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छत्तीसगढ़

  • व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    25-Feb-2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल

     
    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। 
     
    उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं।
     
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 
     
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।
     
    इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील सिंघी, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
  • कलेक्टर ने जनदर्शन में गंभीरता से सुनी नागरिकों की समस्याएं...

    25-Feb-2026

     

    राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना।
     
    कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान शीघ्र करें।
     
    जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, अतिक्रमण हटाने, सीमांकन, नजूल से संबंधित, छात्रवृत्ति, पेंशन, आयुष्मान कार्ड बनवाने, राजस्व रिकार्ड दुरूस्त कराने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
  • बजट ने राज्य की जनता को निराश किया - सुशील आनंद शुक्ला

    24-Feb-2026

     

    रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बजट ने राज्य की जनता को निराश किया। बजट में रोजगार, शिक्षा, कृषि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं है। वित्त मंत्री जब बजट प्रस्तुत कर रहे थे तो उसमें केवल मोदी की चाटुकारिता अधिक दिखी। राज्य के वित्त मंत्री केंद्रीय योजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल परियोजना का श्रेय ले लिया। सरकार का कोई भी ठोस विजन बजट में नहीं दिखा।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ का बजट में नये रोजगार के अवसर तथा राज्य के सर्वहारा वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। 500 मोबाईल टावर लगाने की घोषणा की गयी, इसका मतलब इस बजट में भी भाजपा ने अपने उद्योगपति मित्रों के फायदे का पूरा ध्यान रखा। सीएम बस योजना के लिए मात्र 10 करोड़ का प्रावधान बताता है कि सरकार अपनी इस योजना के लिए गंभीर नहीं है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए बड़ी-बड़ी बाते करने के बाद भी बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान कर वित्त मंत्री ने बता दिया कि उनका बजट भाषण सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। न सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए कुछ था और न ही कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिऐ कोई ठोस प्रावधान है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी रायपुर में फ्लाईओवर के लिए जो बजट प्रावधान किया गया है वह अपर्याप्त है, केवल सब्जबाग दिखाने वाला है। बजट में राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए भी कुछ खास नहीं है, मात्र 64 करोड़ का राशि में वित्त मंत्री राजधानी क्षेत्र के विकास की बात कर रहे है। आयुष्मान भारत के लिए वित्त मंत्री ने मात्र 1500 करोड़ का प्रावधान किया है जबकि इतनी राशि तो अभी सरकार को अस्पतालों की उधारी देनी है, आने वाले वर्ष में भी फिर आयुष्मान से इलाज में परेशानी आने वाली है। वित्त मंत्री रेल और जहाज के विस्तार की बातें कर जनता में भ्रम फैलाने की बात कर रहे है। मात्र 30 करोड़ में प्रदेश में अनेकों एयरपोर्ट के विकास की बात कर रहे थे। हवाई अड्डों के उन्नयन के नाम पर केवल शराब दुकाने खुलेंगी। साय सरकार के पिछले दो बजट के समान ही तीसरे बजट से भी जनता निराश हुई। वित्त मंत्री राज्य की जनता के विकास की ललक पैदा कर पाने में असफल साबित हो गये।
  • साय सरकार ने बजट में रखा सब का ख्याल, जिससे होगा हर क्षेत्र में तेजी से विकास - अग्रहरि

    24-Feb-2026

     

    राजनांदगांव। भाजपा व्यापार एवं उद्योग प्रकोष्ठ के पुर्व जिला संयोजक युवा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने विष्णु देव साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट को गरीब गुरबों का ख्याल रखने वाला व हर क्षेत्र में बूम‌ की गति लाने वाला बजट बताया हैं। 
     
    श्री अग्रहरि ने कहा कि साय सरकार की 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तुत बजट से प्रदेश का चौतरफा विकास होगा जो समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार की मंशा और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
     
      श्री अग्रहरि ने कहा कि वित्त मंत्री जी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, उद्योग, युवाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष प्रावधान कर इस बजट को काफी संतुलित बनाया गया है जिससे हरवर्ग को फायदामिलेगा।
     उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी की मंशानुरूप डबल इंजन की सरकार वाली यह जन हितैषी बजट का लाभ प्रदेश के हर‌ उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा जिससे प्रदेश में खुशहाली आएगी। 
    श्री अग्रहरि ने यह भी कहा कि यह बजट उद्योग ,व्यापार से लेकर ग्रामीण जनों, किसान मजदूर युवा, महिलाएं‌ व मध्यम वर्गीय लोगो सहित शहरी क्षेत्रों के लोगों को कुछ न कुछ दे गया है, इससे इन वर्गों में खुशियां बढ़ेंगी है, उन्होंने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी की प्रशंसा जितनी की जाए कम है कहा।
  • DMF घोटाला मामले में EOW ने अनिल टुटेजा को गिरफ्तार किया

