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  • पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो नक्सली, एके-47 बरामद

    09-Oct-2024

    चतरा। झारखंड के चतरा जिले के गनियातोरी जंगल में बुधवार शाम को पुलिस और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के हथियारबंद दस्ते के बीच मुठभेड़ में कम से कम दो नक्सली मारे गए हैं। इनकी पहचान संगठन के सब जोनल कमांडर हरेंद्र गंझू और ईश्वर के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से एक नक्सली को गिरफ्तार भी किया है। एक एके-47 भी बरामद किया गया है। चतरा के एसपी विकास पांडेय ने दो नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है। बताया गया कि सदर थाना और वशिष्ठनगर जोरी थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित गनियोतरी जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के हथियारबंद दस्ते की गतिविधियों की सूचना पर चतरा सदर इलाके के एसडीपीओ संदीप सुमन की अगुवाई में पुलिस और सुरक्षा बल की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी बीच जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा लेकर फायरिंग की। नक्सलियों के दस्ते की अगुवाई टीएसपीसी का सबजोनल कमांडर हरेंद्र गंझू कर रहा था। इसी साल फरवरी महीने में इसी थाना क्षेत्र के बैरियो जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो जवान शहीद हो गए थे। 


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  • इजरायली सेना ने लेबनान के नागरिकों को खंभें में बांधकर पीटा

    09-Oct-2024

    नई दिल्ली। लेबनान में इजरायली सेना का सैन्य अभियान जारी है. जमीन से लेकर आसमान तक इजरायली डिफेंस फोर्सेस के जवान हमले कर रहे हैं. मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमलों में सैकड़ों इमारतें तबाह हो चुकी हैं. यही वजह है कि बेरुत शहर से बड़ी संख्या लोगों का विस्थापन हुआ है. ऐसे में लोगों के घर खाली पड़े हैं. यहां के चोर इस बात का फायदा उठाकर लोगों के घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस ने इन चोरों को सबक सिखाने के लिए एक अनोखा काम शुरू किया है। इसके तहत पुलिस चोरों को पकड़कर बिजली के पोल से उनके हाथ-पैर बांध दे रही है. पहले सार्वजनिक उनकी पिटाई की जा रही है. उसके बाद उनके गले में 'मैं चोर हूं' लिखी हुई तख्ती लटका दी जा रही है. इस तरह लेबनानी पुलिस चोरी की वारदात को रोकने का प्रयास कर रही है. वैसे यहां के शहरों में चोरों के कई गिरोह सक्रिय हैं. ये लोग आए दिन लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. खासकर खाली पड़े घर इनके निशाने पर होते हैं।  जंग के माहौल में इन चोरों की चांदी हो गई है। उधर, हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली हमले तेज होते जा रहे हैं. बीती रात एक बार फिर इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत में एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट किए. इसके बाद बेरुत के दक्षिणी उपनगरों में देर रात विस्फोट की तेज आवाज के साथ साथ आग की भयानक लपटें दिखाई दी. इन हमलों में इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के सारे ठिकाने को एक-एक कर निशाना बना रही है. इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के  अंडरग्राउंड कमांड सेंटर को उड़ाने का दावा किया है। इस हममें 6 सीनियर कमांडर समेत 50 लड़ाके मारे गए है. इसके साथ ही इजरायली सीमा में आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के एक विस्फोटकों से भरे टनल को भी तबाह कर दिया. लेबनान में इस बड़े हमले के बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी कर लेबनान के लोगों से अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपने देश से हिज्बुल्लाह को खत्म करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि लेबनान के लोग अपने देश को हिज्बुल्लाह से मुक्त करें, ताकि युद्ध समाप्त हो सके। लेबनान पर हो रहे इन हमलों के बाद हिज्बुल्लाह कमजोर पड़ता दिख रहा है. खुद उसके कार्यवाहक प्रमुख नईम कासेम ने युद्धविराम की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि एक बार सीज़फायर हो जाए फिर बाकी चीज़ों पर चर्चा करेंगे. हालांकि कासेम ने साफ कर दिया है कि सीजफायर से पहले किसी भी मुद्दे पर बात नहीं होगी. इस बीच लेबनान और गाजा पर हो रहे हमलों से नाराज लोग आए दिन इजरायल के आम लोगों पर हमला कर रहे हैं. ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं. बुधवार को इजरायल के हदेरा शहर में चाकूबाजी की बड़ी घटना हुई. इसमें 6 लोग घायल हो गए, जिसमें दो लोगों की स्थिति गंभीर है. अच्छी बात ये रही कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने समय रहते हमलावर को मार गिराया. लेबनान पर बीते दो हफ्तों के अंदर हुए इजरायली हमलों में 2100 लोगों की जान जा चुकी है. करीब 12 लाख लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है. विस्थापित हो रहे लोग बेरुत से दूर लेबनान के दूसरों हिस्सों में जाकर शरण ले रहे हैं। 


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  • कांग्रेस नेता पवन खेड़ा चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे

    09-Oct-2024

    दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के सिलसिले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। 


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  • एसिड अटैक पीड़िता की मौत, परिजन भड़के, अगवा कर जंगल ले गए थे जालिम

    08-Oct-2024

    अमरोहा: यूपी के अमरोहा की एसिड अटैक पीड़िता ने आखिरकार इलाज के दौरान मेरठ मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि रहरा थाना क्षेत्र के गांव पथरा मुस्तकम निवासी किसान की 14 वर्षीया बेटी कक्षा आठ की छात्रा थी। उसकी मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे मेरठ के लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। गौरतलब है कि सात अक्टूबर तड़के छात्रा को दो लोग अगवा कर जंगल में ले गए थे और उसके चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया था। गंभीर हालत में छात्रा जैसे तैसे परिजनों तक पहुंची। पीड़िता के भाई ने घटना के बाद बयान में बताया था कि उसकी बहन का चेहरा व शरीर झुलसा हुआ और कपड़े फटे हुए थे। परिजन छात्रा को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसके शरीर 60 फीसदी हिस्से की हालत नाज़ुक होने पर लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज मेरठ रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत से परिजनों में आक्रोश है। परिजनों ने घटना से संबंधित तहरीर थाना रहरा को सोमवार को दे दी गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग साढ़े तीन बजे की यह घटना शाम 3.30 बजे प्रकाश में आई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सर्विलांस टीम व डाग स्क्वायड टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंच कर साक्ष्य इकठ्ठा किए थे। पुलिस का दावा है कि गांव निवासी प्रेमपाल व उसके लड़के से रंजिश चली आ रही है। पुलिस उक्त वारदात को रंजिश से जोड़कर देख रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया गांव निवासी आरोपी प्रेमपाल व पुत्र जोगेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिता-पुत्र समेत दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि नाबालिग छात्रा के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ धोखे में डाल गया था। 


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  • तीन लड़कों को कार ने रौंदा, मंजर देख कांपी लोगों की रूह

    06-Oct-2024

    फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक्सीडेंट का दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. जिसे देखकर आप भी डर जाएंगे. सीसीटीवी के मुताबिक सड़क के किनारे बैठे तीन लड़कों को तेज रफ्तार कार ने रौंदा था. जिससे एक लड़के की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि दो की हालत गंभीर है. घटना कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के कानपुर मार्ग पर पाल गेस्ट हाउस के निकट की बताई जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक तीन लड़के रोज की तरह दौड़ने के लिए गए थे. तीनों दौड़ने के बाद थक गए थे. जिसके चलते सड़क के किनारे तीनों बैठ गए थे. इस दौरान आराम करते हुए वो आपस में बात भी कर रहे थे. लेकिन इसी बीच एक तेज रफ्तार कार आई और तीनों को कुचलते हुए निकल गई. जिससे एक लड़के की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. इस दौरान सड़क के दूसरी तरफ मौजूद लोगों की जब नजर पड़ी तो तुरंत भागकर गए, लेकिन तब तक कार सवार भाग चुका था. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देकर घायल दोनों लड़कों को अस्पताल में भर्ती कराया है. वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है. हालांकि, अभी कार चालक को गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही कार को बरामद किया गया है. 


