन्हें खाड़ी देशों में भेजने का अवैध धंधा कर रहा था। रायपुर का एक चॉइस सेंटर संचालक मोहम्मद आरिफ भी इस गैंग का हिस्सा था, जो पैसों के बदले फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी तैयार करता था।
ATS को संदेह है कि इस गिरोह की मदद से कई अन्य बांग्लादेशी भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं और फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
रायपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा सिविल लाईन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में रायपुर जिले के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की बैठक ली गई। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पुराने अपराधों का निकाल प्राथमिकता के आधार पर करते हुये जल्द से जल्द प्रकरणों का चालान पेश कर जीरो करने कहा गया। बिना नंबर के समस्त प्रकार के वाहनों पर कार्यवाही करने, महिलाओं से सम्बंधित तथा साइबर सम्बन्धी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देने के साथ ही नशे के पदार्थाे के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने तथा किसी भी सूरत में किसी प्रकार का कोई भी नशे का सामान नहीं बिकने के सख्त निर्देश देने के साथ ही नशे के सामग्रियों को पकड़ने के दौरान उसके अंतिम सप्लाई चैन व आरोपियों की तस्दीक करने कहा गया। नशे के विरूद्ध और भी प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। अवैध रूप से शराब की बिक्री/भण्डारण/परिवहन करने वालों पर कार्यवाही कर इस पर पूर्णतः अंकुश लगाने कहा गया।
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के डीजीएम अनिमेश तिवारी के बंगले में शुक्रवार देर रात अचानक आग लग गई। इसमें उनके पिता उमेश नारायण (92 साल) की सोते समय जिंदा जलने से मौत हो गई। वो एक दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। घटना भिलाई नगर इलाके की है। दरअसल, अनिमेश ने रात करीब 2 बजकर 25 मिनट पर अग्निशमन विभाग को फोन किया कि, उनके बंगले में आग लग गई है। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। खुद जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार भी पहुंचे। उन्होंने देखा कि केवल उसी कमरे में आग लगी है, जिसमें बुजुर्ग उमेश नारायण तिवारी सोए हुए थे। जानकारी के मुताबिक, अनिमेश तिवारी भिलाई स्टील प्लांट में डीजीएम के पद पर पदस्थ हैं। सेक्टर-9 में उनका बंगला है। जहां वो अपनी पत्नी, बेटी और बीमार पिता के साथ रहते हैं। शुक्रवार को अनिमेश और उनकी पत्नी-बेटी पीछे के कमरे में सोए थे। उनके पिता को सामने के कमरे में सुलाया गया था। अनिमेश तिवारी ने पुलिस को बताया कि, बंगले के पीछे रहने वाली उनकी नौकरानी ने उन्हें बताया कि घर में सामने के कमरे में आग लगी है। पूरा घर धुएं से भर गया था। इसके बाद पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी गई। आग की सूचना पर डायल-112 की टीम ने ग्रिल तोड़कर अनिमेश और उनके परिवार को पीछे के कमरे से बाहर निकाला। जब तक सामने कमरे की आग बुझाई गई, तब तक कमरे के सभी सामान खाक हो गए थे। बुजुर्ग का शव भी जलने से बिस्तर में चिपक गया। दमकल कर्मियों ने शव को एक चादर में लपेटकर बाहर निकाला। सेक्टर-9 हॉस्पिटल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, घर में शार्ट सर्किट के संकेत नहीं है, बिजली ट्रिप नहीं हुई है। AC भी बंद था। आगे की जांच कर रही है। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों से पूछताछ की जाएगी।
रायपुर। बीजापुर जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र तेलंगाना के सीमा से लगे पामेड़ सहित पालागुड़ा, मारूड़बाका, भैरमगढ़ के 28 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जिसमें रामलू भंडारी, अर्जुन मड़काम, सोमारू माड़वी, सुखराम हेमला सहित अन्य साथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था। उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर प्रार्थना, पूजा-अर्चना को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए। ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। राज मिस्त्री के कार्य सीखने पर कुछ लोगों ने उत्साहित होकर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सिविल कार्य करेंगे ताकि व्यवसाय एवं आमदनी का स्त्रोत मिल सके। उप मुख्यमंत्री से मिलकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, डीएफओ रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर रिजर्व संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। महान साहित्यकार, प्रख्यात कवि एवं कथाकार विनोद कुमार शुक्ल की कालजयी रचनाओं के लिए प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिये चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शुक्ल को बहुत बहुत बधाई। आपने छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक पटल पर गौरवान्वित होने का अवसर दिया है।
रायपुर। साक्षरता से शिक्षा, शिक्षा से ज्ञान उसी से होगा आत्म उत्थान। रायपुर सेंट्रल जेल में शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नात्कोत्तर तक की पढ़ाई करने वाले 291 कैदी है जो नियमित पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों बोर्ड/ विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बना लिया है। इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी, जहां सभी नये-पुराने पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ो बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है। यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ ओपन हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी है। समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे हैं। 68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी अध्ययनरत है। यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है। जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापकों के द्वारा तथा समय-समय पर विषय विशेषज्ञ के द्वारा पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दिया जाता है। साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है। जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है। शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। इन संस्थाओं से मिली मान्यता जेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थाई परीक्षा केंद्र बना दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एन.आई.ओ.एस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यमंडलम, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता मिली है।
रायपुर। 24.03.2025 को महामहिम माननीय राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार के रायपुर प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के संपूर्ण प्रभारी अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा द्वारा ड्यिूटी में लगे समस्त अफसरों की बैठक ली गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा एयरपोर्ट, कारकेड, स्टेडियम, विधानसभा भवन में सुरक्षा व्यवस्था सहित रूट की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सूक्षमता से विस्तार पूर्वक आवश्यक व महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये गये। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. संतोष सिंह, सेनानी सूरज सिंह परिहार, जे.आर. ठाकुर, लक्ष्य शर्मा एवं प्रशांत कतलम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।
रायपुर। पूर्व सीएम बघेल से छत्तीसगढ़ लिखने में गलती हो गई, जिस पर बीजेपी बोली - तोला छत्तीसगढ़ लिखे बर नई आवत हे भूपेश!, आगे ट्वीट में छग बीजेपी ने लिखा, 'अड़हा आदमी परान घात' पांच साल पूरा प्रदेश ला ठगेश,तोला छत्तीसगढ़ लिखे बर नई आवत हे भूपेश! विनोद कुमार शुक्ल को बधाई देते बघेल ने किया ट्वीट - छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि, कथाकार एवं उपन्यासकार श्री विनोद कुमार शुक्ल जी को भारतीय साहित्य के सर्वोच्च पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हम सभी छत्तीगढ़वासियों के लिए बेहद गर्व का पल है. विनोद शुक्ल जी को ज्ञानपीठ पुरस्कार हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आप स्वस्थ रहें और सतत रचनाशील रहें.