    24-Feb-2026
     
    रायपुर। बहुचर्चित DMF (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आरोपी अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया है। विस्तृत जांच और ठोस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने आरोपी को 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
     
    डिजिटल साक्ष्य बने गिरफ्तारी की वजह...
    EOW सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्य, अहम दस्तावेजों और कई व्यक्तियों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने अपने परिचित लोगों और फर्मों को कमीशन लेकर काम दिलाने और फंड आवंटन कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक डाटा और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
     
    DMF फंड में गड़बड़ी का आरोप
    DMF (जिला खनिज न्यास) फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए किया जाता है। आरोप है कि इसी फंड के आवंटन में नियमों को दरकिनार कर अनियमितताएं की गईं और कमीशनखोरी का खेल चला।
  • कनाडा के पीएम कार्नी 26 फरवरी को आएंगे भारत, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात...

    24-Feb-2026

     

    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अनिश्चितता के बीच कनाडा की नई सरकार अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को मजबूत और संतुलित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की आधिकारिक यात्रा पर होंगे। इस दौरे का पहला और अहम पड़ाव भारत होगा, जिसे कनाडा अपने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख साझेदारों में गिनता है।
     
    प्रधानमंत्री कार्नी के कार्यालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। इस रिलीज के अनुसार, कार्नी पहले मुंबई और फिर नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निर्धारित है। बैठक का मुख्य फोकस कनाडा-भारत संबंधों को नए सिरे से मजबूती देना और व्यापारिक सहयोग को विस्तार देना होगा। दोनों नेता व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टैलेंट मोबिलिटी, सांस्कृतिक सहयोग और रक्षा क्षेत्र में संभावित नई साझेदारियों पर चर्चा करेंगे।
     
    कनाडा, जो प्राकृतिक संसाधनों, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध है, भारत जैसे तेजी से उभरते बाजार के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है। भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार कनाडाई निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री कार्नी भारतीय और कनाडाई व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे, ताकि दो-तरफा निवेश और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।
     
    यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक तकनीकों को लेकर देशों के बीच नए समीकरण बन रहे हैं। कनाडा की नीति स्पष्ट है-अपने पारंपरिक व्यापारिक साझेदारों पर निर्भरता कम करते हुए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विविधता लाना। भारत के साथ सहयोग इस रणनीति का केंद्रीय हिस्सा माना जा रहा है।
  • भाजपा 1 मार्च से शुरू करेगी मिशन बंगाल, परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे अमित शाह

    24-Feb-2026

     

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले से भाजपा के 'परिवर्तन यात्रा' प्रोग्राम को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा पार्टी के राज्यव्यापी कैंपेन की औपचारिक शुरुआत होगी। शेड्यूल के अनुसार, पहली ‘परिवर्तन यात्रा’ 1 मार्च की सुबह साउथ 24 परगना जिले के रायदिघी विधानसभा क्षेत्र से शुरू होगी, जहां गृह मंत्री शाह औपचारिक रूप से प्रोग्राम का उद्घाटन करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करेंगे। भाजपा प्रदेश कमेटी के एक सदस्य के मुताबिक प्रदेश के चार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से एक ही दिन में चार और समानांतर ‘परिवर्तन यात्राएं’ एक साथ शुरू की जाएंगी। इनमें कूच बिहार जिले में कूच बिहार दक्षिण, नदिया जिले में कृष्णनगर दक्षिण, वेस्ट बर्दवान जिले में कुल्टी और वेस्ट मिदनापुर जिले में गरबेटा शामिल हैं।
     
    इसके बाद, 2 मार्च को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखली विधानसभा क्षेत्र से एक और परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। भाजपा प्रदेश कमेटी के सदस्य ने बताया कि उसी दिन, नॉर्थ दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर, हावड़ा जिले के अमता और बीरभूम जिले के हंसन से तीन और पैरेलल परिवर्तन यात्राएं शुरू की जाएंगी।
     
    पार्टी नेतृत्व ने कहा कि ये परिवर्तन यात्राएं पश्चिम बंगाल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव से पहले पार्टी के बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने के कैंपेन का हिस्सा हैं।
     
    गृह मंत्री अमित शाह और शिवराज सिंह चौहान के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग स्टेज पर परिवर्तन यात्रा कैंपेन में हिस्सा लेने की उम्मीद है। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हैं।
     