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  • Exit Poll 2024: हरियाणा के Exit Poll के नतीजे आए सामने

    05-Oct-2024

    हरियाणा। हरियाणा में विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म हो चुकी है। 8 अक्टूबर को पता चलेगा कि BJP यहां जीत की हैट्रिक पूरी करेगी या 10 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी। इन सवालों का जवाब जानने के लिए हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों तक पहुंचे। आम लोगों, पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स और सीनियर जर्नलिस्ट से बात करके हवा का रुख समझा। इस बातचीत से समझ आया कि हरियाणा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनेगी और वह अपने बलबूते सरकार भी बना सकती है। लगातार दो बार से सरकार बना रही BJP बहुमत के लिए जरूरी 46 सीटों के आंकड़े से दूर दिख रही है। पार्टी दूसरे नंबर पर रह सकती है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि 18 सीटें ऐसी हैं, जहां दोनों के बीच कड़ा मुकाबला है। BJP-कांग्रेस के अलावा बाकी पार्टियों में इनेलो-बसपा गठबंधन, जजपा-असपा गठबंधन, आम आदमी पार्टी कोई उलटफेर करते नजर नहीं आ रहे। हरियाणा के पॉलिटिकल एक्सपर्ट विजय सभरवाल कहते हैं, ‘मुझे नहीं लगता BJP इस बार जीत की हैट्रिक लगा पाएगी। पहली वजह ये है कि 2014 और 2019 में PM मोदी का नाम चला था, अब ऐसा नहीं है। किसानों को 13 महीने आंदोलन पर बैठना पड़ा। इससे रूरल एरिया में पार्टी के खिलाफ माहौल बना है। वहां लोग BJP को पसंद नहीं कर रहे हैं।' ‘दूसरी वजह मनोहर लाल खट्टर हैं। उन्होंने 10 साल तक दूसरे नेताओं को निपटाने की राजनीति की। जाट नेता निपटा दिए, अनिल विज को किनारे कर दिया। ये चीजें मैटर करती हैं। पुराने नेताओं को खत्म करने का नुकसान हुआ।

    कांग्रेस से गए नेताओं की क्रेडिबिलिटी कम हो चुकी है।’ 'तीसरी वजह है नायब सैनी को आखिरी टाइम पर मुख्यमंत्री बनाना। इसका बहुत असर नहीं हुआ। उन्हें सैनी समाज का सपोर्ट जरूर है, लेकिन पूरा समाज कभी भी एक लीडर के सपोर्ट में नहीं होता। सैनी को पहले CM बना देते, तो शायद वे BJP को अच्छी स्थिति में ला सकते थे। कांग्रेस की बात करें तो कुमारी सैलजा कांग्रेस को ज्यादा डैमेज नहीं कर पाएंगी। रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी डैमेज कर सकते थे।' हरियाणा के पॉलिटिकल एक्सपर्ट धर्मेंद्र कंवारी कहते हैं, ‘कांग्रेस ऐसी पार्टी नहीं, जो प्लस-माइनस पॉइंट पर चलती हो। कांग्रेस ने पिछले 10 साल में ऐसा कुछ नहीं किया कि प्रदेश के लोग उस पर मेहरबान हो जाएं।’ ‘कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति इसलिए बन रही है क्योंकि BJP ने 10 साल में अच्छा काम नहीं किया। हरियाणा के लोगों ने तो 10 साल पहले इसी कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया था। कांग्रेस को तीसरे दर्जे की पार्टी बना दिया था।’ ‘BJP के खराब काम का फायदा कांग्रेस को मिल रहा है। BJP का तो पूरा प्रचार सैलजा से शुरू होकर सैलजा पर खत्म हो गया।

    BJP की रणनीति थी कि एससी वोट बैंक को हिला दें, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।’ ‘2019 में BJP ने 75 पार का नारा दिया था। तब लग रहा था वो सरकार बनाएगी और बनाई भी। यही माहौल कांग्रेस का है। 250 छोटे-बड़े नेता कांग्रेस में चले गए। इससे कांग्रेस अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही है।’ ‘कांग्रेस में हुड्डा और सैलजा ऐसे फैक्टर हैं, जिनका कोई इलाज नहीं है। सैलजा के ऐसे बयान भी आए, लेकिन कांग्रेस से BJP में गए अशोक तंवर के पार्टी में वापस आने से यह मामला थम गया।’ कंवारी आगे कहते हैं, ‘2019 से 2024 का BJP का कार्यकाल करप्शन वाला रहा। फैमिली ID और प्रॉपर्टी ID ने हरियाणा में BJP को लोगों के बीच अनपॉपुलर बना दिया। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपना मुख्यमंत्री बदला। पंजाबी चेहरे से OBC चेहरे पर आए। नायब सिंह सैनी को अभी हरियाणा का पता नहीं है। उन्हें जीत के लिए हेमा मालिनी को लाना पड़ रहा है।’ सीनियर जर्नलिस्ट कुमार मुकेश कहते हैं, ‘कांग्रेस हरियाणा में सरकार बनाते दिख रही है। इस बार BJP के लिए 2019 के मुकाबले ज्यादा एंटी इनकम्बेंसी है। किसान आंदोलन का काफी असर रहा। यही वजह है कि कांग्रेस रुझानों में आगे दिख रही है। मुझे लगता है कि रुझान सही रहने वाले हैं। ‘जहां तक रीजनल पार्टियों का सवाल है, तो मुझे लगता है जिस तरह लोकसभा चुनाव में लोगों ने BJP और कांग्रेस को ही वोट दिए, विधानसभा चुनाव में भी ऐसे ही वोटिंग हुई। रीजनल पार्टियों का असर नहीं रहा। एक बात और अहम है कि लोगों काे कांग्रेस से कोई ज्यादा प्रेम नहीं है।' ‘BJP ने जरूर कुमारी सैलजा के बहाने दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की, मगर कुमारी सैलजा बाद में एक्टिव हो गईं और कांग्रेस के लिए प्रचार किया।’ 


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  • Exit Poll 2024: जम्मू-कश्मीर के Exit Poll के नतीजे आए सामने

    05-Oct-2024

    नई दिल्ली। जम्मू क्षेत्र में बीजेपी को सबसे अधिक सीट मिल रही है। पीडीपी को सबसे कम सीट मिल रही है। एनसी मिडिल में बना हुआ है। बीजेपी को 27-31 सीट, एनसी को 40-48 सीट, पीडीपी- 0-2 सीट मिल रही है। जम्मू-कश्मीर की सभी 90 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। जम्मू-कश्मीर में इस बार तीन चरणों में वोटिंग हुई। एक अक्टूबर को आखिरी चरण का मतदान हुआ था। आज (शनिवार) शाम एग्जिट पोल आ गया है। बीजेपी को जम्मू क्षेत्र में 27-31 सीटें मिलती दिख रही हैं। जम्मू-कश्मीर में बीजेपी बाजी मारेगी या कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन को जीत मिलेगी, हालांकि, इस बार इंजीनियर रशीद की पार्टी और पीडीपी भी कई सीटें जीतने का दावा कर रही है। दक्षिण कश्मीर में पीडीपी और सेंट्रल कश्मीर में नेकां की पकड़ मजबूती से दिख रही है। वहीं, सज्जाद लोन और इंजीनियर रशीद भी अपनी उस्थिति दर्ज कराने का दावा कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए सीवोटर के सर्वे के मुताबिक जम्मू रीजन की 43 सीटों में से बीजेपी को यहां से 27 से 32 सीटें हासिल हो सकती हैं. जबकि एनसी को 40 से 48 सीटें मिल सकती हैं. वहीं पीडीपी को 2 और अन्य को एक सीट मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हुए, अब कुछ सवाल हैं।