रायपुर। चोरी के 5 मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए है। पुलिस के मुताबिक प्रार्थी संदीप देशकर द्वारा थाना खमतराई में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 14.11.2024 के 01.00 बजे रात्रि में उनके गोंदवारा रायपुर में रखे लोहे का प्लेट के टुकडे, सरिया के टुकडे, एंगल, गाटर के टुकड़ा किमती करीबन 20,000 रूपये को कोई अज्ञात चोर दिवाल फांद कर चोरी करने की सूचना पर अपराध क्रमांक 871/2024 धारा-331(4) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया, विवेचना दौरान मुखबीर सूचना प्राप्त हुआ कि 02 व्यक्ति लोहे का प्लेट के टुकड़े, सरिया के टुकड़े, एंगल को चोरी कर उक्त समान को कबाड़ी में बेचे है जिसपर संदेही/आरोपी मनीष उपराड़े एवं बबलू गाडा से गहनता से पूछताछ एवं मेमोरेण्डम कथन लेने चोरी किये मशरूका लोहे का प्लेट के टुकडे, सरिया के टुकडे, एंगल, गाटर के टुकडा किमती करीबन 20,000 रूपये कबाड़ी शिवफुल यादव को बेचना बताये, जिसपर कबाडी शिवफुल यादव से उक्त समान कीमती 20,000 रू. को जप्त कर प्रकरण में सुमार वजाप्ता कर प्रकरण में धारा 305,317 (2),3 (5) बीएनएस जोड़कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गय।
रायपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा सिविल लाईन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में रायपुर जिले के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की बैठक ली गई। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पुराने अपराधों का निकाल प्राथमिकता के आधार पर करते हुये जल्द से जल्द प्रकरणों का चालान पेश कर जीरो करने कहा गया। बिना नंबर के समस्त प्रकार के वाहनों पर कार्यवाही करने, महिलाओं से सम्बंधित तथा साइबर सम्बन्धी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देने के साथ ही नशे के पदार्थाे के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने तथा किसी भी सूरत में किसी प्रकार का कोई भी नशे का सामान नहीं बिकने के सख्त निर्देश देने के साथ ही नशे के सामग्रियों को पकड़ने के दौरान उसके अंतिम सप्लाई चैन व आरोपियों की तस्दीक करने कहा गया। नशे के विरूद्ध और भी प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। अवैध रूप से शराब की बिक्री/भण्डारण/परिवहन करने वालों पर कार्यवाही कर इस पर पूर्णतः अंकुश लगाने कहा गया।
दंतेवाड़ा। आज जिला दंतेवाड़ा के प्रतिष्ठित मेनका डोबरा मंदिर परिसर में आयोजित जिला स्तरीय बस्तर पंडूम प्रतियोगिता में जिला पंचायत अध्यक्ष नंद लाल मोड़ामी जी के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का सौभाग्य मिला। इस भव्य आयोजन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करने के साथ-साथ, परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर वहां की गतिविधियों का जायजा लिया। इन स्टॉलों में बस्तर की समृद्ध लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। बस्तर पंडूम केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का उत्सव है। यह आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। आइए, हमारी संस्कृति को सहेजें, संवारें और इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान पर विश्वास जताने के बाद प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में तेजी आई है। दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार के गठन के बाद से ही नक्सलियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिससे अब नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नक्सलवाद के स्थायी समाधान के लिए नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 को लागू किया है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे वे मुख्यधारा में लौटकर समाज के विकास में योगदान दे सकें। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक प्रदेश और देश से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का संकल्प लिया है। इस ऐतिहासिक अभियान में सहयोग देने वाले सुरक्षाबल के जवानों को सरकार ने विशेष रूप से सम्मानित किया है।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम, नई पुनर्वास नीति लागूछत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम, नई पुनर्वास नीति लागू
आदरणीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी आपके इस विश्वास के लिए सहृदय आभार। दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनते ही नक्सलियों पर मजबूती से प्रहार शुरू हुआ और आज नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 21, 2025
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं आदरणीय केंद्रीय… pic.twitter.com/6I7U9TSfqS