    परिवर्तन यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली को संबोधित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की रैली की सही तारीख अभी तय नहीं हुई है।
     
     
  • कबीरधाम पुलिस ने जब्त किया 5 करोड़ का गांजा

    24-Feb-2026

     

    कबीरधाम। कबीरधाम जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त किया है। यह कार्रवाई थाना चिल्फी पुलिस द्वारा की गई, जिसमें नागालैंड पासिंग एक कंटेनर को पकड़कर उससे भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया।
     
    पुलिस के अनुसार, कंटेनर में गुप्त चैंबर बनाकर गांजे की तस्करी की जा रही थी। वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। तलाशी के दौरान कंटेनर से 30-30 किलो की 30 बोरियों में भरा करीब 9 क्विंटल (900 किलो) गांजा बरामद किया गया।
     
    आरोपी गिरफ्तार
    मौके से पुलिस ने आयाज खान (निवासी भरतपुर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यह गांजा ओडिशा से राजस्थान ले जा रहा था।
     
    बरामदगी का विवरण
    कुल वजन: लगभग 9 क्विंटल (900 किलो) गांजा
    पैकिंग: 30 बोरियां, प्रत्येक 30 किलो
    अनुमानित कीमत: करीब 5 करोड़ रुपये
    कंटेनर की कीमत: लगभग 50 लाख रुपये
    आरोपी: आयाज खान, निवासी भरतपुर, राजस्थान
    तस्करी मार्ग: ओडिशा से राजस्थान
     
    पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियानों को तेज किया जाएगा ताकि मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
  • ग्राम झाल में तीन लोगों की हत्या से सनसनी, भतीजा ही निकला आरोपी...

    24-Feb-2026

     

    सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत झाल में मंगलवार तड़के दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। बरमकेला क्षेत्र के थाना डोंगरीपाली अंतर्गत हुए इस हत्याकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
     
    जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाला मृतक का भतीजा घर में घुस आया और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में चाचा और दादी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक मासूम बच्चे को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
     
    घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
     
    वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही डोंगरीपाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आरोपी भतीजा फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
     
    फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों और पारिवारिक विवाद की संभावनाओं की जांच कर रही है।
  • बजट में महतारी वंदन योजना के लिए ₹8200 करोड़ का प्रावधान

    24-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश का 25वां और साय सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री लाल ब्रीफकेस लेकर विधानसभा पहुंचे। इस बार बजट ‘संकल्प’ थीम पर आधारित बताया गया है।
     
    महिलाओं के लिए बड़ी सौगात
    बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने महतारी वंदन योजना के लिए ₹8200 करोड़ का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि यह राशि प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
     
    अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी
    वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं के लिए ₹100-100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
     
    एजुकेशन सिटी में प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आईटीआई, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास, शिक्षक छात्रावास सहित समग्र शैक्षणिक ढांचा विकसित किया जाएगा।
     
    सरकार का दावा है कि इस पहल से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में व्यापक सुधार होगा।
  • डिप्टी सीएम शर्मा ने किया अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ

    24-Feb-2026

     

    रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई में चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।
     
    यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 24 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 10 राज्यों के 30 से अधिक ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और साउथ एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता असम के डीएसपी जनता तालुकार एवं राजस्थान के डीएसपी रजत चौहान भी प्रतियोगी के रूप में शामिल हुए।
     
    अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून - व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता से पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व का विषय है।
     
    पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों में शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन और अनुशासन को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
     
    इस कार्यक्रम में दुर्ग नगर की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल विवेकानंद सिन्हा, आईजी ओ.पी. पाल, आईजी अजय यादव, आईजी अभिषेक शांडिल्य, आईजी बी.एस. ध्रुव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, डीआईजी एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त राठौर तथा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
  • माना में CSF जवान ने की आत्महत्या...