    क्या नए कश्मीर का दावा करने वाली BJP सरकार बना पाएगी? या फिर 16 साल बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी और लोकसभा चुनाव के बाद नए तेवर में दिख रही कांग्रेस का क्या होगा? इन सवालों का जवाब जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर्स जम्मू-कश्मीर की सभी 90 विधानसभा सीटों तक गए और हवा का रुख समझा। जम्मू-कश्मीर में तीन फेज में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को वोटिंग हुई थी। इस दौरान हमने आम लोगों, पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल पार्टियों से बात की। इससे समझ आया कि 10 साल बाद भी जम्मू-कश्मीर में एक पार्टी या अलायंस को बहुमत के लिए जरूरी 46 सीटें मिलती नहीं दिख रही हैं। सबसे ज्यादा सीटें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस के अलायंस को मिल सकती हैं। दूसरे नंबर पर BJP रह सकती है। पिछली CM महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP की सीटें भले दहाई से कम रहें, लेकिन वे किंगमेकर की भूमिका में आ सकती हैं। इस बार निर्दलीय उम्मीदवार भी सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन सरकार बनाने के सबसे करीब है। इसे 35 से 40 सीटें मिल सकती हैं। इतनी सीटें सरकार बनाने के लिए नाकाफी हैं, इसलिए PDP या निर्दलियों की जरूरत पड़ेगी। ये गठबंधन कश्मीर की 47 सीटों में से ज्यादातर पर मजबूत दिख रहा है। 2014 में दोनों पार्टियों ने 27 सीटें जीती थीं। इस लिहाज से अलायंस को 10 से ज्यादा सीटों का फायदा हो सकता है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 51 और कांग्रेस ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा है। 5 सीटों पर दोनों ने अलग-अलग कैंडिडेट उतारे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस 28 से 32 और कांग्रेस 7 से 12 सीटों पर जीत सकती है। CPI (M) और पैंथर्स पार्टी को 1-1 सीट दी गई है।

    2014 के विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रही BJP इस बार भी उसी पोजिशन पर रह सकती है। पार्टी को 20 से 25 सीटें मिल सकतीं हैं। जम्मू की 43 सीटों पर आधे या इससे ज्यादा पर BJP को जीत मिल सकती हैं। इस बार कश्मीर घाटी में भी पार्टी का खाता खुल सकता है। उम्मीद गुरेज सीट से है। यहां से फकीर मोहम्मद खान पार्टी के कैंडिडेट हैं। फकीर मोहम्मद 28 साल पहले 1996 में गुरेज से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। 2002 का विधानसभा चुनाव हार गए। फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। 2008 और 2014 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़े, लेकिन बहुत कम वोटों के अंतर से हार गए। 2014 में तो फकीर सिर्फ 141 वोट से हारे थे। अब वे BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। गुरेज सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के कैंडिडेट नजीर अहमद खान लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं। वे इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से साफ हो गया था कि महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP घाटी की सियासत में पकड़ खो रही है। लोकसभा चुनाव में PDP एक भी सीट नहीं जीत पाई।

    महबूबा मुफ्ती खुद अनंतनाग से चुनाव हार गईं। विधानसभा चुनाव में भी नतीजे अलग नहीं दिख रहे हैं। शुरुआत में PDP कमजोर नजर आ रही थी। दूसरे और तीसरे फेज के चुनाव आते-आते स्थिति थोड़ी सुधर गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि PDP सिर्फ 4-7 सीटें जीत पाएगी। इसके बावजूद सरकार बनाने की लिए दूसरी पार्टियों को उनकी जरूरत पड़ेगी। बहुत चांस हैं कि PDP नतीजे आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाए। निर्दलीय और छोटी पार्टियों के खाते में 9 से 12 सीटें जाती दिख रही हैं। बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद की अवामी इत्तेहाद पार्टी के सपोर्ट वाले कैंडिडेट 2-3 सीटें जीत सकते हैं। एक्सपर्ट मान रहे थे कि वे मजबूत स्थिति में थे, लेकिन चुनाव से पहले बेल मिलने से उन पर BJP की B टीम होने के आरोप लगे। इससे इंजीनियर राशिद को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सज्जाद लोन की 'पीपुल्स कॉन्फ्रेंस' को 1-2 सीटें और अल्ताफ बुखारी की 'अपनी पार्टी' को 0-1 सीटें मिल सकती हैं। कश्मीर के पॉलिटिकल एक्सपर्ट अजहर हुसैन कहते हैं, ‘मुझे नहीं लगता है कि किसी पार्टी या अलायंस को बहुमत के लिए जरूरी 46 सीटें मिल सकेंगी। कश्मीर में सबसे बड़ी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस रहेगी। जम्मू में BJP के पास बढ़त रहेगी।' 'इस बार निर्दलियों का रोल सबसे अहम होने वाला है। निर्दलीय कैंडिडेट 8-10 सीटें जीत सकते हैं।

    छोटी पार्टियों के एक-दो कैंडिडेट ही जीतेंगे, लेकिन सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रहेगी। 2-3 महीने पहले लोकसभा चुनाव हुए थे, तब इंजीनियर राशिद के मैदान में आने से नॉर्थ कश्मीर की पॉलिटिक्स में नया मोड़ आया था।’ अजहर हुसैन आगे कहते हैं, ‘BJP को 25 से 30 सीटें मिल सकतीं हैं। BJP कह चुकी है कि निर्दलीय विधायकों को मिलाकर सरकार बना सकती है। कश्मीर घाटी में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। अलायंस को 35 से 40 सीटें मिल सकतीं हैं।’ ‘महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में मेरे बगैर हुकूमत नहीं बन सकती। इसी तरह पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चीफ सज्जाद लोन ने भी कहा कि सरकार बनाने में किसी कम्युनल पार्टी का सपोर्ट नहीं करेंगे। दोनों पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के अलायंस के साथ आ सकती हैं।’ ‘इस लिहाज से BJP के पास सरकार बनाने के ऑप्शन कम हैं। INDIA अलायंस के पास ज्यादा मौके हैं। इंजीनियर राशिद की पार्टी भी BJP के साथ नहीं जाना चाहेगी क्योंकि उन्होंने BJP के खिलाफ बोलकर ही वोट मांगे हैं।’ 


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  • हेड कांस्टेबल और युवक की मारपीट कैमरे में कैद, एसएसपी ने लिया ये एक्शन

    05-Oct-2024

    बरेली: यूपी पुलिस के सिपाही और दारोगा की करतूत के चलते अक्सर ही विभाग की छवि धूमिल हो जाती है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। बरेली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक हेड कांस्टेबल और एक युवक आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं। दरअसल शराब के नशे में धुत थाने के हेड कांस्टेबल का एक व्यक्ति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान जमकर डंडे और कुर्सियां चलीं। बीच सड़क पर हुई फाइट को देखने के लिए लोगों का मजमा लगने लगा। मामला एसएसपी अनुराग आर्य के संज्ञान में आया तो उन्होंने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया। भमोरा थाने में तैनात मुख्य आरक्षी अमित सिंह का शराब के नशे में ऑटो हटाने को लेकर ऑटो चालक विनोद पुत्र कुंवरसेन निवासी ग्राम बलेई भगवन्तपुर थाना बिशारतगंज से मारपीट हो गया। मौके पर भीड़ जुट गई। इसका वीडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस की छवि धूमिल करने के मामले में हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। थाना प्रभारी भमोरा को स्वयं संज्ञान लेकर किशन प्रताप सिंह पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंह और अमित सिंह पर अभियोग दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की छवि धुमिल करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। 


