रायपुर : राजधानी में राह चलते मोबाइल लूटने वाले दो शातिर युवकों को पुलिस ने धर दबोचा है। दोनों बदमाश वारदात करने के बाद भाग रहे थे। बताया जाता है कि ये बदमाश सड़क चलते राहगीरों से मोबाइल लूटकर भाग जाते थे। पुलिस ने बदमाशों के पास से चोरी के मोबाइल और बाइक बरामद की है। शहर में बढ़ती मोबाइल लूट की वारदातों को देखते हुए वीआईपी रोड, मैग्नेटो मॉल समेत अन्य क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान पुलिस को बाइक पर दो युवक जाते हुए दिखाई दिए। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें रोक कर पूछताछ की तो दोनों युवक मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। पकड़े गए आरोपी कचना, खम्हारडीह के रियासुद्दीन उर्फ राजा खान और लाभांडी, तेलीबांधा का सोमनाथ साहू है । पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने 6 सितंबर को बलबीर ढाबा सर्विस रोड लाभांडी के पास और 1 अगस्त को कृषि विवि के पास मोबाइल लूट की वारदात की थी। राजा खान के खिलाफ अन्य थानों में भी केस दर्ज हैं।
रायपुर : लोगों की जमा पूंजी हड़पने ठग नए नए रास्ते अख्तियार कर रहे हैं। मीडिया कर्मियों और कारोबारियों के बादअब पुलिस अफसरों के नाम पर धोखाधड़ी किये जाने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ में पदस्थ एसपी और डीएसपी के नाम पर फेसबुक के जरिए रुपए मांगे जा रहे हैं। इसके लिए फर्जी आईडी से उनके अधीनस्थों को मैसेज भी किया गया। हालांकि मामला खुल गया और साइबर सेल में इसकी शिकायत भी आ गई है। खबर है कि कोरबा के एसपी और आईपीएस अफसर अभिषेक मीणा, रायपुर पुलिस लाइन में पदस्थ डीएसपी मणिशंकर चंद्रा और प्रखर पांडेय के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाए गए। इसके बाद फेसबुक मैसेंजर से अधीनस्थों को मैसेज किया गया। इसमें रुपए की जरूरत बताई गई और मदद मांगी। मैसेज में ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करने की बात कही गई। हालांकि कुछ मैसेज में अधीनस्थों ने ऑनलाइन पेमेंट नहीं आता करने की बात कही और किसी को भेजकर रुपए लेने के लिए कहा। अफसरों के इस तरह रुपए मांगने पर कुछ अधीनस्थों और परिचितों को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने कॉल कर संबंधित अफसर से पूछ लिया। फिलहाल, तीनों अफसरों ने मामले को साइबर सेल को सौंप दिया है। इसके बाद अफसरों की ओर से दी गई फर्जी आईडी को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस अब इस आईडी को बनाने वाले शातिर ठगों के बारे में पता लगा रही है।
रायपुर : केंद्रीय कानून मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार का असिस्टेंट साॅलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। श्री मिश्रा भारत सरकार के मामले देखेंगे । साथ ही ईडी, सीबीआई, आईटी, सेंट्रल एक्साइज जैसी एजेंसीज के राज्य स्तर के कानूनी मामलों में पैरवी करेंगे। श्री मिश्रा छत्तीसगढ़ बीजेपी लीगल सेल के संयोजक के रूप में भी बेहद सक्रिय रहे हैं। पार्टी के लीगल मसलों के साथ-साथ चुनावी कैम्पेनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते रहे हैं। कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक उन्हें तीन वर्षों के लिए यह नियुक्ति दी गई है।
रायपुर : प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफ़ास किया है। ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईकार्ड और आधार, पैन कार्ड दिखाकर पहले तो युवक को भरोसे में लिया और फिर कई किश्तों में डेढ़ लाख रुपए वसूल लिए । युवक को जब अपने साथ हो रही ठगी का आभाष हुआ तो उसने उरला थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस टीम ने ठगों की पतासाजी की और उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से धर दबोचा। पुलिस की माने तो यह संगठित गिरोह इसी तरह से पूरे देश में अपना नेटवर्क फैला कर कई लोगों काे ठगी का शिकार बना चुका है। यहां ठगी का शिकार पीयूष कुमार देवांगन मठपारा कैलाशनगर बीरगांव में रहता है। उसके माेबाईल फोन पर सोनू कुमार का कॉल आया। उसने खुद को चंडीगढ़ के सेक्टर 52 का निवासी बताया और उसने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत युवक को पांच लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने युवक को पूरे विश्वास में लेते हुए उससे ढ़ाई हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में चंद्रवीर नामके अपने साथी के बैंक खाते में डलवा लिए। उक्त रकम को खाते में डालने के बाद के माेबाईल पर एक ऑनलाइन एग्रीमेंट भेजा। साथ ही 5 लाख रुपये का नाेयडा ब्रांच द्वारा युवक के नाम पर जारी एक डिमांड ड्राफ्ट की फोटो भेजी। इसके बाद आरोपितों ने युवक से दोबारा 5500 रुपये मांगे। युवक ने दिए गए खाते में यह रकम भी जमा कर दी। इसके बाद जीवन बीमा से संबंधित एक कार्ड की फोटो युवक के मोबाईल पर उन्होंने भेजी और कहा कि इस लोन के साथ इंश्योरेंस कवर है और इसके लिए उसे साढ़े आठ हजार रुपये और देने होंगे। साथ ही आरोपितों ने युवक से यह भी कहा कि प्रोसेस के तहत जो शुल्क लिया जा रहा है वह राशि लोन की रकम में जोड़कर उसे दी जाएगी। इसके बाद युवक से तीन किस्तों में और 15 हजार रुपये मांगे गए। बाद में यह रकम खाते में डिपोजिट न हो पाने की बात कहते हुए उससे 15 हजार रुपये और ले लिए । इन सब के बाद आईटी रिर्टन फाईलिंग के नाम पर युवक से 25 हजार रुपये और मांगे गए। यह रकम सोनपाल सिंह नामके व्यक्ति के खाते में मांगे गए। इतनी रकम ठगने के बाद भी आरोपित रुके नहीं। अब उन्होंने युवक को किसी कानूनी मामले का डर दिखाना शुरू किया और दो किश्तों में उससे 64 हजार रुपये सोनू सागरव चंद्रवीर के खाते में डलवा लिए। इस तरह कुल एक लाख पैतालीस हजार सात सौ रुपये की धाेखाधड़ी की गई। जब युवक को अपने साथ हुए धोके का आभाष हुआ तो उसने उरला थाना पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपितों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने ठगी का शिकार हुए युवक से मिली जानकारी के आधार पर तकनीकी विश्लेषण कर आराेपितों के ठिकानों का पता लगाया। टीम काे आराेपियों के दिल्ली में हाेने की जानकारी मिली। टीम ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नाेएडा में घूम-घूम कर आराेपितों के ठिकानाें की तस्दीक की। इस दौरान वे लगातार अपना लोकेशन बदलते रहे और फिर सभी आरोपितों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में आरोपितों के सभी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपित गैंग बनाकर कई हिंदी भाषी राज्यों में अलग- अलग बैंक और फाइनेंस कंपनी तथा सरकार की योजनाओं के नाम पर इसी तरह लोन दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। सभी आरोपित सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़े हैं। पुलिस को इन आरोपितों को पकड़ने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। पकड़े गए आरोपितों के नाम नीरज कुमार, आनंदस्वरूप और चंद्रवीर बताए गए हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
रायपुर : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पालकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कलेक्टर दफ्तर के अलावा डंगनिया और पेंशन बाड़ा इलाके के स्कूल में परिजन अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। पूरा विवाद निजी कुछ स्कूलों द्वारा वसूली जा रही फीस को लेकर है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि कोरोना संकट के इस दौर में स्कूल ट्यूशन फीस ले सकते हैं। पालकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन इसी फीस में अन्य शुल्क जोड़कर वसूली का दबाव बना रहा है। सोमवार को पेंशन बाड़ा स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पहुंचे परिजनों का आरोप है कि स्कूल ट्यूशन फीस में स्पोर्ट्स और लायब्रेरी के पैसे मांगे जा रहे है। मार्च से ही स्कूल बंद हैं, किसी बच्चे ने जब स्कूल में इस सुविधा को लिया ही नहीं तो फिर पैसे किस बात के। स्कूल में हंगामे के आसार देखते हुए गोलबाजार थाने से पुलिस भी पहुंची। काफी देर तक स्कूल में परिजन डटे रहे। लेक्टोरेट परिसर में भी दर्जन भर परिजन पहुंचे। डंगनिया इलाके के एक स्कूल के खिलाफ परिजनों ने शिकायत की। परिजनों ने कहा कि ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई में बच्चों के डाउट या कोर्स कंपलीट करने का काम उतने प्रभावी तरीके से नहीं हो रहा। स्कूल प्रबंधन फीस को लेकर भी दबाव बना रहा है, जो कि उचित नहीं हैं। लोगों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद परिजन घर लौट गए।
