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छत्तीसगढ़

  • नशेड़ी युवक ने फतेहशाह मार्केट में जमकर मचाया उत्पाद वीडियो वायरल...

    19-Feb-2026

     

    रायपुर। नशेड़ी बदमाश ने फतेहशाह मार्केट में दुकानदारों के साथ मारपीट की है, जिसका वीडियो सामने आने के बाद और शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक नशेड़ी बदमाश का नाम वसीम खान उर्फ मम्मा बताया जा रहा है, रोजाना बदमाश वहां अशांति पैदा करने की कोशिश में लगा रहता है। वारदात के बाद से दुकानदारों में दहशत का माहौल बना हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि नशेड़ी बदमाश वसीम खान कई बार अलग-अलग थानो से जेल जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मामूली धाराओ में FIR दर्ज की गई है। जिससे देर रात आक्रोशित लोगों ने थाने का घेराव भी किया। कोतवाली पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
     
    बता दें कि रायपुर शहर के हर गलियों में वसीम खान उर्फ मम्मा जैसे गुंडे मिलेंगे, जो छोटे-छोटे दुकानदारों को धमकी देकर वसूली करते है। सीधे साधे लोग जो छोटे-मोटे व्यापार के सहारे जीवन यापन कर रहे है वे पुलिस कहचरी का चक्कर नहीं काटना चाहते। पुलिस को ऐसे गुंडों पर सख्ती बरतनी चाहिए।
  • सरस्वती निःशुल्क सायकल योजना से छात्राओं को मिली नई उड़ान...

    19-Feb-2026

     

    रायपुर। शासन की सरस्वती सायकल योजना बालिकाओं की शिक्षा, सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को निःशुल्क सायकल प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिल रही है तथा समय और ऊर्जा की बचत हो रही है।
     
    सूरजपुर जिला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चंदन नगर (विकासखंड प्रेमनगर) की छात्रा कु. मायावती को योजना के तहत निःशुल्क सायकल प्रदान की गई। मायावती का विद्यालय उसके घर से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है। पूर्व में उसे प्रतिदिन पैदल विद्यालय आना-जाना पड़ता था, जिससे शारीरिक थकान के साथ-साथ पढ़ाई के लिए मिलने वाला महत्वपूर्ण समय भी कम हो जाता था।
     
    योजना बनी उम्मीद की किरण
     
    सरस्वती निःशुल्क सायकल योजना का लाभ मिलने के बाद मायावती का जीवन काफी बदल गया है। अब वह प्रतिदिन सायकल से विद्यालय पहुँचती है। लंबी दूरी अब उसके लिए बाधा नहीं रही, बल्कि उसका सफर सुरक्षित, सुगम और आनंददायक बन गया है। सायकल मिलने से समय की बचत हो रही है, जिससे वह पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रही है। उसकी विद्यालय में उपस्थिति नियमित हुई है और आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मायावती ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरस्वती सायकल योजना ने न केवल उसकी शिक्षा को सरल बनाया है, बल्कि उसके सपनों को भी नई दिशा दी है।
     
    शिक्षा और सशक्तिकरण की ओर मजबूत कदम
     
    सरस्वती सायकल योजना बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। यह योजना न केवल छात्राओं के लिए सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है।
  • बहुदिव्यांग छात्रा गुंजन को मिली व्हीलचेयर, अब नियमित जा सकेगी स्कूल...

    19-Feb-2026

     

    उत्तर बस्तर कांकेर। भानुप्रतापपुर की प्राथमिक शाला सलिहापारा तुएगुहान में कक्षा दूसरी की बहुदिव्यांग छात्रा कु. गुंजन चुरेन्द्र को व्हीलचेयर एवं एम.आर. किट प्रदान की गई। समग्र शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में व्हीलचेयर मिलने से छात्रा के दैनिक जीवन में सुगमता आएगी तथा विद्यालय आने-जाने में अब उसे काफी सुविधा होगी तथा आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
     
    बहुदिव्यांग छात्रा के पिता गौकरण चुरेन्द्र ने बताया कि पहले बच्ची को स्कूल लाने-ले जाने में बहुत कठिनाई होती थी और उन्हें रोज गोद में उठाकर विद्यालय छोड़ना पड़ता था। अब व्हीलचेयर मिलने से उसकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियाँ आसान हो जाएगी।
  • नल से जल ने बदली तस्वीर, चौघड़ा में दीपा की जिन्दगी बनी बदलाव की मिसाल

    19-Feb-2026

     

    एमसीबी। ग्रामीण जीवन में बदलाव की एक प्रेरक और सशक्त कहानी ग्राम पंचायत चौघड़ा के लोहारपारा से सामने आई है। विकासखंड मनेन्द्रगढ़, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निवासी दीपा के लिए स्वच्छ पेयजल कभी एक सपना हुआ करता था, जिसे पूरा करने के लिए रोज़ाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। घर से दूर स्थित कुएँ से पानी लाने में उनका काफी समय और मेहनत खर्च हो जाता था, जिससे दैनिक जीवन के अन्य कार्य प्रभावित होते थे।
     