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  • भारत-पाक रिश्तों पर वार्ता के लिए नहीं, एससीओ बैठक के लिए जा रहा हूं इस्लामाबाद: एस जयशंकर

    05-Oct-2024

    नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाने वाले हैं। उन्होंने पड़ोसी देश की अपनी आगामी यात्रा के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच किसी वार्ता की संभावना से इनकार किया है। जयशंकर ने माना कि दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रकृति को देखते हुए उनकी पाकिस्तान यात्रा पर मीडिया का खासा ध्यान रहेगा लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा किसी बातचीत के लिए नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि लगभग एक दशक में यह पहली बार है कि देश के विदेश मंत्री पाकिस्तान का दौरा करेंगे। दोनों देशों के बीच संबंध खास तनावपूर्ण रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण पाकिस्तानी धरती से संचालित होने वाली आतंकी गतिविधियां हैं। विदेश मंत्री ने कहा, "यह (यात्रा) एक बहुपक्षीय कार्यक्रम के लिए होगी। मैं वहां भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने नहीं जा रहा हूं। मैं एससीओ के एक अच्छे सदस्य के रूप में वहां जा रहा हूं। आप जानते हैं, मैं एक विनम्र और सभ्य व्यक्ति हूं, इसलिए उसी के अनुसार व्यवहार करूंगा।" पाकिस्तान 15 और 16 अक्टूबर को एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की बैठक की मेजबानी कर रहा है। अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताते हुए जयशंकर कहा, "मैं इस महीने पाकिस्तान जाने वाला हूं। यह यात्रा एससीओ शासनाध्यक्षों की मीटिंग के लिए है। आम तौर पर, राष्ट्राध्यक्षों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के लिए प्रधानमंत्री जाते हैं। इस साल यह मीटिंग इस्लामाबाद में हो रही है क्योंकि पााकिस्तान ग्रुप का एक नया सदस्य है।" आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस द्वारा आयोजित सरदार पटेल व्याख्यान में जयशंकर ने पाकिस्तान पर उसकी आतंकी गतिविधियों को लेकर परोक्ष हमला भी किया। विदेश मंत्री ने कहा, "आतंकवाद एक ऐसी चीज है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। हमारे एक पड़ोसी ने आतंकवाद का समर्थन करना जारी रखा है। इस क्षेत्र में यह हमेशा नहीं चल सकता। यही कारण है कि हाल के वर्षों में सार्क की बैठकें नहीं हुई हैं।' जयशंकर ने आगे कहा, "हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि क्षेत्रीय गतिविधियां बंद हो गई हैं। वास्तव में, पिछले 5-6 वर्षों में, हमने भारतीय उपमहाद्वीप में कहीं अधिक क्षेत्रीय एकीकरण देखा है। आज, यदि आप बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और श्रीलंका के साथ हमारे संबंधों को देखें, तो आप पाएंगे कि रेलवे लाइनों को बहाल किया जा रहा है, सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है और बिजली ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है।" 


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  • पालमपुर-सोलन में भांग की खेती करेगी सरकार

    05-Oct-2024

    शिमला। प्रदेश में स्थित कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालयों की जमीन पर पायलट आधार पर भांग की खेती की शुरुआत की जाएगी। पहले इनकी जमीन पर इसका प्रयोग किया जाएगा, जिसके बाद इसे कानूनी जामा पहनाकर प्रदेश में लागू किया जाएगा। भांग की खेती को प्रदेश में कानूनी वैद्यता देने के मामले को लेकर यह निर्णय लिया गया है। शुक्रवार का इस मामले को लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग के साथ कृषि विभाग, बागबानी विभाग व पालमपुर व सोलन विश्वविद्यालयों के साथ बैठक की। सचिवालय में हुई इस बैठक में नौणी विश्वविद्यालय और पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भंाग की खेती को लेकर अपनी-अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस रिपोर्ट में उनके द्वारा सुझाव दिए गए हैं, जिन पर इस बैठक में चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त युनूस को कहा गया है कि वह दोनों रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे और उसमें से जो भी सुझाव आएंगे, उन्हें अपनाया जाएगा। इससे पहले इन दोनों विश्वविद्यालयों में से किसी एक की जमीन पर भंाग की खेती को पायलट आधार पर शुरू करने को कहा गया था, ताकि भांग की मेडिसिनल वेल्यू को देखते हुए इसका उपयोग किस तरह के उद्योगों में और कितना करना चाहिए, उसके बारे में पूरी जानकारी सामने आए। प्रयोग में यह भी देखा जाएगा कि किस जगह के भंाग के बीज का इस खेती में होना चाहिए। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है, जिसने विधानसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की थी और वहां से इसे मंजूरी दे दी गई है, परंतु अभी यहां पर इसके मेडिसिनल उपयोग को लेकर कई तरह के प्रयोग किए जाने हैं, जिसके बाद इस खेती को हिमाचल में वैद्य किया जा सकता है। प्रयोगों के बाद इसे कानूनी जामा पहनाया जाएगा और राज्य कर एवं आबकारी विभाग इसका नोडल डिपार्टमेंट होगा। 


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  • Govindsagar में वाटर स्पोट्र्स को हाई कोर्ट में चुनौती

    05-Oct-2024

    शिमला। प्रदेश उच्च न्यायालय ने गोविंदसागर झील में चल रही वॉटर स्पोट्र्स गतिविधियों पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव सहित पर्यटन निदेशक, पर्यटन खेल, व्यापार एवं रोजगार सृजन सोसायटी के अध्यक्ष सह-उपायुक्त जिला बिलासपुर, मैसर्ज हिमालयन एडवेंचर और मेसर्ज गंधर्वी बिल्डर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 अक्तूबर को निर्धारित की है। इस संबंध में प्रार्थी मेसर्ज एमजी स्काई एडवेंचरज ने हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि डीसी बिलासपुर मनमाने तरीके से गोविंदसागर झील में वाटर स्पोट्र्स गतिविधियां करवा रहे है, जबकि इन गतिविधियों को चलाने के लिए सिर्फ और सिर्फ प्रार्थी को ही टेंडर जारी किया गया है। आरोप लगाया गया है कि प्रार्थी हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ वाटर स्पोट्र्स से जुड़ी गतिविधियां करवाने के लिए पंजीकृत है, जबकि डीसी बिलासपुर मेसर्ज हिमालन एडवेंचर और मेसर्ज गंधर्वी बिल्डर के माध्यम से अवैध गतिविधियां करवा रहा है। आरोप लगाया गया है कि हिमालयन एडवेंचर और गंधर्वी बिल्डर्स न तो प्रदेश सरकार में वाटर स्पोट्र्स के संचालन के लिए पंजीकृत है और न ही उन्होंने अनुभवी ट्रेनर तैनात किए हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीसी बिलासपुर इसमें अहम भूमिका निभा रहे है। कोर्ट को याचिका के माध्यम से बताया गया कि नियमों के मुताबिक 15 जुलाई से 15 सितंबर तक किसी भी वॉटर स्पोट्र्स गतिविधि पर रोक रहती है, जबकि डीसी बिलासपुर द्वारा मेसर्ज हिमालय एडवेंचर और गन्धर्वी बिल्डर्स से अवैध गतिविधियां करवाई गई। कोर्ट को बताया गया कि इन अवैध गतिविधियों को 30 अगस्त के दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित किया था इसके बाद डीसी ने उल्टे प्रार्थी को ही इन अवैध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रार्थी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि इन अवैध गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से बंद करवाया जाए और टेंडर के अनुसार प्रार्थी फर्म को ही वॉटर स्पोट्र्स गतिविधियां करवाने के आदेश दिए जाए। 