    24-Feb-2026

     

    रायपुर। माना स्थित चौथी बटालियन परिसर में पदस्थ एक जवान ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक जवान की पहचान एन. आर. अर्जुन इक्का के रूप में हुई है। वह चौथी बटालियन में पदस्थ थे और मूलतः जशपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
     
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
  • आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में झूठ परोसा गया, जमीनी हकीकत कागजी दावों से उलट - दीपक बैज

    23-Feb-2026

     

    रायपुर। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सरकार ने चतुराई से अपनी नाकामी और असल आंकड़ों को छुपाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि ज़मीन हकीकत सरकार के कागजी दावों से बिल्कुल अलग है, पिछले बजट में छात्रवृत्ति के लिए आबंटित राशि का एक नया पैसा भी छात्रों को नहीं मिला। मुख्यमंत्री के गृह जिले कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की घोषणा हुई थी, अब तक एक पत्थर भी नहीं रखा गया। स्कूलों में 60 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन यह सरकार हर बार केवल घोषणा करती है, नई भर्तियां जानबूझकर रोक रखी है। 10463 स्कूल बंद कर दिये, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल सरकार की उपेक्षा से बदहाल है, सुपबेड़ा में एक बार फिर लोग आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पानी पीने मजबूर हैं। अस्पतालों में जांच, इलाज और दवा के अभाव में मरीज बेमौत मरने मजबूर हैं। आयुष्मान योजना से इलाज का भुगतान नहीं होने से निजी अस्पतालों में मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि किसी भी सरकार के लिए बजट प्रावधान विजन डॉक्यूमेंट होता है, आने वाले वर्ष के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना का ब्लूप्रिंट होता है, लेकिन भाजपा सरकार की दुर्भावना ने बजट के महत्व को कम कर दिया है, जुमलेबाज सरकार में बजट केवल कागजी आंकड़ा बन कर रह गया है। पिछले दो बजट में जो घोषणाएं इस सरकार ने की, हकीकत उससे कोसों दूर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और कृषि जैसे महत्वपूर्ण आठ विभागों में बजट प्रावधान का दस हजार करोड़ से अधिक की राशि खर्च ही नहीं किया गया।
     
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रहा है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय की गणना के लिए कुल निवल राज्य घरेलू उत्पाद या कुल आय को राज्य की कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है। सत्ता के संरक्षण में कुछ कमीशनखोर और भ्रष्टाचारियों की इनकम तो जरूर बढ़ी है, लेकिन आम जनता और गरीब हो रही है। किसान आत्महत्या करने मजबूर हैं, युवा रोजगार मांग रहे हैं, कर्मचारी आंदोलन पर है और महिलाएं महंगाई से पीड़ित है। घरेलू बचत ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम स्तर पर आ गया है लेकिन चुनिंदा लोगों की आय में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण औसत तो बढ़ा है पर उसमें आम आदमी की हिस्सेदारी घटी है। जीडीपी की गणना के मूल्यांकन के लिए उत्पादन के स्थान पर एमआरपी और करों को भी शामिल करके बढ़ा कर किया गया है। वास्तविक जीडीपी, सरकारी दावे से लगभग 3 प्रतिशत कम है। असलियत यह है कि यह सरकार वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है, राज्य पर कुल कर्ज का भार लगातार बढ़ रहा है, राहत, रियायत और सब्सिडी केवल सरकार के चहेतो तक सीमित है।
  • मनखे-मनखे एक समान के जयघोष के साथ संपन्न हुई ऐतिहासिक सतनाम सद्भाव पदयात्रा...

    23-Feb-2026

     

    रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक 145 से अधिक किमी का सफर: कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की अगुवाई में उमड़ा जनसैलाब
     
    आरंग/रायपुर/बलौदाबाजार/गिरौदपुरी धाम: बोल रहा अब हिंदुस्तान—मनखे मनखे एक समान" के संकल्प के साथ रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं एवं राजागुरु,धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब की उपस्थिति में शुभारंभ हुई पांच दिवसीय ऐतिहासिक ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा का पावन तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में भव्य समापन हुआ। सतनामी समाज के गुरु एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की एक नई मिसाल पेश की।
     
    145 किलोमीटर की यात्रा, 50 से अधिक गांवों में जन-जागरण...
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब के मार्गदर्शन में शुरू हुई यह यात्रा 145 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर गिरौदपुरी पहुंची। यात्रा के दौरान 50 से अधिक गांवों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बनता था। श्वेत ध्वजों और एक दिन तिरंगे झंडे के साथ निकली इस पदयात्रा ने यह संदेश दिया कि मानवता और राष्ट्रवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। गिरौदपुरी धाम पहुँचते ही हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु घासीदास बाबा जी की पावन गुरु गद्दी पर मत्था टेका और विशाल जैतखाम की वंदना की। इस अवसर पर पूरा परिसर 'सतनाम' के जयकारों से गूंज उठा। पंथी नृत्य की थाप, मांदर की गूंज और पारंपरिक अखाड़ा दलों के प्रदर्शन ने आध्यात्मिक वातावरण को और भी जीवंत बना दिया।
     