     
    हर घर नल से जल योजना के लागू होने के बाद दीपा और उनके परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब उनके घर पर ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है। पानी के लिए भटकने की मजबूरी खत्म हो गई है और समय की बचत होने से दीपा अब परिवार, बच्चों और अन्य घरेलू कार्यों पर बेहतर ध्यान दे पा रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां स्वच्छ पानी के कारण परिवार की सेहत में स्पष्ट सुधार हुआ है। दीपा बताती हैं कि नल से जल मिलने के बाद जीवन में सुविधा, सम्मान और सुरक्षा का एहसास बढ़ा है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल पानी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की गारंटी लेकर आई है। उनके शब्दों में यह पहल हमारे जीवन को ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के भविष्य को बदल रही है।
     
    जल जीवन मिशन की यह पहल आज ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार का सशक्त उदाहरण बन चुकी है। चौघड़ा गांव की दीपा की कहानी यह साबित करती है कि जब योजनाएं ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ नल से पानी नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी में खुशहाली और आत्मसम्मान भी पहुंचाती हैं।
  • होली से पहले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान

    19-Feb-2026

     

    अंबिकापुर। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि का भुगतान होली पर्व से पूर्व एकमुश्त किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए इस निर्णय से जिले के किसानों में उत्साह और हर्ष व्याप्त है।
     
    किसानों को मिलेगी बड़ी आर्थिक राहत :
     
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस किसान हितैषी निर्णय का स्वागत करते हुए लखनपुर विकासखंड के ग्राम कोसंगा के किसान पहरूराम ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उन्होंने लगभग 72 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है, जिसकी राशि उन्हें प्राप्त हो चुकी है। अब अंतर की राशि होली से पहले मिलने की घोषणा से वे अत्यंत खुश हैं। उन्होंने कहा कि होली के बाद विवाह-शादी का सीजन प्रारंभ हो जाएगा, ऐसे में यह राशि पारिवारिक आवश्यकताओं और सामाजिक दायित्वों के कार्य में सहायक होगी। पहरूराम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में अत्यंत सराहनीय है और इससे किसानों में उत्साह का माहौल है।
     
    जिले के 52 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
     
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    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत, प्रदेश भर में किसानों को इस निर्णय का सीधा लाभ मिलेगा। जिले में 52,553 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया है, उन्हें अब अंतर की राशि उनके बैंक खातों में एकमुश्त प्राप्त होने से किसानों के चेहरे पर खुशी एवं रौनक आयेगी।
     
    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती :
     
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के किसान हितैषी निर्णय से अन्नदाताओं को उनके पसीने की पूरी कीमत मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। होली से पहले अंतर राशि का भुगतान होने से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, साथ ही स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ेगी।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के क्लेम से परिवार को मिला आर्थिक सहयोग

    19-Feb-2026
     
    दंतेवाड़ा। साधारण बीमा कराये जाने सभी परिवारों के लिए अनिवार्य हो चला है। इससे हितग्राही परिवार को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी मिलती है जो परिवार का मानसिक सबंल के लिए पर्याप्त होती है। इस क्रम में जिले के ग्राम पंचायत धुरली की निवासी स्वर्गीय पार्वती मरकाम के निधन उपरांत उनके परिवार को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
     
    योजना के अंतर्गत नामांकित हितग्राही भीमा मरकाम को 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि का चेक केनरा बैंक शाखा भांसी द्वारा प्रदाय किया गया। बीमा क्लेम की संपूर्ण प्रक्रिया में बैंक एवं एनआरएलएम टीम का सराहनीय एवं पूर्ण प्रयास रहा, जिसके परिणामस्वरूप हितग्राही परिवार को समय पर आर्थिक सहयोग प्राप्त हो सका। चेक वितरण के अवसर पर ग्राम पंचायत धुरली के सरपंच विजय कुमार, एलडीएम शिवराम बघेल, केनरा बैंक भांसी के शाखा प्रबंधक, तथा एनआरएलएम की टीम उपस्थित रही। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए आमजन से अधिक से अधिक योजना से जुड़ने का आह्वान किया। इस संबंध में दिवंगत हितग्राही के परिजनों ने शासन, बैंक एवं एनआरएलएम टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
  • रायपुर में हुआ चांद का ऐलान, शरई तस्दीक हुई हासिल, 19 फरवरी को पहला रोज़ा...

    18-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बैजनाथपारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन दारुल यतामा में नायब काज़ी ए शहर द्वारा शहर के तमाम उलमा की मौजूदगी में शरई तस्दीक हासिल करते हुए आज देर रात चांद नज़र आने का ऐलान कर दिया गया है। रायपुर में चांद नज़र ना आने के कारण शरई तस्दीक देर से हासिल हुई जिसकी वजह से देर रात ऐलान किया गया है। इस ऐतबार से कल यानी 19 फरवरी 2026 को रमज़ान का पहला रोज़ा रखा जाएगा।
  • 11 रोज़ा तरावीह पढ़ने और मुकम्मल कुरान सुनने का सुनहरा मौका...