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  • बांग्लादेश को करारा जवाब देने को तैयार भारतीय पेस अटैक

    04-Oct-2024

    दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ क्लीनस्वीप किया और अब दोनों टीमों के बीच 6 अक्टूबर से तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जानी है। सीरीज का पहला मैच ग्वालियर के न्यू माधवरॉव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है, जिसकी तैयारी में टीम इंडिया जुट चुकी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें टी20 सीरीज से पहले भारतीय पेस बैटरी ने बॉलिंग कोच मोर्न मोर्कल की निगरानी में जमकर गेंदबाजी की। हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह जहां अनुभवी खिलाड़ी हैं, वहीं मयंक यादव और हर्षित राणा के रूप में इस पेस अटैक में यंग गन भी शामिल है।

     
    मयंक और हर्षित दोनों ने डोमेस्टिक क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी गेंदबाजी से काफी ज्यादा प्रभावित किया है और अब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपना जलवा दिखाने का मौका मिल सकता है। बॉलिंग कोच मोर्न मोर्कल ने इस दौरान हर्षित और मयंक के साथ काफी समय बिताया, दोनों को टिप्स भी दिए और दोनों की गेंदबाजी पर करीब से नजर बनाए रखी।
     
    जिस तरह से इन चारों ने नेट्स पर पसीना बहाया है, उसे देखकर बांग्लादेशी बैटर्स के भी पसीने छूट सकते हैं। भारत बनाम बांग्लादेश टी20 शेड्यूल की बात करें तो पहला मैच 6 अक्टूबर को दूसरा मैच 9 अक्टूबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। वहीं तीसरा मैच 12 अक्टूबर से हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।
     
    इंडिया टी20 स्क्वॉडः सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, रियान पराग, नीतीश रेड्डी, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, जितेश शर्मा, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, मयंक यादव।
     
    बांग्लादेश टी20 स्क्वॉडः नजमुल हुसैन शंटो, तौहिद ह्रदय, तंजिद हसन, महमूदुल्लाह, मेहदी हसन, मेहदी हसन मिराज, परवेज हुसैन इमोन, लिटन दास, जाकिर अली, रिशाद हुसैन, मुस्तफिजुर रहमना, तस्किन अहमद, तंजिम हसन साकिब, शोरीफुल इस्लाम, रकीबुल हसन।

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  • इजराइल का ईरान पर हमला : क्या है इसके पीछे की वजह?

    04-Oct-2024

    बीते एक साल से हमास, हिजबुल्लाह के साथ जारी इजरायल के युद्ध ने इसी सप्ताह मंगलवार को नया मोड़ ले लिया था। पहली बार ईरान जैसे बड़े देश ने इजरायल पर सीधा हमला बोलते हुए 200 मिसाइलें दाग दी थीं। इस हमले में इजरायल के बड़े इलाके को टारगेट किया गया था। इजरायल के आयरन डोम सिस्टम ने इन मिसाइलों को आसमान में ही रोक लिया। अब इजरायल की तैयारी ईरान को जवाब देने की भी है। इजरायली सूत्रों का कहना है कि कुछ ही दिनों में जोरदार हमला हो सकता है। फिलहाल इजरायल यह प्लानिंग कर रहा है कि कैसे ईरान को जवाब दिया जाए।

     
    अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल की ओर से ईरान पर टारगेट अटैक किए जा सकते हैं। इसके तहत इस्लामिक मुल्क के पावर स्टेशनों पर अटैक किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो ईरान के बड़े इलाके में अंधेरा छा सकता है और ऐसी स्थिति में इजरायल के हमले और तेज हो सकते हैं। यही नहीं इजरायल की ओर से ईरान के तेल उत्पादन वाले ठिकानों पर भी अटैक की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो हालात बेहद बिगड़ सकते हैं। यह इसलिए भी क्योंकि ईरान पहले ही धमकी दे चुका है कि यदि इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की तो अब हम जो हमले करेंगे, उसमें उसके सभी जरूरी ठिकानों को टारगेट करेंगे।
     
    इस बीच इजरायल का कहना है कि यदि ईरान ने हमारे अटैक के जवाब में फिर ऐक्शन लिया तो फिर हम उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी ठिकानों पर भी हमले करेंगे। इजरायल का कहना है कि हम ईरान के कुछ अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी टारगेट कर सकते हैं। इस तरह पश्चिम एशिया में एक नया फ्रंट खुल गया है। खासतौर पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त सैनिक भेजने, फ्रांस की ओर से इजरायल के ऐक्शन को वाजिब ठहराने से तनाव और बढ़ गया है। इस जंग में अब खेमेबंदी बनती जा रही है।
     
    ईरान को भी  इजरायल का डर, पहले ही सुरक्षित ठिकाने में खामेनेई
    इजरायल की जवाबी कार्रवाई का डर ईरान को पहले ही है। यही वजह है कि उसके शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई बंकर में हैं। आज हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह को दफनाया जाना है। इस मौके पर खामेनेई कुछ वक्त के लिए बंकर से निकल सकते हैं, लेकिन उनके रुख से साफ है कि ईरान में इजरायली अटैक का खौफ है। फिलहाल जुमे की नमाज पर खामेनेई हजारों लोगों का नेतृत्व कर सकते हैं।

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  • जमीन विवाद में बेटे ने पिता की हत्या कर शव खेत में फेंका, पुलिस ने दर्ज की FIR…

    02-Oct-2024

    यूपी :- कन्नौज में एक बीघा जमीन के विवाद में बेटे ने पिता को ईंट से कूंचकर मार डाला। वारदात के बाद शव खेत पर फेंक दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। हत्यारोपी की तलाश की जा रही है। बेहरिन निवासी रामशंकर बाथम के गांव में ही पांच बीघा खेत हैं। उसके तीन बेटे और बेटी है। धर्मवीर बड़ा है, उससे छोटा राजवीर गंभीर बीमारी से ग्रसित है और कानपुर के नर्सिंगहोम में भर्ती है। सबसे छोटा बेटा गोविंद मानसिक रूप से कमजोर है।

     
    राजवीर के इलाज के लिए पैसों की जरूरत के चलते रामशंकर एक बीघा जमीन बेचना चाहता था। इसे लेकर धर्मवीर से उसकी कहासुनी हुई। सोमवार को बेटी ससुराल से गांव पहुंची तो पिता और धर्मवीर के घरों पर ताले लटके देखे। गांव वालों से पूछा तो पता चला कि दो दिन से ताले लगे हैं। इस पर वह कोतवाली पहुंची और पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने बताया कि रविवार शाम धर्मवीर पिता को ले गया था, इसके बाद से दोनों का पता नहीं है। धर्मवीर का परिवार भी घर से गायब मिला। इसी बीच कुछ ग्रामीण खेतों की तरफ गए तो रामशंकर का शव दिखा। पुलिस ने शव बरामद करने के बाद पूछताछ की। सीओ के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि एक बीघा जमीन के लिए हत्या की गई है।

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  • बिहार की बर्बादी: बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया

    02-Oct-2024

    बिहार में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। नेपाल में हो रही भारी बारिश के पानी से आधा बिहार (नार्थ बिहार) डूबा हुआ है। बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। 16 जिलों के करीब 10 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सब कुछ डूब गया है। ना खाने का ठिकाना है। ना पीने का पानी है। जो बीमार हैं वो दवा के लिए तरस गए हैं। पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, दरभंगा में हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ के बीच अब वायुसेना की मदद ली जा रही है। एयरफोर्स की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक हेलिकॉप्टर से फूड के पैकेट्स पहुंचाए जा रहे हैं।

    पिछले 24 घंटे में दरभंगा से लेकर सहरसा जैसे नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। अब तक 16 जिलों में 10 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा पश्चिमी चम्पारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सारण, सहरसा और कटिहार जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन जिलों के 76 प्रखंडों के 368 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। यहां आम लोगों का जनजीवन पटरी से उतर गया है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
     