    समरसता भोज: जाति-पाति के बंधन टूटे...
    इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता प्रतिदिन आयोजित होने वाला ‘समरसता भोज’ रहा। इसमें विभिन्न समाजों और धर्मों के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते थे, जो बाबा जी के ‘बराबरी’ के संदेश को जमीन पर उतारने जैसा था। रात्रि विश्राम के दौरान कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने स्थानीय नागरिकों और सेवादारों का शाल-श्रीफल से सम्मान कर उनके योगदान को सराहा। 
     
    पुष्पवर्षा/स्वागत... पूरी पदयात्रा के दौरान मार्ग में ग्रामीणों का उत्साह चरम पर था। कई स्थानों पर JCB के माध्यम से पुष्पवर्षा की गई और गुरु खुशवंत साहेब का विशाल गजमाला पहनाकर स्वागत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और बाबा जी के उपदेशों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया।
     
    नारा नहीं, समाज पुनर्निर्माण का संकल्प है – गुरु खुशवंत साहेब.....समापन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा: यह यात्रा केवल चलने का नाम नहीं है, बल्कि यह समाज के पुनर्निर्माण का संकल्प है।मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश तब तक अधूरा है, जब तक हम हर व्यक्ति को समान सम्मान नहीं देते। इस पदयात्रा ने सिद्ध कर दिया है कि जब समाज एक लक्ष्य के लिए एकजुट होता है, तो इतिहास रचा जाता है।"
     
    अनुशासन और भक्ति का संगम...
    यात्रा के दौरान श्वेत वस्त्रों में अनुशासित कतारों में चलते पदयात्री सामाजिक एकता की अद्भुत छवि प्रस्तुत कर रहे थे। प्रशासन और सेवा शिविरों के सहयोग से यह विशाल आयोजन निर्बाध रूप से संपन्न हुआ। गिरौदपुरी की धरती पर देर तक एक ही नारा गूंजता रहा— "बोल रहा है हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान।
  • 27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन...

    23-Feb-2026
     
    कोंडागांव। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे अब जिला मुख्यालयों पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रहे हैं। इसी का जीवंत उदाहरण जिला अस्पताल कोंडागांव की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में देखने को मिला, जहां एक गंभीर नवजात शिशु को नया जीवन मिला है।
     
    कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना के सतत निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रेमलाल मंडावी के नेतृत्व में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। आवश्यक संसाधनों, जीवन रक्षक उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा नियमित मॉनिटरिंग के कारण आज एसएनसीयू दूरस्थ अंचलों के लिए आशा की किरण बन चुकी है।
     
    ग्राम राकसबेड़ा, विकासखंड माकड़ी निवासी बो सुखदई मरकाम एवं चौतराम मरकाम के नवजात शिशु का जन्म 18 दिसंबर 2025 को शाम 5रू28 बजे हुआ। जन्म के तुरंत बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। 20 दिसंबर 2025 को शिशु को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। जन्म के समय शिशु का वजन 2.70 किलोग्राम था तथा वह बर्थ एस्फिक्सिया, लगातार दौरे और संक्रमण जैसी जटिल समस्याओं से जूझ रहा था। गर्भावस्था के दौरान माता में गंभीर ओलिगोहाइड्राम्नियोस की स्थिति भी पाई गई थी।
     
    शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप, डॉ. राजेश बघेल एवं डॉ. परोमिता सूत्रधार सहित एसएनसीयू की टीम ने शिशु का तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में ऑक्सीजन सपोर्ट एवं एंटीबायोटिक दिए गए, परंतु अपेक्षित सुधार न होने पर पांचवें दिन शिशु को मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया, जहां 12 दिनों तक गहन निगरानी में उपचार जारी रहा।
     
    उपचार के दौरान शिशु में सेप्सिस एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग जैसी जटिलताओं की पहचान हुई। चिकित्सकीय टीम ने तत्परता से उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक तथा आवश्यकतानुसार फ्लुकोनाजोल प्रदान किया। बार-बार आने वाले दौरों को नियंत्रित करने के लिए फेनोबार्बिटोन/फेनाइटोइन दवाएं दी गईं। चिकित्सकों की विशेषज्ञता, संवेदनशीलता और सतत निगरानी ने इस नन्हीं जान को सुरक्षित रखा।
     
    लगातार 18 दिनों के गहन उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। स्थिर होने पर 19वें दिन से 10 दिनों तक कंगारू मदर केयर (केएमसी) प्रारंभ की गई, जिससे शिशु के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लगभग 27 दिनों के अथक प्रयासों के पश्चात शिशु को पूर्णतः स्थिर अवस्था में छुट्टी प्रदान की गई।
     
    प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप अब जिला स्तर पर ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही। कलेक्टर द्वारा जिला अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समय समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उक्त प्रकरण जिला अस्पताल के इकाई की नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और सेवाओं एवं टीमवर्क का उदाहरण है।
  • जनगणना 2026: सुचारू क्रियान्वयन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न...