    18-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित महोबा बाजार कोटा रोड, पिकाडिली होटल के पीछे नक्शा पॉइंट टावर में रमज़ान का चांद नज़र आते ही 11 रोज़ा तरावीह होने जा रही है। इन 11 दिनों में मुकम्मल कुरान शरीफ बेहतरीन हाफ़िज़ ए कुरान द्वारा सुनाया जाएगा। फ़ैज़ान-ए-ग़रीब नवाज़ कमेटी कोटा, रायपुर के ज़ेरे एहतमाम यह 11 रोज़ा तरावीह की नमाज़ का आगाज़ होने जा रहा है। आज यानी 18 फरवरी को यदि चांद का दीदार होता है तो यह तरावीह आज ही से ही शुरू कर दी जाएगी। बाद नमाज़ ईशा ठीक 9 बजे तरावीह की नमाज़ शुरू कर दी जाएगी। ईशा की नमाज़ भी उक्त जगह में ही होगी। फ़ैज़ान-ए-ग़रीब नवाज़ कमेटी कोटा, रायपुर ने सभी रायपुरवासियों से ज्यादा से ज्यादा तादाद में इस 11 रोज़ा तरावीह में शामिल हो कर सिर्फ 11 दिनों में मुकम्मल कुरान सुन कर सवाब ए दारैन हासिल करने की गुज़ारिश की है। 
    नोट - जमाअत का वक़्तः रात 09:00 बजे रखा गया है। 
    ज्यादा मालूमात के लिए आप नीचे दिए गए नंबर पर राब्ता कर सकते हैं।
    7879929661
    7974357776
    9630592799
    पूरा पता - नक्शा पॉइंट टावर, पिकाडिली होटल के पीछे, महोबा बाजार, कोटा गुढ़ियारी रोड, रायपुर (छ.ग.)
  • मुख्यमंत्री ने आज “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का किया शुभारंभ...

    18-Feb-2026

    गुरु घासीदास के अनुयायियों का दल पावन गिरौदपुरी धाम के लिए हुआ रवाना।

    पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना और गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
     
    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
     
               मुख्यमंत्री श्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।
                कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
    कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
                     गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।
  • डिजिटल ऋण पुस्तिका राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा...

    18-Feb-2026

    डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का शुभारंभ...

    पारदर्शी और तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर ऐतिहासिक कदम...
     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख श्री विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
         डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
         डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
         इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।
        मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।
        डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।
  • सऊदी अरब में चांद के दीदार के बाद रमज़ान का आगाज़, जाने भारत में कब होगा पहला रोजा...

    18-Feb-2026
    भारत में सऊदी अरब से एक दिन बाद चांद देखा जाता है। अमूमन भारत में रमज़ान सऊदी के एक दिन बाद शुरू होता है। ऐसे में भारत में पहला रोजा 19 फरवरी का हो सकता है।
     
    नई दिल्ली। सऊदी अरब और यूएई समेत खाड़ी क्षेत्र में रमज़ान का महीना शुरू हो गया है। सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में मंगलवार शाम चांद देखा गया। इसके बाद ऐलान किया गया कि बुधवार (18 फरवरी) को पहला रोज़ा रखा जाएगा। अफगानिस्तान में भी बुधवार को रमज़ान का पहला दिन है। वहीं भारत, पाकिस्तान और दूसरे पड़ोसी देशों में रमजान की शुरुआत गुरुवार, 19 फरवरी से हो सकती है।
     
    सऊदी अरब की चांद देखने की पुष्टि करने वाली कमेटी की ओर से घोषणा किए जाने के बाद ऑफिशियल सऊदी प्रेस एजेंसी ने ऐलान किया कि बुधवार को सऊदी में पवित्र महीने रमज़ान का पहला दिन होगा। एजेंसी ने मंगलवार को एक्स पर बताया कि सऊदी अरब में रमज़ान के महीने का चांद दिख गया है।
     
    भारत में गुरुवार को पहला रोज़ा...?
    ओमान और तुर्की में चांद नहीं देखा गया है। इन देशों में रमज़ान का महीना गुरुवार से शुरू हो सकता है। भारत और पाकिस्तान में भी पहला रोज़ा गुरुवार को रखा जा सकता है। दरअसल भारत में 18 फरवरी को उर्दू शाबान के महीने की 29 तारीख है यदि इस शाम चांद नज़र आता है तो 19 फरवरी 2026 को भारत में पहला रोज़ा रखा जाएगा। किसी कारण चांद नज़र ना आने पर 30 शाबान पूरा कर 20 फरवरी 2026 को पहला रोज़ा रखना जरूरी होगा। अब देखना यह है कि 18 फरवरी 2026 को भारत में चांद का दीदार होता है या नहीं...?
     
    रोजा रखने वाले मुस्लिम सुबह सूर्योदय से पहले सहरी (खाना पीना) करते हैं और फिर शाम को सूर्यास्त के बाद ही खाते हैं। रोज़दार इस बीच खाने-पीने से परहेज करते हैं।
     
    रमज़ान का महीना इस्लामिक उर्दू कैलेंडर का नौवां महीना है। चांद दिखने के साथ ही यह महीना शुरू हो जाता है। दुनियाभर में आमतौर पर चांद के दिखने में एक दिन का फर्क रहता है। ऐसे में ये महीना दुनिया में एक साथ शुरू नहीं होता है। रमज़ान के महीने को इस्लाम को मानने वाले दूसरे महीनों से ज्यादा बेहतर मानते हैं।
     
    भारत में चांद दिखने के बाद 19 फरवरी 2026 से रमज़ान के पवित्र महीने की शुरुआत होगी। ऐसे में 20 या 21 मार्च को ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मनाई जाएगी। रमज़ान के बाद ईद का मुस्लिमों के बीच बेसब्री से इंतजार रहता है। दुनियाभर के मुस्लिमों में ईद के त्योहार को काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
  • आदर्श महाविद्यालय बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर...