     
    दरअसल, बिहार में कुल 38 जिले हैं और पिछले 2 दिनों से आधे जिलों में 10 लाख लोग बाढ़ के पानी से जंग लड़ रहे हैं। सब कुछ डूब गया है। ना खाने की रोटी है. ना पीने का पानी। जो बीमार हैं वो दवा के लिए तरस गए हैं। बच्चे-बुजुर्ग-महिलाएं. क्या इंसान, क्या मवेशी… बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है।
     
     
    नेपाल ने कोसी-गंडक में इतना अधिक पानी छोड़ा की मच गई तबाही
     
    सरकार का कहना है कि नेपाल में 70 घंटे की बारिश के बाद कोसी-गंडक में इतना पानी छोड़ दिया गया कि तबाही मच गई। उत्तरी बिहार में 24 घंटे के अंदर 4 जिलों में 7 तटबंध टूट चुके हैं। 55 प्रखंडों के 270 गांव पूरी तरह डूबे हुए हैं। आम जनता का सवाल यही है कि आखिर बिहार की बाढ़ वाली समस्या का क्या कोई समाधान नहीं है? आखिर आज तक किसी पार्टी और सरकार ने बिहार को बाढ़ से बचाने में दिलचस्पी क्यों नहीं दिखाई? आजादी के 70-80 साल बाद भी बिहार में बाढ़ की त्रासदी रोकने के लिए कोई ठोस उपाय क्यों नहीं किए गए।
     
     
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे किया
     
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मंगलवार को कोसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे किया है। वहीं, बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहली किश्त 655.60 करोड़ रुपए जारी की गई है। राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से अग्रिम सहायता राशि जारी की गई है।
     
     
    वायु सेना की मदद से सूखे राशन के पैकेट गिराए गए
     
    सीतामढ़ी और दरभंगा जिले में पानी से घिरे गांवों में वायु सेना की मदद से सूखे राशन के पैकेट गिराए गए। इन गांवों में आवागमन पूरी तरह बाधित है। मंगलवार की देर शाम मुजफ्फरपुर के औराई में लखनदेई का भी बांध टूट गया। 15 गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया।
     
     
    केंद्र ने मदद के लिए 655 करोड़ जारी किए
     
    मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और आपदा से निपटने के निर्देश दिए हैं। सीएम नीतीश का कहना था कि खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। राहत-बचाव के कार्य और अन्य सुविधाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी जाए। वहीं, केंद्र सरकार ने मंगलवार को बिहार के लिए आपदा राहत कोष से 655 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन करेंगी। केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में बिहार को 58900 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज की घोषणा की है, उसमें 11.50 हजार करोड़ रुपये सिर्फ बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए ही मिला है।
     
     
    आधा बिहार डूबा हुआ है…
     
    पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज, किशनगंज, अररिया, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधुबनी, भागलपुर समेत गंगा के किनारे बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर सब बाढ़ में डूबे हुए हैं। यहां 16 लाख लोगों की जिंदगी पानी-पानी हुई है। कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान और गंगा नदी उफान पर है। हालात 1968 की भीषण तबाही की याद दिलाने लगे हैं. कोसी-गंडक के सारे रिकॉर्ड टूट गए।
     
     
    बिहार में 11 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना
     
    राज्य से मानसून की विदाई अभी नहीं हुई है। 11 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। दशहरा के आसपास हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 3 और 4 अक्टूबर को पूर्वी बिहार में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुंगेर, जमुई, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, बांका में बारिश की संभावना है।

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  • पीएम मोदी की स्वच्छ भारत अभियान को 10 साल पूरे होने पर श्रद्धांजलि

    02-Oct-2024

    दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के 10 वर्ष पूरे होने की सराहना की है, जो भारत को स्वच्छ बनाने और बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण सामूहिक प्रयास है।

     
    प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
     
    “आज, हम स्वच्छ भारत के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं, जो भारत को स्वच्छ बनाने और बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण सामूहिक प्रयास है। मैं उन सभी को सलाम करता हूँ, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए काम किया है!

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  • BREAKING : थाइलैंड में स्कूल बस में आग, 25 स्टूडेंट्स की मौत

    01-Oct-2024
    5 टीचर्स समेत 44 लोग सवार थे, टायर फटने से हुआ हादसा
     
    थाइलैंड। थाइलैंड में एक स्कूल बस में आग लगने से 25 छात्रों की मौत हो गई है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बस में 44 लोग सवार थे, जिनमें से 16 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल रेस्क्यू वर्कर्स बाकी बच्चों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने की वजह अब तक सामने नहीं आई है।
    हालांकि मौके पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि बस का टायर फटने की वजह से आग लगी। रॉयटर्स के मुताबिक हादसा बैंकॉक के खू खोट इलाके में मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुआ। बस एक स्कूल ट्रिप से लौट रही थी। बस में 3 से लेकर 15 साल की उम्र तक के बच्चे मौजूद थे। इसके अलावा इनके साथ 5 टीचर भी सवार थे। बस का ड्राइवर फरार है और उसे ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
    थाइलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा ने हादसे में जाने गंवाने वाले बच्चों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लेने का आदेश दिया है।
    वहीं देश के गृह मंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा कि बचावकर्मियों के पहुंचने के बाद भी बस इतनी ज्यादा गर्म थी कि उसके अंदर जाना बेहद मुश्किल था। इस वजह से हादसे के काफी देर बाद तक शव बस में ही थे। मरने वालों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। थाइलैंड के ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा कि बस कॉम्प्रेस्ड नेचुरल गैस से चल रही थी। यह बेहद दुखद घटना है। मैंने मंत्रालय से इस तरह के पैसेंजर व्हीकल्स के लिए सीएनजी जैसे फ्यूल का इस्तेमाल बैन कर कोई और विकल्प तलाशने को कहा है। थाइलैंड सड़क सुरक्षा के मामले में सबसे खराब देशों में से एक है। यहां खराब वाहनों और गलत तरह से ड्राइविंग की वजह से हर साल 20 हजार दुर्घटनाएं होती हैं।

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  • BJP ने 8 नेताओं को किया सस्पेंड, विधानसभा चुनाव से पहले लगा बड़ा झटका

    29-Sep-2024

    हरियाणा। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने 8 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है, जिसमें पूर्व मंत्री रणजीत चौटाला और पूर्व विधायक देवेंद्र कादयान का नाम भी शामिल है. इन सभी नेताओं पर पार्टी से बगावत कर पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने की अनुशासनहीनता के बाद कार्रवाई की गई है। 8 बागी नेताओं पर कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा बीजपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं को तुरंत प्रभाव से पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।  पार्टी द्वारा निष्कासित किए जाने वाले नेताओं में लाडवा से संदीप गर्ग, असन्ध से जिलेराम शर्मा, गन्नौर से देवेंद्र कादयान, सफीदो से बच्चन सिंह आर्य, रानिया से रणजीत चौटाला, महम से राधा अहलावत, गुरुग्राम नवीन गोयल और हथीन से केहरसिंह रावत का नाम शामिल है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की कैबिनेट में ऊर्जा मंत्री रहे रणजीत सिंह चौटाला पार्टी (बीजेपी) से टिकट काट दिया था. इसके बाद उन्होंने रनिया से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. बताया जा रहा है कि बीजेपी और आरएसएस के सर्वे रिपोर्ट में रणजीत चौटाला की रिपोर्ट अच्छी नहीं आई थी. जिसके बाद माना जा रहा था कि उनका टिकट कट सकता है। 


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  • तीन मामलों में 16 लोग हुए गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    29-Sep-2024