नई दिल्ली/रायपुर। शुक्रवार को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ को भी कृषि क्षेत्र में विशेष पैकेज देने की मांग की। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने भाषण की शुरुवात शायरी से की "गांव के गलियों में तब उम्मीदों के दीप जलते हैं। जब किसान सरकार मिलकर चलते हैं।।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि कल्याण मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। जिससे किसानों के जीवन में नया सबेरा आया है। किसानों की योजनाएं सिर्फ कागजों में नहीं यथार्थ के धरातल पर उतर रही है और उसका परिणाम है कि देश के किसान समृद्ध हो रहे है, खुशहाल हो रहे हैं और कृषि के प्रति लोगों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है। देश के हर गरीब परिवार के लिए प्रधानमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत् अनाज व्यवस्था मोदी सरकार ने की है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किसानों की बेहतरी और कृषि क्षेत्र के समुचित विकास के लिए छत्तीसगढ़ को पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 30% आदिवासी और लगभग 12% अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं, जिनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह अनुदान अत्यंत आवश्यक है। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लगभग 76% आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य में 40.11 लाख कृषक परिवार हैं, जिनमें से 82% कृषक लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। इन किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नवीन कृषि तकनीकों और आवश्यक संसाधनों को अपनाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। यदि छत्तीसगढ़ को भी पूर्वोत्तर राज्यों की तरह केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में विशेष अनुदान प्रावधान मिले, तो इससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य की प्रमुख कृषि मांगें
1. ड्रिप इरिगेशन एवं स्प्रिंकलर पर 90% अनुदान: श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वर्तमान में किसानों को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में लघु एवं सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% अनुदान दिया जाता है। चूंकि छत्तीसगढ़ में 83% किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं और वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में पूर्वोत्तर राज्यों की तरह 90% अनुदान स्वीकृत किया जाए।
2. नवगठित जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना: राज्य के नवगठित छह जिलों- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़, मानपुर-मोहला, और मनेन्द्रगढ़ में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की आवश्यकता है, जिससे किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी त्वरित रूप से मिल सके।
3. माइनर मिलेट्स (कोदो-कुटकी एवं रागी) के प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना: छत्तीसगढ़ में माइनर मिलेट्स की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इनका प्रसंस्करण करने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी है। इन फसलों का उत्पादन मुख्य रूप से आदिवासी किसान करते हैं। यदि इन क्षेत्रों में सहकारी या निजी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएं, तो किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और इन फसलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निर्यात भी बढ़ेगा।
4. महिला किसानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की योजना: प्रदेश में अधिकांश कृषि कार्य महिलाओं द्वारा किया जाता है। यदि उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए पृथक योजनाएं चलाई जाएं, तो उनका कृषि में योगदान और भी बढ़ सकता है।
5. दूरस्थ क्षेत्रों में भंडारण सुविधाओं का विकास: उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भंडारण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य में वेयरहाउस निर्माण के लिए सहायता प्रदान करे, जिससे फसलों को सुरक्षित रखा जा सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
6. पराली जलाने की रोकथाम हेतु अनुदान: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी पराली जलाने की समस्या बढ़ रही है। इस समस्या के समाधान हेतु राज्य में क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट यंत्रों को अनुदान पर उपलब्ध कराने की योजना लागू की जाए।
7. बीज किस्मों की बाध्यता समाप्त करने की मांग: वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में केवल 5 से 10 वर्ष पुरानी विकसित प्रजातियों पर ही लाभ दिया जाता है। जबकि कई ऐसी पारंपरिक किस्में हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अधिक उत्पादन देती हैं। अतः राज्य की अनुशंसा पर विशेष किस्मों के लिए 5 से 10 वर्ष की बाध्यता समाप्त की जाए।