    18-Feb-2026

     

    बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस पर स्वच्छता परियोजना अंतर्गत जागरूकता अभियान एवं श्रमदान कार्यक्रम का प्रभावी आयोजन किया गया।
    स्वयंसेवकों ने ग्राम में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु रैली निकालकर स्वच्छता का संदेश दिया तथा सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई कर श्रमदान किया। विशेष बात यह रही कि स्वच्छता कार्य के दौरान ग्रामवासी स्वयं उपस्थित होकर साफ-सफाई अभियान में सहभागी बने और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय रही। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शिविर का उद्देश्य — स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता एवं जनसहभागिता — सफलतापूर्वक जन-जन तक पहुंच रहा है।
    पंचम दिवस के बौद्धिक सत्र में अतिथि मुख्य वक्ता के रूप में श्री मनोज कुमार यादव जी ( व्याख्याता , पीएम श्री चकरभाठा ) एवं सुशील चौरसिया ( प्रभारी प्राचार्य शा. मा . विद्यालय ) उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को साइबर सिक्योरिटी के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए डिजिटल ठगी से बचाव, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, पासवर्ड सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए एवं अतिथि गण ने स्वयं सेवकों के अनुशासन की प्रशंसा की ।
     
    इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी श्री एल. के. गवेल ने कहा,
    “राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आज ग्रामीणों की सहभागिता यह दर्शाती है कि हमारे स्वयंसेवक अपने उद्देश्य में सफल हो रहे हैं।”
    कार्यक्रम अधिकारी श्री एल. के. गवेल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में स्वयंसेवकों ने समाज सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
  • रायपुर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, संतोषी नगर में 73 शेड तोड़े

    18-Feb-2026

     

    रायपुर। राजधानी रायपुर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तेज कर दी गई है। संतोषी नगर मुख्य मार्ग पर चलाए गए टीम प्रहरी अभियान के तहत सड़क किनारे बने अवैध शेडों को हटाया गया और दुकानदारों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 73 दुकानों के सामने बने शेड जेसीबी से तोड़े गए, वहीं सड़क पर रखा सामान जब्त कर कब्जाधारियों पर कुल 12 हजार रुपये का ई-चालान काटा गया।
     
    यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की गई। नगर निगम और यातायात पुलिस की टीम ने जोन 6 और जोन 10 क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाया। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाया गया और ठेले-गुमटियों को भी जब्त किया गया।
     
    अभियान के दौरान दुकानदारों को पहले समझाइश दी गई, लेकिन चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे अभियान से प्रमुख बाजार क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है और जाम की समस्या कम हुई है।
     
    नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अभियान आगे भी बिना पूर्व सूचना के जारी रहेंगे, ताकि सड़कों पर अतिक्रमण न हो और शहर में व्यवस्थित यातायात बना रहे।
  • छेड़छाड़ केस में आरोपी को 3 साल की सजा, कोर्ट का सख्त फैसला...

    18-Feb-2026

     

    खैरागढ़। छेड़छाड़ के एक मामले में थाना खैरागढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी अमीरलाल सोनवानी को न्यायालय ने 3 वर्ष के कठोर कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया।
     
    मामला 1 अक्टूबर 2024 का है। पीड़िता दोपहर करीब 1 बजे पानी भरने बोरिंग गई थी, तभी आरोपी अमीरलाल सोनवानी, निवासी मंडला, थाना खैरागढ़, ने उसकी बेइज्जती करने की नीयत से हाथ और बांह पकड़कर आपराधिक बल प्रयोग किया और छेड़छाड़ की। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत थाना खैरागढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
     
    पुलिस ने अपराध क्रमांक 386/24 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। समयसीमा में साक्ष्य जुटाकर अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
     
    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कड़ा संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना होने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि समय पर कानूनी कार्रवाई हो सके।
  • कोटपा एक्ट के तहत 16 पर चालानी कार्रवाई, 1600 रुपए जुर्माना वसूला गया...

    18-Feb-2026

     

    अंबिकापुर। जिले में तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के उपयोग पर नियंत्रण और धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों की रोकथाम के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम का विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत उल्लंघन करने पर पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य व औषधि विभाग के संयुक्त दल द्वारा चालानी कार्रवाई की गई।
     
    बिना वैद्यानिक चेतावनी वाले सिगरेट, तम्बाकू उत्पाद, पान-मसाला विक्रेता द्वारा बैठक व्यवस्था बनाकर सिगरेट पिलाने, सार्वजनिक स्थल में सिगरेट पीने वाले पर कार्यवाही करते कुल 16 चालानी कार्रवाई करते हुए 1600 रूपये का चालान काटा गया। साथ ही भविष्य में सार्वजनिक स्थल, शैक्षणिक संस्थानों के समीप धूम्रपान करने वाले एवं अमानक रूप से तम्बाकू उत्पाद के क्रय विक्रय करने पर संचालनों के विरूद्ध सील बंद संबंधी कार्यवाही भी किए जाने चेतावनी दी गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं खाद्य व औषधि निरीक्षक अनिल पैकरा, कमल नारायण, मनोज बिसेन पीमसई उपस्थित थे।
     