    रायबरेली। रायबरेली में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान तहत रायबरेली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पहला मामला लालगंज कोतवाली क्षेत्र का है जहां पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक सहित दो मोबाइल फोन को बरामद हुए हैं। सभी पांचों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। दूसरी घटना ऊंचाहार थाना क्षेत्र की है, जहां सार्वजनिक स्थान पर जुआं खेलने के आरोप में 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से ताश के पत्तों सहित 79000 हजार रुपए नगद व 3 मोटरसाइकिलों को बरामद करने के बाद सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। तीसरी घटना डीह थाना क्षेत्र की है जहां अनाज चुराने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। संजीव कुमार सिन्हा अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने बताया की एसपी साहब के निर्देशन में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है जिसमें पहली सफलता लालगंज क्षेत्र में मिली है। जिसमें यह पांच लोग हैं जो बाइक पर सवार होकर के मोबाइल लूट करके भाग जाते थे व अन्य सामान लूट लेते थे। एक अन्य युवक इनको बैकअप देता था। आज पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में लालगंज और खीरो थाना क्षेत्र में मुकदमा भी पंजीकृत हुआ था तो आज इन लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा रहा है। 


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  • मौलाना ने युवती से किया छेड़छाड़, मां ने चप्पलों से पीटा

    29-Sep-2024

    मुरादाबाद। मुरादाबाद में भरी पंचायत मौलवी की चप्पलों से पिटाई की गई। मौलवी ने झाड़-फूंक के बहाने युवती को कमरे में जाकर छेड़खानी की। युवती ने अपनी मां से बताया। पीड़िता की मां ने ग्रामीणों से मौलवी की शिकायत की। गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई। भरी पंचायत में पीड़िता की मां ने मौलवी की चप्पल से जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सामने आया है। मामला मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में अगवानपुर के एक मोहल्ले का है। आरोपी का नाम मौलाना फुरकान बताया जा रहा है। फुरकान इलाके के बच्चों को धार्मिक शिक्षा देता है। वो झाड़-फूंक का काम भी करता है। एक महिला 2 दिन पहले अपनी बीमार बेटी को लेकर मौलाना फुरकान के पास झाड़-फूंक कराने गई थी। मौलाना फुरकान ने महिला से कहा कि आपकी बेटी पर भूत-प्रेत का साया है।इसके उतारने के लिए एकांत में युवती की झाड़-फूंक करनी होगी। इसके बाद वो युवती को एक कमरे में ले गया और छेड़खानी की। विरोध करने पर युवती को धमकाने लगा। युवती अंदर से चिल्लाई तो बाहर बैठी मां ने कमरे में जाने की कोशिश की। मौलाना ने एकांत में झाड़-फूंक करने और खतरनाक प्रेतात्मा का हवाला देकर महिला को कमरे में नहीं जाने दिया। थोड़ी देर बाद पीड़िता जैसे ही कमरे से बाहर आई तो उसने अपनी मां को मौलवी की हरकतों के बारे में बताया। इसका पता चलते ही पीड़ित परिवार ने आरोपी मौलाना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी करने लगा। मौलाना को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने पंचायत बुलाई। पंचायत में मौलाना को भी बुलाया गया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को समझाया कि एक ही समुदाय का मामला है। इसलिए पुलिस के पास नहीं जाना चाहिए। पंचों ने कहा कि पीड़ित परिवार खुद ही मौलाना को सजा देकर मामले को यहीं खत्म कर दे। पीड़ित परिवार की तरफ से पंचायत में 4 महिलाएं पहुंची थीं। पीड़िता की मां ने भरी पंचायत में आरोपी मौलाना को जमकर खरी-खोटी सुनाई। भरी पंचायत में चप्पल से मौलाना की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर का कहना है कि मामले में सख्त एक्शन लिया जाएगा। 


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  • गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था प्रेमी, पोखर में मिली लाश

    29-Sep-2024

    मधुबनी। मधुबनी में 19 साल के युवक की प्रेम प्रसंग में हत्या हुई है। रविवार को युवक का शव पोखर से बरामद किया गया। उसके गले पर तेज धार वाले हथियार से वार किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रेमिका के पिता ने हत्या कर शव को पोखर में फेंक दिया है। घटना बिस्फी के पतौना थाना क्षेत्र के कटैया गांव की है। मृतक की पहचान कुशेश्वर सहनी के बेटे राजा (19) के रूप में हुई है। वह पिछले पांच दिनों से लापता था। परिवार के लोगों ने 5 दिनों पहले पतौना थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। आज कटैया गांव के एक पोखर में राजा का शव मिला। इसके बाद हत्या की FIR दर्ज की गई है। तालाब में युवक का शव मिलने की सूचना पर पतौना थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। राजा सहनी की चाची सुनीता देवी ने बताया कि राजा गणेश पूजा में दिल्ली चला गया था। लड़की के कहने पर ही गांव चला आया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने के बाद भी गंभीरता से राजा की खोजबीन नहीं की। भाई चंचल सहनी ने बताया कि प्रेम प्रसंग से नाराज लड़की के परिजनों ने कई बार मेरे भाई के साथ मारपीट की थी। उन लोगों ने ही हत्या कर शव को फेंक दिया है। सूचना मिलते ही पतौना थाना और बिस्फी थाने की पुलिस कटैया गांव पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा था, लेकिन लोगों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि उन्हें इंसाफ चाहिए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि राजा सहनी गांव के ही नागेंद्र सहनी के यहां 6 साल से नौकरी कर रहा था। नागेन्द्र टेंट हाउस का कारोबार करता है। इस दौरान ही नागेंद्र की बेटी और राजा एक दूसरे को पसंद करने लगे। इसकी सूचना नागेंद्र को मिली। इसके बाद उसने राजा की हत्या कर दी। 


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  • चीन की परमाणु पनडुब्बी डूबी, अमेरिका को फायदा

    27-Sep-2024

    अमेरिका की नौसेना को टक्कर देने के लिए समंदर में अपनी ताकत बढ़ाने में लगे चीन को बड़ा झटका लगा है। उसकी एक नई परमाणु पनडुब्बी निर्माण के दौरान ही संदर में डूब गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब द महीने पहले वुहान के पास वूचांग शिपयार्ड पर चीन के साथ यह हादसा हो गया। इस घटना की पुष्टि अमेरिका ने भी की है। वहीं अमेरिका चीन के मजे भी ले रहा है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह बीजिंग के लिए शर्म की बात है। बता दें कि चीन के पास इस समय दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। उसके पास करीब 370 युद्धपोत हैं। इसके अलावा वह तेजी से परमाणु पनडुब्बियां बनाने में जुटा है।

     
    अमेरिक के एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि चीन की प्रथम श्रेणी की परमाणु पनडुब्बी मई या जून में डूब गई थी। हालांकि वॉशिंगटने में चीनी दूतावार के प्रवक्ता ने इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई जानकारी नहीं मिली है। अमेरिकी अधिकारी ने भी यह नहीं बताया कि किस वजह से पनडुब्बी डूब गई।
     
     
    चीन की व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रसित है। ऐसे समय में इतनी बड़ी चूक पीएलए पर भी सवाल खड़े करती है। यह स्पष्ट है कि चीन अपनी इतनी बड़ी गलती को छइपाने की कोशिश करेगा। वह कभी नहीं चाहेगा कि यह बात लीक हो। हालांकि प्लैनेट लैब्स की सैटलाइट तस्वीरों में देखा जा सकता है कि वुचांग शिपयार्ड पर क्लेन खड़े हैं। इसी शिपयार्ड पर उस परमाणु पनडुब्बी को भी डॉक किया गया था।
     