कोरबा : पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर की मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की घोषणा के बाद आखिरकार रामपुर पुलिस ने भाजपा नेता देवेंद्र पांडे और उसके पुत्र शुभम पांडे को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी को लेकर श्री कंवर ने पुलिस अधिकारियों से खूब आग्रह किया था, थक हार कर रायपुर आने के बाद करवाई को लेकर मुख्यमंत्री निवास में धरना देने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष सेवक राम कंवर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोपियों के विरुद्ध अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार करने की मांग की थी। इस भारी दबाव के चलते आज सुबह देवेंद्र पांडेय व उनके पुत्र को गिरफ्तार कर रामपुर पुलिस अपने साथ पुलिस सहायता केंद्र ले आई है। पिछले दिनों पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के पुत्र संदीप कंवर व भाजपा नेता व सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय और पुत्र शुभम पांडेय के साथ रुपये को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान देवेंद्र पांडे ने अपने पुत्र शुभम पांडे के साथ मिलकर संदीप कंवर को बंधक बना लिया था और उसके साथ जातिगत गाली- गलौज और मारपीट की घटना की गई थी।
बिलासपुर : मानसिक हालत खराब होने से 15 साल तक घर परिवार से दूर रही युवती आखिरकार अपने परिवार से जा मिली। बेटी को पाकर बुढी माँ से रहा नहीं गया। लपक कर बेटी को गले लगाकर फफक - फफक कर रो पड़ी। लंबे अंतराल के बाद युवती सोमवार को अपने परिजनों से मिली। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने युवती को उनके परिजनों से मिलाया। युवती को लेकर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी रवाना हुए थे। इससे पहले युवती के परिजन की खोजबीन करने में प्राधिकरण के अधिकारियों को दो महीने कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 33 वर्षीय युवती जब परिजन से बिछड़ी थी, तब उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अपने माता-पिता व भाई-बहनों से फिर कभी मिल पाएंगी। सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो गई थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती पश्चिम बंगाल से भटकते छत्तीसगढ़ के कोरबा पहुंच गईं। वर्ष 2017 में जब वे कोरबा आई तब मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गई थीं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन उसे इलाज के लिए बिलासपुर के सेंवरी स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया था। तीन साल बाद 26 जून 2020 को उसके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई और वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
रायपुर : भाजपा शासन में गृह मंत्री रहे ननकीराम कंवर और कोरबा जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडे के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है । हालात यहां तक पहुंच गई है कि पूर्व गृह मंत्री को ही पुलिस न्याय नहीं दिला पा रही हैं। एक वह समय था जब पुलिस उनके निर्देशन में काम किया करती थी। अब वहीं पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं और पुलिस पर कार्रवाई ना करने, मामले को दबाने जैसे आरोप लगा रहे हैं। कारवाई ना होता देख ननकीराम ने अब मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की चेतावनी दी है। ननकीराम ने डीजीपी, एसपी और कलेक्टर के नाम एक खत जारी कर कहा है कि 9 सितंबर तक आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो वो सीएम हाउस के सामने 10 सितंबर से भूखहड़ताल पर बैठ जाएंगे। रविवार को ननकीराम रायपुर पहुंच गए हैं।
रायपुर : सीजीपीएससी ने सहायक प्राध्यापक पद के लिए उम्मीदवारों के ऑनलाइन आवेदशन की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। अब 9 सितंबर से 18 सितंबर तक ये आवेदन किए जा सकेंगे। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने राज्य पात्रता परीक्षा 8 सितंबर 2019 को ली थी। 24 जून 2020 को इसके रिजल्ट आए। अब पात्र उम्मीदवारों को सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन करना है। कुछ महीने पहले कोरोना और लॉकडाउन की वजह से प्रक्रिया रोक दी गई थी। आवेदन में त्रुटि सुधार के काम 20 सितंबर से 22 सितंबर तक होंगे।