    23-Feb-2026

     

    कोण्डागांव। जनगणना-2027 के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना में कहा कि सभी संबंधित अधिकारी कर्मचारी गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके। 
     
    जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के संबंध में जनगणना निदेशालय रायपुर से आए मास्टर ट्रेनर्स हिरेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चरणबद्ध विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व मकान गणना का कार्य 01 मई से 30 मई तक होगा। इस बार जनगणना में डाटा संकलन केवल डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इस दौरान मकानों सूचीकरण, फील्ड में डाटा संकलन, एचएलओ मोबाइल एप से डाटा की प्रविष्टी के साथ चार्ज अधिकारियों के दायित्व सहित जनगणना के दौरान आने वाले समस्याओं एवं उनके समाधान के बारे में विस्तार से बताया गया।
     
    इस दौरान अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम अजय उरांव, अश्वन पुसाम एवं आकांक्षा नायक सहित तहसीलदार, सीएमओ एवं संबधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
  • प्राचार्य व सहायक प्राध्यापकों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट...

    23-Feb-2026

     

    रायपुर। राज्य शासन ने प्राचार्य एवं सहायक प्राध्यापकों की तबादला सूची जारी कर दी है। जारी आदेश में कुल 9 अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनके नवीन पदस्थापना आदेश प्रभावशील हो गए हैं।
     
    जारी सूची के अनुसारः
     
    डॉ. ए.आर.सी. जैम्स, स्नातकोत्तर प्राचार्य को शासकीय दाऊ कल्याण सिंह कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार से शासकीय अग्रवाल गजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भाटापारा (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) स्थानांतरित किया गया है।
     
    डॉ. उषा किरण अग्रवाल, स्नातक प्राचार्य को चंदूलाल चंद्राकर शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, धमधा (जिला दुर्ग) से शासकीय गोबिंद राम शदाणी महाविद्यालय, देवेंद्र नगर, रायपुर भेजा गया है।
     
    डॉ. नंदिनी तिवारी, स्नातक प्राचार्य को नवीन शासकीय महाविद्यालय, जरहागांव (जिला मुंगेली) से शासकीय माता शबरी कन्या महाविद्यालय, बिलासपुर में पदस्थ किया गया है।
     
    डॉ. अनिल कुमार पाणिग्राही, स्नातक प्राचार्य को शासकीय कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय, धरमजयगढ़ (जिला रायगढ़) से विष्णुचरण गुप्ता शासकीय महाविद्यालय, रायगढ़ स्थानांतरित किया गया है।
     
    डॉ. डी.पी. कुर्रे, स्नातक प्राचार्य को स्व. देवी प्रसाद चौबे शासकीय महाविद्यालय, गंडई (जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) से शासकीय दानवीर तुलाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उतई (जिला दुर्ग) भेजा गया है।
     
    डॉ. पूरन लाल पटेल, सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान) को शासकीय महात्मा गांधी पीजी महाविद्यालय, खरसिया (जिला रायगढ़) से शासकीय महाविद्यालय अग्रसेन, बिल्हा (जिला बिलासपुर) में पदस्थ किया गया है।
     
    नंद कुमार देवांगन, सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी) को शासकीय महाविद्यालय, बलरामपुर (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) से शासकीय रानी रश्मि देवी महाविद्यालय, खैरागढ़ (जिला गंडई) भेजा गया है।
     
    आनंद कुमार मिंज, सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी) को शासकीय गजानंद अग्रवाल पीजी महाविद्यालय, भाटापारा से शासकीय महाविद्यालय, बलरामपुर स्थानांतरित किया गया है।
     
    डॉ. अशुमाला चंदनगर, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) को शासकीय बी.वाई.टी. स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग से शासकीय बद्री प्रसाद लोधी महाविद्यालय, आरंग (जिला रायपुर) भेजा गया है।
     
    उच्च शिक्षा विभाग के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को शीघ्र नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • बजट सत्र में कवासी लखमा की एंट्री, सदन में सत्तापक्ष से गले मिलते दिखे...