    चीन का लक्ष्य है कि वह 2025 तक 65 और 2035 तक 80 पनडुब्बियां अपनी सेना में शामिल कर लेगा। जानकारी के मुताबिक पनडुब्बी में ईधन मौजूद नहीं था। जानकारों का कहना है कि चीन की हड़बड़ी की वजह से यह हादसा हुआ है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट मानें तो इस पनडुब्बी को निकालने में कई महीने लग सकते हैं। यह टाइप 041 परमाणु सबमरीन है। इसमें फाइनल फिटिंग की जा रही थी।
     
    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी थिंकटैंग से जुड़े टॉम शूगार्ट को इस बारे में सबसे पहले पता चला था। वह अमेरिका में सबमरीन वारफेयर के अधिकारी रह चुके हैं। जानकारों का का कहना है कि अगर पनडुब्बी पूरी तरह डूब गई होगी तो सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो जाएंगे। चीन चाहता है कि वह जल्द ही अमेरिका को मात दे दे। इसी जल्दबाजी में बड़ा हादसा हो गया।

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  • ट्रेन यात्रियों को बड़ा झटका, 9 पैसेंजर ट्रेनें आज से रद्द

    26-Sep-2024

    रायपुर।  रेलवे ने 29 सितंबर गुरुवार से एक बार फिर नौ पैसेंजर ट्रेनों को रद कर दिया है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

     
    रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि भाटापारा-हथबंध सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए बाक्स पुशिंग के लिए रिलीविंग गर्डर की लांचिंग की जाएगी। इस दौरान 26, 27 और 29 सितंबर को पावर ब्लॉक लिया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि रेलवे की पूछताछ सेवा 139 से ट्रेनों की सही स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा प्रारंभ करें।
     
    देखिए रद होने वाली ट्रेनों की लिस्ट
     
    26 सितंबर को बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल रद रहेगी।
     
    27 सितंबर को बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर स्पेशल, रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर स्पेशल रद रहेगी।
     
    28 सितंबर को जूनागढ़-रायपुर रोड पैसेंजर स्पेशल और रायपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल नहीं चलेगी।
     
     
    – 29 सितंबर को रायपुर-बिलासपुर मेमू स्पेशल, बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू स्पेशल और गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू रद रहेगी।
     
    गीतांजलि और शिर्डी एक्सप्रेस देरी से चलेगी
     
    26 सितंबर को हावड़ा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस गीतांजलि एक्सप्रेस और हावड़ा-साईं नगर शिरडी एक्सप्रेस को दो घंटे विलंब से रवाना किया जाएगा। गंतव्य से पहले खत्म होने वाली ट्रेनों में 29 सितंबर को गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू स्पेशल बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के मध्य दोनों तरफ से रद रहेगी।
     
    चार ट्रेनें परिवर्तित रूट से चलेंगी
     
    दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के आदित्यपुर स्टेशन में तीसरी लाइन के लिए नान इंटरलाकिंग का काम हो रहा है। इसलिए चार एक्सप्रेस ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।
     
    25 से 27 सितंबर तक पुरी से रवाना होने वाली पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेस झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश पहुंचेगी। इसी तरह 25 से 27 सितंबर तक योग नगरी ऋषिकेश से रवाना होने वाली योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ईब-झारसुगुड़ा रोड के रास्ते पुरी पहुंचेगी।
     
     
    25 से 27 सितंबर तक दुर्ग से रवाना होने वाली दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस सीनी-कांड्रा के रास्ते आरा पहुंचेगी। जबकि 24 से 26 सितंबर को आरा से रवाना होने वाली आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस व्हाया कांड्रा-सीनी के रास्ते दुर्ग पहुंचेगी।

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  • न्याय की मांग पर अड़े जूनियर डॉक्टर, सरकार से टकराव जारी

    26-Sep-2024

    कोलकाता. पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट’ ने बुधवार को आरोप लगाया है कि राज्य सरकार उन्हें 27 सितंबर को कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं दे रही है। डॉक्टर्स ने आरोप लगाया है कि सरकार ने पहले इजाजत दे दी थी लेकिन अब इससे इनकार किया जा रहा है। इस बैठक में डॉक्टर्स आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अपने आंदोलन के भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करना चाहते थे।

     
    इससे पहले आंदोलनकारी डॉक्टर्स ने पिछले सप्ताह अपना धरना वापस ले लिया था और राज्य सरकार के साथ बातचीत के बाद वे आंशिक रूप से राज्य संचालित अस्पतालों में आपातकालीन और जरूरी सेवाएं देने के लिए तैयार हो गए थे। हालांकि बुधवार को 26 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि उनके आंदोलन को समर्थन देने वाले लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।
     
    बदले की भावना दिखा रही सरकार- डॉक्टर
    इस मामले पर डॉक्टर अनिकेत महतो ने बताया, ‘‘हमने हड़ताल करने का इरादा जताया था, उसके बाद भी प्रशासन स्पष्ट रूप से बदले की भावना दिखा रहा है। एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन हमारी सहकर्मी बहन के दुष्कर्म और हत्या की जांच आगे बढ़ने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।’’
     
    सीबीआई कर रही है जांच
    गौरतलब है कि 9 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर मृत अवस्था में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई और शरीर पर कई आंतरिक और बाहरी चोटों के निशान भी मिले। इस संबंध में जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ममता बनर्जी की राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया था। घटना के विरोध में कोलकाता समेत देशभर केडॉक्टर्स ने हड़ताल शुरू कर दी थी।

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  • लेबनान से भारतीय नागरिकों की वापसी शुरू, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    26-Sep-2024

    इजरायल और हिजबुल्ला के बीच संभावित जंग को लेकर भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर है। खबर है कि भारत ने अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही भारतीयों को लेबनान की यात्रा नहीं करने के लिए कहा गया है। अटकलें हैं कि इजरायल जल्द ही लेबनान पर आक्रमण की तैयारी कर रहा है। हाल ही में इजरायल और हिजबुल्ला के बीच जमकर एयर स्ट्राइक हुईं।

     
    बेरूत में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है, ‘लेबनान में पहले से मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह दी जाती है।’ आगे कहा गया, ‘जो किसी वजह से वहां रुके हुए हैं, उन्हें गंभीर सतर्कता बरतने, गतिविधियों को सीमित करने और बेरूत में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की हिदायत दी जाती है।’ दूतावास की तरफ से ईमेल आईडी- cons.beirut@mea.gov.in और आपातकाल के लिए नंबर +96176860128 भी जारी किया गया है।
     
    बेरूत में भारतीय दूतावास की वेबसाइट मुताबिक, मुल्क में करीब 4 हजार भारतीय रहते हैं। इनमें से अधिकांश कंपनियों में कर्मचारी हैं। वहीं, कुछ निर्माण और कृषि क्षेत्र में हैं। इससे पहले 1 अगस्त को भी भारतीय दूतावास ने नागरिकों को लेबनान छोड़ने के लिए कहा था। दरअसल, तब हमास और हिजबुल्ला के नेताओं की मौत को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ था।
     
    क्या प्लानिंग कर रहा है इजरायल
    हाल ही में इजरायल के सेना प्रमुख हेरजी हलेवी ने सेना से कहा था कि लेबनान में जारी एयर स्ट्राइक्स हिजबुल्ला के इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करना जारी रखेंगी। साथ ही उन्होंने जमीन पर भी बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे।
     
    बाइडेन जता चुके हैं युद्ध छिड़ने की आशंका
    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को कहा कि इजरायल और हिजबुल्ला के बीच तनाव बढ़ने के कारण बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे रक्तपात को रोकने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है। एक इंटरव्यू के दौरान के दौरान यह बात कही। उनका यह बयान लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादियों के बीच कई दिनों से जारी गोलाबारी के बीच आई है। हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और पश्चिम एशिया में फिर से व्यापक युद्ध की आशंका पैदा हो गई है।

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