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिना वैधानिक चेतावनी सिगरेट, गुटखा पूर्णतः प्रतिबंध है, इसके बावजूद कई ऐसे पान-मसाला विक्रेता नियम विरूद्ध विक्रय करते पाए गए। साथ ही कई ऐसे डेलीनिड्स, पान-मसाला विक्रेता बैठक व्यवस्था बनाकर सिगरेट पिलाने जैसे व्यवस्था दिये जा रहे थे जिसके कारण दूसरों द्वारा छोड़े गए धुएं (सेकेंड-हैंड स्मोक) से भी कैंसर और हृदय रोगों का खतरा उतना ही होता है जितना पीने वाले को। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य में सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 (COTPA) के पूर्णतः पालन करने के निर्देश तथा तम्बाकू उत्पाद पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कोटपा एक्ट को सख्ती से लागू करने कहा गया है। कोटपा एक्ट के तहत सार्वजनिक स्थान जैसे चौक-चौराहे, हॉटल, रेस्टोरेंट, पार्क, सिनेमा गृह, लॉज में धूम्रपान को उपयोग किया जाना पूर्णतः वर्जित है। तम्बाकू उत्पाद का विज्ञापन कोटपा एक्ट की धारा 5 के तहत प्रतिबंधित है। कोटपा एक्ट की धारा 6 के अनुसार शिक्षण संस्थानों कोचिंग सेंटर की 100 गज की दूरी तक तम्बाकू उत्पाद की बिक्री गैर कानूनी है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के द्वारा तम्बाकू उत्पाद बेचा जाना या उपभोग करना सज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
     
    तम्बाकू विक्रेता के लिये निर्देश : 
     
    तम्बाकू विक्रेता को कोटपा एक्ट के बारे में जानकारी होनी चाहिए, तम्बाकू उत्पाद के पैकेट में स्पष्ट रूप से तम्बाकू सेवन यानि अकाल मृत्यु का चित्रण अनिवार्य होना चाहिए। धूम्रपान में सहायक लाइटर, ऐस ट्रे को संस्थान में नहीं रखना चाहिये। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तम्बाकू विक्रय संस्थान में नहीं रहना चाहिए। इस हेतु एक बोर्ड अनिवार्य रूप से तम्बाकू संस्थान में रहना चाहिये।
  • बंगाल का भविष्यः धर्म की लहर या प्रगति की राह?

    18-Feb-2026

     

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, पर राजनीतिक रणभेरी बज चुकी है। इस बार संकेत साफ हैं-चुनाव विकास बनाम विकास के दावे पर नहीं, बल्कि पहचान, अस्मिता और धर्म की ध्वजा के इर्द-गिर्द घूम सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य भर में प्रस्तावित हिंदू सम्मेलनों को भारतीय जनता पार्टी एक वैचारिक उत्सव भर नहीं, बल्कि चुनावी अवसर में बदलने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है। दूसरी ओर ममता बनर्जी ने भी यह समझ लिया है कि यदि चुनाव की जमीन धार्मिक विमर्श पर खिसकती है तो उसे खाली नहीं छोड़ा जा सकता। कोलकाता के न्यू टाउन में ‘दुर्गा आंगन’ का शिलान्यास और उसे बंगाली अस्मिता से जोड़ने का प्रयास इसी रणनीतिक सजगता का हिस्सा है।
     
    बंगाल की राजनीति लंबे समय तक वर्ग-संघर्ष, वाम वैचारिकी और सामाजिक न्याय के नारों के इर्द-गिर्द घूमती रही। लगभग तीन दशक तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व में वाम मोर्चा सत्ता में रहा। उससे पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रभुत्व था। किंतु 2011 में सत्ता परिवर्तन के साथ एक नई धुरी बनी-तृणमूल बनाम भाजपा। आज स्थिति यह है कि वाम और कांग्रेस हाशिए पर हैं और मुकाबला दो धू्रवों के बीच सिमट चुका है। यही द्विधू्रवीयता चुनाव को अधिक तीखा और अधिक पहचान-केन्द्रित बना रही है। भाजपा का अभियान चार प्रमुख सूत्रों पर टिका है-बंगाल में हिंदू खतरे में है, बांग्लादेशी घुसपैठ, महिलाओं की असुरक्षा और भ्रष्टाचार। सीमावर्ती जिलों का उदाहरण देकर यह संदेश गढ़ा जा रहा है कि जनसांख्यिकीय संतुलन बदल रहा है। अवैध घुसपैठ का प्रश्न नया नहीं है, पर उसे इस समय राजनीतिक ऊर्जा के साथ जोड़ा जा रहा है। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की घटना, शिक्षक भर्ती घोटाले, हिन्दुओं पर बढ़ते अत्याचार एवं भ्रष्टाचार जैसे प्रसंगों को शासन की विफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। भाजपा का लक्ष्य स्पष्ट है-70 प्रतिशत हिंदू मतदाताओं में एक साझा असुरक्षा-बोध निर्मित करना, हिन्दुओं को जागृत करना और उसे मतदान व्यवहार में रूपांतरित करना। आज बंगाल में विकास की सबसे बड़ी बाधा घुसपैठियों का बढ़ना है। घुसपैठियों पर विराम लगाना चाहिए न कि इस मुद्दे पर राजनीति हो।
     