    23-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की अनुमति मिलने के बाद वे सदन पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बगल में बैठे नजर आए।
     
    सत्तापक्ष के नेताओं से गले मिलते दिखे
    सदन पहुंचते ही एक अलग ही नजारा देखने को मिला। कवासी लखमा सत्तापक्ष के नेताओं से गले मिलते दिखाई दिए। वे पहले मंत्री रामविचार नेताम और फिर अजय चंद्राकर से गले मिलते नजर आए, जबकि कांग्रेस के अन्य विधायक यह दृश्य देखते रहे। सदन में इस घटनाक्रम की चर्चा होती रही।
     
    विशेष अनुमति से हुए शामिल
    जानकारी के अनुसार, कवासी लखमा ने 6 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। इस पर विचार करते हुए अध्यक्ष ने अनुमति प्रदान की। उनकी उपस्थिति को लेकर अदालत ने अंतिम निर्णय अध्यक्ष के विवेक पर छोड़ा था।
     
    इसके बाद 7 फरवरी को महाधिवक्ता से राय ली गई। प्राप्त अभिमत के आधार पर शर्तों के साथ उन्हें बजट सत्र 2026-27 में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
     
    सत्र के दौरान उनकी मौजूदगी और भाजपा नेताओं से आत्मीय मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
  • बारनवापारा अभयारण्य पर्यटकों को कराती है एक अलग ही दुनिया का अनुभव...

    23-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण्य साल और सागौन के घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती है।
     
    बारनवापारा में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा, भालू तथा कभी-कभी तेंदुए की झलक भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां के वातावरण को और जीवंत बनाते हैं। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर देती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक स्टेशन है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है।
     
    अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं। यहां पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और प्लास्टिक का उपयोग न करें। बारनवापारा की यात्रा को और अधिक सुखद बनाने के लिए पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह रिसोर्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है और यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने की जगह तथा हरियाली से घिरा शांत परिसर उपलब्ध है। परिवार और समूह में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहरने का एक उत्कृष्ट विकल्प है। यहां स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। जंगल सफारी और मोहदा रिसोर्ट की बुकिंग वनविभाग और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की साइट से की जा सकती है।
     
    बारनवापारा के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां प्राचीन अवशेष, शांत वन क्षेत्र और जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तुरतुरिया को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम से जुड़ी मान्यता के कारण धार्मिक और पौराणिक महत्व भी प्राप्त है। यहां पिकनिक और प्रकृति अवलोकन के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है। लोक मान्यता है कि माता सीता ने वनवास के दौरान यहीं आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी क्षेत्र में हुआ। इस कारण यह स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। यहां बहने वाली छोटी जलधाराएं और प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह आकर्षक स्थान है। तुरतुरिया में प्राचीन मंदिरों और संरचनाओं के अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। पुरातात्विक दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक गरम जल कुंड भी पाए जाते हैं, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि इनका जल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यही "तुर-तुर" ध्वनि से निकले नाम की एक मान्यता भी बताई जाती है।
     
    अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं, जो इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
     
    बारनवापारा घूमने का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के वस्त्र पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। बारनवापारा अभयारण्य, सिरपुर और तुरतुरिया मिलकर एक ऐसा पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं, जहां प्रकृति, रोमांच, इतिहास और आरामदायक आवास की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। यदि आप सप्ताहांत में सुकून भरी और यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक आदर्श गंतव्य सिद्ध हो सकता है।
  • राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा बजट सत्र का आगाज...

    23-Feb-2026

     

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। सत्र का शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुआ। विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने उनका स्वागत किया।
     
    राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की विस्तार से चर्चा की। युवाओं से लेकर महिलाओं, किसानों, औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। बस्तर में बदलाव पर उनका विशेष फोकस रहा। अभिभाषण में राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और विधानसभा की रजत जयंती का उल्लेख करते हुए विकसित राज्य के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ रही है।
     
    यहां पढ़ें उनके अभिभाषण का मूल पाठ...
     
    राज्यपाल ने कहा, छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।
     
    0 मत्स्य पालन में कांकेर बना रोल मॉडल मत्स्यपालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। अभी हमारा प्रदेश मत्स्य उत्पादन के मामले में देश में छठवें स्थान पर है। मेरी सरकार ने वर्ष 2047 तक इसे देश में तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है। गांव में खेत, घर में पशुपालन और खेत से लगी डबरी में मछली पालन, इस तरह के एप्रोच से काम करने से किसान भाइयों की आय में और भी वृद्धि होगी। मेरी सरकार इस दिशा में किसान भाइयों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है।
     
    सिंचाई सुविधाओं पर फोकस
    विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सिंचाई परियोजनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है।
     