रायपुर : राजधानी में कोरोना का कहर बढ़ते ही जा रहा है। शनिवार की रात व्यावसायिक इलाका सदर बाजार की गलियों को सील कर दिया गया है। दो दर्जन से ज्यादा दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने हर्ष ज्वेलर्स, सदर बाजार कार्नर से सुरेश ज्वेलर्स, गोल बाजार काॅर्नर तक, महावीर अशोक ज्वेलर्स से मुक्कड़ कार्नर तक, बसंत ज्वेलर्स से आकांक्षा कलेक्शन तक हलवाई लाईन की गलियों को बंद कर दिया है। बांस से बैरीकेड बनाकर रास्ते बंद किए गए हैं।
भिलाई : पुरानी भिलाई पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे युवक को धर दबोचा जो खुद को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताकर ठगी करता था । व्यायाम टीचर की नौकरी लगाने इस आरोपी युवक ने एक महिला से 50 हजार ठगे थे । महिला के पति प्रशांत शुक्ला की रिपोर्ट पर पुलिस ने यह कारवाई की। आरोपी से पूछताछ की जा रही है । पुलिस को शक है कि आरोपी ने और भी लोगों को चूना लगाया होगा। पकड़े गए युवक ने अपना नाम गुलशन बघेल बताया है। बघेल सरनेम की वजह से कुछ लोग इसे सच में सीएम का रिश्तेदार मानते थे। प्रशांत की पत्नी अनीता शुक्ला ने व्यायाम टीचर के लिए जुलाई में बीईओ ऑफिस दुर्ग में फॉर्म जमा किया था। यहां महिला के पति से गुलशन बघेल मिला और खुद का परिचय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भतीजे के तौर पर दिया। बाद में युवक ने 2 लाख रुपए में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसकी बातों में आकर प्रशांत ने इसे 50 हजार रुपए दिए। बाद में जब शक होने पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि मुख्यमंत्री का ऐसा कोई भतीजा नहीं है। दुर्ग से पाटन जिले में मुख्यमंत्री क पैतृक घर है, विधानसभा क्षेत्र है। इसी वजह से एक जैसे उपनाम की वजह से युवक लोगों को झांसे में ले रहा था।
बिलासपुर : स्वर्ण जयंती नगर स्थित आरबी अस्पताल प्रबंधन को लाइसेंस निरस्त के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने शनिवार को नोटिस जारी किया है । 100 बिस्तरों का सर्वसुविधाक्त अस्पताल होने के बावजूद वैश्विक महामारी एवं आपदा काल में कोविड मरीजों को सेवाएं दिए जाने से इंकार किए जाने के बाद , छग राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2010 व नियम 2013 में बनाये गये प्रावधान व छग शासन द्वारा घोषित अत्यावश्यक सेवाओं का उल्लघंन किए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने से 30 दिन पहले सूचित करने की जानकारी दी।
रायपुर : कोरोना संक्रमण को लेकर सभी भयभीत है । ऐसे में प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना बीमारी के नाम पर लोगों को गुमराह कर लाखों का बिल थमाया जा रहा है। इस तरह की शिकायतों को संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने गंभीरता से लिया हैं। उन्होंने इस मामले में शनिवार को मुख्यमंत्री से शिकायत की। विकास ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं देना किसी सामान बेचने जैसा नहीं है और ऐसा कर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले निजी अस्पताल के संचालक मेडिकल क्लीनिक कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट का खुला उलंघन कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा 90 फीसदी पीड़ितों द्वारा लगातार ये शिकायत मिल रही है कि निजी अस्पतालों में कोरोना का डर दिखा कर उनसे मनमाने तरीके से लाखों रुपए वसूली की जा रही है। कई मरीज तो ऐसे भी हैं जो इन निजी अस्पतालों में महज 3 दिन की फीस 6 लाख रुपये तक दे चुके हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीज बढ़े है, लिहाजा सरकारी अस्पतालों में अब जगह नहीं है। मजबूरन प्रदेश भर के संक्रमित लोग अच्छे इलाज की आशा में राजधानी रायपुर के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि इसका फायदा ये निजी अस्पतालों के संचालक भरपुर उठा रहे हैं। कई बार देखा गया है कि अगर अस्पताल का पूरा बिल न अदा किया गया हो तो मरीज़ को अस्पताल