    ममता बनर्जी की चुनौती दोहरी है। एक ओर उन्हें यह संदेश देना है कि वे अल्पसंख्यकों की संरक्षक हैं, दूसरी ओर हिंदू मतदाताओं को यह विश्वास भी दिलाना है कि उनकी आस्था और अस्मिता सुरक्षित है। 2021 के चुनाव में जब भाजपा ने ‘जय श्रीराम’ के नारे को आक्रामक रूप से उछाला, तब ममता ने ‘जय मां दुर्गा’ और ‘चंडी पाठ’ के माध्यम से एक सांस्कृतिक प्रत्युत्तर दिया था। इस बार वे दुर्गा आंगन जैसे प्रतीकों के जरिए यह संकेत दे रही हैं कि बंगाली हिंदू पहचान भाजपा की बपौती नहीं है। वे धर्म को राष्ट्रवाद की बजाय क्षेत्रीय अस्मिता के साथ जोड़ती हैं-“बंगाल अपनी संस्कृति से हिंदू है, पर उसकी राजनीति बहुलतावादी है”-यह उनका अंतर्निहित संदेश है। इसी बीच मुर्शिदाबाद में पूर्व तृणमूल नेता हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ के शिलान्यास की पहल ने नई जटिलता जोड़ दी है। इससे मुस्लिम मतदाताओं के भीतर एक अलग धू्रवीकरण की संभावना पैदा हुई है। यदि मुस्लिम वोटों का बंटवारा होता है, तो तृणमूल का गणित प्रभावित हो सकती है। 2021 में उसे लगभग 48 प्रतिशत वोट और 223 सीटें मिली थीं-जिसमें मुस्लिम मतों का एकमुश्त समर्थन निर्णायक था। भाजपा 38 प्रतिशत वोट के साथ 65 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष बनी। ऐसे में यदि मुस्लिम मत 5-10 प्रतिशत भी इधर-उधर खिसकते हैं, तो कई सीटों का परिणाम बदल सकता है और भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ सकती है।
     
    यहां प्रश्न केवल गणित का नहीं, राजनीति के चरित्र का भी है। क्या बंगाल का चुनाव धार्मिक पहचान के उभार का प्रयोगशाला बनेगा? या यह प्रयोग अंततः विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के प्रश्नों पर लौटेगा? विडंबना यह है कि जिस बंगाल को कभी देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता था-जहां से उद्योग, शिक्षा और सांस्कृतिक नवजागरण की रोशनी फैलती थी, वह आज अधूरे प्रोजेक्ट्स, धीमी औद्योगिक गति और रोजगार के पलायन से जूझ रहा है। कोलकाता की सड़कों पर अधूरी मेट्रो लाइनें और बंद कारखानों की चुप्पी विकास की उस कहानी को बयान करती हैं, जो राजनीतिक नारों के शोर में दब जाती है। 2011 में टाटा के नैनो प्रोजेक्ट का राज्य से बाहर जाना एक प्रतीकात्मक मोड़ था। भूमि अधिग्रहण के प्रश्न पर जनसमर्थन पाने वाली राजनीति ने उद्योग के प्रति संशय का वातावरण भी बनाया। पंद्रह वर्षों बाद भी बंगाल बड़े निवेश की प्रतीक्षा में है। युवा रोजगार के लिए बाहर जा रहे हैं, और कई राज्यों में उन्हें ‘बांग्लादेशी’ कहकर अपमानित किए जाने की खबरें आती हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक नहीं, आत्मसम्मान का प्रश्न भी है। किंतु चुनावी विमर्श में यह पीड़ा गौण हो जाती है, और केंद्र में आ जाता है-धर्म, पहचान और भय।
     
    ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाती हैं; भाजपा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का। सी.बी.आई. और ई.डी. की कार्रवाइयों को ममता राजनीतिक प्रतिशोध बताती हैं, जबकि भाजपा उन्हें कानून का पालन। इस टकराव ने प्रशासनिक संवाद को भी राजनीतिक संघर्ष में बदल दिया है। परिणाम यह है कि विकास का एजेंडा आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाता है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या धर्म-आधारित ध्रूवीकरण स्थायी राजनीतिक समाधान दे सकता है? इतिहास बताता है कि धार्मिक उभार अल्पकालिक ऊर्जा तो देता है, पर दीर्घकालिक शासन-क्षमता की कसौटी पर उसे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रश्नों से जूझना ही पड़ता है। यदि चुनाव केवल “कौन किसका प्रतिनिधि है” तक सीमित रह गया, तो “कौन क्या करेगा” का प्रश्न अनुत्तरित रह जाएगा।
     
     
    बंगाल की आत्मा बहुलतावाद में रही है-रामकृष्ण परमहंस से लेकर रवींद्रनाथ तक, यह भूमि विविध आस्थाओं और विचारों का संगम रही है। यहां दुर्गा पूजा और मुहर्रम दोनों सामाजिक उत्सव का रूप लेते रहे हैं। यदि राजनीति इस सामाजिक ताने-बाने को चुनावी अंकगणित में बदल देगी, तो समाज की संवेदनशीलता पर चोट पहुंचेगी। दूसरी ओर, यदि धार्मिक प्रतीकों का उपयोग सांस्कृतिक आत्मगौरव के साथ विकास-प्रतिबद्धता को जोड़ने में किया जाए, तो वह सकारात्मक भी हो सकता है। इस चुनाव में भाजपा की रणनीति हिंदू मतों का अधिकतम ध्रूवीकरण है; ममता की रणनीति हिंदू पहचान को बंगाली अस्मिता के साथ समाहित कर अल्पसंख्यकों के विश्वास को बनाए रखना है। मुस्लिम दलों की सक्रियता तृणमूल के लिए चुनौती है, पर वह भाजपा के लिए अवसर भी है। यह त्रिकोणीय-संभावना चुनाव को जटिल बनाती है। परंतु अंततः लोकतंत्र की परिपक्वता मतदाता तय करता है। यदि बंगाल का मतदाता विकास, रोजगार और सुशासन को प्राथमिकता देता है, तो राजनीतिक दलों को अपना विमर्श बदलना होगा। यदि वह पहचान की राजनीति को स्वीकार करता है, तो वही भविष्य की दिशा बनेगी। प्रश्न केवल यह नहीं कि कौन जीतेगा; प्रश्न यह है कि जीत का एजेंडा क्या होगा?
     