8.जैविक खेती को बढ़ावा एवं प्रमाणीकरण सुविधा: जैविक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है, लेकिन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया कठिन होने के कारण वे पूरी तरह इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जिससे जैविक उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके। 9.नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना में सुधार की मांग बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां 40% किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। ऑयल पाम की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर अनुमानित लागत ₹3.41 लाख आती है, जबकि भारत सरकार की ओर से मात्र ₹1.21 लाख (35%) अनुदान दिया जाता है। किसानों को बाकी ₹2.20 लाख का निवेश स्वयं करना पड़ता है, जो उनके लिए कठिन है। श्री अग्रवाल ने सुझाव दिया कि वन अधिकार पट्टा धारक किसानों की तरह अन्य छोटे और सीमांत किसानों को भी 90% अनुदान दिया जाए, जिससे वे ऑयल पाम की खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों। इसके अतिरिक्त, ऑयल पाम की खेती के लिए फेसिंग (बाड़) की सुविधा बहुत आवश्यक है, लेकिन वर्तमान योजनाओं में इसके लिए कोई अनुदान प्रावधान नहीं है। इसलिए, ऑयल पाम योजना में फेसिंग हेतु अनुदान का प्रावधान भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम, राष्ट्रीय पुनर्गठित बांस मिशन, और सब-मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के तहत 90% तक अनुदान प्रदान किया जाए, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। 10. जल संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग प्रदेश में पर्याप्त वर्षा होने के बावजूद जल संरक्षण के अभाव में पानी व्यर्थ बह जाता है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए अधिक से अधिक चेकडेम, सिंचाई तालाब आदि का निर्माण किया जाए, जिससे न केवल सिंचित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ को पूर्वोत्तर राज्यों की तरह विशेष अनुदान दिया जाए, तो यह राज्य के छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएगा और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि किसानों की इन मांगों को शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मगोर्रा पुलिस स्टेशन में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को उसी पुलिस स्टेशन में तैनात एक महिला दारोगा से बलात्कार का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है. घटना से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोहित राणा नामक सब-इंस्पेक्टर को उसकी महिला सहकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह बुधवार रात नशे की हालत में उसके कमरे में घुसा और उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया. महिला दारोगा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शैलेश कुमार पांडे को दी गई अपनी शिकायत में कहा कि मोहित राणा ने पहले भी उसके मना करने पर भी उसे अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो और तस्वीरें दिखाने का प्रयास किया था. मामले में एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी), ग्रामीण त्रिगुण बिसेन और पुलिस उपाधीक्षक आलोक सिंह को आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया. पूछताछ के दौरान आरोपी मोहित राणा ने अपनी स्मार्ट घड़ी और मोबाइल फोन को फेंककर भागने और सबूत नष्ट करने का प्रयास किया, जिसमें कथित तौर पर अश्लील सामग्री थी. एसपी, ग्रामीण त्रिगुण बिसेन ने बताया, "जब आरोपी मोहित राणा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया तो उसने भागने की कोशिश की. उसने अपनी स्मार्ट वॉच और मोबाइल फोन फेंककर अश्लील फिल्में और फोटो आदि नष्ट करने की भी कोशिश की." उन्होंने बताया, "जांच के बाद, जिसमें महिला के आरोपों की पुष्टि हुई, राणा को गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया." अधिकारी ने बताया कि बुलंदशहर निवासी मोहित राणा पिछले सात महीने से मगोर्रा थाने में तैनात था. पुलिस फिलहाल उसके मोबाइल फोन की तलाश कर रही है, जिसमें और भी सबूत होने की संभावना है.
रायपुर/दिल्ली। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल भी उठाया है। जिसपर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि, एम्स रायपुर में 33 विभागों में 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं । यहां मई 2024 से सितंबर 2024 तक केवल 6 महीनों में ही 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। हालांकि मरीजों का रेफरल मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है। मंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। सांसद अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल उठाए और कहा कि "एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है,एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है।" इस संबंध में एम्स अस्पताल प्रबंधन को पहले भी पत्र लिखा था, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एम्स डायरेक्टर अशोक जिंदल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि "जब भी मैने खुद या मेरे कार्यालय से एम्स रायपुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, डायरेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। यह रवैया पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है।" उन्होंने कहा कि, "हम प्रदेश के नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कार्य में लापरवाही बरतने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।