छोड़ने नहीं दिया जाता है। जिनकी मौत हुई उनकी लाश नहीं दी जाती। बाम्बे हाई कोर्ट ने इसे ग़ैर कानूनी बताया है। विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इन सभी बातों की शिकायत की है। मुख्यमंत्री से मांग करते हुए गहा है कि वर्चुअल मीटिंग लेकर सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को इस बारे में स्पष्ट हिदायत दें कि छत्तीसगढ़ की आम जनता के साथ किसी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं कि जाएगी और इस बात का ध्यान नहीं दिया गया या मनमानी जारी रही तो ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किया जाए।
भिलाई : मुक्ति धाम में कोरोना पीड़ित एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के पहले जमकर हंगामा हुआ । हुआ यह कि जिस दशरथ मारकंडे का शव बताकर परिजानों को दिया गया था असल में वह शव किसी और का निकला । इसका खुलाशा भी उस वक्त हुआ जब बेटी ने पिता के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई। पिता की जगह दूसरे का शव देखकर बेटी चीख पड़ी तब कोविड अस्पताल की लापरवाही सामने आई । तितुरडीह कर्मचारी नगर निवासी 52 वर्षीय दशरथ मारकंडे को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भिलाई जुनवानी स्थित शंकराचार्य कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे तीन दिन से भर्ती थे, जहां उसकी मौत हो गई। शंकराचार्य कोविड अस्पताल के कर्मचारियों ने मृतक दशरथ मारकंडे के परिजनों को इसकी जानकारी दी और शव को परिजनों को सौंप दिया। अस्पताल से शव मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के दौरान बेटी ने अपने पिता के अंतिम दर्शन करने की इच्छा जताई। बेटी की इच्छा पर पीपीई किट के भीतर से ही चेहरा दिखाया गया। चेहरा देखते ही बेटी चीख पड़ी। मुक्तिधाम में बेटी चिल्लाकर बोली ये मेरे पिता नहीं हैं। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों ने पास जाकर देखा तो जो शव अस्पताल ने दिया था वह दशरथ मारकंडे का नहीं दूसरे पुरुष का था। इसके बाद मृतक दशरथ मारकंडे के परिजनों ने मुक्तिधाम में हंगामा कर दिया।
बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों का आतंक लगातार बढ़ते ही जा रहा है। शनिवार को जन अदालत लगाकर फिर 4 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई। इन ग्रामीणों की पहचान नहीं हो पाई है। नक्सलियों के कब्जे में अभी भी 16 ग्रामीणों के होने की आशंका है। मामला गंगालूर थाना क्षेत्र का है। मौके पर पुलिसबल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों के मारे जाने की खबर आई है। उनके नाम और पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने ग्रामीणों के अगवा होने की पुष्टि नहीं की। बताया जाता है कि मामला नदी पार का मामला है। गांव वालों की मानें तो 2 दिन पहले नक्सलियों ने मेटापाल और पूसनार गांव से 25 ग्रामीणों को अगवा किया था। इनमें से 4 की हत्या कर दी गई।
कांकेर : पखान्जुर के छोटेबेठिया इलाके में नाविक को पुलिसिया रौब दिखाना थाना प्रभारी व जवानों को भारी पड़ा । नाविक की बेवजह पिटाई से बौखलाए गांव वालों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। गांव वालों के आक्रोश व बढ़ते विवाद के बाद आखिरकार थाना प्रभारी एमआर बरिहा ग्रामीणों के पैरों में गिर पड़े। मामले को शांत करने के लिए छोटे बेठिया थाना प्रभारी को थाना परिसर में ही सामूहिक रूप से ग्रामीणों के सामने हाथ-पैर जोड़ माफी मांगनी पड़ी। तब जाकर मामला शांत हुआ। बताया जाता है कि 3 सितंबर को ग्राम छोटेबेठिया का साप्ताहिक बाजार था। कोटरी नदी उसपार के करीब 20 गांव के ग्रामीण नाव के सहारे साप्ताहिक बाजार पहुंचे थे। यहां नाविक के साथ बहस होने पर थाना प्रभारी ने जवानों के साथ पुलिसिया रौब दिखाते मारपीट कर दी। 4 सितंबर की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधी छोटेबेठिया थाना पहुंचे और थाना प्रभारी व जवानों को घेरकर जमकर खरीखोटी सुनाई। मामले का पटाक्षेप करने थान प्रभारी ने हाथ-पैर जोड़े और ग्रामीणों के कहने पर जमीन में झुककर कसम खाते माफी मांगी। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं करने का वादा किया।
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