    क्या धर्म के आधार पर लड़ा गया चुनाव सार्थक मूल्य स्थापित कर पाएगा? या यह राज्य को और अधिक वैचारिक खाइयों में धकेल देगा? बंगाल की धरती ने अनेक बार भारत को नई वैचारिक दिशा दी है। आज फिर अवसर है-या तो वह धर्म बनाम धर्म की बहस में उलझे, या धर्म को नैतिकता और विकास की प्रेरणा बनाकर नई राजनीति की राह खोले। चुनाव परिणाम चाहे जो हो, असली कसौटी यही होगी कि क्या बंगाल अपनी आर्थिक ऊर्जा, सांस्कृतिक उदारता और सामाजिक समरसता को पुनः प्राप्त कर पाता है। यदि नहीं, तो धर्म की ध्वजा चाहे जितनी ऊंची फहराई जाए, विकास का शून्य अंततः सबको दिखाई देगा। 
  • छत्तीसगढ़ के 7 अफसरों को IAS AWARD : केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी पदोन्नति की स्वीकृति...

    17-Feb-2026

    भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अवार्ड

    छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा के 7 अफसरों को IAS अवार्ड हुआ है। केंद्र सरकार ने इस बाबत अधियूचना जारी कर दी है।
     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा के 7 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अवार्ड हुआ है। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए यह नियुक्ति वर्ष 2024 की चयन सूची के तहत की है।
    राष्ट्रपति की स्वीकृति से नियुक्ति
    अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा (भर्ती) नियम, 1954 तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (नियुक्ति द्वारा पदोन्नति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत की गई है। चयनित अधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत की गई है।इन अधिकारियों को 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 की अवधि में उत्पन्न रिक्तियों के विरुद्ध IAS कैडर में शामिल किया गया है।
     
    प्रशासनिक कैडर को मिलेगी मजबूती...
    इन अधिकारियों के IAS में पदोन्नत होने से छत्तीसगढ़ प्रशासनिक कैडर को मजबूती मिलने के साथ-साथ राज्य को अनुभवी और दक्ष प्रशासनिक नेतृत्व मिलेगा। चयन सूची में शामिल सभी अधिकारी लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
    ये 7 अफसर बने IAS  
    तीरथराज अग्रवाल 
    लीना कोसम 
    सौमिल रंजन चौबे 
    बीरेंद्र बहादुर पंचभाई 
    सुमित अग्रवाल 
    संदीप कुमार अग्रवाल
    आशीष कुमार तिकरिहा
  • बिरनपुर कांड में बड़ा फैसला : 3 साल बाद बेमेतरा जिला अदालत ने हत्या के 17 आरोपियों को किया दोषमुक्त..

    17-Feb-2026

    इसी घर में पिता-पुत्र को जिंदा जलाया गया था।

    बिरनपुर हिंसा मामले में कोर्ट ने 3 साल बाद हत्या के 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। हिन्दू संगठन के छतीसगढ़ बंद के दौरान आंदोलन हिंसक हो गया था।
     
    बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा के बिरनपुर हिंसा मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। 3 साल बाद जिला सत्र न्यायालय बेमेतरा ने हत्या के 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। हिन्दू संगठन के छतीसगढ़ बंद के दौरान आंदोलन हिंसक हो गया था। प्रदर्शन के बाद बकरी चरवाहा पिता- पुत्र रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद का कोरवाय गांव के खेत में शव मिला था। इस मामले में हत्या के आरोप में इन सभी को गिरफ्तार किया था। 3 साल बाद जिला सत्र न्यायालय बेमेतरा ने इन सभी को दोषमुक्त कर दिया है। 
     
    यह था पूरा मामला...
    बिरनपुर हिंसा मामला शुरू हुआ था दो बच्चों की मामूली लड़ाई से, जो देखते-देखते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के रहीम और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद की भी हत्या हो गई। प्रशासन ने धारा 144 लागू की और करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू रहा. पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 6 नए आरोपियों का उल्लेख किया है। 
     
    सीबीआई ने चार्जशीट में किया यह खुलासा...
    CBI की 30 सितंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक साजिश नहीं थी, जैसा कि विपक्ष दावा करता रहा है। चार्जशीट में पूर्व विधायक अंजोर यदु का नाम भी नहीं है, जबकि ईश्वर साहू लगातार उनकी भूमिका पर सवाल उठाते रहे। अप्रैल 2024 में CBI टीम ने बिरनपुर का दौरा कर नई जांच शुरू की थी। 
     
    इस मामले में जमकर हुई थी सियासत...
    बीजेपी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया, तो कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताया। विधानसभा में उठे मुद्दे पर फरवरी 2024 में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने CBI जांच की घोषणा की। ईश्वर साहू ने सदन में बेटे की हत्या का दर्द बयां किया था। जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया और वे अब साजा के विधायक हैं।
  • शराब प्रेमियों को राज्य सरकार की बड़ी सौगात : इस बार होली के दिन भी खुली रहेंगी शराब दुकानें...