    73 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई सुविधा में विस्तार एवं पुनर्स्थापन के लिए 477 सिंचाई योजनाओं के लिए 1874 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।
     
    सिंचाई योजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजों के प्रकरण को निपटाने में मेरी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। किसान भाइयों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 करोड़ रुपए मुआवजा का भुगतान किया गया, वहीं वन भूमि से संबंधित 100 करोड़ रुपए की लंबित मुआवजे राशि का भुगतान किया गया। इससे वन प्रभावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण में गति आई है।
     
    मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
     
    माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।
     
    दो साल पहले मेरी सरकार ने यह योजना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरंभ की। तीन महीने में ही हितग्राहियों के चिन्हांकन का काम पूरा हो चुका था। माओवादी हिंसा की वजह से बस्तर के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका था। उन 7,763 महिलाओं को भी योजना से लाभान्वित करना आरंभ कर दिया गया है।
     
    ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।
     
    मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।
     
    हमारे नौनिहाल हमारा भविष्य हैं। पूरे जतन के साथ उनकी परवरिश हो, इसके लिए मेरी सरकार उनके पोषण का खास ध्यान रख रही है। ‘पोषण ट्रैकर एप‘ के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं, इससे हमारे नौनिहालों के कुपोषण के सभी मापदण्डों में कमी आ रही है। पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधि में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है। 
     
    जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः फैल जाता है
    राज्यपाल ने कहा, जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है।
     
    हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षाें में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। मेरी सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।
     
    जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है।
     
    मेरी सरकार ने बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं।
     
    बीजापुर जिले में बीजापुर-आवापल्ली-जगरगुण्डा तथा बीजापुर-मोदकपाल-तारलागुड़ा, सुकमा जिले में गादीरास से मनकापाल, नारायणपुर जिले में गारपा से कच्चापाल, गारपा से आकाबेड़ा सड़कों के निर्माण के साथ ही बासागुड़ा-धरमावरम्-पामेड़ मार्ग में चिंतावागु नदी में, नेलसनार-गंगालूर मार्ग में मरी नदी, तुमका नदी तथा मिंगाचल नदी में तथा पेदारास से डोलेरास में फूल नदी पर पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
     
    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं।
     
    एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।
     
    माओवादी आतंक के चलते यहां बच्चों का टीका भी नहीं हो पाता था, नियद नेल्ला नार योजना के आरंभ होने से अब तक 11 हजार से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को टीके लगाये गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है। 
     
    हमारे लिए गौरव की बात, छत्तीसगढ़ को मिली पहली मेजबानी
    यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी। इस आयोजन के माध्यम से दुनिया अब बस्तर में बारूद का धुँआ नहीं अपितु चित्रकोट जलप्रपात का भव्य दूधिया नजारा देखेगी। बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के पश्चात मेरी सरकार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी कर रही है।
     
    युवाओं पर फोकस
    हम अपनी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अवसर मानते हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु मेरी सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देशभर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हो रही हैं, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
     
    मेरी सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की है, साथ ही विभिन्न विभागों में करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है।
     
    राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से प्रदेश में स्कूल शिक्षा की नींव मजबूत हुई है। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव कार्य किया जा रहा है। इसी तरह नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल काउंसिल ऑफ सांइस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।
     
    युवा आबादी के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा हों, इसके लिए मेरी सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इस नीति में प्रदेश में उद्यम स्थापित करने पर आकर्षक सब्सिडी है। मेरी सरकार ने इज आफ डूइंग बिजनेस और इज आफ लिविंग के मुताबिक 400 से अधिक रिफार्म्स किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के चलते एनओसी काफी आसान हो गई है। मेरी सरकार जन विश्वास अधिनियम लाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में है। इसके माध्यम से विभिन्न अधिनियमों के 279 प्रावधानों में बदलाव लाये गये हैं। जीएसटी में अनेक सुधार हुए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के कारोबारियों को मिल रहा है। इन सभी रिफार्म्स से प्रदेश में बिजनेस बहुत आसान हो गया है। 
     
    अंजोर विजन डाक्यूमेंट
    वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट बनाया गया है। यह मेरी सरकार की सोच का ब्लू प्रिंट है। इस पर आगे बढ़ते हुए तेजी से विजन डाक्यूमेंट के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम हो रहा है।
     
    मेरी सरकार लगातार आम जनता से फीडबैक लेती है और उनकी अपेक्षाओं और सोच के अनुरूप नीतियां तैयार करती है, ताकि सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। 
     
    अंत में राज्यपाल ने सभी सदस्यों को सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग का आह्वान किया।
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