बिलासपुर। डॉक्टर माखीजा के घर से तीन लाख रुपए का हीरा जड़ित सोने का कंगन चोरी हो गया। चोरी की वारदात को उनके घर में रसोइया का काम करने वाली युवती ने ही अंजाम दिया। उसने एक कंगन गिरवी रखने और दूसरा बेचने के लिए अपने दो परिचित की दो महिलाओं को दे दिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने केस में दो सराफा कारोबारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, मित्र विहार निवासी डॉक्टर रिया माखीजा अपने घर पर सोने की हीरा जड़ित कंगन रखी थी, जो कुछ दिन पहले गायब हो गई। इस पर उन्होंने अपने पति डॉक्टर ललित माखीजा को इस घटना की जानकारी दी। साथ ही बताया कि घर में खाना बनाने वाली सरजू बगीचा निवासी हेमा ध्रुव पर कंगन चोरी करने का शक है। पहले उन्होंने अपने स्तर पर पूछताछ की। लेकिन, कंगन नहीं मिला। तब उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर हेमा से पूछताछ की, तब वो पहले गोलमोल जवाब देने लगी। बाद में उसने कंगन चोरी करने की जानकारी दी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि एक कंगन को उसने अपने पड़ोसी करुणा राजपूत (33) और दूसरे को प्रीति सिंह राजपूत (47) को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने करूणा और प्रीति को पकड़कर पूछताछ की। तब पता चला कि एक महिला ने एक कंगन को सराफा व्यापारी के पास 45 हजार रुपए में बेच दी। वहीं, दूसरी महिला ने दूसरे कंगन को सदर बाजार स्थित संतोषी ज्वेलर्स में कंगन को 65 हजार में गिरवी रख दिया। दोनों ने पूछताछ के बाद पुलिस ने मुंगेली के सराफरा कारोबारी राजकुमार जैन और संतोषी ज्वेलर्स के संचालक सराफा कारोबारी विजय गांधी को भी पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों कंगन को बरामद कर लिया है।
छतीससगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र और सचिव तीर्थराम यादव जी एवं रविशंकर वि वि के कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि कि पंडित रविशंकर शुक्ल वि वि के कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारीयों की अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री जी और उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं का निदान कराने के लिए मिलना चाहतें हैं l
किंतु मुख्य मंत्री जी से मिलने का समय नहीं मिल पा रहा है, इसलिए जनदर्शन में मुख्यमंत्री जी से मुलाकात करना चाहते हैं ज्ञातब्य हो की नई सरकार के गठन उपरांत अब तक संभवतः पांच या छ्ह जन दर्शन ही हुए हैं छत्तीसगढ़ की जनता से और जन जन से जुड़ने के लिए जनदर्शन अति आवश्यक है विदित हो कि रायपुर कलेक्टर जी का जनदर्शन नियमित रूप से लग रहा है
गौर तलब है कि रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय के कुलपति जी और कुलसचिव के संज्ञान में सेवानिवृत कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण करने के लिए पत्र देकर समाधान करने के लिए निवेदन करते थक गए हैं किंतु कर्मचारियों की समस्यायें यथावत बनी हुई है l जब तक हड़ताल और आंदोलन ना करो समस्याओं का निराकरण नहीं होता है , वि वि स्तर की मांगें भी पूरी नहीं की जाती हैंl वि वि की इन्ही छोटी छोटी समस्याओं को लेकर को लेकर छत्तीसगढ़ यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलना चाहते हैं l
लखनऊ: लखनऊ मेंएक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक महिला बीच सड़क पर अजीब हरकतें करने लगी। घटना शहर के विभूति खंड इलाके में लोहिया अस्पताल के बाहर रात करीब 11 बजे हुई। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला बीच सड़क पर बैठी हुई है और अपना सिर घुमा रही है। वह अपने हाथ भी हिला रही है और कभी-कभी हाथ भी जोड़ रही है। देखते ही देखते मौके पर लोग जमा हो गए। उनमें से एक ने पूरी घटना को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में महिला के बगल में एक काले रंग का बैग भी देखा जा सकता है। क्लिप में सड़क के किनारे से गुजरते वाहन भी दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद लोगों ने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने महिला को शांत करने की कोशिश की, दैनिक भास्कर ने बताया। इस घटना के कारण इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यह ड्रामा 20 मिनट तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस कथित तौर पर महिला को एक तरफ ले गई। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि महिला बीच सड़क पर इस तरह का व्यवहार क्यों कर रही थी। महिला की पहचान अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस महिला के परिवार के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
This video is from Vibhutikhand area of #Lucknow, where a woman performed a high voltage drama by sitting in the middle of the road near Lohia Hospital. The woman sat on the road for about 20 minutes and kept doing drama by moving her head.#UttarPradesh #Viral #Viralvideo pic.twitter.com/8H8qfMPdmq
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) March 20, 2025
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