    17-Feb-2026
    होली पर शराब की दुकानें ओपन
    शराब बिक्री के संबंध में राज्य सरकार के नए ड्राई डे सिस्टम ने इसके प्रेमियों की मौज कर दी है। इस साल होली के दिन भी छत्तीसगढ़ में शराब की दुकानें खुली रहेंगी। 
     
    रायपुर। छत्तीसगढ़ में होली पर शराब के शैकीनों को प्रदेश सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने इस बाबत एक बड़ा निर्णय लिया है। इस साल होली के दिन के लिए शराब प्रेमियों को पहले से खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होगी। 
    दरअसल, सरकार ने इस साल के लिए जो आबकारी नीति बनाई है, उसके हिसाब से होली के दिन भी शराब की दुकानें खुली रहेंगी। नई आबकारी नीति में सरकार ने सात ड्राई डे में से तीन को किया समाप्त कर दिया है। इन दिनों में मुहर्रम, महात्मा गांधी निर्वाण दिवस के अलावा होली का दिन भी शामिल है। 
     
    पुलिस वाले करते थे तंग
    उल्लेखनीय है कि, इससे पहले छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब दुकानें बंद रखी जाती थीं। इतना ही नहीं, बल्कि होली की पूर्व संध्या पर पुलिसवाले जगह-जगह खड़े होकर होली के दिन के लिए खरीदकर शराब ले जाने वालों से छीनने या जब्त करने की कोशिश करती दिखती थी। 
     
    शराब प्रेमियों के लिए हर्ष का विषय
    उल्लेखनीय है कि, अक्सर शराब प्रेमी होली के दिन एक दूसरे मित्र को फोन कर एक दो पैग बचे होने के बारे में पूछते दिखाई देते थे। लेकिन इस साल किसी के साथ भी ऐसर नौबत नहीं आने वाली है। क्योंकि जिसे भी पीना होगा, दुकान जाकर खरीद सकेगा।
  • थाना बना कोर्ट : कमिश्नरी प्रणाली में पुलिस अफसरों को मिली दंडाधिकारी शक्तियां, अब बदमाशों को एसीपी सीधे भेज रहे जेल...

    17-Feb-2026

    पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के दूसरे चरण में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत सुनवाई करने का काम पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने सोमवार से शुरू कर दिया है।

     
    रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के दूसरे चरण में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत सुनवाई करने का काम पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने सोमवार से शुरू कर दिया है। पहले दिन कोतवाली तथा सिविल लाइंस थाने के एसीपी ने सुनवाई की। कोतवाली एसीपी ने दो बदमाशों को प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल भेजने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही पांच अलग-अलग प्रकरण में सहायक पुलिस आयुक्त ने 13 बदमाशों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वारंट जारी किया।
    पुलिस कमिश्नरेट में मिले दंडाधिकारी अधिकारों का रायपुर सेंट्रल के दो सब डिवीजन के एसीपी ने अपनी दंडाधिकारी शक्तियों का उपयोग करते हुए सुनवाई की। फील्ड में जो पुलिस अधिकारी खाकी वर्दी में दिखाई देते थे, वही अधिकारी दंडाधिकारी की भूमिका में आने के बाद काले कोट में नजर आए। प्रतिबंधात्मक धाराओं में अभियोजन की ओर से वकील की जरूरत नहीं होती। अनावेदक पक्ष की ओर से बचाव के लिए वकील पैरवी करने थाना परिसर में बने कोर्ट पहुंचे।
     
    इन धाराओं में की गई सुनवाई
    कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 एवं 135 (3) के अंतर्गत एक प्रकरण में 02 अनावेदकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जेल वारंट तैयार किया। साथ ही दोनों अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस तामिल कराए गए। इसके अतिरिक्त धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत पांच प्रकरण में 13 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस एवं समन जारी किए गए, जिन्हें कमिश्नरी प्रणाली के तहत तत्काल तामिल कराया गया। सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने भी लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए धारा 126 एवं 135(3) के तहत छह अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 
     
    नई भूमिका चुनौतीपूर्ण : दीपक मिश्रा
    पहले दिन की मजिस्ट्रयल शक्तियों के प्रयोग करने को लेकर कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा बदमाशों को प्रतिबंधात्क धाराओं के तहत कार्रवाई करने के बाद पुलिस को पहले एडीएम, एसडीएम कोर्ट में जेल भेजने चालान पेश करना पड़ता था। अब वे खुद मजिस्ट्रेट की भूमिका में आए, तब उन्हें किसी के साथ अन्याय न हो, इस बात को देखते हुए निर्णय लेना पड़ा। जिन बदमाशों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है, आवेदक तथा अनावेदक के प्रति किसी तरह से अन्याय न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए कानून के दायरे में फैसला सुनाने का पुलिस अफसर के लिए यह पहला अनुभव था।
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